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  • जालंधरः फगवाड़ी मोहल्ला गोलीकांड का आरोपी साथियों सहित काबू

    जालंधरः फगवाड़ी मोहल्ला गोलीकांड का आरोपी साथियों सहित काबू

    जालंधर, ENS: महानगर के फगवाड़ी मोहल्ला में बीती दिनी हुई गुंडागर्दी में एक पक्ष ने मोहल्ले में गोलियां चलाई थीं। जिस दौरान गोली चलने से अजय कुमार उर्फ गुल्लू घायल हो गया था। पुलिस ने गोलियां चलाने वाले 6 आरोपियों को हथियारों सहित काबू कर आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया थी कि केस में फरार चल रहे युवराज ठाकुर ने ही इलाके में गोलियां चलाई थी। जिसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी और वह अपने दोस्तो के साथ उनके घर पर ग्रीन वैली छिपा हुआ था।

    सूचना मिलते ही थाना 7 की पुलिस ने दी दबिश 

    जहां पुलिस को उसके छिपे होने की इसकी भनक लग गई थी। उसी दौरान थाना 7 की पुलिस अपने साथ मुलाजिमों के साथ घर में दाखिल हुए। अंदर दाखिल होते ही उन्होंने हाथ पीछे करो कहा और बोले सामान कहां है। यह देख कर वह सभी घबरा गए। युवराज ने आरोप लगाते हुए कहा कि उस पर फायर किया गया है। पुलिस ने उसे उसके दो साथियों सहित गिरफ़्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान घायल हुए युवराज को सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया।

    आरोपी से देसी कट्टा किया बरामद 

    युवराज के साथ पकड़े गए आशु और हर्ष को पुलिस अपनी कस्टडी में ले गई। वहीं दूसरी तरफ थाना 7 के प्रभारी के साथ बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया और एडीसीपी क्राइम कवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि मामला उनके ध्यान में नहीं है और जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने आरोपी से देसी कट्टा भी बरामद किया है जो वह यूपी से खरीद कर लाया था।

    यह है मामला

    युवराज के काली गैंग की प्रेमा गैंग से पुरानी रंजिश चल रही है। इसी रंजिश कारण फगवाड़ी मोहल्ले में 11 मई की रात को प्रेमा गैंग के सदस्यों ने काली के घर पर हमला किया। 12 मई की रात करीबन दो बजे युवराज और उसके गिरोह के सदस्यों ने प्रेमा के घर पर धावा बोल दिया था। लड़ाई में कांच की बोतलें व ईंटे बरसाई गई थीं। इस लड़ाई में युवराज ने लगातार चार फायर किएएक गोली अजय उर्फ गुल्लू के पांव पर लगी थी।

    खूनी झड़प में पुलिस ने दोनों पक्षों पर किया था क्राॅस केस दर्ज

    खूनी झड़प के बाद थाना 7 में पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्राॅस केस दर्ज किया था। काली गैंग के साहिल अटवाल के बयानों पर प्रेमा गैंग के प्रेमा, सुदामा, विनय, दिलखुश, शिवा, पंकू, वंश बंब, मनू बिल्ला, लविश, बग्गा, मिहिर के साथ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। ये सभी आरोपित फरार हैं। वहीं साहिल ने शिकायत दी थी कि प्रेमा और उसके साथियों ने उसके घर में घुस कर तोड़फोड़ की और उसे घायल कर दिया।

    घटना के बाद से युवराज चल रहा था फरार 

    थाना 7 में आर्य नगर में रहने वाले रोहित कुमार के बयानों पर साहिल कुमार, दिनेश अटवाल, लाली, रोबिन अटवाल, संजीव अटवाल और घुग्गी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस लड़ाई के बाद काली गैंग के 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया, लेकिन युवराज फरार हो गया। युवराज पर नकली नोट छापने का भी आरोप था। युवराज की तलाश में पुलिस ने ससुराल तक छापेमारी की। लेकिन वह वहां से भी फरार हो चुका था।

  • पंजाब : CM मान के पास पहुंचे जालंधर सहित 48 तहसीलदारों के भ्रष्टाचारियों के नाम, देखें लिस्ट

