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बाबा साहेब का जीवन समर्पण और संघर्ष की मिसाल: कृष्ण बेदी
चंडीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि डा. भीमराव अम्बेडकर ने सर्व समाज की भलाई के लिए सभी को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी रविवार को चण्डीगढ सेक्टर 3 निज निवास स्थान पर डा. भीमराव अम्बेडकर जंयती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। श्री बेदी ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के साथ चण्डीगढ से दिल्ली के लिए संविधान बस यात्रा को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इन तीन बसों में श्रद्वालु दिल्ली स्थित अलीपुर रोड़ पर बाबा साहेब के स्मारक के दर्शन करेंगी। जहां पर बाबा साहेब ने अंतिम सांस ली थी। -

MI vs RCB : मुंबई इंडियंस ने जीता टॉस, बेंगलुरु करेगी पहले बल्लेबाजी, देखें Playing-11
MI vs RCB : आईपीएल मुकाबले में Mumbai Indians के कप्तान Hardik Pandya ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं, जिससे मैच से पहले रणनीति में बदलाव साफ नजर आ रहा है। मुंबई की टीम से Allah Ghazanfar और Deepak Chahar को बाहर किया गया है। उनकी जगह स्पिनर Mayank Markande और ऑलराउंडर Mitchell Santner को शामिल किया गया है।Toss @mipaltan won the toss and elected to bowl first against @RCBTweets in Match 2⃣0⃣
Updates ▶️ https://t.co/q1MGJfD2d8#TATAIPL | #KhelBindaas | #MIvRCB pic.twitter.com/7BNixOh88c — IndianPremierLeague (@IPL) April 12, 2026वहीं, Royal Challengers Bengaluru ने भी अपनी टीम में एक बदलाव किया है। तेज गेंदबाज Josh Hazlewood की जगह न्यूजीलैंड के Jacob Duffy को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया गया है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला काफी रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां एक ओर मुंबई की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप है, वहीं बेंगलुरु की बल्लेबाजी में अनुभवी और आक्रामक खिलाड़ी मौजूद हैं।
मुंबई इंडियंस की प्लेइंग XI: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रायन रिकेलटन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, मयंक मारकंडे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग XI: रजत पाटीदार (कप्तान), फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जेकब डफी, सुयश शर्मा। -

अम्ब में दुकान से 17.99 ग्राम चिट्टा बरामद, आरोपी गिरफ्तार
ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिला के पुलिस थाना अम्ब के तहत एस टी एफ कांगड़ा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को चिट्टा (हेरोइन) के साथ पकड़ा है। जानकारी के अनुसार दिनांक 11 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आदर्श नगर अम्ब निवासी भागमल उर्फ बब्बू की दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान दुकान के अंदर से 17.99 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी भागमल उर्फ बब्बू, जो कि विश्वकर्मा सर्विस प्वाइंट के नाम से दुकान चलाता है, के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। -

‘किताबें ही सबसे बड़ी ताकत’, रणबीर गंगवा का संदेश
चण्डीगढ: लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा है कि भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर का जीवन यह साबित करता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद, शिक्षा और अध्ययन से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने यह बात हिसार के गांव बालक के संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जिन्हें हम बाबा साहेब के नाम से जानते हैं, उनका जीवन व संघर्ष पुस्तकों और ज्ञान के प्रति समर्पण का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने न केवल किताबें पढ़ीं, बल्कि ज्ञान के दम पर एक दबे-कुचले समाज को सशक्त बनाया।
उन्होंने उपस्थित युवाओं को पुस्तकों को अपना मित्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि बाबा साहब ने भी यह बात कही है कि शिक्षा और ज्ञान ही सामाजिक/आर्थिक परिवर्तन की कुंजी है। इसीलिए शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। उनका प्रसिद्ध नारा था। उन्होंने गांव बालक में पुस्तकालय की किताबों की उपलब्धता के लिए 5 लाख रुपए की राशि भी देने की घोषणा की। इस अवसर पर बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।
