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  • Jalandhar News: Joga Foldiwal व Sonu Khatri gang के दो सदस्य गिरफ्तार, दो अवैध पिस्तौल बरामद, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Joga Foldiwal व Sonu Khatri gang के दो सदस्य गिरफ्तार, दो अवैध पिस्तौल बरामद, देखें वीडियो

    जालंधरः कमिश्नरेट पुलिस सीआईए स्टाफ की टीम ने कार्रवाई करते हुए जोगा फोल्डीवाल और सोनू खत्री गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनसे दो अवैध पिस्तौल बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान गांव फोल्डीवाल के रहने वाले हरप्रीत लाल उर्फ हैप्पी और गांव खाबरा के रहने वाले साजन गिल के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि दोनों आरोपित शहर में वारदात करने की फिराक में घूम रही थे और पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को डीएवी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया हैं। दोनों के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं।

    डीसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि सीआईए स्टाफ के एसएचओ सुरिंदर कंबोज पुलिस पार्टी सहित नाकेबंदी के दौरान डीएवी फ्लाईओवर के पास मौजूद थे, जहां उन्होंने गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर उनके कब्जे से दो अवैध पिस्तौल बरामद की है।

    उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है रिमांड दौरान पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला कि साजन गिल ने फगवाड़ा में स्थित सुधीर स्वीट शॉप पर अपने साथियों के साथ गोलियां चलाईं थी और वह जोगा फोल्डीवाल के कहने पर वांछित लोगों को हथियारों और नशे की सप्लाई पैसों के लिए देता था। पुलिस आरोपियों से रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह यह हथियार कहां से लेकर आए थे और वह जालंधर के किस इलाके में वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे।

  • स्कूली छात्र पर आवारा कुत्ते ने किया हमला, हालात गंभीर

    स्कूली छात्र पर आवारा कुत्ते ने किया हमला, हालात गंभीर

    पंचकूलाः जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक स्कूली छात्र पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। इस हमले में छात्र के चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामला पंचकूला जिले के पिंजौर का बताया जा रहा है, जहां पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छठी कक्षा के छात्र शहादत को गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल पहुंचते समय आवारा कुत्ते ने काट लिया।

    हमले में छात्र के चेहरे पर गहरे घाव आए, जिसके बाद उसे तुरंत पिंजौर के अर्बन पॉलीक्लिनिक सेंटर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे सेक्टर-6 पंचकूला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां से आगे इलाज के लिए, जहां से पीजीआई भेजा गया।

    माता-पिता करते हैं मजदूरी
    मिली जानकारी के अनुसार सेक्टर-6 अस्पताल में इलाज के बाद उसे PGI भेजा गया है, हालत अभी गंभीर है। बताया जा रहा है कि घायल छात्र के माता-पिता मजदूरी करते हैं और हाल ही में पिंजौर की विश्वकर्मा कॉलोनी में किराये के मकान में रहने आए थे।

    घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष
    इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन से इलाके में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है। वहीं, स्कूल के वाइस प्रिंसिपल यशपाल राणा ने बताया कि छात्र के इलाज का पूरा खर्च स्कूल प्रबंधन समिति उठाएगी।

  • योग के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और समावेशिता पर सम्मेलन में चर्चा

    योग के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और समावेशिता पर सम्मेलन में चर्चा

    चंडीगढ़: हरियाणा योग आयोग के सहयोग से गवर्नमेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (GRIID), चंडीगढ़ में “योग द्वारा सशक्तिकरण: बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन को सुदृढ़ बनाना” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ।

    सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में देशभर से विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया और बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर डॉ. रवनीत कौर (निदेशक, GMCH एवं GRIID) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि डॉ. सुषमा नैन (उप निदेशक, आयुष विभाग, हरियाणा सरकार) विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके अलावा, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य, डॉ. अजीत सिदाना, डॉ. एम. करुप्पासामी, अनिल कुमार, डॉ. रीना जैन, डॉ. राज कुमार, प्रो. डॉ. सी. वी. जयन्ती और डॉ. पवन कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

    कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अजीत सिदाना के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और बौद्धिक दिव्यांगता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने योग, पुनर्वास और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया।

    हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि योग केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन को भी मजबूत करता है। उन्होंने विशेष रूप से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए योग को एक प्रभावी सहायक माध्यम बताते हुए कहा कि इससे उनके आत्मविश्वास, कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

    सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि बौद्धिक एवं विकासात्मक समस्याओं की पहचान जीवन के शुरुआती तीन वर्षों में ही संभव है और समय पर हस्तक्षेप से बच्चों की क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।

    वहीं, डॉ. रविंदर कौर और डॉ. ज्योति भोलेश्वर मिश्रा ने योग के माध्यम से व्यवहार प्रबंधन, भावनात्मक स्थिरता और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। प्रो. डॉ. सी. वी. जयन्ती ने सुझाव दिया कि योगासन को स्पेशल ओलंपिक्स जैसे मंचों पर खेल के रूप में बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे विशेष बच्चों की भागीदारी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

    कार्यक्रम के दौरान GRIID के बच्चों द्वारा योगासन प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने समावेश और आत्मविश्वास का संदेश दिया। इसके साथ ही विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श और शोध प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ।

    सम्मेलन में प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप, योग एवं पुनर्वास के समन्वय, वैज्ञानिक योग मॉड्यूल के विकास, समावेशी शिक्षा और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया।

     

     

  • वन विभाग ऊना ने 1000 पेड़ों की कटाई की खबर को बताया भ्रामक, जांच में सिर्फ 18 पेड़ कटे पाए गए

    वन विभाग ऊना ने 1000 पेड़ों की कटाई की खबर को बताया भ्रामक, जांच में सिर्फ 18 पेड़ कटे पाए गए

    एक समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी न्यूज़, डीएफओ ऊना सुशील राणा बोले, तथ्यों के बिना खबरें न चलाएं, राजस्व विभाग की निशानदेही के बाद ही होगी अंतिम पुष्टि

    ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना वन विभाग द्वारा जारी एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति में हाल ही में एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित 1000 पेड़ों के कथित अवैध कटान की खबर को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौके पर की गई गहन जांच में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान की कोई पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग जिला ऊना की टीम ने खबर प्रकाशित होते ही तुरंत संबंधित स्थल का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान केवल 18 पेड़ कटे हुए पाए गए। इनमें से कुछ पेड़ सूखे थे, जबकि कुछ पेड़ निजी भूमि पर स्थित थे। विभाग ने कहा कि इन 18 पेड़ों में से कितने पेड़ सरकारी भूमि पर थे, इसकी स्पष्ट पुष्टि राजस्व विभाग की निशानदेही के बाद ही संभव हो पाएगी,वन विभाग ने बताया कि सरकारी और निजी भूमि के बीच स्पष्ट सीमांकन के लिए राजस्व विभाग को औपचारिक रूप से पत्र भेजा जाएगा। निशान देही की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह निर्धारित किया जा सकेगा कि वास्तव में कितने पेड़ों का कटान सरकारी भूमि पर हुआ है और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    इस पूरे प्रकरण में एक स्थानीय निवासी सन्नी शर्मा का नाम भी सामने आया है। उन्होंने दावा किया है कि कुछ पेड़ उनकी निजी मिल्कियत भूमि पर थे, जिन्हें अवैध रूप से काटा गया है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस में चोरी की शिकायत भी दर्ज करवाई है। राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा भी पुष्टि की गई है कि संबंधित खसरा नंबर 2717 (00-33-05) सन्नी शर्मा की निजी भूमि है। वन विभाग ऊना ने 1000 पेड़ों के अवैध कटान के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की अपुष्ट खबरें न केवल जनता में भ्रम फैलाती हैं, बल्कि सरकारी विभागों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। विभाग ने मीडिया से जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करने और किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने की अपील की है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खबर प्रकाशित करने वाले संवाददाता को वन विभाग द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया था। संवाददाता ने बताया कि उन्हें यह जानकारी स्थानीय निवासी संजय कुमार से फोन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों, जिनमें वन खंड अधिकारी ऊना, वन रक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल थे, ने संजय कुमार से संपर्क कर उस स्थान की सटीक जानकारी मांगी, जहां कथित रूप से 1000 पेड़ों का कटान हुआ था। हालांकि संजय कुमार मौके की सटीक पहचान कराने में असमर्थ रहे। उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह पहले ही स्थान दिखा चुके हैं और अब विभाग अपने स्तर पर जांच करे। इस स्थिति के चलते वन विभाग को स्वतंत्र रूप से पूरे क्षेत्र की विस्तृत जांच करनी पड़ी।

