उल्लेखनीय है कि महोत्सव का शुभारंभ 14 नवंबर को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया था। महोत्सव की तीनों सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेश के कलाकारों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीता। हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं व पर्यटकों ने महोत्सव में भाग लेकर आयोजन को भव्य सफलता प्रदान की। समापन समारोह में उपायुक्त जतिन लाल ने मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने महोत्सव की सफलता पर दी बधाई
इस अवसर पर अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव-2025 की भव्य सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी आयोजकों और श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव समाज को अपनी संस्कृति से जोड़कर रखते हैं, और संस्कृति से जुड़े समाज ही वास्तविक अर्थों में प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देव संस्कृति से ओतप्रोत धरा है। यह शक्तिपीठों और देवी-देवताओं की पावन भूमि है, इसलिए अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को गौरव के साथ संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के प्रयासों की सराहना की। महोत्सव के आयोजन को लेकर कुछ लोगों द्वारा की गई आलोचनाओं का उल्लेख करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि अच्छे कार्यों की भी आलोचना होती है, क्योंकि आलोचना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है। जितनी अधिक आलोचना होती है, उतना ही प्रमाणित होता है कि कार्य अधिक लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में जुटा जनसमूह इस महोत्सव की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
विरोध करने वालों को विधायक का संदेश, आगे और भव्यता से किया जाएगा आयोजन
विधायक सुदर्शन बबलू ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला एवं उपमंडल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करते हैं। उन्होंने महोत्सव का विरोध करने वालों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और आयोजन की सफलता का उत्सव मनाने की सलाह दी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी के नाम पर हो रहे महोत्सव का विरोध करने से हम डरने वाले नहीं हैं। देशभर में अनेकों मेले भगवानों के नाम पर आयोजित होते हैं, तब किसी को आपत्ति नहीं होती। लेकिन विरोध केवल इसी आयोजन से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक व्यापकता व भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित यादव, एसडीएम अंब सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्थानीय लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव-2025 धूमधाम के साथ संपन्न
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया रहे समापन समारोह के मुख्य अतिथि ऊना/सुशील पंडित: धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंब के मेला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव का दूसरा संस्करण रविवार को हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। समापन समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य विजय डोगरा तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत राणा भी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि महोत्सव का शुभारंभ 14 नवंबर को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया था। महोत्सव की तीनों सांस्कृतिक संध्याओं में प्रदेश के कलाकारों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीता। हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं व पर्यटकों ने महोत्सव में भाग लेकर आयोजन को भव्य सफलता प्रदान की। समापन समारोह में उपायुक्त जतिन लाल ने मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने महोत्सव की सफलता पर दी बधाई
इस अवसर पर अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव-2025 की भव्य सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी आयोजकों और श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव समाज को अपनी संस्कृति से जोड़कर रखते हैं, और संस्कृति से जुड़े समाज ही वास्तविक अर्थों में प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देव संस्कृति से ओतप्रोत धरा है। यह शक्तिपीठों और देवी-देवताओं की पावन भूमि है, इसलिए अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को गौरव के साथ संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है।
उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए श्री चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू के प्रयासों की सराहना की। महोत्सव के आयोजन को लेकर कुछ लोगों द्वारा की गई आलोचनाओं का उल्लेख करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि अच्छे कार्यों की भी आलोचना होती है, क्योंकि आलोचना जीवन का स्वाभाविक हिस्सा है। जितनी अधिक आलोचना होती है, उतना ही प्रमाणित होता है कि कार्य अधिक लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारी संख्या में जुटा जनसमूह इस महोत्सव की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
विरोध करने वालों को विधायक का संदेश, आगे और भव्यता से किया जाएगा आयोजन
विधायक सुदर्शन बबलू ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए जिला एवं उपमंडल प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करते हैं। उन्होंने महोत्सव का विरोध करने वालों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और आयोजन की सफलता का उत्सव मनाने की सलाह दी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी के नाम पर हो रहे महोत्सव का विरोध करने से हम डरने वाले नहीं हैं। देशभर में अनेकों मेले भगवानों के नाम पर आयोजित होते हैं, तब किसी को आपत्ति नहीं होती। लेकिन विरोध केवल इसी आयोजन से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह महोत्सव और अधिक व्यापकता व भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमित यादव, एसडीएम अंब सचिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, स्थानीय लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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कब मनाई जाएगी साल की आखिरी पूर्णिमा? इस पूजा विधि से करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न
धर्म: हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन एक त्योहार की तरह मनाया जाता है। इस साल की आखिरी पूर्णिमा 4 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। ये मार्गशीर्ष पूर्णिमा होती है। इस दिन भक्तों को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। वहीं वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्णिमा उस समय होती है जब चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर की अपनी कक्षा में सीधे सूर्य के विपरीत होता है।पूर्णिमा के लिए शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष पूर्णिमा इस बार 4 दिसंबर 2025 को सुबह 8:37 पर शुरु होगी। इसका समापन 5 दिसंबर 2025 को सुबह 4:43 पर होगा। इस दिन अन्नपूर्णा जयंती भी मनाई जाएगी। इस दिन स्नान दान के लिए सुबह 5:10 से लेकर सुबह 6:04 तक रहेगा। सत्यनारायण की पूजा के लिए इस दिन सुबह 10:53 से लेकर दोपहर 1:29 तक का मुहूर्त रहेगा। इस दिन चंद्रोदय के लिए समय दोपहर 4:34 मिनट का रहेगा।पूर्ण कलाओं से युक्त होता है चंद्रमा
पूर्णिमा वाला दिन चंद्रमा से खास संबंध रखता है क्योंकि इस रात को चंद्रमा पूर्ण कलाओं से युक्त होता है। चांद मन का कारक होता है। ऐसे में चंद्रमा की किरणें इंसान, पशु-पक्षी पेड़, पानी और हर प्रजाति को प्रभावित करती है। पूर्णिमा का जप-तप आध्यात्मिक साधकों को अपने अंदर के देवत्व को महसूस करने और भटके हुए मन को स्थिर करके खींचने में मदद करता है।ऐसे करें पूजा
इस दिन भगवान श्री विष्णु को पंचामृत से स्नान करवाएं। इसके बाद उन्हें खीर का भोग लगाएं और पीले फूल अर्पित करें। घर पर सत्यानारायण की कथा करें। मान्याओं के अनुसार, इससे पापों का नाश होगा और आपको सभी भौतिक और सांसारिक सुखों की भी प्राप्ति होगी।करें ये उपाय
इस दिन एक आटे का दीपक बनाकर उसमें तिल का तेल भरें। फिर उस दीपक को सुबह पीपल के पेड़ के नीचे जलाकर अपनी मनोकामना बता दें। मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय को करने से धन मार्ग में आने वाली दिक्कतें दूर होगी और कार्यों में सफलता मिलेगी। -

Jalandhar News: महिला नेत्री के पति द्वारा JE को गालियां निकालने के बाद PA की मीडिया इंचार्ज को धमकी देने की ऑडियो वायरल
