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  • Punjab News: 2 पक्षों में हुई झड़प में चले ईंट-पत्थर, माहौल तनावपूर्ण

    Punjab News: 2 पक्षों में हुई झड़प में चले ईंट-पत्थर, माहौल तनावपूर्ण

    फाजिल्काः बल्लुआणा हलके के गांव बहादर खेड़ा में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई टकराव ने गांव का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। घटना के दौरान ईंटों और पत्थरों से हमला किये जाने के आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार रमन्‍दीप पुत्र कृष्ण अपने साले के बेटे विक्रम पुत्र राणा राम के साथ दुकान से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में दूसरी तरफ के लोगों से उनकी कथित तौर पर तकरार हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते दूसरी तरफ के लोगों ने उन पर अचानक ईंटों और पत्थरों से हमला कर दिया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच करीब आधा से पौना घंटा तक ईंट-पत्थर चले। जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर गांव के लोग मौके पर इकट्ठे हो गए और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। मामले संबंधी थाना पुलिस के अधिकारी गुरमीत सिंह ने बताया कि पुलिस को आवेदन (एमएलआर) मिल गई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संगत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

  • Punjab News: बच्चे संग दवाई लेने जा रहे महिला से स्नेचिंग, देखें CCTV

    Punjab News: बच्चे संग दवाई लेने जा रहे महिला से स्नेचिंग, देखें CCTV

    लुधियानाः महानगर में लूटपाट और स्नेचिंग की घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। शहर में रोजाना हो रही वारदातों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं ताजा मामला थाना सलेम टाबरी के अधीन आते मोहल्ला अशोक नगर से सामने आया है, जहां दवाई लेने जा रही महिला का मोबाइल छीनकर बाइक सवार लुटेरे फरार हो गए। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। मामले की जानकारी देते हुए अशोक नगर की रहने वाली पीड़ित महिला अनीता ने बताया कि वह दवाई लेने के लिए मोहल्ले की दुकान पर जा रही थी।

    इस दौरान 2 लुटेरे स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आए और उसका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। वहीं सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि महिला फोन पर बात करती हुए बच्चे के साथ पैदल जा रही थी। इस दौरान बाइक सवार लुटेरे आए और उसका फोन छीनकर फरार हो गए। घटना के दौरान महिला शोर मचाते हुए बच्चे के साथ बाइक सवारों का पीछे करने के लिए भागी, लेकिन स्नेचर घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गए। पीड़िता ने बताया कि उसने थाना सलेम टाबरी की पुलिस को शिकायत दर्ज करवा दी गई है और पुलिस ने इंसाफ की गुहार लगाई है।

  • युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए शिक्षा ढांचे में व्यापक सुधार: Harjot Bains

    युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए शिक्षा ढांचे में व्यापक सुधार: Harjot Bains

    चंडीगढ़: राज्य में तकनीकी और पेशेवर शिक्षा को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के तहत पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, गुरदासपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पांच नए उद्योग एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।

    स. बैंस ने कहा कि नए पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग में बी.टेक, रोबोटिक्स एवं एआई में बी.टेक, बी.फार्मेसी, बी.एससी. एग्रीकल्चर तथा एम.सी.ए., एम.बी.ए. और एम.एससी. के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम शामिल हैं।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कदम स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “सिर्फ सिद्धांत और परीक्षा-केंद्रित शिक्षा का पुराना मॉडल अब अप्रासंगिक हो चुका है। इसलिए हम इसे व्यावहारिक प्रशिक्षण, प्रयोगशाला-आधारित सीखने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित कर रहे हैं। सरदार बेअंत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी अब केवल डिग्री प्रदान करने वाला संस्थान नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमशीलता के इच्छुक युवाओं के लिए एक लॉन्चपैड बनेगी।”

    स. बैंस ने बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक सेमेस्टर अवधि की अनिवार्य इंटर्नशिप तथा लाइव प्रोजेक्ट्स में भाग लेना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जब कोई छात्र स्नातक बने, तब वह पहले से ही उद्योग के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने कहा कि यह केवल पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं, बल्कि पंजाब में सीखने, कमाने और आगे बढ़ने की संस्कृति में एक क्रांतिकारी परिवर्तन है।

    शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पहल राज्य से प्रतिभा और कौशल के पलायन की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई है। अब पंजाब के अभिभावकों को अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी या फार्मास्युटिकल शिक्षा के लिए मजबूरी में राज्य से बाहर भेजने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि मान सरकार पंजाब में ही भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक विश्वविद्यालय विकसित कर रही है।

  • योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा, स्वस्थ नागरिक से ही बनेगा स्वस्थ भारत : लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा

    योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा, स्वस्थ नागरिक से ही बनेगा स्वस्थ भारत : लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा

    चंडीगढ़: हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि योग किसी एक विशेष दिन या तारीख पर करने का सीमित अभ्यास नहीं है, बल्कि इसे हमें अपनी दैनिक जीवन शैली का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा। जब हर नागरिक इसे अपने जीवन में उतारेगा, तभी एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।

    लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा शनिवार को सिरसा में शहीद भगत सिंह स्टेडियम के हॉकी मैदान में महिला एवं बाल विकास, आयुष विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में व्यस्तता और तनाव के कारण इंसान कई बीमारियों से घिर रहा है। ऐसी स्थिति में योग ही एक मात्र ऐसा साधन है, जो व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर पूरी तरह स्वस्थ रखता है। योग न केवल हमारे शरीर को ऊर्जावान और लचीला बनाता है, बल्कि यह हमारे मस्तिष्क को भी शांति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि अगर देश के नागरिक शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होंगे, तो हमारा देश भी प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा और स्वस्थ रहेगा।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों के कारण ही आज योग को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। आज पूरा विश्व भारतीय संस्कृति के इस अनमोल उपहार को अपना रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की स्वीकार्यता इस बात का प्रमाण है कि यह संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए कितना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर योग अभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे न केवल स्वयं इसका हिस्सा बनें और योग से जुड़े, बल्कि अपने आस-पास के लोगों, मित्रों और परिवारजनों को भी योग करने के लिए प्रेरित करें।

  • Punjab News: NRI के कत्ल में भाई बेटा और प्रॉपर्टी डीलर शामिल, हुआ खुलासा, देखें वीडियो

    Punjab News: NRI के कत्ल में भाई बेटा और प्रॉपर्टी डीलर शामिल, हुआ खुलासा, देखें वीडियो

    अमृतसरः देहाती पुलिस ने ऑस्ट्रेलियाई NRI सुनील शर्मा की गुमशुदगी मामले की जांच करते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है। जांच के दौरान सामने आया कि सुनील शर्मा की हत्या उसके अपने सगे भाई प्रतीतिश शर्मा ने संपत्ति हड़पने की नीयत से अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। एसएसपी अमृतसर देहाती कनवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि 23 मई को सुनील शर्मा की गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीआईए, टेक्निकल सेल और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

    जांच में पता चला कि मुख्या आरोपी सतीश शर्मा ने अपने पुत्र सुनी शर्मा और प्रॉपर्टी डीलर लखविंदर सिंह के साथ मिलकर सुनील शर्मा को प्रॉपर्टी डील के बहाने बुलाया। आरोपी पहले उसे नींद की गोलियाँ देकर बेहोश कर चुके और बाद में सिर पर भारी चोट करके उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए खून से लथपथ बिस्तर और अन्य सामान को नष्ट करने की कोशिश की गई।

    पुलिस के अनुसार सुनील शर्मा ऑस्ट्रेलिया का नागरिक था और पंजाब में उसकी करोड़ों रुपये की संपत्ति थी। आरोपियों ने जाली पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर उसकी और उसकी बहन की संपत्तियों को बेचे जाने की साजिश रची थी। प्रारम्भिक जांच में लगभग 5 से 6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी उजागर हुई है। पुलिस ने इस मामले में सतीश शर्मा, उसके पुत्र सुनी शर्मा और प्रॉपर्टी डीलर लखविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मृतक की लाश हरीके इलाके में फेंकी जाने की संभावना है, जिसकी खोज के लिए विभिन्न टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी ने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जाली दस्तावेज बनाने व प्रॉपर्टी धोखाधड़ी में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

     

