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  • पंजाबः होजरी फैक्ट्री में लगी आग, लाखों रुपए का नुकसान

    पंजाबः होजरी फैक्ट्री में लगी आग, लाखों रुपए का नुकसान

    लुधियानाः इस्लामिया स्कूल के पास बनी होजरी फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। फैक्ट्री में चौथी मंजिल से आग की लपटें और धुआं निकलता देख लोगों ने पहले खुद उस पर काबू पाने की कोशिश की, फिर फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से लाखों रुपए का धागा जलकर राख हो गया। मौके पर काफी संख्या में लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस चौकी डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने लोगों को वहां से दूर किया।

    बाद में अंदर फंसी लेबर को बाहर निकाला गया। फायर कर्मियों ने डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। फिलहाल यही बात सामने आई है कि शॉट सर्किट की वजह से आग लगी है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बताया कि तंग गलियां होने की वजह से आग बुझाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पाइप लाइन बिछाकर उन्होंने आग पर काबू पाया। आसपास के बिल्डिंगों की मदद से वह फैक्ट्री में दाखिल हुए। साथ ही सावधानी के तौर पर आसपास के एरिया को खाली करवा दिया गया था।

  • सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दी बड़ी राहत

    सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को दी बड़ी राहत

    नई दिल्ली: केंद्र से लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। मुख्यमंत्री बनाम उपराज्यपाल मामले में कोर्ट ने वीरवार को साफ कर दिया कि दिल्ली में असली शक्ति चुनी हुई सरकार के पास ही होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने दिल्ली और केंद्र सरकारों के बीच सेवा विवाद के मामले में सर्वसम्मति से फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र, संघीय ढांचा संविधान की मूलभूत संरचना का हिस्सा हैं।

    मामले चीफ जस्टिस ने कहा संविधान पीठ जस्टिस अशोक भूषण के 2019 के फैसले से सहमति नहीं है कि दिल्ली के पास सेवाओं पर कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि  अधिकारियों की तैनाती और तबादले का अधिकार दिल्ली सरकार को होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली विधानसभा को वह शक्तियां दी गई हैं क्योंकि वह लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड ने कहा, ‘यदि अधिकारी मंत्रियों को रिपोर्ट करना बंद कर देते हैं या उनके निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत प्रभावित होता है।’

  • सिख व्यक्ति के कत्ल मामले में 2 को उम्रकैद

    सिख व्यक्ति के कत्ल मामले में 2 को उम्रकैद

    प्रेट्र: लंदन में सोलह साल के एक अफगान सिख शरणार्थी की हत्या के दोषी दो लड़कों को ब्रिटेन की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वनुशन बालकृष्णन और इलियास सुलेमान को लंदन में ओल्ड बेली कोर्ट में रिश्मीत सिंह की हत्या का दोषी ठहराया गया। बुधवार को सजा सुनाते कोर्ट ने टिप्पणी करते कहा कि यह हत्याकांड काफी दुखद है और दोषियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या को अंजाम दिया। जज सारा मुनरो ने इस मामले को दुखद बताते दोषियों के पैरोल पर विचार करने से पहले बालकृष्णन को न्यूनतम 24 साल और सुलेमान को न्यूनतम 21 साल की जेल की सजा सुनाई।

    हत्याकांड की जांच कर रहे मेट्रोपालिटन पुलिस के स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर लारा सेम्पल ने कहा कि रिश्मीत एक 16 साल का युवा था। उसके आगे उसकी पूरी जिंदगी पड़ी थी। वह अपनी घर से थोड़ी दूर जा रहा था तभी बालाकृष्णन और सुलेमान ने उसका पीछा किया और चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि दोनों लड़कों ने सिंह पर 15 बार चाकू से हमला किया। बालकृष्णन और सुलेमान हमले के समय 17 वर्ष के थे। दोनों को दिसंबर 2021 में हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

  • पंजाबः श्री हरिमंदिर साहिब के पास ब्लास्ट मामले में डीजीपी और जत्थेदार का आया बयान, देखें वीडियो

