जालंधर, ENS: बस्ती दानिशमंदा में आज सुबह घर की छत गिरने के चलते हादसा हो गया। वहीं इस हादसे में 2 बच्चे घायल हुए है। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दरअसल, घर में पुराने बलियों की छत बनी हुई थी। जोकि आज सुबह 8 बजे अचानक गिर गई। मामले की जानकारी देते हुए किराए के मकान में रह रहे राधेश्याम, हरिया नें बताया की आज सुबह अचानक घर की छत गिर गई।
उन्होंने बताया कि घटना के दौरान बच्चें छत के नीचे सो रहे थे। राधे श्याम का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद मकान मालिक छाबड़ा देखने नहीं आया और ना ही किसी ओर ने उनका हालचाल पूछा। वहीं महिला नें बताया की छत के खराब हालात की सूचना पहले मकान मालिक को दे दी गई थी, लेकिन मकान मालिक द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया।
महिला ने कहा कि वह 3 हजार रुपए महीना किराया दे रहे है, लेकिन छत की कोई जिम्मेदारी नहीं है। महिला ने कहा कि मकान मालिक किराया लेने के लिए ही आता है। जिसके चलते आज सुबह यह हादसा हो गया। मामले की जानकारी देते हुए ज्योति ने बताया कि वह छत के नीचे खड़ी थी कि छत गिरने से यह हादसा हो गया।





WHO की एडवाइजरी के अनुसार, लोगों को स्किन पर चकते पड़ें और घाव होने लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। यह मंकीपॉक्स हो सकता है, जो एक संक्रामक बीमारी है और संपर्क में आने से दूसरे लोगों को भी हो सकती है। मिली जानकारी के अनुसार मंकीपॉक्स के केस पाकिस्तान, स्वीडन, कांगो, केन्या, रेवांडा, युगांडा और बुरुंडी समेत 15 देशों में मिल चुके हैं। साल 2022 में महामारी अमेरिका और ब्रिटेन में भी फैली थी। आज तक इस महामारी के करीब 27 हजार मरीज मिल चुके हैं और 1000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बीते दिन मंकीपॉक्स का मरीज मिला, जो इसी अगस्त माह को ही सऊदी अरब से लौटा। पाकिस्तानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने महामारी का केस मिलने की पुष्टि की और बताया कि मरीज को क्वारंटाइन कर दिया गया है। उसके संपर्क में आए लोगों के सैंपल भी ले लिए हैं। पूरे देश में महामारी को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सफदरजंग अस्पताल दिल्ली के कम्यूनिटी मेडिसिन के HOD डॉ. जुगल किशोर कहते हैं कि पाकिस्तान में मंकीपॉक्स का मरीज मिलना टेंशन वाली बात है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। अभी यह महामारी सबसे ज्यादा यूरोप और अफ्रीका में फैली है। एशियाई देशों में इसका खतरा बढ़ा नहीं है। यह संक्रामक बीमारी है, लेकिन यह हवा के जरिए नहीं फैलती, बल्कि छूने से फैलती है, इसलिए लोग घबराएं नहीं सतर्क रहें। बता दें कि भारत में जनवरी 2022 से जून 2024 के बीच मंकीपॉक्सय के 27 मरीज मिले थे। साल 2023 में पाकिस्तान में 9 केस मिले थे।





