Blog

  • पंजाबः 3 लाख नशीली गोलियां व 4 लाख की ड्रगमनी सहित आरोपी काबू

    पंजाबः 3 लाख नशीली गोलियां व 4 लाख की ड्रगमनी सहित आरोपी काबू

    अमृतसर: पंजाब पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत नश तस्करी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आरोपियों से 3.63 लाख नशीली गोलियां और 4 लाख रुपए की ड्रगमनी बरामद की है। शहर में पुलिस कमिश्नर  आईपीएस जसकरण सिंह के निर्देशों पर स्पेशल मुहीम चलाई गई है।

    जिसके चलते पुलिस ने दिल्ली और बिहार से 4 और दोषियों को गिरफ़्तार किया है। उनके पास से 3.63 लाख नशीली गोलियां और 4 लाख रूपये ड्रगमनी बरामद की है। गौर हो कि इस मुहिम के तहत अब तक पुलिस ने उत्तराखंड, दिल्ली, बिहार से अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करो को काबू करके 7 लाख 98 हजार 720 नशीली गोलियां, कैप्सूल और 4.29 लाख रूपये ड्रगमनी बरामद कर चुकी है।

  • हमले में घायल सैनिक के सीने में मिला जिंदा बम, जारी की X-Ray की तस्वीर

    हमले में घायल सैनिक के सीने में मिला जिंदा बम, जारी की X-Ray की तस्वीर

    नई दिल्लीः रूस और यूक्रेन के युद्व के बीच एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक यूक्रेनी सैनिक के शरीर में जिंदा बम मिलने के बावजूद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर सैनिक के शरीर से जिंदा ग्रेनेड को बाहर निकाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बखमुत में लड़ाई के दौरान एक जिंदा ग्रेनेड सैनिक के शरीर में चला गया था, जिसे यूक्रेनी सर्जन मेजर जनरल एंड्री वेरबा ने ऑपरेशन कर बाहर निकाल दिया। डॉक्टरों ने यह जानते हुए भी ऑपरेशन का जोखिम उठाया कि बम किसी भी वक्त फट सकता है। विस्फोट के खतरे को देखते हुए दो अन्य सैनिकों की मौजूदगी में जोखिम भरा ऑपरेशन किया गया और बम को शरीर से बाहर निकाला दिया गया।

    सफल हुआ ऑपरेशन

    न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इस हथियार को वीओजी ग्रेनेड के रूप में जाना जाता है। यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, ”हमारे सैन्य डॉक्टरों ने एक वीओजी ग्रेनेड को निकालकर एक मिसाल पेश की है। ऑपरेशन के दौरान सभी चिकित्सकों ने बॉम्ब प्रूफ जैकेट पहनकर रखी थी। उन्होंने अपने मेडिकल गाउन के नीचे सुरक्षा कवच को पहना और इस मुश्किल सर्जरी को सफलता से पूरा कर दिया।

    यूक्रेन ने एक्स-रे की तस्वीर जारी की

    यूक्रेन की सेना ने एक एक्स-रे की तस्वीर भी जारी की है। जिसमें सैनिक के सीने में ग्रेनेड के सटीक स्थान को दिखाया गया है, जबकि एक अन्य तस्वीर में सर्जन को ऑपरेशन के बाद हाथों में विस्फोटक पकड़े हुए दिखाया गया है। बता दें यह घटना उस समय हुई जब रूसी सैनिकों ने बखमुत से पांच मील उत्तर-पूर्व में एक छोटे से नमक खनन शहर सोलेदार पर अपना हमला तेज कर दिया है।

    सैनिक को रिकवरी के लिए भेजा गया

    एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने यूक्रेन के सोलेदार शहर पर नियंत्रण कर लिया है। सशस्त्र बलों ने कहा कि घायल सैनिक को रिकवरी के लिए भेजा गया है। हालांकि, यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने यह नहीं बताया कि सर्जरी कब हुई या ग्रेनेड सैनिक के शरीर में कैसे घुस गया। मामले सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एक यूजर ने लिखा, ”भगवान इस डॉक्टर की रक्षा करें और वह अपने जैसे और डॉक्टर भेजें। भगवान यूक्रेन के लोगों को आशीर्वाद दें।