जालंधर, ENS: नगर निगम के जेई को धमकी देने की एक ऑडियो वायरल हुई थी। जिसको लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया था। वहीं इस ऑडियो के वायरल होने का विवाद थमा नहीं था कि अब महिला नेत्री के पीए की ऑडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसमें वह पार्टी के मीडिया इंचार्ज को धमकी दे रहा है। इस दौरान पीए ने पार्टी के मीडिया इंचार्ज को उसके पद से महिला नेत्री द्वारा उतारने के धमकी भी दी।
जिसके बाद मीडिया इंचार्ज भड़क गया और उसने कहा कि उसे चौथी बार मेडम द्वारा धमकी दी गई है। ऐसे में वह कल ही फेसबुक पर लाइव होकर अपने पद से इस्तीफा दे देंगा। जिसके बाद पीए ठीक है कहकर फोन काट देता है। दरअसल, वायरल ऑडियो में किसी शादी समारोह में ना जाने को लेकर पीए पार्टी के मीडिया इंचार्ज से बात कर रहा था। इस दौरान मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पार्टी में सभी लोग गए, वह अकेला नहीं गया। इस दौरान पीए भड़क गया और कहने लगा कि वह क्यों पार्टी में गया। जिसके बाद मीडिया इंचार्ज ने कहा कि पार्टी में सभी नेता पहुंचे थे, वहां पर उसने किसी से कोई बात थोड़ा ना की है। वहीं पीए ने कहा कि अगर आपके घर कोई लेने के लिए आया तो उन्हें जाने से मना कर देता। जिसके बाद जब पीए ने मेडम द्वारा उसे पद से उतारने की धमकी दी तो वह भड़क गया और कहने लगा कि मेडम उसे टार्चर करने लग गई है। ऐसे में अब उसे चौथी वार यह धमकी दी गई है।महिला नेत्री के JE को गालियां निकालने के बाद PA की मीडिया इंचार्ज को धमकी देने की ऑडियो वायरल#ViralAudio #PoliticalScandal #ThreatToMedia #JEControversy #PunjabNews pic.twitter.com/9w2S3v5cvG
— Encounter India (@Encounter_India) November 17, 2025 -

Punjab News: Animation Film ‘हिंद दी चादर’ की रिलीज को लेकर SGPC सचिव ने लगाई फटकार
अमृतसरः श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन पर बनी एनिमेशन फिल्म ‘हिंद दी चादर’ की रिलीज को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने फिल्म के निर्माता और निर्देशक से सिख भावनाओं को देखते इसे रिलीज न करने का अनुरोध किया है।
मन्नन ने कहा कि गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन पर बावेजा मूवी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाई फिल्म में सिख सिद्धांत, इतिहास और फिल्म निर्माण की दृष्टि से कई कमियां हैं, जिसके मद्देनजर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के आदेश पर सचिवालय श्री अकाल तख्त साहिब ने एक पत्र भेजकर फिल्म को 21 नवंबर को रिलीज न करने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा फिल्म देखने के बाद फिल्म घोख कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिस पर सचिवालय श्री अकाल तख्त साहिब ने प्रतिबंध के संबंध में एक पत्र भेजा है। कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि गुरुओं को किसी भी तरह से कल्पना या एनीमेशन के माध्यम से चित्रित करना प्रतिबंधित है और ऐसा करना सिख सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन है।
जब गुरुओं और उनके परिवारों से जुड़े किरदार निभाने पर प्रतिबंध है, तो ऐसी फिल्में बनाने से पहले संकोच करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये फिल्में सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ विवाद भी पैदा करती हैं। जब सिख समुदाय श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शताब्दी का शहीदी दिवस मना रहा है, उस समय सिख सिद्धांतों से हटकर गुरु साहिब से जुड़ी कोई एनिमेशन फिल्म रिलीज करना किसी भी तरह से जायज नहीं है।
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शहरी स्वास्थ्य मिशन ने बदली तस्वीर, अब हर गरीब तक पहुंचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि “शहरी स्वास्थ्य मिशन” द्वारा शुरू की गई 12 प्रकार की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवायें शहरी क्षेत्र के गरीबों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रही हैं।