    पंजाब : CM मान के पास पहुंचे जालंधर सहित 48 तहसीलदारों के भ्रष्टाचारियों के नाम, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़: पंजाब में रिश्वतखोरी को रोकने के लिए सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, वहीं दूसरी ओर विजिलेंस ब्यूरो भी रिश्वत लेने वाले अधिकारियों के पीछे लगा हुआ है। आप सरकार ने 48 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के खिलाफ रिश्वत लेने के मामले में जांच शुरू करने के लिए विजिलेंस ब्यूरो को आदेश जारी किए हैं। मुख्यसचिव की और से विजिलेंस ब्यूरो को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शिकायत मिली है। कि कई जिलों के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने रिश्वत लेने के लिए निजी कर्मचारियों को काम पर रखा है। जिसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की थी।

    पंजाब सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो को जमीनी स्तर पर सारी जानकारी इक्कठी करके रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। विजिलेंस ब्यूरो डाटा तैयार कर राज्य के मुख्य सचिव को भेजेगा। इस रिपोर्ट के अनुसार जिला पटियाला, बरनाला, संगरूर, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, मोहाली, रोपड़, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, बठिंडा, श्री मुक्तसर के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के कार्यालय साहिब, लुधियाना में वसीका में नवीस और निजी कर्मचारी रिश्वत लेते हैं।

    फील्ड में जांच के बाद यह बात सामने आई है कि रिश्वत लेकर संपत्ति के कागजों पर कोड लिखा जाता है। इस कोड को देख कर तहसीलदार या नायब तहसीलदार समझ जाते है कि किस वसीका नवीस ने जमीन के कागजात तैयार किए हैं। और शाम को पंजीकरण के बाद तहसीलदार या नायब तहसीलदार पैसे लेने के लिए अपने निजी व्यक्ति को भेजता है।

  • पंजाब : विधानसभा में पारित विधेयक को SGPC ने किया खारिज

    पंजाब : विधानसभा में पारित विधेयक को SGPC ने किया खारिज

    चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा में पारित सिख गुरुद्वारा संशोधन बिल 2023 को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने खारिज कर दिया है। इस संबंध में सदस्यों की राय लेने व फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के लिए 26 जून को एसजीपीसी के जनरल हाउस की विशेष बैठक बुला ली गई है। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सदस्यों के साथ बैठक के बाद मीडिया से कहा कि एसजीपीसी के 103 साल के इतिहास में यह दिन काले अक्षरों में याद किया जाएगा।

    पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने सीधे तौर पर गुरुद्वारे की व्यवस्था में हस्तक्षेप किया है। सरकार ने असंवैधानिक बिल पास किया है। इसे किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। आजाद भारत में पंजाब सरकार की ओर से एसजीपीसी पर किए गए इस हमले को सिख समुदाय कभी नहीं भूलेगा। एसजीपीसी इस फैसले का मुंहतोड़ जवाब देगी। इसकी रूपरेखा विशेष आम बैठक बुलाई गई है। धामी ने कहा कि सिख धर्म और सिख संस्थानों में सरकारी दखलंदाजी को पंथ कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगा।

    एसजीपीसी की स्थापना के समय भी ब्रिटिश सरकार ने एक सरकारी कमेटी का गठन किया था, जिसे सिखों ने अस्वीकार कर दिया और पंथ की अपनी कमेटी गठित की थी। भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार उसी रास्ते पर चल रही है। धामी ने कहा कि अगर पंजाब सरकार इस काले कानून को लागू करने की कोशिश करती है तो सिख समुदाय इससे सख्ती से निपटना जानता है। राज्य सरकार अपने दम पर सिख गुरुद्वारा अधिनियम में कोई संशोधन नहीं कर सकती है, यह केवल एसजीपीसी के जनरल हाउस की सिफारिशों के साथ किया जा सकता है। 