  • स्कूल में टीचर सहित 150 स्टूडेंट्स हुए बीमार, एक सप्ताह की छुट्टी घोषित

    स्कूल में टीचर सहित 150 स्टूडेंट्स हुए बीमार, एक सप्ताह की छुट्टी घोषित

    वायनाड: केरल के वायनाड जिले में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में टीचर सहित 150 बच्चे बीमार पड़ गए। जानकारी के मुताबिक 1 जून से ही कुछ बच्चों में लक्षण दिखने शुरू हो गए। बच्चों को उल्टी और बुखार की शिकायत होने पर बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बच्चों की बीमारी के कारण की जांच भी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक एक टीचर को भी कुछ परेशानी हुई है। फिलहाल स्कूल में एक सप्ताह का अवकाश घोषित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी केरल के वायनाड जिले के कोइलाडी में एक सरकारी सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजूद है। यहां स्कूल के लगभग 150 छात्रों को पिछले तीन दिनों से बुखार और उल्टी की शिकायत है।

    फिलहाल छात्रों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक ये बच्चे मार बेसेलियोस सरकारी सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र हैं। इनमें से 38 छात्रों को लगातार परेशानी हो रही है, उन्हें बाथरी तालुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को लेकर जिला चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। वहीं एहतियात के तौर पर स्कूल में एक सप्ताह की छुट्टी घोषित कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि बच्चों के इलाज के लिए बाथरी तालुक अस्पताल में एक विशेष वार्ड स्थापित किया गया है।

    डीएमओ ने बताया कि छात्रों के अलावा, स्कूल के एक शिक्षक को भी शारीरिक परेशानी हुई है। वहीं अस्पताल का दौरा करने वाले पंचायत अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ बच्चों में 1 जून से ही लक्षण दिखने शुरू हो गए थे, लेकिन उनकी शारीरिक परेशानी का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। डॉक्टरों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की परेशानी के कारणों का पता लगाने के लिए नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। फिलहाल इतनी बड़ी संख्या में बच्चे क्यों बीमार हुए हैं, इसकी जांच की जा रही है।

     

  • मुख्यमंत्री ने समालखा के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र के वार्षिक स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि लिया भाग

    मुख्यमंत्री ने समालखा के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र के वार्षिक स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि लिया भाग

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को समालखा, पानीपत के सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र के वार्षिक स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा कि यह वार्षिक स्थापना दिवस सेवा, साधना और समर्पण के उस विराट संकल्प का उत्सव है, जो समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र से जुड़े उन सभी लाखों परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि, लोगों ने अपने श्रम, सहयोग, त्याग और समर्पण से इस महान प्रकल्प को आकार दिया है। जब समाज स्वयं अपने विकास का संकल्प लेता है, तब परिवर्तन केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि पीढिय़ों तक जारी रहता है।

    भारत की आत्मा गांवों में बसती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में विकसित भारत का जो संकल्प देश ने लिया है, उसकी सबसे मजबूत नींव हमारे गांव ही हैं। विकसित भारत का मार्ग विकसित गांवों से होकर गुजरता है। यह केंद्र एक भवन या संस्था नहीं बल्कि, आत्मनिर्भर भारत का एक जीवंत मॉडल दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि यह केंद्र आसपास के 100 गांवों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यह गांवों के भविष्य को संवारने का संकल्प है। यह प्रयास उन गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां शिक्षा, कौशल, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, संस्कृति और रोजगार के सभी आयामों पर एक साथ कार्य किया जा रहा है। यह केंद्र सेवा, साधना और ग्राम विकास की त्रिवेणी के रूप में स्थापित किया गया है। सेवा वह शक्ति है, जो समाज को जोड़ती है। साधना वह ऊर्जा है, जो व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है और ग्राम विकास वह माध्यम है, जो राष्ट्र निर्माण की नींव को मजबूत करता है। जब ये तीनों धाराएं एक साथ प्रवाहित होती हैं, तब समाज में विकास के साथ एक नई चेतना का जन्म भी होता है।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमें सदैव वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश देती आई है। हमारी परंपरा हमें सिखाती है कि संपूर्ण विश्व एक परिवार है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, यह केंद्र एक भूमि, एक परिवार और एक भविष्य’ की अवधारणा पर काम कर रहा है। यह विचार भारतीय जीवन दर्शन का सार है। जब हम भूमि को माता मानते हैं। समाज को परिवार मानते हैं और भविष्य को साझा जिम्मेदारी मानते हैं, तभी सच्चे अर्थों में सतत विकास संभव हो पाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व तेजी से बदल रहा है। तकनीक, नवाचार और आधुनिकता के इस दौर में सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हमारे युवाओं को समय की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण मिले। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि यहां कौशल विकास केंद्र की स्थापना की गई है। इतना ही नहीं, इसके लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ कौशल प्रशिक्षण के लिए समझौता भी किया गया है। यह केंद्र हजारों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि 21वीं सदी भारत के युवाओं की सदी है। यदि युवाओं को सही कौशल, सही अवसर और सही मार्गदर्शन मिल जाए, तो वे न केवल अपने परिवार की तकदीर बदल सकते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह केंद्र युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। यहां से निकलने वाले युवा आत्मविश्वास, ज्ञान और कौशल से परिपूर्ण होकर समाज में नई पहचान स्थापित कर रहे हैं।