    वन विभाग ऊना रेंज ने अपने स्टाफ की जिम्मेदारी भी तय की है और स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दोहराया कि अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग है और किसी भी प्रकार के अवैध कटान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मौके से 74 खैर के मोछे (लकड़ी के टुकड़े) भी बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस थाना ऊना में 18 मार्च 2026 को औपचारिक रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  इस संबंध में डीएफओ ऊना सुशील राणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन विभाग हर सूचना को गंभीरता से लेता है और मौके पर जाकर तथ्यों की जांच करता है। इस मामले में 1000 पेड़ों के कटान की खबर पूरी तरह निराधार पाई गई है। जांच में केवल 18 पेड़ कटे हुए मिले हैं, जिनमें भी कई निजी भूमि पर हैं। राजस्व विभाग की निशानदेही के बाद ही वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

    डीएफओ सुशील राणा ने यह भी आश्वस्त किया कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वन संपदा की सुरक्षा विभाग सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएफओ ऊना सुशील राणा ने फिर दोहराया कि दैनिक अखबार में प्रकाशित 1000 पेड़ों की कटाई की खबर पूरी तरह भ्रामक है और विभाग इसका कड़ा खंडन करता है। फिलहाल सभी की नजरें राजस्व विभाग की निशानदेही और पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं, जिससे इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • Jalandhar-Pathankot Road पर टिप्पर और बाइक की टक्कर में एक की मौत

    Jalandhar-Pathankot Road पर टिप्पर और बाइक की टक्कर में एक की मौत

    जालंधर, ENS: जालंधर-पठानकोट मार्ग पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार पचरंगा पेट्रोल पंप के नजदीक दोपहर टिप्पर और बाइक की टक्कर में एक की मौत हो गई। वहीं घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसे में घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लोगों के अनुसार तेज रफ्तार पल्सर मोटरसाइकिल (PB 07 CG 6822) पीछे से एक टिप्पर ट्रक (PB 07 CL 3545) से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई।

    मृतक की पहचान 25 वर्षीय चालक महौमद कसीम निवासी उड़मुड़, थाना टांडा, जिला होशियारपुर के रूप में हुई है। वहीं, मोटरसाइकिल के पीछे बैठा 18 वर्षीय शहीन गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। एसएसएफटीम के अधिकारी ने बताया कि घायल को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बताया जा रहा है कि ट्रक जालंधर से पठानकोट की ओर जा रहा था।

    वहीं एसएसएफ टीम द्वारा घटना स्थल पर कोन लगाकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया और हादसे की सूचना पुलिस चौकी को दी गई। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी लादड़ा के आईओ हेड कांस्टेबल अवतार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एसएसएफ टीम ने मृतक का शव, दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल और टिप्पर ट्रक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्तपाल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मृतक परिवार के बयानों के आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी।

  • Punjab News: रोडवेज बस और ऑटो की टक्कर में एक की मौत, 12 घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: रोडवेज बस और ऑटो की टक्कर में एक की मौत, 12 घायल, देखें वीडियो

    होशियारपुर: जिले के कस्बा मालपुर में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां पंजाब रोडवेज की बस और ऑटो में टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि इस हादसे में एक की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए। हादसे में घटना स्थल पर चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां घायलों का उपचार चल रहा है। मामले की जानकारी देते हुए सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि उनके पास हादसे में घायल हुए 12 मरीज पहुंचे हैं। घायल मरीजों में से किसी की बाजू और किसी की टांग फैक्चर हुई है।
     
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    इसी के साथ हेड इंजरी के मरीज भी शामिल है। डॉक्टर ने बताया कि 10 मरीजों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें होशियारपुर के अस्पताल में रैफर कर दिया गया है। वहीं डॉक्टर द्वारा उनके अस्पताल में मरीज की मौत को लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है, जबकि लोगों का कहना है कि हादसे में एक की मौत हो गई है। अस्पताल में 2 मरीजो का उपचार चल रहा है। डॉक्टर ने बताया कि दोपहर 2 बजे की घटना है। वहीं लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहन कब्जे में ले लिए है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
  • Punjab News: पंजाब जल मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने ₹214 करोड़ की कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का किया उद्घाटन

    Punjab News: पंजाब जल मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने ₹214 करोड़ की कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का किया उद्घाटन