    धामी ने कहा कि पंजाब सरकार गुरबाणी प्रसारण को मुद्दा बनाकर एसजीपीसी को कमजोर कर रही है। गुरबाणी प्रसारण के मामले में शिरोमणि कमेटी पहले से ही एक सब-कमेटी के माध्यम से काम कर रही है। इस संबंध में दो बैठकों में काफी हद तक भविष्य की प्राथमिकताओं का निर्धारण किया जा चुका है। ऐसा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार किया जा रहा है। इसके बाद भगवंत सिंह मान की सरकार सिर्फ लोकप्रियता हासिल करने के लिए जानबूझकर इस मुद्दे को उलझा रही है। 

  • जालंधरः चोरी की बाइक और 6  मोबाइल सहित आरोपी गिरफ्तार

    जालंधरः चोरी की बाइक और 6 मोबाइल सहित आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर, ANS: थानों दो की पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार कर उसके कब्ज़े से एक चोरी का मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ़्तार व्यक्ति की पहचान निर्मल सिंह उसे नीमा निवासी काज़ी मंडी के रूप में हुई है।

    थाना प्रभारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी टीम के एएसआई मंगत सिंह पुलिस पार्टी सहित गश्त के दौरान भी पटेल चौक के पास मौजूद थे। जहां उन्हें गुप्त सूचना मिली कि निर्मल सिंह चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर चोरी के मोबाइल बेचने के लिए दाना मंडी आ रहा है।

    इस दौरान मंगत सिंह अपनी टीम को साथ लेकर आरोपी निर्मल को रास्ते में दबोच कर उसके क़ब्ज़े से चोरी के 6 मोबाइल और एक चोरी का मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

  • जालंधरः लूटपाट और चोरी के मामले में तीन गिरफ़्तार

    जालंधरः लूटपाट और चोरी के मामले में तीन गिरफ़्तार

    जालंधर, ANS: थाना फिलौर की पुलिस ने लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार कर उनके क़ब्ज़े से छह मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन, नक़दी और अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ़्तार व्यक्तियों की पहचान जश्न दीप सिंह निवासी हैवोबाल, लुधियाना, करण निवासी फिलौर 

    और अजीत अवतार सिंह निवासी मुहल्ला संतोखपुरा फिलौर के रूप में हुई है। डीएसपी जगदीश राज ने बताया कि थाना प्रभारी हरजिंदर सिंह ने की टीम ने गुप्त सूचना के आधार इस गिरोह के सदस्यों को काबू किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नशे की पूर्ति के लिए लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

  • जालंधरः चोरी के मामले में दो गिरफ़्तार

    जालंधरः चोरी के मामले में दो गिरफ़्तार

    जालंधर, (ANS):  थाना आठ की उपचौकी फोकल प्वाइंट की पुलिस ने चोरी के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार व्यक्तियों की पहचान राजवंत सिंह निवासी नंदनपुर और मनी सागर निवासी न्यू गुरुनानक नगर, नागरा फाटक के रूप में हुई है। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि फोकल प्वाइंट चौकी इंचार्ज की टीम के एएसआई दिलबाग सिंह ने चोरी के दर्ज हुए मुक़दमे में जांच के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर जुडिशियल रिमांड हासिल करेगी और इनसे पूछताछ करेगी ताकि और वारदातें हल होने की संभावना हो।

  • जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा, बिल्डिंग की बालकनी टूटने से कई घायल, देखें वीडियो

    जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा, बिल्डिंग की बालकनी टूटने से कई घायल, देखें वीडियो

    अहमदाबाद:  दरियापुर के करियानाका रोड पर भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हादसा हो गया। रथ यात्रा के गुजरते समय एक घर की बालकनी टूटने से कई लोग घायल हो गए। दरअसल लोग बिल्डिंग की बालकनी में खड़े होकर रथ यात्रा देख रहे थे। इसी दौरान अचानक तीसरे मंजिल की बालकनी टूटकर गिर गई। हादसे के वक्त बालकनी में बच्चे और महिलाएं भी खड़ी थीं। अचानक हुए हादसे से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और सभी मलबे के साथ नीचे गिर गए। वहीं बताया जा रहा है कि नीचे खड़े लोगों के ऊपर भी इमारत का मलबा गिरा जिससे लोगों को गंभीर चोटें आईं।