    इस केंद्र में किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आज पूरी दुनिया रसायन मुक्त खेती की ओर बढ़ रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहा है। हरियाणा सरकार भी इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। प्राकृतिक खेती केवल खेती की तकनीक नहीं है, बल्कि धरती माता के प्रति हमारा दायित्व भी है। इससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है, जल संरक्षण होता है, पर्यावरण सुरक्षित रहता है और किसानों की लागत भी कम होती है। प्राकृतिक खेती करने वाले पात्र किसानों के लिए देसी गाय पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। प्राकृतिक खेती में देसी गाय का विशेष महत्व है। जीवामृत, घनजीवामृत और अन्य प्राकृतिक इनपुट तैयार करने में देसी गाय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है कि किसानों को आर्थिक सहायता देकर प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित किया जाए। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कच्चे माल के भंडारण और प्रसंस्करण के लिए चार ड्रम खरीदने हेतु प्रत्येक किसान को 3 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ-साथ खेती को अधिक व्यवस्थित बनाएगी।

    प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वित्त वर्ष के बजट में कई ठोस निर्णय लिये हैं। इसी दिशा में एपीडा प्रमाणित प्राकृतिक एवं जैविक किसानों को 5 वर्षों तक प्रति वर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। यह सहायता किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर स्थायी रूप से प्रेरित करेगी और उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो अगले कम से कम 10 वर्षों तक वहां प्राकृतिक और जैविक खेती करेंगे। इसी प्रकार पंचायत भूमि पर भी प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार की जा रही है। प्राकृतिक खेती का सबसे बड़ा लाभ तभी मिलेगा जब किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। प्रदेश की 10 मंडियों में प्राकृतिक और जैविक किसानों के लिए विशेष स्थान उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके साथ-साथ परीक्षण प्रयोगशालाएं तथा एपीडा द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसानों को अपनी उपज की गुणवत्ता प्रमाणित कराने और बेहतर बाजार प्राप्त करने में सुविधा मिल सके।

    चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में 2 हजार एकड़ क्षेत्र में ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ योजना प्रारंभ की जाएगी। यह योजना प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि इस योजना में किसानों को किसी प्रकार का नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई हरियाणा सरकार करेगी। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि कि इस साधना केंद्र में खेल नर्सरी के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ा जा रहा है।हरियाणा खेलों का पावर हाउस है। देश के लिए सबसे अधिक पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों में हरियाणा के खिलाडिय़ों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि गांवों में खेल प्रतिभाओं को सही अवसर और प्रशिक्षण मिले, तो आने वाले समय में यह केंद्र भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों को तैयार करने का कार्य करेगा।

    किसी भी समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब उसके कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। यहां ऐसे छात्रावास संचालित किए जाएंगे, जहां निर्धन परिवारों के बच्चे रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकेंगे। यह केवल छात्रावास नहीं होंगे, बल्कि प्रतिभाओं के निर्माण केंद्र होंगे। सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र भी इसी अंत्योदय के विचार को आगे बढ़ा रहा है। यहां सेवा का भाव है, समाज को जोडऩे का संकल्प है और भविष्य निर्माण की दृष्टि है। यह केंद्र आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है कि किस प्रकार समाज की शक्ति, संस्कृति के मूल्यों और आधुनिक विकास की अवधारणाओं को एक साथ जोडक़र परिवर्तन लाया जा सकता है। यह केंद्र केवल पानीपत या हरियाणा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में ग्राम विकास, कौशल विकास, प्राकृतिक खेती, खेल प्रोत्साहन और सामाजिक उत्थान का एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरेगा।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सभी युवाओं से अपील की कि अपने गांवों को आत्मनिर्भर बनाएं, युवाओं को सक्षम बनाएं, किसानों को समृद्ध बनाएं, बच्चों को अवसर दें और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। माधव जन सेवा न्यास के अध्यक्ष पवन जिंदल ने मुख्यमंत्री का वहां पहुंचने पर स्वागत और अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने संस्थान में पहुंचने पर भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम से किया गया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा,पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज,समालखा के विधायक मनमोहन भडाना भी उपस्थित रहे।

