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  • Punjab News: SGPC के फैसले को लेकर ज्ञानी रघबीर सिंह का आया बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: SGPC के फैसले को लेकर ज्ञानी रघबीर सिंह का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा श्री दरबार साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को हटाए जाने के बाद, ज्ञानी रघबीर सिंह ने SGPC के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो मैसेज जारी किया है। सचखंड श्री दरबार साहिब के पूर्व चीफ ग्रंथी ने कहा कि वह इस फैसले का स्वागत करते हैं और उन्हें न तो कोई दुख है और न ही कोई शिकायत। उन्होंने कहा कि “बड़े फैसले हमेशा भगवान की मर्ज़ी से होते हैं” और जो कुछ भी हुआ है वह गुरु पंथ के सामने साफ है।

    2 दिसंबर को अकाल तख्त द्वारा लिए गए फैसलों का हवाला देते हुए, ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि अगर वे फैसले “बादलों के पक्ष में” होते, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने बताया कि धार्मिक संस्थाओं के फैसलों पर बाहरी दबाव डाला जाता है और कभी-कभी “ऑर्डर टाइप के तौर पर आते हैं।” उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि दबाव कैसे डाला जाता है। उन्होंने SGPC में करप्शन के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके पास सारे रिकॉर्ड हैं, जिन्हें वे धीरे-धीरे संगत के सामने रखेंगे।

    उन्होंने दावा किया कि “गुरु के गोलक” के पैसे का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम में बड़ी कमियां हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी शहीदों की कुर्बानी से बनी संस्था है, संस्था करप्ट नहीं है लेकिन मौजूदा सिस्टम करप्ट है। उन्होंने दोहराया कि वे करप्शन के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे और सच सामने लाएंगे।

     

  • Jalandhar News: चंदर अग्रवाल की शिकायत पर Punjab Kesari समूह के 5 निदेशकों के खिलाफ जमानती वारंट जारी

    Jalandhar News: चंदर अग्रवाल की शिकायत पर Punjab Kesari समूह के 5 निदेशकों के खिलाफ जमानती वारंट जारी

    जालंधर / Jalandhar, 26 February: पंजाब केसरी ग्रुप की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। Famous businessman Chander Aggarwal द्वारा दायर किए गए एक defamation case (मानहानि मामले) में माननीय अदालत ने आज ग्रुप के 5 डायरेक्टरों के खिलाफ अदालत में पेश न होने पर bailable warrants (जमानती वारंट) जारी कर दिए हैं। हालांकि, इसी मामले में 3 अन्य आरोपितों को जमानत प्रदान कर दी गई है।

    अदालत के आदेश के अनुसार, पंजाब केसरी ग्रुप के Editor-in-Chief Vijay Kumar Chopra, डायरेक्टर Avinash Chopra, Amit Chopra, Abhijay Chopra और Arush Chopra के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए गए हैं। वहीं, Manisha Arora, Richa Sharma और Sanjay Kumar Gupta (CFO) को अदालत ने जमानत दे दी।

    मामले की जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में प्रकाशित कथित रूप से भ्रामक समाचार रिपोर्टों के संबंध में यह विवाद शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता Chander Aggarwal, जो जालंधर के एक जाने-माने रियल एस्टेट व्यवसायी (Real Estate Developer)** बताए जाते हैं, ने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ झूठी एवं निराधार खबरें प्रकाशित की गईं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और निवेशकों (investors) में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।

    बताया गया है कि जालंधर के 66 फुट रोड क्षेत्र में चल रहे उनके रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़ी खबरों को लेकर यह विवाद सामने आया। शिकायत में कहा गया कि इन रिपोर्टों का उद्देश्य कथित रूप से बदनामी फैलाना और अखबारी सुर्खियां बटोरना था।

    इसी संबंध में Judicial Magistrate First Class, Jalandhar द्वारा पंजाब केसरी ग्रुप के मुख्य संपादक एवं निदेशकों सहित कुल आठ लोगों को अदालत में पेश होने के लिए तलब (summon) किया गया था। निर्धारित तिथि पर पेशी न होने के बाद अदालत ने प्रक्रिया के तहत जमानती वारंट जारी किए।

    भ्रामक खबरों का कड़ा संज्ञान लेते हुए Chander Aggarwal ने पंजाब केसरी ग्रुप के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू की और संबंधित व्यक्तियों — Vijay Kumar Chopra, Avinash Chopra, Amit Chopra, Abhijay Chopra, Arush Chopra, Manisha Arora, Richa Sharma एवं Sanjay Kumar Gupta — के खिलाफ अदालत में defamation suit दायर किया।

    सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पहले भी माननीय हाईकोर्ट (High Court) में दायर एक याचिका को खारिज किया जा चुका है। इसके बाद दायर की गई review petition को भी दूसरी बार अदालत द्वारा डिसमिस कर दिया गया बताया जा रहा है।

    मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन (sub judice) है और अंतिम निर्णय आना बाकी है।

  • शरीर के लिए आखिर क्यों जरुरी है Biotin? जानें एक्सपर्ट्स की राय

    शरीर के लिए आखिर क्यों जरुरी है Biotin? जानें एक्सपर्ट्स की राय

    सेहत : हेयर फॉल सिर्फ पुरुषों और महिलाओं दोनों की सबसे आम समस्याओं में से एक माना जाता है। यह न सिर्फ जेनेटिक्स, पॉल्यूशन, स्टाइलिंग प्रोडक्ट से जुड़ा होता है बल्कि ये आपके रोजमर्रा के न्यूट्रिशन से भी जुड़़ा होता है हालांकि शैंपू और ऑयलिंग के अलावा बालों को असली मजबूती शरीर के अंदर से मिलती है जिसमें विटामिन्स और मिनरल्स खास भूमिका निभाते हैं और बालों की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं।

    आखिर क्या है बायोटिन?

    बायोटिन को विटामिन-B7 भी कहते हैं। ये शरीर में कई काम करता है। बायोटीन भोजन को पचाने में मदद करता है और उसको एनर्जी में बदलता है। दावा किया जाता है कि बायोटिन बाल, स्किन और नाखूनों की हेल्थ में भी सुधार करता है। बायोटिन सहित बी-विटामिन पानी में घुलनशील होते हैं। इसका अर्थ है कि आपका शरीर जरुरत से ज्यादा बायोटिन जमा नहीं करता। मार्केट में कई ऐसे शैंपू और सप्लीमेंट्स मौजूद हैं जो यह दावा करते हैं कि उनके प्रोडक्ट्स में बायोटीन मौजूद है। यह बालों को मजबूती, चमक देता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब बायोटीन का स्तर शरीर में कम होने लगता है तो बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। इसके अलावा झड़ भी सकते हैं हालांकि काफी कम लोगों को इसकी कमी होती है परंतु खराब डाइट, पाचन डिसऑर्डर या कुछ दवाईयां लंबे समय तक खाने से बायोटीन का अवशोषण कम हो सकता है।

    इन चीजों से मिलेगा बायोटीन

    एक्सपर्ट्स के अनुसार, लोगों को सबसे पहले अपनी डाइट से ही बायोटीन लेने की कोशिश करनी चाहिए। बायोटिन कई फूड्स में मौजूद होता है ऐसे में बेहतर यही होता है। इसके विटामिन और मिनरल्स बैलेंस डाइट पर लेने पर जोर रहना चाहिए न कि सप्लीमेंट से। बायोटिन अंडे, सेल्मन, मछली, नॉनवेज, ड्राईफ्रूट और सीड्स जैसे चीजों में पाया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व न मिलने से हड्डियों की कमजोरी और एनीमिया जैसी दिक्कतें हो सकती हैं परंतु इनका ज्यादा सेवन खासतौर पर विशेष सेवन से फैट में घुलनशील विटामिन जैसे विटामिन-ए और डी भी खतरनाक हो सकते हैं। कोई भी सप्लीमेंट शुरु करने से पहले किसी हेल्थ प्रोफेशनल की सलाह जरुर लें क्योंकि वो व्यक्ति की हेल्थ, डाइट और ब्लड रिपोर्ट जांच करने के बाद ही सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है।
  • Punjab News: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 IAS व 40 PCS अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

    Punjab News: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 IAS व 40 PCS अधिकारियों का हुआ तबादला, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़ः पंजाब में मान सरकार की तरफ से एक बार फिर एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया गया है। पंजाब सरकार ने तत्काल प्रभाव से 2 (IAS) आईएएस व 40 (PCS) पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जिनकी नीचे दी गई सूची निम्न है।

     

     

  • DGCA का बड़ा फैसलाः 48 घंटे के अंदर Ticket Cancel करने पर नहीं कटेगा एक भी रुपया, जानें पूरा प्रक्रिया