    हादसे में 10 से 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा अहमदाबाद में दरियापुर काडिया नाका के पास हुआ यहां एक इमारत का स्लैब गिर गया। पटिया टूटने की घटना में 10 से 15 लोगों के घायल हो गए। आनन-फानन में सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। तीसरी मंजिल का छज्जा गिरने से नीचे के फ्लोर से रथ यात्रा को देख रहे लोगों को भी चोट पहुंचे।

    यह घटना उस वक्त हुई जब यात्रा कुछ ही किलोमीटर बाद खत्म होने वाली थी। मिली जानकारी के अनुसार, घायलों में 2 बच्चे, 3 महिलाएं और 6 पुरुष भी शामिल हैं। सभी घायलों को सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। दमकल की 2 गाड़ियों को लेकर टीम मौके पर पहुंची और फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।

  • जालंधरः अवैध रेत खनन के मामले में एक गिरफ़्तार

    जालंधरः अवैध रेत खनन के मामले में एक गिरफ़्तार

    जालंधर, वरुण/हर्ष : थाना बिलगा की पुलिस ने एक आरोपी को अवैध रेत खनन मामले में गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार व्यक्ति की पहचान रूपान चौधरी निवासी मनसा देवी नगर फगवाड़ा के रूप में हुई है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महेंद्र पाल ने बताया कि उनकी टीम ने गाव वुरज हसन, मंड के पास रेत से भरी ट्राली ले जा रहे व्यक्ति को रोक कर दस्तावेज़ चैक किए तो आरोपी रेत से भरी ट्रॉली के संबंधी कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सका। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के ख़िलाफ मामला दर्ज कर ट्रैक्टर और रेत से भरी ट्राली को जप्त कर लिया है।

  • जालंधरः इंसानियत शर्मसार, पोते ने की बुजुर्ग से मारपीट, देखें  CCTV

    जालंधरः इंसानियत शर्मसार, पोते ने की बुजुर्ग से मारपीट, देखें CCTV

    जालंधर,वरुण/हर्ष: महानगर में इंसान ही तो शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां 85 साल के बुजुर्ग के  साथ पोते ने घर में घुसकर मारपीट की गई। बुजुर्ग केवल किशन की इसकी शिकायत थाना-2 के एसएचओ से की है। केवल किशन का कहना है कि नशे की हालत में उसके घर में घुसकर अमित हंस ने मारपीट की। इस संबंध में केवल किशन ने पुलिस को दिए शिकायत में कहा है कि अमित हंस चिट्टे का आदी है।

    उन्होंने बताया कि रात में नशे की हालत में वह उनके घर में आया और नशे की आपूर्ति के लिए पैसे मांगने। लगा। आरोप है कि पैसे न दिए जाने से गुस्साए अमित ने उनके साथ मारपीट की और उनकी पत्नी के ऊपर साइकिल उठाकर मारा। उन्होंने कहा कि जाते समय अमित ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। उन्होंने पुलिस से अपनी जानमान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने पीड़ित के बयानों पर मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • पंजाब : 21 लाख रिश्वत लेकर नशा तस्कर को छोड़ा, SHO-चौकी इंचार्ज नामजद

    पंजाब : 21 लाख रिश्वत लेकर नशा तस्कर को छोड़ा, SHO-चौकी इंचार्ज नामजद

    सुभानपुर(कपूरथला): 21 लाख रुपये रिश्वत लेकर तस्कर को छोड़ने के आरोप में थाना सुभानुपर के तत्कालीन एसएचओ व चौकी बादशाहपुर के इंचार्ज को जिला पुलिस ने नामजद किया है। थाना सुभानपुर में दर्ज केस में डील करवाने वाला बिचौलियां भी शामिल है। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब बीते 12 जून को सुभानपुर एरिया से जालंधर देहाती की पुलिस ने छह किलो हेरोइन व तीन हजार रुपये की ड्रगमनी समेत नशा तस्कर को दबोचा। जिसे जिला कपूरथला पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की तो एसएचओ व चौकी इंचार्ज की रिश्वत लेकर छोड़ने का मामला साफ हो गया।

