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  • पंजाबः श्री हरमंदिर साहिब के बुजुर्ग से की गई मारपीट, SGPC सचिव बोले- सेवादारों को किया जाएगा Suspended

    पंजाबः श्री हरमंदिर साहिब के बुजुर्ग से की गई मारपीट, SGPC सचिव बोले- सेवादारों को किया जाएगा Suspended

    अमृतसरः श्री दरबार साहिब अमृतसर की परिक्रमा में एक बुजुर्ग के साथ धक्के मारने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक आज सुबह जब पालकी साहिब को श्री हरमंदिर साहिब ले जाया गया, उसी दौरान एक बुजुर्ग आदमी जो सीढ़ियों पर बैठा था, एसजीपीसी के कर्मचारियों ने उन्हें घसीटा और पीटा। जिसका वीडियो वहां के एक श्रद्धालु ने बना लिया।

    करीब 20 सेकेंड के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारी किस तरह से बुजुर्ग को खींच कर पीट रहे हैं। इस संबंध में जब हमने सचिव शिरोमणि समिति कुलविंदर सिंह रामदास से बात की तो उन्होंने कहा कि एसजीपीसी अध्यक्ष की ओर से स्पष्ट संदेश आया है कि वीडियो में दिख रहे कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो श्री हरमंदिर साहिब की गरिमा को ठेस पहुंचाए।

  • जालंधरः बस्ती दानिशमंदा गोलीकांड मामला, पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन

    जालंधरः बस्ती दानिशमंदा गोलीकांड मामला, पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन

    जालंधर/हर्षः महानगर में बीते माह बस्ती दानिशमंदा में हुए गोलीकांड को लेकर पीड़ित परिवार झूठे पर्चे दर्ज कराने के रोष में गुरु रविदास चौक जाम करके, पुलिस प्रशासन और आप सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। बता दें कि बस्ती दानिशमंदन में करीब 2 महीने पहले दीपू नाम के युवक के साथ कुछ युवकों का विवाद हुआ था।

    जिसके बाद पुलिस ने बस्ती दानिश्मंदा के युवक सुंदर और उसके भाई पर मामला दर्ज कर दिया था। मामले की जानकारी देते हुए सुंदर ने बताया कि वह अपने घर में थे और उनका कोई लेन-देन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दी गई है।

    पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने उनका राजीनामा भी करवा दिया था, लेकिन पर्चा रद्द करने की रिपोर्ट जानबूझकर नहीं बनाई जा रही। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन उन पर विधायक के दफ्तर जाकर बात करने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं, जबकि वह विधायक के ऑफिस नहीं जाना चाहते। पीड़ित परिवार का कहना है कि हमें इंसाफ चाहिए इसलिए वह धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • सरकार का एक्शनः 114 करोड़ की व्यूअरशिप वाले 8 YouTube चैनल किए ब्लॉक

    सरकार का एक्शनः 114 करोड़ की व्यूअरशिप वाले 8 YouTube चैनल किए ब्लॉक

    नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने 114 करोड़ की व्यूअरशिप वाले 8 यूट्यूब न्यूज चैनलों को गलत सूचना देने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। जिन आठ यूट्यूब चैनलों को सरकार ने बैन किया है, उनकी कुल दर्शकों की संख्या 114 करोड़ से अधिक बतायी जा रही है। सरकार ने इन चैनलों को दुष्प्रचार फैलाने के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। सरकार ने एक प्रेस बयान में यह घोषणा की।

    सात भारत से और एक पाकिस्तान का

    बैन किये गए यूट्यूब के कुल समाचार चैनलों में से सात भारत से हैं और एक पाकिस्तान का है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ब्लॉक किये गए चैनलों द्वारा भारत विरोधी फेक कंटेंट का मौद्रीकरण किया जा रहा था। सरकार ने कहा कि चैनल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था के बारे में गलत सूचना फैला रहे थे।

  • पंजाबः हाईप्रोफाइल 6000 करोड़ के ड्रग रैकेट मामले की सुनवाई से हटे 2 जज

    पंजाबः हाईप्रोफाइल 6000 करोड़ के ड्रग रैकेट मामले की सुनवाई से हटे 2 जज

    चंडीगढ़ः पंजाब में हाईप्रोफाइल ड्रग रैकेट मामले को लेकर बड़ी ख़बर सामने आई है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के 2 जजों ने 6,000 करोड़ रुपये के ड्रग रैकेट मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। जस्टिस एजी मसीह जस्टिस आलोक कुमार सुनवाई से हट गए है। जस्टिस आलोक कुमार ने कहा कि वह इस मामले में केंद्र के वकील रहे हैं। इस वजह से वह सुनवाई से हट गए। अब इस मामले में चीफ जस्टिस की ओर से नई बेंच का गठन किया जाएगा।