    पंजाबः श्री हरिमंदिर साहिब के पास ब्लास्ट मामले में डीजीपी और जत्थेदार का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः हरिमंदिर साहिब के पास हुए बम धमाके के मामले को पंजाब पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि हमने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनकी पहचान आजादवीर सिंह, अमरीक सिंह, साहिब सिंह, हरजीत सिंह और धर्मेंद्र सिंह के रूप में हुई है। इनमें से तीन विस्फोटकों की सोर्सिंग में शामिल थे। एक महिला से भी पूछताछ की जा रही है। डीजीपी के अनुसार, आजाद वीर और अमरीक ने आईईडी स्थापित की थी। आजाद वीर से एक किलोग्राम के करीब विस्फोटक मिला है। इन तीनों बम धमाकों में पटाखों में प्रयोग होने वाले विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।

    हिरासत में ली गई लड़की आतिशबाजी बनाने का काम करती है और उसके पास इसका लाइसेंस भी है। वहीं आरोपी साहिब सिंह अमृतसर में ही पटाखे बनाने का काम करता है। सभी आरोपियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी है। वहीं जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले समय से नफरत का माहौल जो बनाया गया था, कहीं वह तो इसमे शामिल नहीं। इस मामले की केंद्र की एजेंसियों और पंजाब पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए। वहीं उन्होंने कहा जो श्रद्धालु यहां पर माथा टेकने आते है। उनमें भय का माहौल पाया जा रहा है। जत्थेदार ने कहा कि पंजाब का माहौल खराब करने के लिए शरारती अनंसरों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया जा रहा है। वहीं पुलिस ने हरिमंदिर साहिब के पास हुए धमाकों के मामले में दोषियों को आज कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से पुलिस को आरोपियों का 7 दिन का रिमांड मिला। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रिमांड के दौरान उन्हें और भी खुलासे होने की संभावना है।

    ‘शांति भंग करना था मकसद’

    अमृतसर विस्फोट की साजिश रचने वाले पांच साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब पुलिस के अनुसार धमाके के पीछे का मकसद शांति भंग करना था। ब्लास्ट में पटाखों में इस्तेमाल विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इन धमाकों की वजह से लोग दहशत में जी रहे थे।

    अभी तक किए जा चुके थे 3 धमाके

    आपको बता दें कि अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट इलाके में बीते शनिवार को पहला बम धमाका किया गया था। इस धमाके की वजह से 4-5 लोगों को चोटें भी आई थी। आसपास के घरों की खिड़कियां भी टूट गई थी। इसके करीब 32 घंटे बाद सोमवार सुबह साढ़े 6 बजे के करीब दूसरा धमाका हुआ था। वही तीसरा धमाका वीरवार रात 1:45 बजे के करीब हुआ था। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मैनेजर विकरमजीत सिंह ने बताया था कि यह धमाका श्री गुरु रामदास सरां के पिछली तरफ गलियारे के पास हुआ था।

    हर एंगल से की जा रही थी जांच

    लगातार हुए हम धमाकों की वजह से पुलिस से लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी भी हरकत में आ गई थी। धमाकों की हर एंगल से जांच की जा रही थी। पुलिस शुरूआती तौर पर इन धमाकों को आंतकी हमले से लेकर, शरारत्ती तत्वों की शरारत या फिर पर्सनल वजह तीनों तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई थी। एनआईए की टीम ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर मामले की जांच की थी।

  • ​कैबिनेट में बड़ा फेरदबलः 5 मंत्रियों के बदले डिपार्टमेंट, देखें लिस्ट

    ​कैबिनेट में बड़ा फेरदबलः 5 मंत्रियों के बदले डिपार्टमेंट, देखें लिस्ट

    बेंगलुरु: तमिलनाडु से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल एमके स्टालिन सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश सरकार ने पांच मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किया है। बता दें कि पहले ही अटकलें लगाई जा रही थी कि प्रदेश के मंत्रिमंडल में बदलाव किए जा सकते हैं। तमिलनाडु सरकार ने पांच मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए हैं। जिन विभागों के मंत्रियों के प्रभार में फेरबदल किए गए हैं उनमें उद्योग विभाग, जनसंचार विभाग, वित्त विभाग, मानव संसाधन विभाग, सूचना एवं प्रसारण विभाग शामिल हैं।

