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  • मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय बंगाणा में अमृत कलश यात्रा निकाली 

    मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय बंगाणा में अमृत कलश यात्रा निकाली 

    ऊना/ सुशील पंडित :  अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा एनएसएस इकाई द्वारा युवा एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर के अंदर अमृत कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के उप्राचार्य रेखा शर्मा थे।   कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस के प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने की। इस अमृत कलश यात्रा के अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों ने बढ़ चढ़कर कर भाग लिया।

    इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवी सविता , इंदू,मंजू रुचि, अंकिता ,प्रियंका ,खुशी और कृतिका ने किकली प्रस्तुत किया। इसके बाद स्वयंसेवियों ने देशभक्ति का जीत गया। एनएसएस के प्रोग्राम ऑफिसर प्रोफेसर सिकंदर नेगी ने कहा कि मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम एनएसएस इकाई बंगाणा द्वारा अगस्त माह से लेकर अब तक विभिन्न तरह के मेरी माटी मेरा देश के अंतर्गत करवाया गया। उन्होंने कहाकि ‘मेरी माटी मेरा देश अभियान’ का मुख्य उद्देश्य लोगों के दिल में वीर सपूतों के प्रति सम्मान की भावना को जागृत करना है और देश के प्रति जागरूकता को बढावा देना है. इस अभिमान के फलस्वरूप हम भारतवासियों के भीतर स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र के प्रति जुडाव और लगाव गहरा होगा। इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश ठाकुर, एनएसएस के कैप्टन विशाल सोनी ,कामना , हैड गर्ल सविता आदि मौजूद रहे।

  • जिला के चार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ओपीएस के तहत सौंपे गए पेंशन अदायगी आदेश पत्र – विशाल रघुवंशी

    जिला के चार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ओपीएस के तहत सौंपे गए पेंशन अदायगी आदेश पत्र – विशाल रघुवंशी

    ऊना/सुशील पंडित : जिला कोष ऊना से नई पेंशन स्कीम से ओल्ड पेंशन स्कीम के अंतर्गत पेंशन का लाभ अर्जित करने वाले जिला के चार कर्मचारियों को पेंशन अदायगी आदेश पत्र सौंप दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला कोषाधिकारी विशाल रघुवंशी ने बताया कि पेंशन का लाभ लेने वाले कर्मचारियों में शास्त्री के पद से सेवानिवृत्त जगदेव सिंह व नरेश कुमार, अटेंडेंट पद से सेवानिवृत्त हुए नरेंद्र कुमार और चतुर्थ श्रेणी से सेवानिवृत्त हुए गुरवचन सिंह राणा शामिल हैं। 
    जिला कोषाधिकारी विशाल रघुवंशी ने बताया कि जगदेव सिंह शास्त्री को एनपीएस के तहत 6,226 रूपये मिल रहे थे जबकि ओल्ड पेंशन स्कीम में जुडने पर उन्हें वर्तमान में 44,890 रूपये का लाभ मिलेगा। इसी कड़ी में नरेश कुमार शास्त्री को एनपीएस के तहत 5,646 रूपये मासिक पेंशन के रूप में मिलते थे जबकि ओल्ड पेंशन स्कीम में उन्हें 42,813 रूपये मिलेंगे। अटेंडेंट पद से रिटायर हुए नरेंद्र कुमार को एनपीएम में 1,677 रूपये मिल रहे थे जबकि ओपीएस के तहत 15,545 रूपये प्रतिमाह की पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी से सेवानिवृत्त हुए गुरवचन सिंह राणा को 1 हज़ार रूपये प्रतिमाह पेंशन मिल रही थी जबकि ओपीएस के तहत अब उन्हें 14,807 रूपये प्रति माह पेंशन का लाभ मिलेगा।
  • पशुपालन विभाग ने गत 4 वर्षों के दौरान जिला के 57 लाभार्थियों को दिया लगभग दो करोड़ रुपए का लाभ

    पशुपालन विभाग ने गत 4 वर्षों के दौरान जिला के 57 लाभार्थियों को दिया लगभग दो करोड़ रुपए का लाभ

