मामले की जानकारी जालंधर-1 के डिपो प्रधान बिक्रमजीत सिंह ने कहा कि किलोमीटर स्कीम के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। ऐसे में किलोमीटर स्कीम शुरू होने पर वह अपने कर्मियों को बसों के लिए ना तो कंडक्टर दिए जाएंगे और ना ही बसों को चलने दिया जाएगा। वहीं अन्य कर्मियों ने राज्यभर के डिपू की मीटिंग के बाद आज प्रदर्शन करने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि 15 तारीख को प्रशासन के साथ डिपू के प्रधान की मीटिंग रखी गई है। ऐसे में उन्हें आस है कि मीटिंग में साकारत्मकर फैसला निकले। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 27 डिपू की बसों का चक्का जाम किया जाएगा। इसको लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह लोगों को परेशान नहीं करना चाहते। लेकिन अब वह मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। ऐसे में 3 दिन तक चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई। उनका आरोप है कि प्राइवेट बस मालिकों को 28 से 30 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से पेमेंट करेगी। अगर बस 100 किलोमीटर चली तो मालिक को 2800 से 3000 रुपए मिलेंगे- भले ही सवारियों से किराया 1 हजार आए या 2 हजार आए। बस चलते ही मालिक की कमाई पक्की है। किलोमीटर स्कीम वाला टेंडर पहले भी पोस्टपोन हो चुका है, लेकिन कर्मचारी इसे पूरी तरह रद्द कराने पर अड़े हुए हैं। किलोमीटर स्कीम के तहत बस का ड्राइवर मालिक का होगा, जिससे ड्राइवरों की पोस्ट धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।