    DGCA का बड़ा फैसलाः 48 घंटे के अंदर Ticket Cancel करने पर नहीं कटेगा एक भी रुपया, जानें पूरा प्रक्रिया

    नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिये राहत भरी खबर सामने आई है। जहां, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा फैसला लेते हुए टिकट कैसिंल करने के नियमों बड़ा बदलाव किया है। अब नये नियमों के मुताबिक 48 घंटे के भीतर कैंसिल कराते हैं तो आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा। यह सुविधा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा नए नियमों के तहत दी जा रही है, जो यात्रियों के हित में और अधिक पारदर्शी बनाई गई है। DGCA ने यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है।

    Read in English:

    DGCA Implements Passenger-Friendly Refund Norms; 48-Hour Free Cancellation Window Introduced

     

    सभी रिफंड को 14 वर्किंग डे के भीतर पूरा करने के निर्देश
    DGCA ने कहा कि यदि टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया है, तो बुकिंग के 48 घंटे के भीतर यात्री अपने टिकट को बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के कैंसिल कर सकते हैं। अगर टिकट किसी ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से खरीदा गया है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी। DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे सभी रिफंड को 14 वर्किंग डे के भीतर पूरा करें।

    मेडिकल इमरजेंसी पर भी…
    नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई यात्री मेडिकल इमरजेंसी के कारण अपनी फ्लाइट कैंसिल करता है, तो उसे रिफंड पाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

    यात्रियों के लिए बेहतर होगी सुविधा
    DGCA के इन नए नियमों से न केवल टिकट कैंसिलेशन आसान हुआ है, बल्कि नाम में गलती सुधारना भी अब फ्री में संभव है। यात्रियों को अब अपने रिफंड और नाम सुधार के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

     

     

     

     

  • युवाओं के कौशल विकास पर सरकार का फोकस

    युवाओं के कौशल विकास पर सरकार का फोकस

    शिमला: तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां तकनीकी शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उद्योग उन्मुख, आधुनिक और भविष्योन्मुखी कौशलों में सशक्त बनाना है।

    उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के नवाचारों को साकार रूप प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास कर रही है। इस दिशा में अत्याधुनिक पहलों को शुरू करने के लिए दो करोड़ रुपये के इनोवेशन फंड से युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से राज्य में स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा नवीन विचारों और उर्जा से परिपूर्ण है। युवाओं को उद्यमशीलता की ओर आकर्षित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि उद्योगों की मांग और वैश्विक मानकों के अनुरूप भविष्योन्मुखी तकनीकी शिक्षा प्रणाली का विकास किया जा रहा है। उभरती प्रौद्योगिकियों और बदलते वैश्विक रोज़गार बाज़ार को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के डिज़िटल कौशल का विकास कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दे रही है। प्रदेश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बागवानी, प्राकृतिक खेती और डेयरी तकनीक से संबंधित नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बायोफार्मा क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत इस क्षेत्र का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।

    उन्होंने तकनीकी शिक्षा बोर्ड को बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रोज़गार क्षमता बढ़ाने और युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत इंडस्ट्री लिंकेज और अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके साथ-साथ लड़कियांे के लिए विशेष रूप से नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी तकनीकी शिक्षा संस्थानों में हैकाथॉन और स्किल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा अपने हुनर को प्रदर्शित कर पा रहे हैं। प्रदेश के सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों की ग्रेडिंग की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के पाठ्यक्रमों में प्रदेश के सफल उद्यमियों की सफलता की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि युवा इनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी तकनीकी संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे प्रशिक्षु राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। हिमुडा द्वारा तकनीकी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे युवाओं की स्किल ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें और उद्योग विभाग के रिसोर्स पर्सन युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगे।

    उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में विभाग और बोर्ड को अपनी कार्यशैली में आईटी का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रमों में एआई संबंधित कार्यक्रमों का समावेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ग्रीवांस पोर्टल भी शुरू किया गया है। बैठक में विशेष सचिव सुनील शर्मा, निदेशक अक्षय सूद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • Jalandhar News: FCI अधिकारी की तकनीकी सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार

    Jalandhar News: FCI अधिकारी की तकनीकी सहायक रिश्वत लेते गिरफ्तार

    जालंधर, ENS: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत भोगपुर स्थित एफएसआई कार्यालय में तैनात तकनीकी सहायक रूही बाला कालिया को 20,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त दोषी को सब-तहसील भोगपुर, जिला जालंधर के मैनेजर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद सीजन 2025-26 के लिए उक्त मिल को धान की 49,086 बोऱियां अलॉट की गई थीं। अलॉट की गई मात्रा में से चावल की 1,160 बोऱियां दो खेपों (प्रत्येक खेप में 580 बोऱियां) एफ.सी.आई. को भेजने के लिए सौंपे गए थे।

    उन्होंने कहा कि उक्त दो खेपें भोगपुर स्थित एफ.सी.आई. गोदाम में भेजी गई थीं। इसके बाद, दोषी रूही कालिया ने उक्त खेपों को क्लियर करने के लिए शिकायतकर्ता से 25,000 रुपए रिश्वत की मांग की। यह मांग शिकायतकर्ता के मुखिया आदर्श कुमार के साथ मोबाइल फोन पर हुई बातचीत के दौरान की गई थी। बता दें कि पहले भी, दोषी ने शिकायतकर्ता से अपनी फर्म की पिछली खेपों को क्लियर कराने के बदले 50,000 रुपए रिश्वत ली थी। अपनी अवस्थाओं को रद्द करने के डर से, शिकायतकर्ता मजबूरी में रिश्वत देने को तैयार हो गया। हालांकि, अनुरोध करने पर दोषी ने बकाया खेपों को क्लियर करने के लिए 20,000 रुपए लेने पर सहमति जताई। रिश्वत की मांग से संबंधित सारी बातचीत शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड कर ली गई थी।

    शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो, यूनिट कपूरथला से संपर्क किया और शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया, जिसमें दोषी रूही को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में भ्रष्टाचार रोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और इस मामले की जांच जारी है।

  • उत्सव के दौरान में बेकाबू हाथी ने सूंड में उठाकर युवक को पटका, मची भगदड़, देखें वीडियो

    उत्सव के दौरान में बेकाबू हाथी ने सूंड में उठाकर युवक को पटका, मची भगदड़, देखें वीडियो

    त्रिशूरः केरल के त्रिशूर में आयोजित पारंपरिक मंदिर उत्सव के दौरान हाथी का कहर देखने को मिला। दरअसल, मंदिर में उत्सव के दौरान उस समय माहौल दहशत में बदल गया, जब सजे-धजे हाथी ने अचानक बेकाबू होकर हिंसक रूप ले लिया। श्रद्धा, संगीत और उल्लास से भरे इस धार्मिक आयोजन में कुछ ही सेकंड के भीतर ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की रूह कंपा दी। इस दौरान मौके पर भगदड़ मच गई। घटना वहां मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। घटना मंदिर परिसर में चल रहे उत्सव के दौरान हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति हाथी के ऊपर चढ़ने की कोशिश करता है। इसी दौरान हाथी के सामने खड़ा एक अन्य युवक अचानक उसकी चपेट में आ जाता है। हाथी पहले उसे सूंड में जकड़ता है और फिर ऊपर उठाकर जोर से फेंक देता है। युवक जमीन पर गिरते ही गंभीर रूप से घायल हो जाता है, जिससे वहां अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो देखकर लोग सहम गए हैं और मंदिर उत्सवों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
     
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    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना मंदिर परिसर में चल रहे वार्षिक उत्सव के दौरान हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक वहां मौजूद थे। उत्सव में परंपरा के अनुसार सजे हुए हाथी को भी शामिल किया गया था, जिसे देखने के लिए लोग काफी करीब तक आ गए थे। इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति हाथी के ऊपर चढ़ने या उसके बेहद करीब जाने की कोशिश करने लगा। अचानक हाथी चौंक गया और आक्रामक हो उठा। इसी अफरा-तफरी के बीच सामने खड़ा एक युवक उसकी चपेट में आ गया। हाथी ने बिना किसी चेतावनी के युवक को सूंड में जकड़ा, ऊपर उछाला और जोर से जमीन पर पटक दिया। कुछ पलों के लिए वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। घटना के तुरंत बाद उत्सव स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस दौरान कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे हाथी अचानक हिंसक हो जाता है और युवक को बेरहमी से जमीन पर फेंक देता है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरानी और डर जता रहे हैं। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं होते और हाथियों को भीड़ के इतने करीब क्यों लाया जाता है। घटना के बाद महावतों और मंदिर प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को काबू में किया। घायल युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक युवक को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद प्रशासन और मंदिर समिति की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मंदिर उत्सवों में हाथियों का इस्तेमाल सदियों पुरानी परंपरा जरूर है, लेकिन बदलते समय में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी हो गया है। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षित दूरी और प्रशिक्षित महावतों की मौजूदगी जैसे उपायों को नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
  • बिना परमिट बस का 44,500 रु. का चालान, बद्दी से जा रही थी बदायूं, देखें वीडियो