    ऊना/सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से हिमकुकट योजना के तहत संचालित मुर्गी पालन योजना जिला के बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के रूप में वरदान साबित हो रही है। वर्ष 2019 से पशुपालन विभाग के माध्यम से संचालित की जा रही इस योजना को अब तक ऊना जिला के 57 लोगों ने अपनाया है जो कि प्रतिमाह 20 से 25 हजार रूपए कमा रहे हैं। इन्हीं लाभार्थियों में से एक है ऊना उपमंडल के गांव जनकौर निवासी सुशील कुमार। सुशील कुमार बताते हैं कि वर्ष 2022 में उन्हें मुर्गी पालन व्यवसाय के बारे में पता चला तत्पश्चात उन्होंने पशुपालन विभाग से योजना के संबंध में संपूर्ण जानकारी व मार्गदर्शन लिया। इसके पश्चात सुशील कुमार ने मुर्गी पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। सुशील कुमार ने बताया कि पशुपालन की सहायता से मुर्गी पालन के व्यवसाय को अपनाया। सुशील कुमार ने बताया कि मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए पशु पालन विभाग की ओर से शेड निर्माण हेतू उन्हें 1.45 लाख रूपए की अनुदान राशि प्रदान की गई।
    शैड निर्माण पूरा करने के पश्चात् विभाग द्वारा 60 प्रतिशत अनुदान पर 1 हज़ार चिक्स (चूजे) तथा 60 बैग फीड के अलावा मुर्गी पालन में इस्तेमाल होने वाले बर्तन इत्यादि उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने बताया कि दो महीने के उपरांत तैयार किए गए चिक्स को मार्किट में 1.80 लाख रूपये में बेचा जिसमें से उन्हें लगभग एक लाख रूपये का मुनाफा हुआ। उन्होंने बताया कि अब दूसरी बार उन्हें पशुपालन द्वारा 1000 चूजे फीड सहित 60 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए गए हैं। इसी प्रकार पशुपालन विभाग द्वारा एक बार और 1000 चूजे फीड सहित 60 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस प्रकार प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना से जनकौर निवासी सुशील कुमार अपना बेहतर जीवन यापन कर रहे हैं तथा अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। 
    इस स्वरोजगार योजना के संबंध में सुशील कुमार ने अपने सकारात्मक अनुभव सांझा करते हुए बताया कि बेरोजगार युवा पीढ़ी इस योजना की सहायता से अपना स्वरोजगार स्थापित कर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। सुशील कुमार ने बताया कि इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले वह गग्रेट में ल्यूमिनस कम्पनी में नौकरी करता था। जहां पर मिलने वाले वेतन का अधिकतर खर्चा वहां रहने व घर आने जाने में ही खर्च हो जाता था जिस वजह से उसे परिवार का खर्चा करना बेहद मुश्किल हो रहा था परंतु जब से उन्होंने मुर्गी पालन व्यवसाय को अपनाया है तब से उन्हें इस व्यवसाय से हो रही अच्छी आमदनी के कारण अपने परिवार का गुज़ारा करने में आसानी हो रही है। हिमकुक्ट योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ राकेश भट्टी ने बताया कि मुर्गी पालन व्यवसाय से जुडे़ सुशील कुमार को चिक्स व योजना से जुड़ी अन्य सुविधाएं हिमकुकट योजना के तहत दी गई हैं। उन्होंने बताया कि यह योजना वर्ष 2019 से आरंभ की गई थी।
    इस योजना के तहत पिछले चार सालों में जिला ऊना में कुल 57 मामले स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने व मुर्गी फर्मिंग का कार्य करने के इच्छुक लोगों के लिए यह योजना चलाई जा रही है जिसका कुल बजट साढे़ छः लाख रूपये है जिसमें 60 प्रतिशत शेयर (लगभग 4 लाख रुपए) सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है जबकि स्कीम का लाभ लेने वाले व्यक्ति को 40 प्रतिशत खर्च (लगभग अढाई लाख रुपए) स्वयं बहन करना पड़ता है।डॉ राकेश भट्टी ने बताया कि योजना के तहत सबसे पहले लाभार्थी को मुर्गी फार्मिंग के लिए योजना के 60 प्रतिशत यानि 1.45 लाख रूपये की आर्थिक सहायता शैड निर्माण के लिए प्रदान की जाती है। शेड निर्मित होने के उपरांत विभाग की ओर से अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता है। इसके उपरांत पोल्ट्री फार्मर को मुर्गी पालन व्यवसाय के संबंध में प्रशिक्षित किया जाता है। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद पोल्ट्री फार्मर को एक हजार जीरो-डे चिक्स, फीड तथा छोटे व बड़े चूजों के खाने-पीने के बर्तन इत्यादि 60 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाते हैं तथा उनके रख-रखाव बारे जानकारी मुहैया करवाई जाती है। इसके पश्चात प्रत्येक 2 से 3 महीने के अंतराल में अतिरिक्त दो बार 1000 चूजे फीड सहित 60 प्रतिशत अनुदान पर फार्मर को दिए जाते हैं।
    वरिष्ठ पशु चिकित्सा डॉ राकेश कुमार भट्टी ने बताया कि सुशील कुमार ने पहले चिक्स के लॉट में लगभग 800 चूजें तैयार करके लगभग 18 क्विंटल तक चूजों को मार्किट में बेचा जिससे उन्हें लगभग दो लाख रूपये की इन्कम अर्जित हुई। इस दौरान सुशील कुमार को प्रति चूजों के लॉट के हिसाब से लगभग एक लाख रूपये का मुनाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि सुशील कुमार को योजना के अंतर्गत कुल तीन बार चिक्स के लॉट उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चूजों के तीन लॉट प्रदान करने तथा शेड निर्माण करने के लिए उपलब्ध करवाई गई राशि को मिलाकर लगभग 4 लाख से ज्यादा का मुनाफा मुर्गी फार्मर को हो रहा है। उन्होंने कहा कि योजना के उपरांत भी पोल्ट्री फार्मर को नियमित रूप से संचालित करने को कहा जाता है ताकि स्वरोजगार के साधन बढ़ सके। उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर नौकरी करने वाले युवा भी इस व्यवसाया से जुड सकते हैं तथा वे अपने घर में ही प्रतिमाह 25-30 हजार रूपये की आय अर्जित कर सकते हैं।
  • NRI सुखजीत हत्याकांड मामला में कोर्ट ने पत्नी को फांसी और जालंधर के मिटठू को उम्रकैद की सुनाई सजा