    मुख्य बातें
    • पंजाब जल मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने ₹214 करोड़ की कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया — कांडी बेल्ट के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहली बार नहरी पानी पहुंचा।
    • परियोजना 33 गांवों की 11,500 एकड़ जमीन को सिंचाई देगी, साथ ही 650 kW सोलर प्लांट से बिजली की लागत घटेगी।
    • मान सरकार में नहरी पानी का उपयोग 22% से बढ़कर 78% हुआ, सिंचाई ढांचे पर अब तक ₹6,700 करोड़ खर्च।
    चंडीगढ़ / कठगढ़ (एसबीएस नगर) | 19 मार्च 2026: पंजाब की लंबे समय से उपेक्षित कांडी बेल्ट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, पंजाब जल संसाधन एवं मृदा तथा जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को ₹214 करोड़ की लागत से विकसित कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन किया। पहली बार नहरी पानी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया गया है — जिससे कांडी क्षेत्र की सूखी और वर्षा आधारित जमीन सिंचित कृषि भूमि में बदल रही है।

    33 गांवों की 11,500 एकड़ जमीन को मिलेगा फायदा

    यह परियोजना 33 गांवों की लगभग 11,500 एकड़ कृषि भूमि को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी, जिससे फसल उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार होगा। पहले से असिंचित इस इलाके में बेहतर फसलें उगाने की संभावना से जमीन की कीमतें भी बढ़ने की उम्मीद है। यह योजना तीन चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। पहला चरण — 13 गांवों में 4,000 एकड़ — फरवरी 2026 में ₹67 करोड़ की लागत से पूरा हो चुका है। दूसरा चरण, जिसकी लागत ₹107 करोड़ है, 14 गांवों में 5,500 एकड़ को कवर करेगा और सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। तीसरा चरण ₹40 करोड़ की लागत से 6 गांवों में 2,000 एकड़ तक सिंचाई पहुंचाएगा। बिजली की लागत कम करने के लिए 650 kW का सोलर प्लांट भी लगाया गया है।
    “कठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना उन क्षेत्रों तक सिंचाई पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी जो ऊंचाई की चुनौतियों के कारण अब तक वंचित थे। यह परियोजना भूजल पर निर्भरता को काफी कम करेगी और क्षेत्र को दीर्घकालिक लाभ देगी।” — बरिंदर कुमार गोयल, पंजाब जल संसाधन मंत्री

    IIT-प्रशिक्षित टीम, उन्नत तकनीक और मिशन मोड में निष्पादन

    यह योजना बिस्त दोआब नहर से जोड़ी गई है जिसकी डिस्चार्ज क्षमता 67 क्यूसेक है। पानी को पंपों के जरिए उठाकर एक विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से ऊंचे, निचले और अर्ध-पहाड़ी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। पंप हाउस के लिए विभागीय जमीन का उपयोग किया गया, इसलिए कोई भूमि अधिग्रहण नहीं करना पड़ा। परियोजना की डिजाइन के लिए उन्नत सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे किए गए तथा तकनीकी स्टाफ को IIT रुड़की और IIT रोपड़ में प्रशिक्षित किया गया। पूरी योजना मिशन मोड में मात्र छह महीनों में क्रियान्वित की गई। खेतों तक पानी कुशलता से पहुंचाने के लिए लगभग 94,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। इस परियोजना से पहले बालाचौर विधानसभा क्षेत्र के 72 गांवों में 28,205 एकड़ में सिंचाई उपलब्ध थी। इस योजना के पूरा होने के बाद सिंचाई कवरेज बढ़कर 105 गांवों में 39,705 एकड़ हो जाएगी। मंत्री गोयल ने बताया कि CM भगवंत सिंह मान सरकार ने सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक ₹6,700 करोड़ खर्च किए हैं। सिंचाई के लिए नहरी पानी का उपयोग 22% से बढ़कर 78% हो गया है, जिससे भूजल स्तर में सुधार, बिजली की खपत में कमी और मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि हुई है।
  • Punjab News: AAP के बलतेज पन्नू का कांग्रेस, अकाली दल और BJP पर हमला — पंजाब के ₹1.44 लाख करोड़ पानी बकाये पर क्यों है सबकी चुप्पी?

    Punjab News: AAP के बलतेज पन्नू का कांग्रेस, अकाली दल और BJP पर हमला — पंजाब के ₹1.44 लाख करोड़ पानी बकाये पर क्यों है सबकी चुप्पी?