  • पंजाबः शहीद कांस्टेबल बाजवा के परिवार से मिले सीएम भगवंत मान, देखें वीडियो

    पंजाबः शहीद कांस्टेबल बाजवा के परिवार से मिले सीएम भगवंत मान, देखें वीडियो

    गुरदासपुरः मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बुधवार को पंजाब पुलिस के कांस्टेबल शहीद कुलदीप सिंह बाजवा के पैतृक गांव शाहपुर अमरगढ़ पहुंचे और शहीद कांस्टेबल कुलदीप सिंह बाजवा की मां और दादा के साथ गहरा दुख व्यक्त किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद के परिवार को 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज पंजाब पुलिस के शहीद कॉन्स्टेबल कुलदीप सिंह बाजवा के नाम पर स्टेडियम बनाने और सडक़ का नाम रखने का ऐलान किया है, जिसने समाज विरोधी तत्वों का मुकाबला करते हुए अपनी मातृभूमि की ख़ातिर जीवन कुर्बान कर दिया।

    इसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शहीद आरक्षक कुलदीप सिंह बाजवा जो लुटेरों से कार छीनने के मौके पर लुटेरों का पीछा करते हुए क्रॉस फायरिंग के दौरान शहीद हो गये। उन्होंने कहा कि शहीद कुलदीप सिंह बाजवा बहादुर के पक्के थे। भगवंत मान ने कहा कि परिवार वालों ने उन्हें बताया कि कुलदीप सिंह सेवाभावी और जरूरतमंदों की मदद करने वाले व्यक्ति थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से ऐलान किया गया था कि अगर पुलिस या किसी अन्य जवान की ड्यूटी के दौरान मौत होती है तो पंजाब सरकार शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद करेंगी और पंजाब पुलिस ने एचडीएफसी बैंक से एक करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसी के साथ परिवार को वित्तीय सहायता के रूप में 2 करोड़ रुपये का चेक भेंट किया है। भगवंत मान ने कहा कि शहीद कुलदीप सिंह की जान की कोई कीमत नहीं है, यह सिर्फ परिवार का आर्थिक सहयोग है।

  • एनआईसी टीम ने डेटाबेस एप्लीकेशन के तहत   थानों में ट्रेनिंग का आयोजन किया 

    एनआईसी टीम ने डेटाबेस एप्लीकेशन के तहत   थानों में ट्रेनिंग का आयोजन किया 

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश में एनआईसी टीम द्वारा विकसित और प्रबंधित  एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस एप्लीकेशन के तहत एसपी ऊना द्वारा पूरे जिले के थानों में इसकी ट्रेनिंग का आयोजन किया गया  जानकारी  देते हुए एनआईसी के डीआरएम रवि कुमार  ने बताया की इस शिवर में अलग-अलग थानों में जाकर पुलिस के अधिकारियों को आईआरएडी से अवगत करवाया और उसमें डाटा कैसे भरा  जाता है उन्होंने बताया की मइस एप्लीकेशन में अब तक लगभग 600 से अधिक दुर्घटनाओं के आंकड़े अपलोड हो चुके हैं भविष्य में मोटर दुर्घटना बीमा दावे का निपटान आईआरएडी के उन्नत संस्करण द्वारा किया जाएगा।

    रवि ने बताया आईआरएडी एप्लीकेशन में दुर्घटना स्थलों के दुर्घटना डाटा अपलोड करने के लिए जिला पुलिस को मोबाइल फोन भी प्रदान किए जा रहे हैं। पुलिस की टीटीआर इकाई लगातार राज्य में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी पर ध्यान केंद्रित कर रही है और सड़क सुरक्षा सेल ट्रांसपोर्ट और एन आई सी एचपी के माध्यम से इस तरह की कार्यशाला निकट भविष्य में भी आयोजित की जाएंगी और हिमाचल पुलिस की क्षमता निर्माण में मदद करेगी।

  • बंगाणा स्कूल में एनएसएस स्वयंसेवियों ने बनाये बैम्बू के उपकरण:प्रभारी विबेक शर्मा ने दी शाबाशी

    बंगाणा स्कूल में एनएसएस स्वयंसेवियों ने बनाये बैम्बू के उपकरण:प्रभारी विबेक शर्मा ने दी शाबाशी