बाबा साहेब की सोच के अनुरूप हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना व आयुष्मान भारत जैसी अनेक योजनाओं को लागू किया है जिनका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। हरियाणा सरकार द्वारा “संत महापुरुष विचार प्रसार योजना” चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य संतों, महापुरुषों और महान विभूतियों-जैसे बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है। प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन और कौशल विकास कार्यक्रम तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडो लक्ष्मी जैसी विशेष योजनाएं चलाई गई है। हरियाणा सरकार “अंत्योदय” के सिद्धांत पर चलते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज का कोई भी वर्ग विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।
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उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली उत्सव में सजे बाजार, दुकानों व झूलों का किया अवलोकन
रंग-बिरंगे बाजार ने बढ़ाई उत्सव की रौनक, स्वाद और खरीदारी का अनूठा संगम ऊना/सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री एवं हरोली के विधायक मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को राज्य स्तरीय हरोली उत्सव–2026 के अंतर्गत सजे बाजार, विभिन्न दुकानों और झूलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उपमुख्यमंत्री ने उत्सव परिसर में लगे विभिन्न उत्पादों, हस्तशिल्प वस्तुओं तथा फास्ट फूड स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए व्यापारियों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि हरोली उत्सव क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, साथ ही स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को व्यापक मंच प्रदान करता है। उधर, उत्सव में सजा रंग-बिरंगा बाजार लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां पारंपरिक स्वाद और आधुनिक खान-पान का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। हिमाचली सिड्डू की खुशबू के साथ राजस्थानी देसी व्यंजन, कचौरी, जलेबी और दाल-बाटी चूरमा लोगों को लुभा रहे हैं। वहीं पंजाबी छोले, कुलचे, भटूरे और टिक्की के स्टॉल भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। मोजिटो सहित विविध पेय पदार्थों के स्टॉल युवाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। खरीदारी के शौकीनों के लिए रेडीमेड कपड़ों, आकर्षक बर्तनों और पंजाबी जूते-चप्पलों के स्टॉल पर अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है। बच्चों के लिए लगाए गए झूलों और किताबों के स्टॉल ने उत्सव में अलग ही रंग घोल दिया है, जहां नन्हे-मुन्ने पूरे उत्साह के साथ आनंद लेते नजर आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, इंडो फार्म ट्रैक्टर सहित आधुनिक कृषि उपकरणों के प्रदर्शन ने किसानों का ध्यान आकर्षित किया है। वहीं एल्युमीनियम मेटल से बने दरवाजे, खिड़कियां, दुकानों के शेल्फ और ऑफिस काउंटर तैयार करने वाली सामग्री के प्रदर्शनी काउंटर भी लगाए गए हैं, जो उत्सव को व्यापारिक और उपयोगी दृष्टि से भी विशेष बना रहे हैं। इस दौरान एसडीएम हरोली विशाल शर्मा ने उपमुख्यमंत्री को मेले की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया। सोमभद्रा तट पर हरोली मैदान रोड़ा में सजे इस उत्सव में बड़ी संख्या में स्थानीय एवं बाहरी लोगों की उपस्थिति देखने को मिल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल बना हुआ है। -

Health Tips : तांबे के बर्तन में पानी पीने के क्या हैं फायदे, जानें एक्सपर्ट की राय