उन्होंने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब 107 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHCs) और 165 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (UAAMs) कार्यरत हैं। सरकार का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति गरीबी या निवास परिवर्तन करने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मिशन की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के रूप में अपग्रेड किया गया है। अब इनमें शहरी गरीब मरीजों को 12 प्रकार की व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, परिवार नियोजन, संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन, दंत चिकित्सा और नेत्र देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, वृद्धों के लिए पलियेटिव देखभाल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन जून 2013 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत लॉन्च किया गया था। यह मिशन हरियाणा के शहरों और कस्बों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला रहा है। यह मिशन शहरी गरीबों, विशेषकर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों, दिहाड़ी मजदूरों, निर्माण कार्य में लगे कर्मियों, रिक्शा चालकों, कचरा बीनने वालों, सड़क किनारे रहने वाले बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों की सेवा के लिए समर्पित है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से ये स्वास्थ्य केंद्र अच्छे स्वास्थ्य अभ्यासों के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं, नियमित टीकाकरण कर रहे हैं और आवश्यक मातृ और शिशु देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा, सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मुफ्त आवश्यक दवाइयां और नैदानिक सेवाएं उपलब्ध हैं। समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उक्त स्वास्थ्य केंद्रों में योग सत्र और टेली-कंसल्टेशन सेवाएं आयोजित की जा रही हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्पेशलिस्ट शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अपग्रेड किया गया है, जहां नागरिकों को अपने घरों के पास विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहे हैं। आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग और “शहरी स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा” प्रदेश को स्वस्थ, मजबूत और समावेशी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुंचे, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर वर्गों तक भी पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की भांति शहरी गरीब आबादी के लिए भी सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है।
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बंद करवाया साउंड सिस्टम, बिना माइक के Singer Jasbir Jassi ने लगाई रौनकें, देखें वीडियो
उदयपुरः राजस्थान के उदयपुर ज़िले में पंजाबी गायक जसबीर जस्सी शादी समारोह में गए, जहां उन्होंने बिना माइक के ही शादी में रौनकें लगा दी। दरअसल, शहर में एक शादी समारोह के दौरान पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी का लाइव परफॉर्मेंस उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब देर रात अचानक साउंड सिस्टम बंद कर दिया गया। जिसके बाद गायक ने बिना माइक के ही महफिल लूट ली। उन्होंने इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। जिसमें उनका कहना हैकि पुलिस साडा साउंड बंद करवा सकदी है, लेकिन रौनक किद्दां बंद कराएगी। दरअसल, गायक का कहना है कि उदयपुर पुलिस ने शादी में शो के दौरान साउंड सिस्टम की आवाज़ बंद कर दी थी। गायक ने कहा कि फिर उसने बिना माइक का गाना गाया।
हालांकि गायक ने साउंड सिस्टम बंद करवाने का कारण नहीं बताया, लेकिन उसके करीबियों के अनुसार, पुलिस ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि देर रात हो चुकी थी। जस्सी के पीए ने पुष्टि करते हुए कहा कि उदयपुर के एक मैरिज पैलेस में शादी समारोह था। गायक को भी न्यौता दिया गया था। जब वह शो कर रहे थे, तो पुलिस ने साउंड सिस्टम बंद करवा दिया। हालांकि, उन्होंने कारण के बारे में विस्तार से नहीं बताया।
साउंड सिस्टम बंद करने के बाद, जस्सी माइक छोड़कर मंच से नीचे आ गए। फिर उन्होंने “गुड़ नालों इश्क मीठा” और “दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी” गाने बिना माइक के गाए। इस दौरान दूल्हा-दूल्हन भी गाने पर नाचते हुए दिखाई दिए। इस दौरान वहां मौजूद मेहमानों ने भी तालियां बजाकर जस्सी का साथ दिया। उन्होंने सिंगर की तारीफ भी की कि वह दूसरे सिंगरों की तरह ऑटोट्यून नहीं, बल्कि अपनी ओरिजिनल आवाज में गाते हैं।
जस्सी द्वारा जानकारी देने के बाद फैंस उनके सपोर्ट में आ गए। उन्होंने कहा कि पंजाबी किसी से कम नहीं। पंजाबियों को कोई नहीं रोक सकता। फैंस ने गर्व जताया कि बिना म्यूजिक के भी जस्सी ने जबरदस्त शो किया। फैंस ने यह भी कहा कि बिना किसी म्यूजिक सपोर्ट के भी जस्सी ने स्टेज संभाल लिया, जो एक सच्चे कलाकार की पहचान है। दूसरे फैन ने कहा कि दूसरे अवॉर्ड जीतते हैं, लेकिन जस्सी हार्ट जीतते हैं।