    ऊना/सुशील पंडित : उपमण्डल बंगाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बंगाणा में चल रहे एनएसएस शिविर के पांचवें  दिन अजय कुमार से स्वयंसेवियों ने बैम्बू से बनने बाले आधुनिक उपकरणों को बनाना सीखा।जिस में मोबाइल फोन स्टैंड, जग, फ्लावर फूल जैसे गुलदस्ते शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े उपकरण बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। एन एस एस यूनिट के प्रभारी विबेक शर्मा ने कहा कि स्वयंसेवियों को आत्म निर्भर बनाने के लिए जो बैम्बू के उपकरण बनाने सिखाये है। यह इनकी जिंदग्गी का एक हिस्सा भी बन सकते है।

    उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे उपकरणों का बड़ा महत्व भी है। और जो छात्र प्लस बन ओर टू में शिक्षा ग्रहण करते है। उनके लिए यह आधुनिक उपकरण जो बैम्बू से निर्मित किये जाते है। उन्हें प्रत्यक्ष रूप में बनाकर यूनिट के क्रैडिट्स को कुछ ओर ज्यादा सीखने को मिला है।  छात्र जो किताबों में पढ़ते थे उन्हें प्रत्यक्ष रूप में अपने हाथों से तैयार करके ओर एक नया रूप देकर पढ़ाई में निखार आ सकता है।  एनएसएस यूनिट के स्वयंसेवियों का कहना है कि हमारे कैम्प के प्रभारी विबेक शर्मा हमें हर दिन कुछ नया सिखाने का प्रयास करते है। जैसे बैम्बू से उपकरण तैयार करना जो कभी हमने किताबों में पढ़ा था। आज उंसे हमने प्रत्यक्ष बनाया है। और यह हमारी शिक्षा के ज्ञान को उच्च स्तर तक ले जाने का काम करेगा। 

    ज्ञात रहे बंगाणा स्कूल में चल रहे एनएसएस कैम्प में हर दिन यूनिट के स्वयंसेवियों को कुछ नया करने की सोच से कार्य करवाया जा रहा है। और शिक्षा समाजसेवा संस्कार आत्म निर्भर बनने के लिए बिभिन्न प्रकार की गतिबिधियों से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। और सुबह शाम प्रभु सिमरन ओर योगाभ्यास भी यूनिट के क्रैडिट्स को करवाया जा रहा है। जो भविष्य में छात्रों के जीवन को निखारने में मदद करेगा। 

  • समाजसेवी रछपाल सिंह राणा ने अरलू स्कूल को दिए 51 हजार व 2 लाख प्रति वर्ष देने की घोषणा

    समाजसेवी रछपाल सिंह राणा ने अरलू स्कूल को दिए 51 हजार व 2 लाख प्रति वर्ष देने की घोषणा

    ऊना/ सुशील पंडित : जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की करमाली अरलू पंचायत के समाजसेवी रछपाल सिंह राणा तथा उनकी धर्मपत्नी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अरलू स्कूल में पढ़ाई लिखाई करने वाले छात्र छात्राओं के लिए पहले भी लगभग 30लाख की राशि भेंट कर चुके हैं। जिसमें स्कूल परिसर में सरस्वती मंदिर तथा तीन कमरों सहित अन्य राशि भेंट कर चुके हैं।

    बहीं पर मंगलवार को स्कूल में पारितोषिक वितरण समारोह के दौरान स्कूल स्टाफ सदस्यों द्वारा रछपाल सिंह राणा तथा उनकी धर्मपत्नी बिमला राणा को वशिष्ठ अतिथि के रूप में स्कूल बुलाया गया था।इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए धार्मिक सांस्कृतिक तथा देश भक्ति गीत को देखते हुए बच्चों का हौंसला बढ़ाते हुए उनकी प्रस्तुति को देखते हुए अपनी ओर से 51हजार की राशि भेंट की।

    रछपाल सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि वह भी इस स्कूल के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा कि वह अपने निजी फंड से शिक्षा के क्षेत्र में बढ़या  प्रर्दशन करने वाले छात्र छात्राओं को प्रति वर्ष दो लाख रुपए की छात्रवृत्ति पांच वर्ष के लिए देंगे।
    स्कूल की प्रधानाचार्या अनीता कौंडल ने स्कूल के लिए सहयोग करने पर समाजसेवी रछपाल सिंह राणा तथा उनकी धर्मपत्नी बिमला राणा का स्कूल स्टाफ सदस्यों की और से आभार व्यक्त किया।