    हाल ही में जेल से छूटे पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया का नाम इसी ड्रग्स रैकेट में आया था। 2012 में शुरू हुए इस केस में पहली एफआईआर फतेहगढ़ साहिब में दर्ज की गई और शुरुआती स्टेज में यह केस भी दूसरे सामान्य मामलों की तरह लगा। इसमें सियासी भूचाल तब मचा जब 2014 में पेशी पर आए केस के मुख्य आरोपी और पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी जगदीश भोला ने तत्कालीन रेवेन्यू मिनिस्टर बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम ले लिया। तब उन्हें क्लीन चिट मिल गई। मजीठिया के खिलाफ पिछली कांग्रेस सरकार ने केस दर्ज कर उन्हें जेल भेजा।

    सिंथेटिक ड्रग तस्करी मामले में फतेहगढ़ साहिब और बनूड़ थाने में सबसे पहले 2 केस दर्ज हुए। उसके बाद पंजाब के अलग-अलग जिलों में 5 और केस दर्ज किए गए। इनमें से 4 मामलों में जगदीश भोला बरी हो गया जबकि 3 अन्य केसों में जगदीश भोला को 10, 12 और 2 साल की सजा हुई। भोला के अलावा 18 अन्य लोगों को भी इन केसों में 6 महीने से 15 साल तक की कैद हो चुकी है। इस मामले में 51 लोग गिरफ्तार किए गए थे। जिनसे 71 वाहन, 13 हथियार और भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग बरामद की गई।

  • पंजाबः मान सरकार का बड़ा ऐलान, 4358 कांस्टेबलों को देंगे नियुक्ति पत्र

    पंजाबः मान सरकार का बड़ा ऐलान, 4358 कांस्टेबलों को देंगे नियुक्ति पत्र

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान चुनाव के दौरान पंजाबियों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस बीच पंजाब सरकार पंजाब के युवाओं को एक और तोहफा दे रही है। दरअसल सीएम मान कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 23 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान 4358 कांस्टेबलों को चंडीगढ़ में आयोजित एक समारोह में नियुक्ति पत्र देंगे। बता दें कि पंजाब सरकार युवाओं के लिए अलग-अलग विभागों में नौकरियों का नोटिफिकेशन भी जारी कर चुकी है।

  • पंजाबः महिला आयोग के पास पहुंचा आप विधायक पठानमाजरा का विवाद, जानें कितने दिनों में मांगी रिपोर्ट

    पंजाबः महिला आयोग के पास पहुंचा आप विधायक पठानमाजरा का विवाद, जानें कितने दिनों में मांगी रिपोर्ट

    चंडीगढ़ : सन्नौर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा पर उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला पंजाब महिला आयोग तक पहुंच गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने प्रशासन से 3 से 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

    मनीषा गुलाटी के मुताबिक रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों पक्षों से बात कर मामले को सुलझा लिया जाएगा। मनीषा गुलाटी ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों की सुनी जाएगी और अगर जरूरत पड़ी तो सरकार से सहायता भी ली जाएगी। 

    बता दें कि पठानमाजरा का एक कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके साथ ही उनकी दूसरी पत्नी द्वारा विधायक पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। महिला ने जीरकपुर पुलिस थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। यहीं नहीं महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि विधायक पठानमाजरा उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। 

  • पंजाबः अब मान सरकार के रडार पर पूर्व सीएम कैप्टन, करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट घोटाले की होगी विजिलेंस जांच

    पंजाबः अब मान सरकार के रडार पर पूर्व सीएम कैप्टन, करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट घोटाले की होगी विजिलेंस जांच

    चंडीगढ़ः पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के दौरान कृषि मशीनरी की खरीद में 150 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। प्रदेश में तीन साल में खरीदी गई 11,275 मशीनों का कुछ पता नहीं है। इन मशीनों की खरीद के लिए केंद्र से 1178 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली थी। विभागीय जांच में घोटाले के साक्ष्य मिलने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल ने विजिलेंस जांच की सिफारिश की है।

    इसके बाद उस समय कृषि मंत्रालय संभाल रहे पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पंजाब में 2018-19 से 2021-22 के दौरान किसानों को 90,422 मशीनें बांटी गईं। कृषि कार्यों के लिए इन मशीनों की खरीद के लिए केंद्र की ओर से सब्सिडी भी आई। आम आदमी पार्टी (आप) के सत्ता में आते ही मशीनों की खरीद में हुए घोटाले का पर्दाफाश होने लगा। कृषि मंत्री ने जिले के कृषि अधिकारियों से मशीनों का फिजिकल ऑडिट कराया। इस दौरान 3 जिलों में मशीनों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके साथ ही कुछ जिलों में मशीनें किसे दी गईं, इसका पूरा रिकॉर्ड नहीं मिल सका। 13 फीसदी मशीनें गायब पाई गईं। घोटाले की पुष्टि होते ही मंत्री ने जांच विजिलेंस को सौंप दी।