  • कैंसर का नकली टीका लाखों रुपए में बेचने के मामले में 4 गिरफ्तार

    कैंसर का नकली टीका लाखों रुपए में बेचने के मामले में 4 गिरफ्तार

    हरियाणाः कैंसर के नकली इंजेक्शन बेचने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस रैकेट के तार देश के कई राज्यों व विदेशों तक जुड़े हैं। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने इसका खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह अपनी तरह का पहला केस है, जिसमें किसी औषधि नियंत्रक अधिकारी द्वारा नकली दवा के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 3 सप्ताह में इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह कैंसर बीमारी ठीक करने के नाम पर नकली इंजेक्शन की सप्लाई कर रहा था। एक विदेशी नागरिक सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने 11 अप्रैल को एक एडवाइजरी जारी करके स्पष्ट किया था कि कैंसर की बीमारी के नाम पर मार्केट में नकली इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं।

    जांच आगे भी जारी रहेगीः गृह मंत्री अनिल विज 

    डब्ल्यूएचओ ने इंजेक्शन के नाम के साथ इनका निर्माण करने वाली कंपनी के नाम का भी खुलासा किया था। हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इसको लेकर जानकारी इकट्ठी की। इसके बाद 21 अप्रैल को ट्रैप लगाकर संदीप भुई नाम के एक आदमी को नकली इंजेक्शन एक नकली ग्राहक को ढाई लाख रुपये में बेचते हुए रंगे-हाथ पकड़ा। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए बुधवार को यहां मीडिया से रूबरू हुए स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि जांच आगे भी जारी रहेगी। विज ने कहा कि आरोपी संदीप भुई ने खुलासा किया कि वह औखला (दिल्ली) के रहने वाले मोती उर रहमान अंसारी के लिए काम करता है। 28 अप्रैल को अमनदीप चौहान द्वारा मोती उर रहमान अंसारी को गिरफ्तार किया गया। मोती उर रहमान अंसारी द्वारा जानकारी देने पर नई दिल्ली के रमेश नगर में रहने वाले कनिष्क राज कुमार को 9-10 मई की रात को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित हार्टलेंट फार्मेसी बिल्डिंग से गिरफ्तार किया।

    जांच अधिकारियों से 15 दिन में जवाब तलब

    एक साल से अधिक समय से लंबित केसों से जुड़े जांच अधिकारियों से विज के निर्देशों पर डीजीपी ने कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इससे जुड़े सवाल पर विज ने कहा कि पिछले एक साल से ज्यादा लगभग 3500 एफआईआर लंबित थी। इनके बारे में जांच अधिकारियों को नोटिस जारी करके 15 दिन में जवाब देने को कहा है। उन्हें यह बताना होगा कि केस दर्ज होने के बाद भी उनमें कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब आने के बाद अगली कार्रवाई होगी।

    ठगी के 10 हॉटस्पाट

    100 करोड़ की ठगी से जुड़े मामले पर विज ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने बहुत बड़ा काम किया है। इस तरह के पूरे देश में ठगी के 10 हॉटस्पाट हैं, जहां से इस प्रकार की साइबर ठगी होती है। इसी में से एक नूंह था। 5000 पुलिस कर्मियों को लगाकर इन ठगों को पकड़ा है और लगभग 28 हजार केस के तार इससे जुड़े हैं। इस मामले में 65 लोगों को गिरफ्तार किया है और 250 लोगों को गिरफ्तार करने के लिए टीमों का गठन किया है।