  • केंद्र की कैबिनेट मीटिंग में बड़े एलानः BHIM UPI और Rupay Card के इस्तेमाल करने पर मिलेगा तोहफा

    केंद्र की कैबिनेट मीटिंग में बड़े एलानः BHIM UPI और Rupay Card के इस्तेमाल करने पर मिलेगा तोहफा

    नई दिल्लीः प्रत्येक बुधवार को होने वाली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आज आर्थिक मामलों से जुड़े कुछ फैसलों का एलान किया है। इनसे आम जनता को वित्तीय ट्रांजेक्शन्स और डिजिटल लेनदेन में आसानी होगी और उनको इंसेंटिव्स मिलेंगे।

    क्या हुए हैं फैसले

    केंद्रीय कैबिनेट ने करीब 2600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन या इंसेंटिव्स का एलान किया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रूपे डेबिट कार्ड और  BHIM UPI के उपयोग पर लोगों को इंसेटिव्स मिलेंगे। ये इंसेटिव्स P2M (पर्सन टू मर्चेंट) बेसिस पर दिए जाएंगे।

    कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

    कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र यादव ने कैबिनेट में लिए गए फैसले के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने जो 2600 करोड़ रुपये के इंसेंटिव्स का एलान किया है। उसके तहत एमएसएमई, किसानों, मजदूरों और उद्योगों को भीम यूपीआई के तहत किए जाने वाले पेमेंट्स पर कुछ छूट मिलेगी। केंद्र सरकार ने डिजिटल पेमेंट्स को आसान और जनसुलभ बनाने के लिए ये कदम उठाए हैं।

    Rupay Card के जरिए ट्रांजेक्शन से मिलेगा ये बड़ा इंसेटिव

    भूपेंद्र यादव ने कहा कि रूपे कार्ड के जरिए डिजिटल पेमेंट्स पर 0.4 फीसदी का इंसेंटिव दिया जाएगा। भीम यूपीआई के जरिए 2000 रुपये से कम के ट्रांजेक्शन्स पर 0.25 फीसदी का इंसेंटिव दिया जाएगा। भीम यूपीआई के जरिए इंडस्ट्री के यूज के लिए होने वाले डिजिटल पेमेंट्स जैसे इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड, ज्वैलरी, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और अन्य सेगमेंट के लिए ये इंसेंटिव 0.15 फीसदी का तय किया गया है।

    केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के तहत बैंकों को भी फाइनेंशियल इंसेटिव दिए जाएंगे। इसके जरिए पॉइंट ऑफ सेल (PoS) और ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन जो रूपे कार्ड के जरिए किए जाएंगे-उन पर आपको अलग-अलग तरीके से इंसेटिव मिल पाएंगे। कम वैल्यू के BHIM-UPI ट्रांजेक्शन्स पर भी आपको कुछ प्रोत्साहन मिलेंगे। भूपेंद्र यादव ने बताया कि यूपीआई पेमेंट के जरिए होने वाले ट्रांजेक्शन्स की संख्या दिसंबर में 12 लाख करोड़ रुपये तक आ गई थी जो कि देश की कुल जीडीपी का करीब 54 फीसदी के आसपास बैठता है। इसके और अधिक बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा इंसेंटिव इस 2600 करोड़ रुपये की मद के तहत दिए जाएंगे।

    योजना के तहत, बैंकों को चालू वित्त वर्ष में रुपए और यूपीआई का उपयोग करके ‘पॉइंट ऑफ सेल’ (पीओएस) यानी दुकानों पर लगी भुगतान मशीन और ई-कॉमर्स लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे मजबूत डिजिटल भुगतान परिवेश तैयार करने में मदद मिलेगी। योजना के तहत कम खर्च वाला और उपयोग के लिहाज से सरल यूपीआई लाइट और यूपीआई 123 पे को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

    तीन नई को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने का भी एलान

    भूपेंद्र यादव ने बताया कि देशभर में तीन नई को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाने का भी एलान कर दिया गया है।