    NRI सुखजीत हत्याकांड मामला में कोर्ट ने पत्नी को फांसी और जालंधर के मिटठू को उम्रकैद की सुनाई सजा

    शाहजहांपुरः एनआरआई सुखजीत सिंह हत्याकांड को लेकर कोर्ट 7 सालों के बाद फांसी की सजा का ऐलान किया है। इस मामले में कोर्ट ने मृतक की पत्नी रमनदीप कौर को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि उसके प्रेमी मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। शाहजहांपुर के बंडा ब्लॉक के बसंतापुर गांव के रहने वाले एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या 31 अगस्त 2016 को कर दी गई थी। उस समय वे छुटि्टयां बिताने अपने गांव आए हुए थे। इसी दौरान पत्नी ने दोस्त के साथ मिलकर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में मृतक एनआरआई के बेटे ने गवाही दी थी। उसके बाद आरोपियों के गुनाह का पर्दाफाश हो गया। कोर्ट ने सात बाद सजा का ऐलान किया। 

    2016 में परिवार से साथ गांव बसंतापुर आया था सुखजीत 

    एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या के मामले में पत्नी रमन कौर को फांसी की सजा सुनाई गई है। हत्या में पत्नी की मदद करने वाले सुखजीत के दोस्त गुरुप्रीत सिंह मिट्‌ठू को उम्र कैद की सजा दी गई है। सुखजीत अपनी पत्नी और बेटों के साथ इंग्लैंड के डर्बी शहर में रहते थे। सुखजीत सिंह अपने परिजनों के साथ अगस्त 2016 में अपने गांव बसंतापुर आए थे। पत्नी और दोनों बेटे भी उनके साथ थे। सुखजीत के माता-पिता भी साथ थे। कुछ दिनों तक रुकने के बाद सुखजीत के माता- पिता इंग्लैंड लौट गए। इसी बीच सुखजीत का दोस्त गुरुप्रीत मिट्ठू भी दुबई से बसंतापुर आ गया। कई दिनों तक वह वहां रुका। इसी दौरान रमन कौर और मिट्‌ठू ने मिलकर सुखजीत को मारने की प्लानिंग की। 