    मुख्य बातें
    • AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पूछा कि CM भगवंत मान द्वारा 1920 समझौते के तहत राजस्थान पर ₹1.44 लाख करोड़ के पानी बकाये का सबूत सामने रखने के बाद कांग्रेस, अकाली दल और BJP के नेता चुप क्यों हैं।
    • पन्नू ने BJP पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सीधा निशाना साधा — जो नेता कभी कांग्रेस में पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को देते थे, वही आज BJP में बैठे हैं।
    • मान सरकार में नहरी पानी की खेतों तक पहुंच 22% से बढ़कर 78% हुई और दबी हुई लंबी नहर समेत कई जलधाराएं फिर से बहाल की जा रही हैं।
    चंडीगढ़ | 19 मार्च 2026 आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश मीडिया इंचार्ज एवं महासचिव बलतेज पन्नू ने गुरुवार को कांग्रेस, अकाली दल और BJP पर जोरदार हमला बोलते हुए सवाल किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 1920 के पानी समझौते के तहत राजस्थान पर पंजाब के ₹1.44 लाख करोड़ बकाये के सबूत सामने रखने के बाद इन तीनों दलों के नेता एकदम चुप क्यों हो गए। उन्होंने कहा कि दशकों तक पंजाब पर राज करने वाली इन पार्टियों ने राज्य के हकों से समझौता किया और आज जब सच्चाई जनता के सामने आ गई है तो इनके पास कोई जवाब नहीं है।

    पंजाब के पानी के हक पर विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं

    पन्नू ने कहा, “जब से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सबूतों के साथ यह तथ्य सामने रखा है कि 1920 के समझौते के तहत 1960 से अब तक मिले पानी के बदले राजस्थान पर पंजाब के ₹1.44 लाख करोड़ बनते हैं — तब से कांग्रेस, अकाली दल और BJP के नेता, जिन्होंने 70 साल राज किया, इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? इन पार्टियों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है।” BJP पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर सीधा निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा, “जाखड़ साहब, जो नेता कभी कांग्रेस में आपके साथ थे और जिन्होंने पंजाब के सीने पर नहरें खोदने के लिए ‘सोने-चांदी के औजार’ उठाए और राज्य का पानी दूसरे राज्यों को दिलाया — वही आज आपके साथ BJP में बैठे हैं। उन गद्दारियों पर आज आप चुप क्यों हैं? पंजाब की जनता आपकी इस चुप्पी का मतलब बखूबी समझती है।”
    “विपक्षी पार्टियां और नेता नई घटनाओं से परेशान हैं क्योंकि उनकी पुरानी साजिशें और गद्दारियां जो मिट्टी के नीचे दबी थीं, अब सामने आ गई हैं। जिन्होंने 70 साल तक पंजाब को लूटा और इसके हक दूसरे राज्यों को बेचे, वो अब बेनकाब हो चुके हैं।” — बलतेज पन्नू, AAP पंजाब मीडिया इंचार्ज एवं महासचिव

    मान सरकार में नहरी पानी की पहुंच 22% से बढ़कर 78% हुई

    पन्नू ने आगे कहा कि जिन परंपरागत पार्टियों ने पंजाब को बंजर होने की कगार पर धकेल दिया था, उन्हें भगवंत मान सरकार ने महज चार सालों में करारा जवाब दिया है। पहले जहां केवल 22% नहरी पानी ही खेतों तक पहुंचता था, वहीं मान सरकार की मेहनत से आज यह आंकड़ा बढ़कर 78% हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों ने भूमाफिया के साथ मिलकर जो नहरें और वितरिकाएं दबा दी थीं, उन्हें अब बहाल किया जा रहा है। “दबी हुई लंबी नहर की बहाली इसका जीता-जागता उदाहरण है,” पन्नू ने कहा — और जोड़ा कि विपक्ष इसीलिए बौखलाया हुआ है क्योंकि दशकों की गद्दारी और छिपाई गई सच्चाइयां एक-एक करके उजागर हो रही हैं। AAP सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पन्नू ने कहा, “जब तक CM भगवंत सिंह मान पद पर हैं, पंजाब का एक-एक पैसा और एक-एक हक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।”
  • Punjab News:  98 साल की बुजुर्ग महिला को मोगा में मिला मुफ्त कैंसर इलाज, मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी सहारा

    Punjab News: 98 साल की बुजुर्ग महिला को मोगा में मिला मुफ्त कैंसर इलाज, मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी सहारा

    मुख्य बातें
    • मोगा की 98 वर्षीय मुख्तियार कौर को सेहत कार्ड के जरिए पूरी तरह मुफ्त कीमोथेरेपी इलाज मिला।
    • मुख्यमंत्री सेहत योजना परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज देती है।
    • अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी, 900+ अस्पतालों में 2,300 से ज्यादा मेडिकल पैकेज उपलब्ध।
    मोगा, पंजाब | 19 मार्च 2026: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक बार फिर चर्चा में है — इस बार मोगा जिले की 98 वर्षीय मुख्तियार कौर की वजह से, जिन्हें सेहत कार्ड के जरिए पूरी तरह मुफ्त कैंसर उपचार मिला। इस उम्र में कीमोथेरेपी जैसा महंगा इलाज बिना एक पैसे खर्च किए मिलना इस योजना की असली ताकत को उजागर करता है।