  • स्वामी विवेकानंद को पढऩे की नहीं धारण करने की आवश्यकता – जम्बाल

    स्वामी विवेकानंद को पढऩे की नहीं धारण करने की आवश्यकता – जम्बाल

    प्रथम लक्ष्मी बाई , दूसरा स्थान अहिल्याबाई तीसरा स्थान मीराबाई सदन को मिला

    बददी/ सचिन बैंसल : स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र को केवल अध्ययन करने की ही नहीं अपितु धारण करने की आवश्यकता  है। यह बात हिमालया जनकल्याण समिति के मार्गदर्शक कुलवीर जमवाल ने सरस्वती विद्या मंदिर गुल्लरवाला में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। वह विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर छात्रों से संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होने गत दिनों वन विहार कार्यक्रम में प्रथम रहे लक्ष्मी बाई सदन, दूसरे स्थान पर आए अहिल्याबाई सदन व तीसरा स्थान मीराबाई सदन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

    विवेकानंद जयंती पर बोलते हुए कुलवीर जमवाल ने बताया कि आध्यात्मिक महापुरुष स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक प्रभावशाली परिवार में हुआ। उनका असली नाम नरेंद्र नाथ था। 25 साल की उम्र में संन्यास लेने के बाद उनका नाम विवेकानंद पड़ा। रामकृष्ण परमहंस के प्रिय शिष्य विवेकानंद बहुत अच्छे वक्ता थे। वह परम गुरु-भक्त, दूसरों की सेवा करनेवाले और गरीबों के लिए आवाज उठानेवाले थे। विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म महासम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वहां उन्होंने इतना अच्छा भाषण दिया कि अमेरिका में लोग भारतीय संस्कृति के कायल हो गए। मीडिया ने उन्हें  साइक्लॉनिक हिंदू नाम दिया। बाद में विवेकानंद ने अपने गुरु के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। 4 जुलाई 1902 को उनका देहांत हो गया।

    कुलवीर जमवाल ने आगे बताया कि विवेकानंद जी का कथन था कि दूसरों की मदद के भरोसे मत रहो। हमें अपनी मदद खुद करनी है। दूसरों की मदद पर भरोसा करना बेकार है। तमाम तरह की शक्तियां हमारे अंदर छिपी हुई हैं। अगर हम अपने हाथ आंखों पर रख लें तो हमें सब तरफ अंधेरा ही नजर आएगा। अगर हाथ हटा लें तो हमें रोशनी दिखाई देने लगेगी। हालांकि यह रोशनी पहले भी थी, बस हमारे देखने की देर थी। कमजोरी का इलाज कमजोरी के लिए रोना या उसकी फिक्र करना नहीं है। हमें अपनी शक्ति और क्षमता पर विचार करना चाहिए। हमारे अंदर अनंत संभावनाएं हैं। वीरता से आगे बढ़ो। एक दिन में सफलता की कोशिश न करो। अपने आदर्श पर डटे रहो। स्वार्थ और ईष्र्या से बचो और उठो, जागो और तब तक रुको नहीं, जब तक मंजिल हासिल न हो जाए। कामयाबी न मिले तो फिक्र मत करो। हिम्मत मत हारो।

    कोशिश जारी रखो। नाकामियों से सबक लेकर संघर्ष करते रहो।  भाग्य बहादुर और कर्मठ लोगों का ही साथ निभाता है। पीछे मुडक़र मत देखो। अपार शक्ति, अपरिमित उत्साह, अदम्य साहस और असीम धैर्य की जरूरत है, तभी काम पूरे हो पाएंगे।  बिना डरे सच को लोगों के सामने रखो। इसकी परवाह मत करो कि किसी को उससे कष्ट होता है या नहीं। उन्होने आगे बताया कि भलाई का रास्ता ऊबड़-खाबड़ और मुश्किलों भरा है। इस पर चलनेवालों को नाकामी से घबराना नहीं चाहिए। हजारों ठोकरें खाकर भी हमें अपने चरित्र को मजबूत बनाना चाहिए। भूख के आगे धर्म की बात बेकार है। पहले रोटी और फिर धर्म। जब बेचारे गरीब भूखों मर रहे हैं, तब हम उनमें बेकार ही धर्म को ठूंसते हैं। किसी भी धर्म से भूख की आग शांत नहीं हो सकती। तुम चाहे लाखों सिद्धांतों की बात करो, करोड़ों संप्रदाय खड़े कर लो, लेकिन जब तक तुम्हारे पास संवेदनशील हृदय नहीं है, तब तक तुम्हारी धर्म-चर्चा फिजूल है।