    रमन और मिट्‌ठू ने रची थी सुखजीत को मारने की साजिश

    दरअसल, रमन और मिट्‌ठू के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। सुखजीत के रहते यह संभव नहीं था। इस कारण दोनों ने मिलकर सुखजीत को रास्ते से हटाने की प्लानिंग रच डाली। सुखजीत की हत्या बड़ी ही बेरहमी से कर दी गई। 31 अगस्त 2016 की रात रमन कौर ने खाने में नशा मिला दिया। सुखजीत खाना खाकर सोया तो फिर कभी उठ नहीं पाया। बेहोश पड़े सुखजीत के सिर पर रमन और मिट्‌ठू ने हथौड़ी से वार किया। इसके बाद चाकू से गला रेत दिया। हत्या के बाद मिट्‌ठू दिल्ली भाग गया। वह दुबई भागने वाला था। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे दबोच लिया था। सुखजीत हत्याकांड में इसके बाद रमन कौर का भी नाम आया। उसे भी गिरफ्तार किया गया। 

    जालंधर का रहने वाला मिट्‌ठू और सुखजीत थे दोस्त 

    गुरुप्रीत सिंह मिट्‌ठू और सुखजीत सिंह दोस्त थे। मिट्‌ठू दुबई में नौकरी करता था। उसका सुखजीत के घर आना-जाना था। इसी दौरान मिट्‌ठू और सुखजीत की पत्नी रमन कौर की मुलाकात हुई। दोनों करीब आ गए। दोनों के बीच प्रेम पनप गया। मिट्‌ठू पंजाब के जालंधर के एक गांव का रहने वाला था। मिट्‌ठू और रमन ने शादी करने की तैयारी कर ली थी। दोनों सुखजीत को रास्ते से हटाकर देश छोड़ने की प्लानिंग कर रहे थे। लेकिन, हत्याकांड के बाद पुलिस की मुस्तैद ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। दोस्त को धोखा देने वाले को सजा का ऐलान किया गया है। रमन कौर ने हत्या की प्लानिंग अलग ही तरीके से रची थी।

    रमन कौर के कृत्य का गवाह बना 10 वर्षीय बेटा

    वह पति की हत्या दोस्त से कराकर उसे देश से फरार कराने की कोशिश में थी। लेकिन, रमन कौर के कृत्य का गवाह उसका ही करीब 10 साल का बेटा अर्जुन सिंह बन गया। 31 अगस्त 2016 की रात उसने अपनी आंखों के सामने पिता की हत्या होते देखा। सुखजीत सिंह के सिर पर हथौड़ी मारी तो आवाज हुआ। बगल के कमरे में सो रहे अर्जुन की आंख खुल गई। वह पिता के कमरे में देखा तो वहां उनकी हत्या हो रही थी। अपने बयान में अर्जुन ने कहा था कि मां रमन कौर ने पापा सुखजीत सिंह के चेहरे को चकिए से दबाया हुआ था। इसके बाद मिट्‌ठू अंकल ने हथौड़ी से वार किया। इसके बाद चाकू से गला काट दिया। 

    दोनों आरोपियों को मौत की सजा चाहता था परिवार

    इसी बयान ने रमन कौर को फांसी की सजा दिला दी है। शाहजहांपुर के अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने रमनदीप और गुरप्रीत को आईपीसी की धारा 302(हत्या) और 34(कई व्यक्तियों की ओर से किए गए आपराधिक कृत्य) के तहत दोषी ठहराया। मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। 7 अक्टूबर को सजा का ऐलान किया गया। गुरुप्रीत को शस्त्र अधिनियम की धारा 4/25 के तहत भी दोषी ठहराया गया है। पीड़ित पक्ष की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि यह एक रेयर केस है, क्योंकि पीड़ित का गला उसके 9 साल के बेटे के सामने काट दिया गया। हम दोनों आरोपियों के लिए मौत की सजा चाहते हैं।