    बिना देरी शुरू हुआ इलाज, सेहत कार्ड ने किया काम आसान

    मुख्तियार कौर का इलाज कीमोथेरेपी से जुड़ी विशेष दवाओं और सहायक चिकित्सा पर आधारित था, जिसके लिए नियमित निगरानी और समय पर चिकित्सीय हस्तक्षेप जरूरी था। अस्पताल में सेहत कार्ड की पुष्टि होते ही इलाज बिना किसी देरी के शुरू हो गया — न कोई भुगतान की चिंता, न कागजी पेचीदगी। इस उम्र में जहां हर दिन का इलाज जरूरी होता है, वहां कैशलेस सुविधा ने परिवार को यह सुनिश्चित करने दिया कि इलाज से जुड़े सभी फैसले सिर्फ जरूरत के आधार पर हों — पैसों की तंगी के आधार पर नहीं। बुजुर्ग सदस्यों के इलाज में बार-बार अस्पताल आना-जाना और विशेष चिकित्सा का खर्च अक्सर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। यह योजना इसी खाई को पाटने का काम कर रही है।
    “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सेहत योजना यह सुनिश्चित कर रही है कि पंजाब के बुजुर्ग मरीजों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के समय पर जरूरी चिकित्सा सुविधा मिले और उनकी गरिमा भी बनी रहे। जीवन के इस पड़ाव पर इलाज की उपलब्धता बेहद जरूरी है, और यह योजना परिवारों को आत्मविश्वास के साथ यह देखभाल करने में सक्षम बना रही है।” — डॉ. बलबीर सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब

    मुख्यमंत्री सेहत योजना: क्या मिलता है लाभार्थियों को?

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिलता है। राज्य में 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है और 2,300 से ज्यादा मेडिकल पैकेज के जरिए छोटी से बड़ी हर बीमारी को कवर किया जाता है। अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। पंजाब सरकार राज्य के सभी निवासियों से आग्रह कर रही है कि वे नजदीकी निर्धारित केंद्रों पर जाकर सेहत कार्ड बनवाएं और इस कैशलेस स्वास्थ्य योजना का पूरा लाभ उठाएं। मुख्तियार कौर का मामला इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सही नीति और सही इरादे से एक 98 साल की बुजुर्ग महिला भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच सकती है — बिना किसी आर्थिक बोझ के, पूरी गरिमा के साथ।
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    Punjab News: 3D Food Chicken Shop सहित अन्य दुकानों पर सेहत विभाग की Raid, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के नॉवेल्टी चौक लारेंस रोड इलाके में आज फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों ने बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कई खाने-पीने वाली दुकानों पर अचानक रेड कर जांच की गई और कुछ स्थानों से सैंपल लेकर लैब टेस्ट के लिए भेजे गए। इस कार्रवाई से इलाके के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। मीडिया से बातचीत में नॉन-वेज प्वाइंट पर दुकानदार कुलविंदर सिंह ने बताया कि उनकी 3डी फूड नाम की चिकन शॉप पर भी फूड सेफ्टी अधिकारी गए। उन्होंने माना कि दुकान में कुछ कमियाँ पाई गईं। उन्होंने कहा कि कई बार रात में काम करने वाले कर्मचारी सामान बाहर छोड़ देते हैं, जिस कारण सवेरे गंदगी दिखाई देती है।

    कुलविंदर सिंह ने कहा कि वे अपनी गलतियों को मानते हैं और भविष्य में सुधार करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पहले वे आम घी इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब उनके द्वारा केवल कंपनी का प्रमाणित घी ही इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगे से ग्राहकों को कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा और सफाई का खास ध्यान रखा जाएगा। इस मौके पर फूड सेफ्टी अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि इस दुकान के बारे में कुछ शिकायतें मिली थीं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि नॉन-वेज खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संदर्भ में सैंपल लिए गए हैं और उन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि दुकान में कुछ सफाई संबंधी कमियां पाई गईं, जिसके लिए दुकानदार को सख्त निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और सभी खाने-पीने वाले व्यवसायियों के लिए साफ-सफाई के मानदंडों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस तरह के जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि लोगों को साफ और सुरक्षित खाना मिल सके।