    बता दें कि जिस वक्त यह घोटाला हुआ उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कृषि मंत्रालय को संभाला था। मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा कि मशीनों का समुचित वितरण सुनिश्चित करना कैप्टन की जिम्मेदारी है। इस मामले में कैप्टन से भी पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ी तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार 150 करोड़ रुपये वसूल करेगी और जांच के दौरान आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

  • पंजाब: 4 व्यक्तियों ने युवक का किया कत्ल

    पंजाब: 4 व्यक्तियों ने युवक का किया कत्ल

    फरीदकोट: राज्य में क्राइम की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन कत्ल के मामले पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं अब फरीदकोट से मामला सामने आया है, जहां गांव अरियां वाला में आपसी लड़ाई में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह वारदात बीती देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गांव के ही 4 व्यक्तियो ने युवक को मौत के घाट उतार दिया।  मृतक की पहचान सोहन सिंह के रूप में हुई है। सोहन सिंह की उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • काम में लापरवाही बरतने पर 5 अधिकारी निलंबित, देखे लिस्ट

    काम में लापरवाही बरतने पर 5 अधिकारी निलंबित, देखे लिस्ट

    चंडीगढ़: काम में लापरवाही बरतने पर वित्त सचिव विजय नामदेवराव जेड़े ने बुधवार को एस्टेट ऑफिस के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई समीक्षा बैठक के बाद की गई, जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें सीनियर असिस्टेंट शिव कुमार, अमनजोत सिंह, सरोज, शशि नागर और जूनियर असिस्टेंट सुनील पायल शामिल हैं। वित्त सचिव ने लंबित कार्यों के मामले को गंभीरता से लेते यह कार्रवाई की। वित्त सचिव ने बुधवार को एस्टेट ऑफिस के सभी विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। बैठक में उन्होंने विस्तार से सभी कार्यों के बारे में जानकारी ली। 

    इसमें प्रमुख रूप से लीज होल्ड, किराए की संपत्तियों के लंबित बकाया की वसूली, कब्जे में ली गई संपत्तियों पर कब्जा, खाली प्लॉटों व लंबे समय से लंबित आवेदनों के निपटान के कार्य शामिल थे। प्रशासन के अनुसार इन सभी कार्यों के संबंध में जवाब को लेकर अधिकारियों को समय दिया गया था लेकिन वह समय सीमा में उचित जवाब नहीं दे पाए। वित्त सचिव ने कहा कि ये अधिकारी अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह करने में विफल रहे, जिससे प्रशासन को वित्तीय नुकसान हुआ है इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। बैठक में डीसी विनय प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
    वैसे तो यूटी प्रशासन के एस्टेट ऑफिस की कार्यप्रणाली पर हमेशा ही सवाल उठते रहे हैं। यहां लोगों को चक्कर काटना आम बात है लेकिन जब विभाग में सेवाएं ऑनलाइन की गईं तो उम्मीद बंध गई कि काम कुछ तेजी से होंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका। काम आज भी उसी धीमी गति से हो रहे हैं।

  • पंजाब: अजब लुका-छिपी का खेल खेलकर मां ने 9 साल की बच्ची का किया कत्ल

    पंजाब: अजब लुका-छिपी का खेल खेलकर मां ने 9 साल की बच्ची का किया कत्ल

    होशियारपुर: जिलें में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने लुका-छिपी के खेल में पहले अपनी 9 साल की बेटी को पानी की टंकी में डुबोया और फिर बेटे को फांसी पर लटकाकर खुद भी फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि महिला मानसिक रूप से परेशान थी। मां ने पहले लुका-छिपी खेलने के बहाने बेटे को फंदा लगाने का प्रयास किया और फिर अपनी 9 वर्षीय बेटी को पानी की टंकी में डुबो कर खुद आत्महत्या कर ली। इस घटना में लड़की की मां और लड़की की मौत हो गई, लेकिन लड़का किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा। ‌‍मृतक महिला के पति कुलविंदर सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वह मिजार्पुर गांव का रहने वाला है और यहां होशियारपुर के फोकल प्वाइंट में रह रहा है। 

    उसकी पत्नी विद्या मानसिक रूप से परेशान रहती थी और गत दिन उसने घर में लुका-छिपी खेलने के लिए बच्चों की आंखों पर पट्टी बांध दी थी, जिसके बाद उसने पहले अपनी बेटी की आंखों पर पट्टी बांधी और उसके हाथ बांधकर पानी की टंकी में डूबो गया। इसके बाद लड़के को भी फांसी पर लटका दिया गया और बाद में उसने खुद भी आत्महत्या कर ली। 

    उन्होंने कहा कि लड़का किसी तरह खुद को बचाने में कामयाब रहा लेकिन उसकी बेटी और पत्नी की मौत हो चुकी थी। पुलिस को जानकारी मिलते ही एएसआई जगदीश कुमार मौके पर पहुंचे। साथ ही थाना मॉडल टाऊन के इंस्पैक्टर बलविंदर कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस द्वारा मामले की जांच कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी गई है।