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Kangana Ranaut के इस बयान से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, एक्ट्रेस पर भड़के फैंस
मनोरंजन: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत आए दिन अपने बेबाक बयानों के चलते सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक्ट्रेस किसी भी मुद्दे पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटती। इंडस्ट्री में होने वाली घटनाओं को भी वही सबसे पहले जनता के सामने रखती हैं पर कई बार उनके बयान ऐसे हो जाते हैं जिसके बाद फैंस उन्हें ट्रोल करते दिखते हैं। अब एक बार फिर से कंगना ने भारत में लैंगिक भेदभाव को लेकर बहस छेड़ दी है।बेटी-बेटा होने से पड़ता है फर्क
एक इंटरव्यू में कंगना ने बॉलीवुड के अलावा सभी क्षेत्रों, वर्गों और उद्योगों में बेटे की चाहत पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को अच्छे से जानती हैं जो यह दावा करते हैं कि उन्हें बेटी या बेटे में कोई फर्क नहीं पड़ता। हर एशियाई घराने से आप जुड़ सकते हैं। एक तो आपकी एक बेटी होती है और उसके बाद एक और बेटी होती है। हो सकता है कि जो ज्यादा शिक्षित है दिखाना चाहे कि उन्हें फर्क नहीं पड़ता। लेकिन मैं आपको यह बता दूं कि सबको फर्क पड़ता है इसमें एक्टर, एक्ट्रेस और बड़े परिवार भी शामिल हैं। मैं ऐसे लोगों को जानती हूं जो कहते हैं कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन फिर भी पड़ता है।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
कंगना का ये बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस बयान से न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स का कहना है कि ये एक कड़वी सच्चाई को दर्शाता है। सिर्फ इतना ही नहीं शो के होस्ट भी कंगना को सपोर्ट करते हुए नजर आए। उन्होंने यह तक कह दिया कि जो लोग बाहर से खुद को प्रोग्रेसिव दिखाते हैं वो अक्सर अपनी असली सोच जाहिर नहीं करते। कंगना ने ये भी कहा कि भले ही पहली बेटी के बाद भेदभाव साफ नजर न आए परंतु दूसरी बेटी के जन्म पर कई जगह ये मानसिकता खुलकर सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि कई लोग यह कहते हैं कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन अंदर से यह सोच आज भी बनी हुई है।लोगों ने किया सपोर्ट
एक्ट्रेस के इस बयान का यूजर सपोर्ट भी करते दिख रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि कई लोग ऊपर-ऊपर जागरुक और वोक बनने की कोशिश करते हैं परंतु सालों की बनी सोच इतनी जल्दी नहीं बदलती। भारत में बेटा-बेटी के भेदभाव की सोच कोई नई नहीं है परंतु कंगना ने सीधे बॉलीवुड से जोड़कर यह बात उठा दी है। कुछ लोग उनसे असहमत तो कुछ उनके हक में बोलते दिखे। -

Punjab News: पाकिस्तान में निकाह करने वाली सरबजीत कौर को लेकर SGPC सदस्य का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो
कपूरथलाः सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान जाकर सरबजीत कौर ने निकाह कर लिया। वहीं इस मामले को लगातार नए-नए खुलासे हो रहे है। दरअसल, सरबजीत कौर अमानीपुर गांव की रहने वाली है। इस मामले को लेकर एसजीपीसी सदस्य खुलकर सामने आए हैं। सुल्तानपुर लोधी की एसजीपीसी सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही ने बताया कि सरबजीत कौर ने ननकाना साहिब जाने के लिए गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में फाइल रिकॉर्ड कीपर को दी थी। ऐसे में दूसरे श्रद्धालुओं से भी दस्तावेज मांगे गए थे। इसी क्रम में सरबजीत कौर ने अपना पासपोर्ट जमा करवाया।
उन्होंने गांव के नंबरदार अर्जुन सिंह से संपर्क कर सरबजीत की पहचान और गांव में रहने की पुष्टि की। इसके बाद फाइल एसजीपीसी को भेजी गई। एसजीपीसी सदस्य ने स्पष्ट किया कि सरबजीत कौर की फाइल कभी वापस नहीं आई और न ही इसमें किसी तरह की कोई गलती थी। उन्होंने बताया कि सरबजीत कौर के करतारपुर कॉरिडोर जाने का कोई आवेदन उनके पास कभी नहीं आया था।
