Home Punjab>Ludhiana पंजाब: किसान आंदोलन को लेकर कई होटलों की बुकिंग हुई रद्द, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

पंजाब: किसान आंदोलन को लेकर कई होटलों की बुकिंग हुई रद्द, कारोबारियों की बढ़ी चिंता

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लुधियाना : किसानों के आंदोलन को लेकर पंजाब के कारोबारियों पर बड़ा असर देखने को मिला है। दरअसल, अमृतसर और लुधियाना जैसे धार्मिक और व्यापारिक महत्व के शहरों में रोजाना लाखों बाहरी लोग आते हैं, मगर जब से किसान आंदोलन 2.0 शुरू हुआ है, बाहर से लोगों की आमद बहुत घट गई है। बाजारों में रौनक भी घट चुकी है और रेस्त्रां भी खाली हैं। उनमें स्थानीय लोगों के सिवाय और कोई नहीं आ रहा है। होटलों में बुकिंग ना के बराबर है। होटल व्यवसायी कह रहे हैं कि आंदोलन जारी रहा तो उनके व्यापार के लिए हालत कुछ-कुछ कोरोना काल जैसी हो जाएगी। अमृतसर के फॉर्च्यून होटल में प्रबंधक मणि आनंदन ने बताया कि फरवरी में होटल व्यवसाय अच्छा रहता है मगर इन दिनों ऑक्युपैंसी घट गई है।

होटल एंड रैस्टोरैंट एसोसिएशन पंजाब के प्रधान अमरवीर सिंह ने बताया कि लुधियाना में 273 होटल हैं। यह सभी होटल बाहर से आने वाले व्यापारियों के सहारे ही चलते हैं। किन्तु किसान आंदोलन के चलते कोई भी व्यापारी पंजाब आने से बच रहा है। अगर आगे ऐसे ही हालात रहे तो होटल कारोबारियों को किसानों की जिद्द की बड़ी कीमत चुकानी होगी। महासचिव राजा नंदा का कहना है कि पहले तो कोरोना काल में इंडस्ट्री बंद होने की वजह से लुधियाना के होटल कारोबारियों ने बड़ा नुक्सान उठाया। इसके बाद पहले किसान आंदोलन के समय भी होटल कई दिन बंद रहे। मौजूदा समय में होटल कारोबारियों की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। अगर किसान आंदोलन 2.0 जल्द खत्म न हुआ तो महानगर के कई होटल सदा के लिए तालाबंद हो जाएंगे।

सरकार से अनुरोध है कि किसानों का आंदोलन तुरन्त खत्म करवाए और किसान भाई भी केवल अपना स्वार्थ न देखें। किसान यह सोचे कि उनके इस तरह के आंदोलन से सूबे की अर्थव्यवस्था को कितना नुक्सान हो रहा है। वर्तमान स्थिति के कारण लोग यहां आने में हिचक रहे हैं। कुछ बुकिंग कैंसिल भी हुई है। एक अन्य होटल के संचालक रवि ने कहा कि पिछले साल फरवरी के मुकाबले इस बार बुकिंग घट चुकी है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब की सड़कें बंद होने, हवाई किराए बहुत ज्यादा बढ़ने और कुछ घंटे ही सही ट्रेनें बंद करने की खबरें फैलती हैं तो बाहर से आने वाले लोग घबरा तो जाते ही हैं। घूमने आने वाले लोग ऐसे में बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के कम आने से सिर्फ होटल व्यवसायियों पर ही नहीं, छोटे-मोटे दुकानदारों पर भी असर पड़ रहा है।

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