  • जालंधरः सड़क हादसे में फोटोग्रॉफर कुलदीप की मौत

    जालंधरः सड़क हादसे में फोटोग्रॉफर कुलदीप की मौत

    जालंधर/वरुणः देहात के मलसियां में सड़क हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान कुलदीप निवासी मूसेवाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुलदीप शाहकोट में फोटोग्रॉफी का काम करता था। देर रात काम खत्म करने के बाद मूसेवाल (नकोदर) के लिए मोटरसाइकिल पर निकला था, लेकिन गहरी धुंध में धोखा खा गया और मूसेवाल की जगह फोटोग्रॉफर मलसियां में जा पहुंचा। मलसियां से आगे गहरी धुंध में उसे डिवाइडर नजर नहीं आया। बाइक नंडिवाइडर से टकराई और फोटोग्राफर पक्की सड़क पर गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई।

    धुंध में देर रात को डिवाइडर से टकराने के बाद बुरी तरह से जख्मी हुआ फोटोग्राफर कुलदीप निवासी मूसेवाल (नकोदर) कड़ाके की ठंड में सड़क पर पड़ा रहा। सुबह जब लोग काम के लिए निकले तो उन्होंने उसे घायल अवस्था देख पुलिस को सूचित किया। पुलिस तुरंत प्रभाव से उसे अस्पताल में लेकर गई, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस चौकी मलसियां के एएसआई जगदेव सिंह और मनदीप सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कुलदीप की जेब से मिले मोबाइल से नंबर निकाल कर उसके परिजनों को सूचना दी। 

  • प्रदेश सरकार  फायर ब्रिगेड कर्मियों  की वेतन विसंगति का मसला हल करे 

    प्रदेश सरकार  फायर ब्रिगेड कर्मियों  की वेतन विसंगति का मसला हल करे 

    यूनियन जल्द सीएम व डिप्टी सीएम से मिलेगी : जसवाल 

    ऊना/सुशील पंडित : हिमाचल फायर ब्रिगेड कर्मचारी संघ ने सरकार से  वेतन विसंगति का  मसला हल करने की गुहार लगाई  है । इस बारे जल्द ही मामले को सी एम सुखविंदर सिंह सुक्खू व डिप्टी सी एम मुकेश अग्निहोत्री के समक्ष उठाया जायेगा। ऊना में पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के जिला ऊना प्रधान मुकेश जसवाल ने कहा  कि प्रदेश  सरकार हमेशा कर्मचारी पक्षधर रही है इसलिए ओल्ड पैंशन  जैसे बड़े   मसले को हल करने में जुटी हुई है। जिसके बेहतर परिणाम कर्मचारी हित में आने वाले हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपात अग्निश्मन विभाग  के कर्मचारी  जोखिम भरी सेवाएं दे रहे है । आग की घटना हो या  रेस्क्यू समेत आपदा की हर घड़ी में आमजन की  सेवा  देने में डटे हुए हैं। यूनियन के  प्रधान ने कहा कि  प्रदेश में फायर ब्रिगेड कर्मी आपात  सेवाएं दे रहे हैं ।आग समेत अन्य आपदाओं में इनका रोल सराहनीय है। लेकिन वेतन विसंगति का मसला अभी तक लटका है ।

    उन्होंने बताया कि अग्निशमन कर्मचारियों को  वर्ष 2012 से  संशोधित वेतन मान का लाभ आज दिन तक नहीं दिया गया है। न ही पूर्व सरकार ने नये वेतनमान मे इस  वर्ग को  बेसिक पे 10300-34800 व ग्रेड पे 3200 का लाभ दिया है। जिससे फायर ब्रिगेड के तकनीकी कर्मचारियों फायरमेंन , लीडिंग फायरमैंन व चालक कम पंप  आपरेटर  की वेतन विसंगति अब तक जारी है। उन्होंने  सरकार से आपात फायर ब्रिगेड विभाग में सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को नया वेतनमान  संशोधित वेतनमान वेसिक पे 10300 रूपए  के आधार पर दिए जानें की गुहार लगाई है।