    शनिवार को कोर्ट के ऐलान के बाद दोनों की हालत हुई खराब

    दोनों आरोपियों को मौत की सजा का दोषी ठहराए जाने के बाद शाहजहांपुर जेल भेजा गया था। शनिवार को फैसले का ऐलान किए जाने के दौरान दोनों की हालत खराब हो गई। गुरुप्रीत ने पुलिस की पूछताछ में कबूला था कि उसने और रमन कौर ने यूपी में हत्या करने की योजना बनाई। उन्हें लगा कि वे यहां पैसे खर्च करके बच जाएंगे। सुखजीत की 75 वर्षीय मां ने कहा कि मैं यहां अपने बेटे के लिए लड़ने आई हूं। मेरे बेटे के साथ गलत हुआ। आज उसे न्याय मिला है।

  • ਜਲੰਧਰ : 12 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਜਲੰਧਰ ਰੋਡ ਦਾ ਕੰਮ ਹੋਇਆ ਸ਼ੁਰੂ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਜਲੰਧਰ : 12 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਜਲੰਧਰ ਰੋਡ ਦਾ ਕੰਮ ਹੋਇਆ ਸ਼ੁਰੂ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਬਟਾਲਾ : ਇਤਿਹਾਸਕ ਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸ਼ਹਿਰ ਬਟਾਲੇ ਅੰਦਰ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਰਹੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਦੀ ਲੜੀ ਤਹਿਤ ਬਟਾਲਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਧਾਰਮਿਕ ਸਖਸ਼ੀਅਤਾਂ ਦੇ ਹੱਥੋਂ 12 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਜਲੰਧਰ ਬਾਈਪਾਸ ਨੇੜੇ ਵੰਡਰ ਹੋਟਲ ਤੋਂ ਹੰਸਲੀ ਪੁਲ ਨੇੜੇ ਉਲੰਪੀਅਨ ਸੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਚੌਂਕ ਤੱਕ ਸੜਕ ਚੌੜੀ ਕਰਨ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ। ਇਸ ਮੁਬਾਰਕ ਮੌਕੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸਖਸ਼ੀਅਤਾਂ ਨੇ ਵਿਧਾਇਕ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ, ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ਦੀ ਸਰਾਹਨਾ ਕੀਤੀ ਤੇ ਭਵਿੱਖ ਲਈ ਸ਼ੁੱਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੰਦਿਆ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਰਮਾਤਮਾ ਵਿਧਾਇਕ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੂੰ ਹੋਰ ਬੱਲ ਤੇ ਸ਼ਕਤੀ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸੇਵਾ ਕਰਨ ਦੀ ਹਿੰਮਤ ਬੱਖਸ਼ੇ।

    ਓਹਨਾ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਲੰਧਰ-ਬਟਾਲਾ ਰੋਡ ਸੜਕ ਚੌੜੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਆਵਾਜਾਈ ਦੀ ਵੱਡੀ ਸਹੂਲਤ ਤੇ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ। ਇਸ ਰੋਡ ਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸਕੂਲ, ਸਰਕਾਰੀ ਤੇ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਹਸਪਤਾਲ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਤੇ ਵਪਾਰਿਕ ਅਦਾਰੇ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਆਵਾਜਾਈ ਦੋਰਾਨ ਕਾਫੀ ਮੁਸ਼ਕਲਿ ਪੇਸ਼ ਆਉਂਦੀ ਸੀ, ਪਰ ਹੁਣ ਸੜਕ ਚੌੜੀ ਹੋਣ ਨਾਲ ਟਰੈਫਿਕ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਰਾਹਤ ਮਿਲੇਗੀ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆ ਵਿਧਾਇਕ ਸ਼ੈਰੀ ਕਲਸੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਬਟਾਲਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜਾਂ ਲਈ ਫੰਡਾਂ ਦੀ ਕੋਈ ਕਮੀਂ ਨਹੀਂ ਆਉਣ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ।

    ਉਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਮੁੱਖ ਚੌਂਕਾਂ ਨੂੰ ਚੋੜਿਆਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਜਲੰਧਰ ਰੋਡ ਤੋਂ ਹੰਸਲੀ ਪੁਲ ਤੱਕ ਸੜਕ ਨੂੰ ਚੋੜਾ ਕਰਨ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ। ਕਰੀਬ 12 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸੜਕ ਨੂੰ ਹੁਣ 15 ਫੁੱਟ ਚੋੜਿਆਂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜਲਦ ਜਲੰਧਰ ਬਾਈਪਾਸ ਤੇ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਐਂਟਰੀ ਗੇਟ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਵੀ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ-ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਰੋਡ ਨੂੰ ਚੋੜਾ ਤੇ ਸੁੰਦਰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਜਲਦ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗਾ। ਉਨਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਹਫਤੇ ਗਾਂਧੀ ਨਗਰ ਕੈਂਪ, ਅਲੀਵਾਲ ਰੋਡ ਤੇ ਮੁਰਗੀ ਮੁਹੱਲੇ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਕਰੀਬ 15 ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦਿਆਂ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸੀਵਰੇਜ਼ ਪਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਸੀ।

  • ਪੰਜਾਬ : ਕਾਂਗਰਸ ਵੱਲੋਂ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ : ਕਾਂਗਰਸ ਵੱਲੋਂ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ : 2024 ਦੀਆਂ ਚੋਣਾਂ ਨੂੰ ਹਜੇ ਕੁਝ ਸਮਾਂ ਬਚਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਲੇਕਿਨ ਹੁਣ ਇਤੋਂ ਹੀ ਸਿਆਸਤ ਪੂਰੀ ਤਰਹਾਂ ਨਾਲ ਗਰਮਾਉਂਦੀ ਹੋਈ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਅੱਜ ਕਾਂਗਰਸ ਵੱਲੋਂ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਇੱਕ ਵਿਸ਼ਾਲ ਧਰਨਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਉੱਪਰ ਇਲਜ਼ਾਮ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਕਿਹਾ ਕਿ 2024 ਦੀ ਹਾਰ ਨੂੰ ਦੇਖਦੇ ਹੋਏ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਮਹਿਬੂਬ ਨੇਤਾ ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ਉੱਤੇ ਟਿੱਪਣੀ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸ ਦਾ ਜਵਾਬ ਲੋਕ 2024 ਦੇ ਵਿੱਚ ਜਰੂਰ ਦੇਣਗੇ ਅਤੇ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਨੂੰ ਇਸ ਵਾਰ ਸੱਤਾ ਚੋਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਹੀ ਉਹ ਸਾਹ ਲੈਣਗੇ।

    ਅਸ਼ਵਨੀ ਪੱਪੂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਨੇਤਾ ਰਾਹੁਲ ਗਾਂਧੀ ਪੂਰੇ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਦਬਦਬਾ ਕਾਇਮ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਕਾਮਯਾਬ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ। ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਬੁਖਲਾਹਟ ਵਿੱਚ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਹੁਣ ਉਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਤਸਵੀਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀ ਛੇੜਛਾੜ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਇਸੇ ਦੇ ਰੋਸ਼ ਦੇ ਚਲਦਿਆਂ ਅੱਜ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਭੰਡਾਰੀ ਪੁੱਲ ਦੇ ਉੱਤੇ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਭਾਰਤੀ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਜ ਨਾ ਆਈ ਤਾਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਵੀ ਤਿੱਖੇ ਕੀਤੇ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ।

  • युद्ध की घोषणा: इजरायल में हो रहे रॉकेट हमले के बाद भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

    युद्ध की घोषणा: इजरायल में हो रहे रॉकेट हमले के बाद भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

    नई दिल्‍ली: इजरायल के हालात पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। हमास आतंकियों ने इजरायल पर हमला किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश में युद्ध का एलान किया। इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘हमास ने इजरायल के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है, इसमें इजरायल की जीत होगी।’ भारत सरकार ने इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उनसे हालात पर नजर रखने और सतर्क रहने को कहा गया है। लोकल अथॉरिटीज के सुझाव मानें, गैर-जरूरी काम से बाहर न निकलें और सेफ्टी शेल्टर्स के पास रहें। भारतीय नागरिकों से इजरायली होम फ्रंट कमांड की वेबसाइट देखने को कहा गया है।