    कंपनी ने कहा-यह बैच यूएई व किर्गिस्तान में भी

    विज ने कहा कि 21 अप्रैल को विभाग की ओर से इंजेक्शन बनाने वाली असली कंपनी को ईमेल भेजी। साथ ही, नकली इंजेक्शन का लेबल भी भेजा गया। लेबल पर असली कंपनी का नाम दर्ज था। कंपनी ने ईमेल के जवाब में दो-टूक कहा कि यह इंजेक्शन नकली है। साथ ही, यह भी खुलासा किया कि यह बैच यूनाइटेड अरब अमीरात व किर्गिस्तान देशों में भी पाया गया है। निर्माता कंपनी से नकली इंजेक्शन की पुख्ता जानकारी के बाद गुरुग्राम के औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने आरोपी संदीप भुई को गिरफ्तार किया।

    नकली इंजेक्शन की बिक्री का रिकार्ड जब्त

    विज ने बताया कि आरोपी कनिष्क राज कुमार के ठिकाने से नकली इंजेक्शन ‘Defitelio 80 mg/ml’ का बिक्री रिकॉर्ड भी औषधि नियंत्रण अधिकारी द्वारा जब्त किया है। इसमें मोती उर रहमान अंसारी द्वारा नकली इंजेक्शन देने की पुष्टि हुई है। कनिष्क राजकुमार ने पूछताछ में बताया कि एक तुर्की नागरिक मोहम्मद अली तरमानी उसके ऑफिस में जनवरी 2023 से आ रहा है। वह एक नकली इंजेक्शन मोहम्मद अली तरमानी से 1.75 लाख रुपये में खरीदकर 2.50 लाख रूपये में बेचता है। उसने यह भी बताया कि मोहम्मद अली तरमानी इस समय मुंबई के किसी होटल में ठहरा हुआ है। कनिष्क राजकुमार ने मोहम्मद अली तरमानी का मोबाइल नंबर भी औषधि नियंत्रण अधिकारी को बताया। इसके बाद मोहम्मद अली तरमानी का फोन निगरानी पर लगाया गया। इससे पता चला कि वह कोलाबा, मुंबई के एक होटल में रह रहा है। राज्य औषधि नियंत्रक ने इस बारे में मुंबई के जोन-। के डीसीपी हरी बालाजी से बात की। डीसीपी की टीम ने आरोपी मोहम्मद अली तरमानी को गिरफ्तार किया।

  • पंजाबः निगम की बड़ी कार्रवाई, बस स्टैंड के पास 10 होटल किए सील

    पंजाबः निगम की बड़ी कार्रवाई, बस स्टैंड के पास 10 होटल किए सील

    लुधियानाः नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की टीम द्वारा बस स्टैंड के पास बड़ी कार्रवाई की गई। इस दौरान निगम की बिल्डिंग ब्रांच की टीम 10 होटलों को सील किया गया है। वहीं कहा जा रहा है कि आज दूसरे दिन भी होटलों को सील करने की कार्रवाई जारी रहेगी। इन होटलों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर है कि नियमों का उल्लंघन कर यह होटल बनाए गए हैं। जवाहर नगर कैंप इलाके में करीब 10 होटल मालिकों के विरोध के बीच निगम अधिकारियों ने होटलों को ताला जड़ा। होटलों मालिकों और उनके कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी किया। कुछ लोगों ने तो निगम के अधिकारी को घेर लिया। पुलिस बल की मदद से अधिकारी को लोगों के बीच से छुड़वाया गया। बता दें कि 17 मई को होने वाली मामले की सुनवाई में नगर निगम को जवाब दाखिल करना है कि अधिकारियों ने इन होटलों को सील किया या नहीं।

    निदेशक स्थानीय निकाय विभाग उमा शंकर ने नगर निगम कमिश्नर शेना अग्रवाल को 105 भवनों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए पत्र लिखा हुआ है। बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन कर होटलों का निर्माण किया गया था, जिसके चलते पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इन अवैध होटलों के खिलाफ पिछले दिनों हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। इसके बाद विभाग ने उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकांश होटल मालिक पार्किंग के लिए उचित जगह छोड़ने में विफल रहे हैं या नगर निगम से बिल्डिंग प्लान स्वीकृत करवाने में विफल रहे हैं। पूर्व में मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए। 