Health Tips : भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में पानी पीने की आदत बहुत पुरानी है। हमारे बड़े-बुजुर्ग भी इसे सेहत के लिए अच्छा मानते थे। आयुर्वेद में भी तांबे के पानी को फायदेमंद बताया गया है। आजकल जब लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने लगे हैं, तो तांबे के बर्तन फिर से ट्रेंड में आ गए हैं। माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर को साफ (डिटॉक्स) करता है, पाचन को बेहतर बनाता है और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन हर चीज की तरह इसका सही तरीके से और सही मात्रा में इस्तेमाल जरूरी है, क्योंकि कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकता है। तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे- बैक्टीरिया खत्म करने में मदद तांबे में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसका मतलब है कि यह पानी में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करता है, जिससे शरीर संक्रमण से बच सकता है।
- पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है तांबे का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है। यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
- मेटाबॉलिज्म सुधारता है नियमित रूप से तांबे का पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे वजन को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
- खून की कमी में मददगार तांबा शरीर में आयरन के अवशोषण (absorption) को बढ़ाता है। इससे हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद मिलती है और एनीमिया जैसी समस्या से राहत मिल सकती है।
- जिनको लीवर से जुड़ी समस्या है अगर किसी को लीवर की बीमारी है, तो ज्यादा तांबा शरीर में जमा होकर नुकसान कर सकता है।
- छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं इनके लिए ज्यादा तांबे का सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
- जिनको उल्टी या पेट की समस्या रहती है तांबे का ज्यादा पानी पीने से उल्टी, मतली या पेट दर्द हो सकता है।
- ज्यादा मात्रा में सेवन करने वाले लोग अगर कोई बहुत ज्यादा तांबे का पानी पीता है, तो इससे शरीर में तांबा बढ़ सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है।
- पानी को तांबे के बर्तन में रात भर (6–8 घंटे) रखें
- सुबह खाली पेट एक गिलास पानी पिएं
- दिन भर बार-बार इसका सेवन न करें
- बर्तन को नियमित रूप से साफ करते रहें
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भागवत कर्म प्यार का शास्त्र है, भागवत कथा सुनने से ही होता है कर्तव्यों का बोध: भागवत शरण जी महाराज
बोले, भक्त को अपनी भक्ति व भगवान पर विश्वास रखना चाहिएऊना/सुशील पंडित: देवभूमि हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना की ग्राम पंचायत बदोली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य भागवत शरण जी महाराज ने अपने मुखारविंद से प्रवचनों की बौछार करते हुए कहा कि बिना भाव के भगवान कीमती से कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते। यदि हम भाव से भगवान को एक फूल ही चढ़ा दें तो प्रभु प्रसन्न हो जाते हैं और जिस व्यक्ति में ईश्वर प्रेम का भाव पैदा हो जाए, तो उसे ईश्वर की लग्न लगी रहती है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म लीला, पूतना वध, गोवर्धन पूजा, माखन चोरी व चीर हरण लीलाओं का वर्णन बड़े ही सहज विस्तार से सैंकड़ों की तादात में बैठे श्रद्धालुओं को समझाया। आचार्य भागवत शरण जी ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा विस्तार से सुनाते हुए बताया कि जब श्रीकृष्ण के पैदा होने की खबर राजा कंस को मिली, तो वह कारागार में पहुंचा। वहां कन्या को देखकर पत्थर पर पटक कर मारना चाहा तो कन्या हाथ से छूट कर यह कहते हुए आकाश में चली गई कि तेरा मारने वाला ब्रज में पैदा हो चुका है। इसके बाद वह राक्षसों को ब्रज भेजता है, किंतु वे कृष्ण का कुछ नहीं कर पाते हैं। इसके अलावा उन्होंने श्रीकृष्ण की माखन लीला, गोवर्धन लीला व बाल लीलाओं के दृश्यों का संजीव चित्रण किया गया। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उनको मौत के घाट उतारने के लिए अपने राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षस पूतना को भेजता है। पूतना वेष बदलकर भगवान श्री कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, लेकिन भगवान श्री कृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण उनको भगवान इन्द्र की पूजा करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजा करने की बात कहते हैं। इन्द्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं। वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। जिसको देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत के नीचे बुला लेते हैं। जिससे हार कर इन्द्र एक सप्ताह के बाद बारिश को बंद कर देते हैं। इस दौरान आचार्य भागवत शरण जी ने सैंकड़ो की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को भक्ति रस में रंग दिया। उन्होने भगवान श्री कृष्ण की रास लीलाओं का वर्णन करते हुए श्री कृष्ण और गोपियों के मधुर मिलन और उनके श्री कृष्ण के प्रति स्नेह को विस्तार से श्रद्धालुओं को बताया। उन्होने बताया कि भगवान की प्रथा और संतो के मिलने से ही प्रभु भक्ति की धारा उत्पन्न होती है और वह समय इतना अनमोल होता है कि भगवान भी इसकी कीमत नहीं चुका सकते। उन्होंने बताया कि भगवान की भक्ति करने का एकमात्र यही रास्ता है कि हम कथा सुनने के माध्यम से ही भगवान के साक्षात दर्शन कर सकते हैं। उन्होने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी माया से किस प्रकार कामदेव को भी परास्त कर दिया था, क्योंकि कामदेव गोपियों को पाना चाहते थे लेकिन श्री कृष्ण ने कामदेव को भी युद्ध करने तक चुनौती दे दी थी। और गोपियां श्री कृष्ण का रसपान करती थी। उन्होने कहा कि भागवत गीता हमें कर्मशील ही नहीं बनाती, अपितु हमें जीवन और सृष्टि के सार का भी बोध करवाती है। उन्होंने कहा कि गीता कर्म एक प्यार का शास्त्र है। गीता कभी यह नहीं कहती कि काम छोड़ कर मुझे पढ़ो। बल्कि गीता पड़ने से ही कर्तव्यों का बोध होता है और कर्तव्य परायणता में भी निखार आता है। उन्होंने कहा कि हमें कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए, यह भी गीता ही हमें सिखाती है। क्योंकि इस संसार में पूरा जीवन घमंड में बिताने वालों को भी अंत समय में अपनी सोच बदलनी पड़ती है। जिन नश्वर चीजों को लेकर हम घमंड करते हैं, वह सभी यहीं रह जाती हैं। खाली हाथ संसार में आने वाले व्यक्ति खाली हाथ ही तो जाना होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा ही मनुष्य को इस दुखी संसार व अधंकारी जीवन से मुक्ति दिलाती है। इसलिए इस मानव रूपी नश्वर जीवन में श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण बहुत जरूरी है। उन्होंने द्रोपदी का प्रसंग सुनाते कहा कि भक्त के ऊपर जब भी कष्ट आते हैं, तब भगवान न तो व्यवस्था देखते हैं और न ही अवस्था। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री कृष्ण ने द्रोपदी चीरहरण के दौरान साड़ी़ बनकर अपनी प्रिय भक्त की लाज बचाई थी। उसी प्रकार भगवान किसी न किसी रूप में अपने प्रिय भक्तों की मदद करते हैं। भक्त को अपनी भक्ति व भगवान पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि समझदार उसे कहते है, जो दूसरों की गलती से सीख लें। जबकि समय ऐसा है कि आधुनिक युग के लोग दुर्योधन के नक्श-ए-कदम पर चलते हैं, जो आगे चलकर विनाश का कारण ही बनते रहे हैं। उन्होंने कहा कि मन को यदि अपने प्राकृतिक रूप में रहने दिया जाए, तो उसकी कल्पनाएं अनगढ़ एवं अनियंत्रित होती हैं। मनुष्य कभी भी कुछ भी सोच सकता है, कभी यह, कभी वह, कल्पना की उड़ानों में ऐसी बातें भी सम्मिलित रहती हैं, जिनकी कोई सार्थकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति प्रभु की शरण में जाता है, भगवान उसका बेड़ा पार लगा देते हैं। प्रभु का नाम लेने से सब पाप धुल जाते हैं। इस दौरान उन्होंने हरे कृष्ण, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे हरे, हरे राम, हरे रामा, राम- राम हरे हरे हरे आदि भजन सुनाकर श्रधालुओं को भगवान के नाम का जाप करवाया। -

Punjab News : कपड़ा व्यापारी पर नकाबपोश युवकों ने किया धारदार हथियार से हमला, देखें वीडियो
अमृतसरः जिले के मुस्तफाबाद इलाके में अज्ञात युवकों ने एक कपड़े व्यापारी पर धारदार हथियारों से हमला करने का मामला सामने आया है। जहां, मुस्तफाबाद इलाके में कुछ अज्ञात युवकों ने दिन-दहाड़े एक कपड़े के व्यापारी पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। जिससे व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित ‘मदन क्लॉथ हाउस’ का मालिक बताया जा रहा है। यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे हुई। चार युवक चेहरा ढंककर दुकान के आसपास घूमते रहे और फिर ग्राहक बनकर दुकान के अंदर घुस गए। जैसे ही ग्राहक दुकान से बाहर निकले, उन्होंने अचानक दुकानदार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आईं।