    आपातकाल में तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने को कहा गया है। दूतावास का हेल्पलाइन नंबर +97235226748 और ईमेल आईडी consl.telaviv@mea.gov.in है। इजरायली सेना का कहना है कि वह गाजा पट्टी में कुछ ठिकानों को निशाना बनाकर पर हमला कर रही है। आतंकवादी समूह हमास ने इजरायल के खिलाफ एक नये सैन्य अभियान की घोषणा की है। यरूशलम में हवाई हमले के लिए सतर्क करने वाले सायरन बज रहे हैं। इससे पहले, हमास की सैन्य शाखा के एक नेता ने दावा किया कि उसने नये सैन्य अभियान के तहत इजरायल में 5,000 से अधिक रॉकेट दागे हैं।

    हमास नेता मोहम्मद अल-दीफ ने इजराइल के खिलाफ एक नए सैन्य अभियान ‘अल-अक्सा फ्लड’ की शुरुआत का एलान किया। PTI के अनुसार, हमास के रॉकेट हमले में एक महिला की मौत हो गई और 16 अन्य लोग घायल हुए हैं। इजरायली रक्षा मंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक, रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने IDF की जरूरतों के अनुसार रिजर्व सैनिकों के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सुरक्षा प्रतिष्ठानों के सभी प्रमुखों के साथ मौजूदा सुरक्षा हालात का जायजा लेने के लिए रक्षा मंत्रालय मुख्यालय रवाना हो गए हैं।

  • पंजाबः अकाली दल सीनियर उप-प्रधान ने दिया पार्टी से इस्तीफा

    पंजाबः अकाली दल सीनियर उप-प्रधान ने दिया पार्टी से इस्तीफा

    फरीदकोट: चुनावों से पहले नेताओं के पार्टी छोड़कर अन्य पार्टियों में जाने के मामले सामने आने लगे है। वहीं ताजा मामला फरीदकोट से सामने आया है। जहां अकाली दल को बड़ा झटका देते हुए सीनियर उप-प्रधान विजय छाबड़ा ने इस्तीफा दे दिया है। इस संबंधी जानकारी खुद विजय छाबड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके दी है। उनके इस्तीफा देने की पोस्ट के बाद से ही चर्चा चल रही है कि वह भाजपा में शामिल होंगे। 

    बता दें विजय छाबड़ा 2021 में भाजपा के जिला प्रधान पद से इस्तीफा देकर अकाली दल में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है उस समय उन्होंने भाजपा पर लापरवाही के आरोप लगाए और अब यही आरोपी अकाली दल पर लगा रहे हैं। इस समय वह अकाली दल के सीनियर उप प्रधान के पद पर कार्यरत थे। यह भी जानकारी मिली है कि पार्टी द्वारा पिछले महीने फरीदकोट शहरी प्रधान पद पर सतीश ग्रोवर को नियुक्त करने पर विजय छाबड़ा नाराज चल रहे थे। 

  • पंजाबः HC के फैसले के बाद आप सरकार पर जमकर बरसे नवजोत सिद्धू

    पंजाबः HC के फैसले के बाद आप सरकार पर जमकर बरसे नवजोत सिद्धू

    संगरूर: माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के बाद बहाल हुई पंजाब की पंचायतों ने शनिवार को गुरुद्वारा मस्तुआना साहिब में इकट्ठे होकर वाहेगुरु का शुक्रिया करने के लिए धार्मिक समागम का आयोजन किया। समागम दौरान विशेष तौर पर पहुंचे पीपीसीसी पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर पंजाब सरकार खिलाफ आक्रामक रूख में दिखाई दिए। सिद्धू ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सरपंच-पंचों के हक छीनने की कोशिश की गई, जिसके खिलाफ वह पहले दिन से सरपंच-पंचों के साथ खड़े हैं।