     

  • नाबालिगों के Social Media Account बनाने पर लगा प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर लगेगा 21 करोड़ का जुर्माना

    नाबालिगों के Social Media Account बनाने पर लगा प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर लगेगा 21 करोड़ का जुर्माना

    कुआलालंपुरः मलेशिया में सरकार ने बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाली ऑनलाइन सामग्री को लेकर सख्त कदम उठाया है। दरअसल, सरकार ने जारी आदेशों में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने से रोकना शुरू कर दिया है। देश के संचार नियामक ने सोमवार को यह घोषणा की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियंत्रण की दिशा में आगे बढ़ रही है। बच्चों में सोशल मीडिया की लत और साइबर बुलिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है। यह नियम उन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा जिनके मलेशिया में 80 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं। इनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

    इन कंपनियों को अब अपने प्लेटफॉर्म पर ‘एज-वेरिफिकेशन सिस्टम’ (उम्र जांचने का तरीका) लगाना होगा। इससे 16 साल से कम उम्र का कोई भी बच्चा अकाउंट नहीं बना सकेगा। अगर कोई टेक कंपनी इन नियमों का पालन नहीं करती है तो उस पर मलयेशियाई मुद्रा में 10 मिलियन रिंगित (या भारतीय रुपयों में लगभग 21 करोड़ रुपये) तक का भारी जुर्माना लग सकता है। हालांकि, सबसे खास बात यह है कि अगर कोई बच्चा छुपकर अकाउंट बना भी लेता है तो उसके माता-पिता पर कोई जुर्माना या कार्रवाई नहीं होगी। दरअसल, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में सोशल मीडिया का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ने की खबरों के बीच ये कदम उठाया गया है।

    इस तरह मलेशिया अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो बच्चों की ऑनलाइन पहुंच को नियंत्रित करने के लिए सख्त नियम लागू कर रहे हैं। हालांकि, आयोग ने यह भी कहा है कि इस कदम का उद्देश्य बच्चों को इंटरनेट से पूरी तरह दूर रखना नहीं है, बल्कि ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करना है। इसका मकसद सोशल मीडिया कंपनियों, अभिभावकों और संरक्षकों की जिम्मेदारी तय करना है ताकि नाबालिगों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिल सके। मौजूदा उपयोगकर्ताओं के लिए भी उम्र सत्यापन प्रक्रिया धीरे-धीरे लागू की जाएगी, जिसके लिए प्लेटफॉर्म्स को 6 महीने का समय दिया गया है। बता दें कि मलेशिया ऐसा करने वाला पहला देश नहीं है। ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर इसी तरह की पाबंदियां लगा चुके हैं। वहीं ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और साउथ कोरिया जैसे देश भी ऐसे ही कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं।

  • फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने दबोचा स्कॉर्पियो चालक, काटा 10,500 का चालान, देखें वीडियो

    फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने दबोचा स्कॉर्पियो चालक, काटा 10,500 का चालान, देखें वीडियो

    पंचकूलाः जिला पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अपनी मुस्तैद कार्रवाई को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में बीते दिन सिटी ट्रैफिक एसएचओ वरिन्द्र कुमार को रामगढ़ के पास एक संदिग्ध ब्लैक स्कॉर्पियों गाड़ी दौड़ती हुई दिखाई दी, जिसके शीशों पर पूरी तरह से प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म लगी हुई थी। एसएचओ वरिन्द्र कुमार ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत वाहन चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने पुलिस को अनदेखा कर गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और मौके से भागने का प्रयास किया। ट्रैफिक एसएचओ ने बिना वक्त गंवाए गाड़ी का लगातार पीछा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद फिल्मी स्टाइल में पुराना पंचकूला के पास स्कॉर्पियो को घेरकर रोक लिया गया।
     