    बिना परमिट बस का 44,500 रु. का चालान, बद्दी से जा रही थी बदायूं, देखें वीडियो

    पंचकूला: पुलिस के द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे खास अभियान के अंतर्गत सूरजपुर ट्रैफिक पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में बद्दी (हिमाचल प्रदेश) से बदायूं (उत्तर प्रदेश) वाया मढ़वाला संचालित हो रही एक निजी बस को बिना अवैध परमिट के कारण पकड़ा गया है।

    जानकारी के अनुसार, सूरजपुर ट्रैफिक थाना के एसएचओ अभिषेक को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि एक निजी बस अवैध तौर से बिना परमिट के यात्रियों को लेकर जा रही है। सूचना मिलने के बाद एसएचओ अभिषेक के नेतृत्व में एक खास टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उस बस का पीछा किया और उसको रामगढ़ के पास रोक लिया।

    पुलिस टीम के द्वारा मौके पर बस के दस्तावेजों की अच्छे से जांच की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि बस चालक के पास रुट पर संचालन के लिए कोई भी वैध परमिट नहीं था। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन होने पर पुलिस ने बस के विरुद्ध 44,500 रुपये का भारी भरकम चालान काटा। इसके साथ ही बस को नियमों के अनुसार, जब्त करके इंपाउंड भी कर लिया गया है।

    डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा। बिना वैध परमिट के बसें चलाना न सिर्फ कानून का उल्लंघन है बल्कि यह सड़क पर भी जोखिम पैदा करती है। हमारी टीम मुस्तैद है और इसी महीने हमने ऐसी 4 बसों को जब्त कर लिया है।

    ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन मालिकों और संचालकों को सख्त हिदायत दे दी है कि वो अपने वाहनों के सभी दस्तावेज खासतौर पर परमिट, फिटनेस और बीमा पूरा रखें। नियमों को अनदेखा न करने वाले किसी भी वाहन को नहीं बख्शा जाएगा।

     

  • Jalandhar News: होली पर्व को लेकर बाजार में लगी रौणकें, धार्मिक पिचकारी की बढ़ी डिमांड, देखें वीडियो

    Jalandhar News: होली पर्व को लेकर बाजार में लगी रौणकें, धार्मिक पिचकारी की बढ़ी डिमांड, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: होली पर्व को लेकर बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है। मुख्य बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में रंग, गुलाल, पिचकारी और पूजन सामग्री की अस्थायी दुकानें सज गई हैं। व्यापारियों के अनुसार त्योहार को लेकर तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। मामले की जानकारी देते हुए व्यापारी ने कहा कि वह पिछले 10 सालों से पर्व का सामान बेच रहे है। उन्होंने कहा कि होली का पर्व मथुरा के वृंदावन से शुरू हुआ है और वहां पर एक माह तक चलता है।

    हालांकि यहां पर पर्व को सिर्फ 2 दिन मनाया जाता है। इस बार होली पर्व के दौरान बच्चों की परीक्षाएं आ गई है, जिसके कारण अभी बाजार में बिक्री कम हो रही है। दुकानदार ने बताया कि इस बार चाईनीज पिचकारी की जगह भारतीय पिकचारी बाजार में आई है। इस दौरान भारतीय पिचकारी में धार्मिक पिचकारियां भी आई है। इसी के साथ भारतीय गुब्बारें बाजार में उपलब्ध है।

    दुकानदार भावना ने कहाकि बच्चों की परीक्षाएं आने के कारण अभी मार्किट में ग्राहक कम आ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्व के दिन नजदीक आते ही मार्किट में रौणकें लगनी शुरू हो जाएगी। इस बार मार्किट में सिलेंडर, टैंक, गन, पाइप सहित कई वैरायटी देखने को मिल रही है। दुकानदार ने कहा कि बच्चों में टैंक और पाइप पिचकारी का चलन अधिक है। इसी के साथ बांके बिहारी जी काफी सामान बाजार में देखने को मिला है और इसकी डिमांड की काफी है। दुकानदार ने बताया कि इस बार धार्मिक पिचकारी का क्रेज लोगों में काफी देखने को मिल रहा है।