    सरपंच-पंचों ने अदालत की मदद से बहाली का फैसला करवाकर जहां इतिहास रचा है, वहीं पंजाब सरकार को मुंह की खानी पड़ी है। पंचायतों ने अपनी ताकत दिखा दी है और पंजाब सरकार को धूल चाटने पर मजबूर कर दिया। सिद्धू ने मान सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने पंचायतों को समय से पहले भंग करके बेहद गलत फैसला लिया था, जिसका उन्होंने सख्त विरोध किया। जनता के चुने हुए नुमाइंदे सरपंच-पंचों को कांग्रेस ने विशेष ताकत दी थी व उन्हें आत्मनिर्भर बनाया था।

    लेकिन आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार इनके हकों को छीनकर अपनी कठपुतली बनाने की कोशिश की व पंजाब के 12 हजार गांवों की पंचायतों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए अपने हक बहाल करवाने में सफलता हासिल की। पंचायतों ने साबित कर दिया है कि पंचायतें न तो कमजोर हैं व न ही सरकार की धक्केशाही को सहन करने वाली हैं। सरपंचों को 25 हजार रुपये व पंचों को 10 हजार रुपये मासिक मानभत्ता देने का वादा करने वाली पंजाब सरकार ने आज तक वादा पूरा नहीं किया।

    सिद्धू ने कहा कि हाईकोर्ट की सख्त फटकार के बाद भी पंजाब सरकार अपनी घिनौनी हरकतों से बाज आने की बजाए। अब नई वार्डबंदी की आड़ में सरपंच-पंचों की जमीनी पकड़ को कमजोर करने की खातिर वार्डों को तोड़ रही है। कहीं वार्डों को एससी, कहीं महिला एससी व कहीं जनरल वार्ड बनाए जा रहे हैं व इलाकों में कांट-छांट कर रही है। सिद्धू ने कहा कि आज पंचायतों ने उन्हें लिखित तौर पर पत्र देकर इन मुद्दों से अवगत करवाया है। ऐसे में उनकी पंजाब सरकार को सख्त चेतावनी है कि सरकार अपनी हरकतों से बाज आए। अन्यथा पंजाब की पंचायतें सरकार का तख्ता पलटने से गुरेज नहीं करेंगे। पंचायतों को दबाने की खातिर सरकार सरपंच-पंचों पर केस दर्ज करने, धमकाने, विजिलेंस जांच के हथकंडे अपना रही है व लोकतंत्र का हनन कर रही है।

  • पंजाब : मजदूर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर किया रोष प्रदर्शन, देखें वीडियो

    पंजाब : मजदूर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर किया रोष प्रदर्शन, देखें वीडियो

    मोगा : मजदूर यूनियन की तरफ से अपनी मांगों को लेकर दाना मंडी में रोष प्रदर्शन किया गया। मजदूर यूनियन के कुलदीप सिंह ने कहा सीएम भगवंत मान ने लगभग एक साल पहले हमारी मजदूरी में 25% बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो अब तक लागू नहीं हुई है। केवल घोषणा ही रह गई है। हम सभी मजदूर संघ की मांग है कि वेतन में 25% की बढ़ोतरी की जाए और इसे जल्द लागू किया जाए । मजदूरों ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल की सरकार के दौरान हमें 25% का इजाफा मिला था। लेकिन उसके बाद कई सरकारें आकर चली गई। लेकिन किसी भी तरह की मजदूरी में बढ़ोतरी नही हुई।

    जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाती तब तक हड़ताल जारी रहेगी। मजदूरों ने ऐलान किया है कि बाहर से किसी भी मजदूर को मोगा मंडी में काम नही करने दिया जाएगा। मजदूर यूनियन के कुलदीप सिंह ने कहा सीएम भगवंत मान ने लगभग एक साल पहले हमारी मजदूरी में 25% बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जो अब तक लागू नहीं हुई है, केवल घोषणा ही रह गई है।

    मजदूरों ने ऐलान करते हुए कहा कि हमारी यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी। जब तक हमारी मांगे सरकार मान नहीं लेती। आढ़ती दीपक तायल ने कहा की लेबर की मांग जायज है और सरकार उनके साथ मजाक कर रही है। मंडियों में लेबर की हड़ताल के कारण धान की खरीद बंद है। कुछ किसान धान लेकर आए है, लेकिन उनकी धान ट्रालियों से उतारी नही गई।