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    वाहन को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और आदेशों की अवहेलना करने पर चालक का 10,500 का भारी-भरकम चालान काटा। इसके साथ ही, नियमों की उल्लंघना करने पर गाड़ी पर लगाई गई ब्लैक फिल्म को पुलिस कर्मियों द्वारा मौके पर ही उतरवाया गया। जिला पुलिस ने साफ कर दिया है कि सड़कों पर किसी भी तरह की गुंडागर्दी या अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने वाहन चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर है और ऐसे किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। कुछ लोग सड़कों पर गाड़ी दौड़ाकर खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, लेकिन वे यह अच्छी तरह जान लें कि पंचकूला की सड़कों पर अब किसी भी तरह की हवाबाजी नहीं चलेगी। जो लोग रसूख या टशन दिखाने के चक्कर में नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, उनके खिलाफ हम और ज्यादा कड़ा रुख अपनाएंगे। हमारा अभियान लगातार जारी रहेगा और जो भी नियमों को तोड़ेगा, उसके खिलाफ इसी तरह मौके पर ही सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।  
  • भारत-चीन पर 12.5% लगेगा Tarrif, ट्रंप फिर फोड़ेंगे Tariff Bomb, तैयार किया ये Plan

    भारत-चीन पर 12.5% लगेगा Tarrif, ट्रंप फिर फोड़ेंगे Tariff Bomb, तैयार किया ये Plan

    नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नया टैरिफ प्लान तैयार कर लिया है। नए अमेरिकी टैरिफ रेट प्रस्तावित किए गए हैं। अमेरिका अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों से किए जाने वाले आयात पर कम से कम 10 फीसदी का टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं और उनके ये प्रपोजल जबरन श्रम प्रथाओं की जांच के बाद आया हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो भारत और चीन को लेकर भी नया टैरिफ तय कर लिया गया है। 12 फीसदी से ज्यादा हो सकता है।

    इंडिया चीन समेत किन देशों पर कितना टैरिफ

    ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट् के अनुसार, अमेरिका द्वारा प्रस्तावित नए टैरिफ रेट्स को देखें तो भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से आने वाले सामानों पर ट्रंप 12.5 फीसदी का टैरिफ लगा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने साफ किया है कि कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय, यूनियन, ताइवान और ब्रिटेन समेत अन्य देशों से आयात पर 10 फीसदी की टैरिफ दर लागू होगी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। अब ट्रंप उन टैरिफ को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत को लेकर ये खास इसलिए भी है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप प्लान ऐसे समय में सामने आया है। जबकि यूएस के मुख्य वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रुप देने के लिए नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ तीन दिनों की बातचीत कर रहे हैं।

    धारा 301, 60 जांचें टैरिफ तैयारी

    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि ने धारा 301 के अंतर्गत की गई है। 60 जांचों के निष्कर्ष जारी किए हैं। इनमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है। जिन्होंने जबरन लेबर बेस्ड सामानओं के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है या प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया है। अमेरिकी व्यापार मंत्रालय के एक नोटिस में कहा गया है कि जिन अर्थव्यवस्थाओं में जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध है जिन्होंने पारस्परिक व्यापार समझौते के जरिए से प्रतिबद्धता जताई है या जिनके पास कुछ जबरन श्रम से बने उत्पादों को प्रतिबंधित करने वाली सीमित व्यवस्थाएं हैं। उन्हें अतिरिक्त 10% शुल्क का सामना करना पड़ेगा। भारत सहित अन्य अर्थव्यवस्थाओं के लिए अमेरिकी व्यापार मंत्रालय ने 12.5% की हाई एक्स्ट्रा टैरिफ रेट प्रस्तावित किए हैं। ट्रंप प्रशासन के इस ने टैरिफ प्रपोजल में कपड़ों पर आयात का जिक्र भी किया गया है। कुछ अर्थव्यवस्थाओं से अमेरिका में एक निश्चित मात्रा में कपड़ा आयात को धारा 301 के अंतर्गत कम टैरिफ रेट पर करने की अनुमति देता है।