    आरोपों में घिरा एसएचओ इस समय थाना कोतवाली में तैनात था और फरार है। जबकि चौकी इंचार्ज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उधर, जिला पुलिस इस मामले की प्रेसकांफ्रेंस करने की तैयारी कर रही है। 12 जून को जालंधर देहाती पुलिस ने नशा तस्कर गुजराल सिंह उर्फ जोगा निवासी गांव बूट थाना सुभानपुर को छह किलो हेरोइन, तीन हजार रुपये की ड्रग मनी के साथ पकड़ा था। तफ्तीश दौरान अमनदीप सिंह उर्फ अमना निवासी ठट्ठा थाना सरहाली तरनतारन और जोगिंदर सिंह उर्फ भाई निवासी गांव बूट थाना सुभानपुर को नामजद करके प्रोडक्शन वारंट पर लाकर रिमांड हासिल किया गया तो पूछताछ में गुजराल सिंह उर्फ जोगा व जोगिंदर सिंह उर्फ भाई ने बताया कि 12 मार्च 2023 को चौकी बादशाहपुर जिला कपूरथला की पुलिस ने गुजराल सिंह उर्फ जोगा को पकड़ा था।

    उस समय एसआई हरजीत सिंह वहां आ गया, जोकि थाना कोतवाली में तैनात थे। जोगा ने बताया कि वह 11 फरवरी 2022 में थाना सुल्तानपुर लोधी में दर्ज एनडीपीएस एक्ट केस में वांछित था। उसकी पत्नी (जोगा) जगजीत कौर मैंडी गरेवाल ने गुजराल सिंह उर्फ जोगा को पुलिस से छुड़वाने के लिए चौकी बादशाहपुर इंचार्ज और थाना कोतवाली के एसएचओ के साथ 21 लाख रुपये में सौदा तय किया और एक लाख रुपये एसएचओ हरजीत सिंह ने चौकी में ही लिए और अगले दिन एसएचओ और चौकी इंचार्ज परमजीत सिंह ने जोगा के पिता जोगिंदर सिंह और सरपंच राजपाल सिंह के भाई ओंकार सिंह उर्फ कारी निवासी गांव बूट की मौजूदगी में चौकी बादशाहपुर में 19 लाख रुपये ले लिए और एक लाख रुपये चौकी इंचार्ज परमजीत सिंह ने अलग से लिए।

    रिश्वत के पैसे लेने के बाद एसएचओ और चौकी इंचार्ज ने गुजराल सिंह उर्फ जोगा को पिता जोगिंदर सिंह उर्फ भाई व ओंकार सिंह के हवाले कर दिया। इसका खुलास होने पर जालंधर देहाती पुलिस की ओर से एसएसपी कपूरथला राजपाल सिंह संधू को सूचित किया गया तो एसएसपी ने खुद कमान संभालते हुए मामले की जांच में दोनों को आरोपी पाते हुए एसएचओ एसआई हरजीत सिंह, तत्कालीन चौकी बादशाहपुर इंचार्ज परमजीत सिंह और डील करवाने वाले गांव बूट के सरपंच के भाई ओंकार सिंह के खिलाफ थाना सुभानपुर में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7, आईपीसी की धारा 222 और 120-बी के तहत केस दर्ज करवाया।

    पुलिस ने आरोपी चौकी इंचार्ज को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एसएचओ हरजीत सिंह फरार है। एसपी-जांच रमनिंदर सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द प्रेसकांफ्रेंस करके मीडिया को जानकारी दी जाएगी। इस मामले के सामने आने से कई पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जांच के बाद एक डीएसपी सहित और भी कुछ पुलिस वालों के नाम सामने आने की संभावना है। बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत की तरह इस मामले की भी पूरी गहनता से जांच की जानी चाहिए कि उक्त हरजीत सिंह किस किस थाने में तैनात रहा और वहां एनडीपीएस एक्ट के कितने पर्चे दर्ज हुए और इसको किस किस पुलिस अधिकारी का संरक्षण प्राप्त था।