वहीं, पीड़ित ने आरोप लगाते हुए बताया कि हमलावर बैग से करीब 10,000 रुपये लेकर फरार हो गए। मैं पिछले 35 सालों से यह कारोबार कर रहे हैं और ऐसी घटना पहली बार हुई है। उन्होंने कहा कि इस घटना से इलाके में डर का माहौल बन गया है। पुलिस प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए ताकि मुझे इंसाफ मिल सके।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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खड्ड कॉलेज पहुंचने पर प्राचार्य ने किया स्वागत, खड्ड कॉलेज पहुंचने पर प्राचार्य ने किया स्वागत
ऊना/सुशील पंडित: मोहन लाल दत्त राजकीय महाविद्यालय खड्ड में कार्यरत सहायक प्रोफेसर लखबीर सेनी एन सी सी में लेफ्टिनेंट बने हैं । खड्ड कॉलेज में पहुंचने पर वेलकम कार्यक्रम का आयोजन किया गया । महाविधालय में कार्यकारी प्राचार्य प्रो राकेश शर्मा की अध्यक्षता में महाविधालय की ओर से लेफ्टिनेंट बने लखबीर का स्वागत किया गया । एन सी सी के 6 एच पी आई कंपनी ऊना के सभी कैडेट ने भी लेफ्टिनेंट को सम्मानित किया । इस मौके पर संस्थान की सहायक प्रोफेसर डॉ आरती शर्मा , प्रो वीरेंद्र सिंह , प्रो मनी राम, नरेश कुमार व मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यकारी प्राचार्य प्रो राकेश शर्मा ने महाविद्यालय के प्रो लखबीर सेनी के उज्जवल भविष्य की कामना की ।बता दें कि लखवीर सेनी मूलतः हरौली क्षेत्र के गांव धर्मपुर के निवासी है । ओर उन्होंने महाराष्ट्र में आर्मी आफिसर ट्रेनिंग में ओ टी ए का प्रशिक्षण प्राप्त कर लेफ्टीनेंट रैंक प्राप्त किया है । वर्तमान में लखवीर हरौली कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है । लेफ्टिनेंट ने सफलता का श्रेय माता पिता व गुरुजनों को दिया है । -

Harpal Singh Cheema का ऐलान: PRTC और Punbus का बेड़ा होगा मजबूत
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा मजबूत और सुलभ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, राज्य के वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज राज्य के परिवहन नेटवर्क के बड़े विस्तार की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार पेप्सू रोड़ ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पी.आर.टी.सी.) में 659 बसें और पनबस में 606 बसों का बड़ा बेड़ा शामिल करने जा रही है।
परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में किलोमीटर स्कीम के तहत 250 बसें बेड़े में शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा, “राज्य के भीतर अधिकतम रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से यह पहल विशेष रूप से पंजाब के निवासियों को समर्पित थी। इस योजना के तहत बस मालिकों (निजी व्यक्तियों) को अपने वाहनों को अपनी पसंद के अनुसार तैयार कराने की अनुमति दी गई, बशर्ते वे सरकारी मानकों और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।”
पी.आर.टी.सी. के लिए 659 बसों के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु विभाग केवल किलोमीटर स्कीम तक सीमित नहीं है। मंत्री ने बताया कि क्षेत्रीय परिवहन ढांचे के व्यापक आधुनिकीकरण के तहत पी.आर.टी.सी. वर्तमान में 100 मिनी बसों और 309 अन्य मानक बसों की खरीद के लिए सक्रिय टेंडर प्रक्रिया में है।
पनबस के लिए निर्धारित 606 बसों का विवरण देते हुए मंत्री ने कहा कि एक सुनियोजित खरीद योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा, “387 बसों को सीधे पनबस के सामान्य बेड़े में शामिल किया जाएगा, ताकि विभिन्न रूटों पर बढ़ती मांग को तुरंत पूरा किया जा सके। शेष बसें किलोमीटर स्कीम के तहत जोड़ी जाएंगी, जिससे संचालन दक्षता और रूट कवरेज में और सुधार होगा।”
उन्होंने आगे बताया, “इस चरण में 19 पनबस वोल्वो बसें और 100 एचवीएसी बसें शामिल की जाएंगी, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा किलोमीटर स्कीम के तहत 100 सामान्य बसों के शामिल होने से कुल नई पनबस बसों की संख्या 606 हो जाएगी।”
वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पी.आर.टी.सी. और पनबस दोनों के बेड़े में यह ऐतिहासिक विस्तार पूरे पंजाब में कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि नई बसों के शामिल होने से यात्रियों को अधिक आरामदायक, भरोसेमंद और सुलभ यात्रा सुविधा मिलेगी, साथ ही उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।