    निगम अधिकारियों ने कहा कि महानगर में जो अवैध रूप से बिल्डिंगे बनी हैं उनकी पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में उन भवनों पर भी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नगर निगम से भवन निर्माण की मंजूरी जरूर प्राप्त करें। भवन निर्माण नियमों के अनुसार इमारतों का निर्माण करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बस स्टैंड पर जो अधिकारी होटल सील कर रहे थे। लोगों ने उन्हें रोकने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे उन्हें रोक नहीं पाए। हालांकि क्षेत्र में होटल मालिकों में बढ़ता विरोध देख फिलहाल 10 होटलों पर कार्रवाई को रोकना पड़ा। 

  • पंजाबः सैर कर रहे व्यक्ति का तेजधार हथियार से कत्ल 

    पंजाबः सैर कर रहे व्यक्ति का तेजधार हथियार से कत्ल 

    अजनालाः तहसील अजनाला के कमाल खां गांव से बड़ी खबर सामने आई है। जहां देर रात सैर कर रहे 55 वर्षीय व्यक्ति का अज्ञात हमलावारों ने तेजधार हथियार बरछी (भाले) मारकर कत्ल कर दिया। मृतक की पहचान सुखविंदर सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार गांव के सुखविंदर सिंह की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। देरा रात करीब साढ़े आठ बजे वह घर से अकेला ही सैर करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान कुछ अज्ञात हमलावारों ने बरछी से हमला कर दिया। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद आज सुबह पुलिस पार्टी गांव में सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी हुई है। अभी तक हमलावार पुलिस की गिरफ्त से दूर है।

  • DoT का बड़ा एक्‍शन, 2.25 लाख से अधिक सिम कार्ड किए बंद

    DoT का बड़ा एक्‍शन, 2.25 लाख से अधिक सिम कार्ड किए बंद

    पटना: दूरसंचार विभाग ने अप्रैल के महीने में बिहार और झारखंड में 2.25 लाख मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। इनमें से ज्‍यादातार सिम कार्ड कथि‍त तौर पर फर्जी दस्‍तावेजों पर लिए गए थे। टेलीकाॅम सर्विस प्रोवाइडर्स ने 517 प्वाइंट ऑफ सेल्स (पीओएस) को भी ब्‍लैक लिस्‍ट कर दिया है, जो प्रथम दृष्टया सिम कार्ड जारी करते समय अनैतिक और अवैध गति‍विधियों में शामिल पाए गए हैं। दूरसंचार विभाग के विशेष महानिदेशक (लाइसेंस्‍ड सर्विस एरियाज़- एलएसए बिहार ) के एक बयान के अनुसार, अप्रैल 2023 में ही, दोनों राज्यों में 2.25 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों को निष्क्रिय कर दिया गया है। ज्‍यादातर सिम कार्ड अवैध/अनैतिक साधनों के माध्यम से खरीदे गए थे। वहीं, इसके अलावा 517 पीओएस को ब्लैक लिस्ट किया गया है, क्योंकि वे सिम कार्ड जारी करते समय अनैतिक और अवैध व्यवहार में शामिल पाए गए थे।

    टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स शुरू कर रहे कानूनी कार्रवाई

    टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स फर्जी पीओएस के साथ-साथ ग्राहकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर रहे हैं। झारखंड भी डॉट के एलएसए (बिहार) के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्‍होंने अपने बयान में कहा कि प्राप्त नवीनतम रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार के कई जिलों और झारखंड में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है। दूरसंचार विभाग, पटना कार्यालय भी राज्य पुलिस के संपर्क में है और उसने दूरसंचार सिम ग्राहक सत्यापन (एएसटीआर) विश्लेषण के लिएआर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और फेस रिकग्‍निशन से संचालित समाधान से तैयार की गई खुफिया जानकारी साझा की है।