सरबजीत कौर के पाकिस्तान से न लौटने पर बीबी गुरप्रीत ने नंबरदार और गुरुद्वारा के रिकॉर्ड कीपर के साथ उनके घर जाकर जांच की। इस दौरान जब सरबजीत कौर के बेटों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनका मां से कोई संबंध नहीं है और वह पाकिस्तान से वापस नहीं लौटी हैं। एसजीपीसी सदस्य बीबी गुरप्रीत कौर रूही ने कहा कि उनका काम केवल यह देखना है कि यात्री सिख धर्म के प्रति समर्पित है या नहीं और गांव का स्थायी निवासी है या नहीं। आपराधिक रिकॉर्ड या अन्य पृष्ठभूमि की जांच करना पंजाब और भारत सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि एसजीपीसी वर्तमान में यात्रियों की पृष्ठभूमि की जांच नहीं करता है। बीबी गुरप्रीत कौर ने बताया कि उनके पास अभी तक अकेली महिला, तलाकशुदा या विधवा के संबंध में यात्रा पर रोक लगाने को लेकर कोई निर्देश नहीं है। उनके अनुसार अभी तक कोई रोक नहीं है। एसजीपीसी रोक लगाने का फैसला लेती है तो उसे माना जाएगा। उन्होंने सरकारों से आग्रह किया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यात्रियों के रिकॉर्ड की जांच सुनिश्चित की जाए।
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Punjab News: सरकारी बसों के थमे पहिए, किलोमीटर स्कीम को लेकर दी चेतावनी, देखें वीडियो
अमृतसरः पंजाब रोडवेज, PRTC और PUNBUS के ठेका कर्मचारियों ने ट्रांसपोर्ट विभाग के निजीकरण और किलोमीटर स्कीम के विरोध में आज राज्यव्यापी चक्का जाम किया है। 12 बजे से पूरे प्रदेश में सरकारी बसों के पहिए थम चुके है। अमृतसर समेत अन्य जिलों में जारी प्रदर्शनों के दौरान यूनियन नेता बलजीत सिंह ने बताया कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों की अंतिम बैठक में सरकार ने एक महीने के अंदर ठेका और ऑन-शोर कर्मचारियों की मांगें हल करने का भरोसा दिलाया था।
लेकिन कर्मचारियों के अनुसार कई महीने बीतने के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बजाय मंत्रालय की ओर से किलोमीटर स्कीम के निजी टेंडर लाए जा रहे हैं, जिन्हें कर्मचारी निजीकरण की शुरुआत मान रहे हैं। बलजीत सिंह ने बताया कि हर बार हमारा विरोध देखकर टेंडर कुछ दिनों के लिए आगे कर दिया जाता है, लेकिन रद्द नहीं किया जाता। हमारी मांग है कि यह टेंडर तुरंत रद्द होना चाहिए और बसें सीधे विभाग द्वारा चलाई जाएं।
दूसरी तरफ अमृतसर की यूनियन के नेता हीरा सिंह ने कहा कि प्राइवेट किलोमीटर स्कीम से बसों का घाटा बढ़ रहा है और डिपो कमजोर किए जा रहे हैं। उनके अनुसार न तो तनख्वाहें समय पर दी जा रही हैं और न ही निकाले गए कर्मचारियों की भरपाई पर ध्यान दिया जा रहा है। हीरा सिंह ने स्पष्ट किया कि पूरे पंजाब के डिपो बंद हैं और यह चक्का जाम केवल शुरुआत है। यदि टेंडर रद्द न किया गया और पिछले चरण में किए गए वादे लागू नहीं किए गए तो मुख्यमंत्री के मोहाली आवास के सामने पक्का धरना देंगे। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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Punjab News: Noor Battery House से लाखों का सामान लेकर चोर फरार, देखें वीडियो
होशियारपुरः जिले में बुल्लोवाल रोड के पास स्थित गांव दुसड़का में चोरी की घटना सामने आई है। जहां देर रात चोर नूर बैटरी हाउस की दुकान से लाखों रुपये की बैटरियां चोरी करके फरार हो गए। मामले की जानकारी देते हुए नूर बैटरी हाउस के मालिक मनोज ने बताया कि वे पिछले डेढ़ साल से यहां दुकान चला रहे हैं। देर रात वह दुकान बंद करके अपने घर गांव फतेहपुर चले गए थे। दुकानदार का कहना है कि रात के करीब ढाई बजे उनके सीसीटीवी कैमरे बंद हो गए।
वहीं सुबह जब उन्हें फोन आया तो पता चला कि रात में चोरों ने उनकी दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये की बैटरियां चोरी कर ली हैं। दुकानदार ने कहा कि इस घटना में उसका 4 से साढ़े 4 लाख रुपए का नुकसान हो गया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही नई बैटरियां आई थी। ऐसे में चोर शटर को किसी चीज से खींच उखाड़ा और दुकान के दरवाजे का शीशा तोड़कर घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़ित ने कहा कि एक महीने में 2 से 3 दुकानों में चोरियां हो चुकी है, जिसमें एक ज्वैलर की दुकान शामिल है।इस संबंध में उन्होंने थाना बुललोवाल में पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलेत ही मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। जब मीडिया ने इस संबंध में जांच अधिकारी से बात करना चाही तो उन्होंने कैमरे के आगे आने से मना कर दिया। ऐसे में उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि मामले की जानकारी नहीं दे सकते और यह एसएचओ साहिब देंगे, जबकि मौके पर थाने में एसएचओ साहिब मौजूद नहीं थे।