    राज्‍य पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

    इसपर राज्य पुलिस ने भी आश्वासन दिया है कि सिम धोखाधड़ी करनेवालों (पीओएस/सबस्क्राइबर्स) के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। बिहार और झारखंड के लगभग सात करोड़ सिम ग्राहकों के चेहरे के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है और कार्रवाई करने के लिए खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा दूरसंचार विभाग (बिहार) और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स और राज्य पुलिस ने सिम धोखाधड़ी करने वालों को पकड़ने के लिए एकजुट होकर काम करने पर सहमति जताई है। टेक्‍नोलॉजी पर बढ़ती निर्भरता के साथ साइबर धोखाधड़ी एक बड़ी चिंता बन गई है। सिम कार्ड भी इस देश के लगभग हर व्यक्ति की एक नई पहचान बन गया है।

    हालांकि, जैसा कि कहा जाता है कि कुछ भी कमी के बिना नहीं आता है, और सिम कार्ड के व्यापक उपयोग के कुछ अनपेक्षित परिणाम सामने आए हैं। कहा कि साइबर दुनिया में रोजाना नए तरह के अपराधी और पीड़ित सामने आ रहे हैं। दूरसंचार विभाग (नई दिल्ली) ने देश भर में 87 करोड़ सिम ग्राहकों के चेहरे का विश्लेषण किया है। यह विश्लेषण सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग के सहयोग से एएसटीआर का उपयोग करके किया गया है। विश्लेषण के परिणाम को दूरसंचार विभाग के साथ साझा किया गया है, ताकि टेलीकॉम सर्विसप्रोवाइडर्स और राज्य पुलिस की मदद से सिम धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • पूर्व भाजपा विधायक का निधन, कार्यक्रम से लौटने के बाद बिगड़ी थी ​तबीयत

    पूर्व भाजपा विधायक का निधन, कार्यक्रम से लौटने के बाद बिगड़ी थी ​तबीयत

    भोपाल: प्रदेश के सियासी गलियारे से दुखद खबर सामने आई है। पूर्व विधायक बीजेपी नेता रमेश शर्मा गुट्टू भैया का बीती रात करीब 2 बजे निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनका निधन हार्ट अटैक आने के चलते हुआ है। रमेश शर्मा कल एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया। गुट्टू भैया के निधन पर सीएम शिवराज ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया है।

    सीएम शिवराज ने गुड्डू भैया को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है कि आदरणीय रमेश शर्मा जी “गुट्टू भैया” छात्र राजनीति के जमाने के वरिष्ठ साथी थे। ऐसे सरल, सहृदय, नेक और आत्मीयता से भरे गुट्टू भैया का चले जाना, मेरी व्यक्तिगत क्षति है। आपका जाना भोपाल के सार्वजनिक जीवन में एक सूनापन छोड़ जायेगा। ईश्वर अपने श्रीचरणों में आपको स्थान और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति दें। ।।ॐ शांति।। वहीं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक रमेश शर्मा ‘गुट्टू भैया’ के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

    बता दें कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने पार्टी मुख्यालय में 22 अप्रैल को पूर्व विधायकों के साथ एक बैठक की थी। इस दौरान कई नेताओं से वन-टू-वन चर्चा भी हुई। इस बैठक में भाजपा नेता रमेश शर्मा की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। दरअसल बीजेपी के पूर्व विधायक रमेश शर्मा ने कहा था कि ये बहुत अच्छा कदम विधानसभा अध्यक्ष ने उठाया है कि पूर्व विधायकों की समस्याओं पर चर्चा करें। इसे पूर्व विधायकों को भी सम्मान मिलता है। अगर संगठन हमारी नहीं सुनेगा तो फिर क्या फायदा होगा? जब चुनाव आते हैं, तभी पार्टी को हमारी याद आती है। कलयुग में बिना काम के बाप भी बेटे को नहीं पूछता है, उन्होंने कहा हम पार्टी से कुछ नहीं चाहते बस सम्मान चाहते हैं।