मंदसौरः यहां के एक गांव में चेतावनी के बाद भी रिहायशी इलाके से शराब की दुकान नहीं हटाने पर महिलाओं ने हंगामा कर दिया। हाथों में लाठी लेकर महिलाएं शराब दुकान पर पहुंचीं और शराब पी रहे करीब कई लोगों और दुकान के स्टाफ को मौके से खदेड़ दिया।
आक्रोशित महिलाओं ने शराब की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए शराब का अधिकांश स्टॉक नष्ट कर दिया। इस दौरान 15 से ज्यादा दो और चार पहिया वाहनों में तोड़फोड़ भी की और एक बाइक में आग लगा दी। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति संभाली। मंदसौर शहर में शराबबंदी के बाद आसपास के क्षेत्रों की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। जग्गाखेड़ी में भी मेन रोड व रिहायशी इलाके में शराब दुकान खोलने पर सरपंच समेत ग्रामीणों ने आबकारी विभाग से शिकायत की थी। शुक्रवार शाम करीब साढ़े 7 बजे शराब की दुकान के आसपास भीड़ बढ़ने लगी तो महिलाओं का सब्र टूट गया।
करीब 70 से ज्यादा महिलाओं और ग्रामीणों ने दुकान में तोड़फोड़ कर मंदसौर मार्ग पर जाम लगा दिया। महिलाओं का कहना है कि रहवासी इलाके में शराब की दुकान खोलने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं जिसके चलते महिलाओं ने ये कार्रवाई की है।









जनवरी में सत्ता में लौटने के बाद से ट्रम्प ने अब तक चीन से आने वाले सभी इंपोर्ट्स पर दो बार 10% अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि यह कदम अमेरिका में चीन से अवैध रूप से आने वाले फेंटेनाइल को रोकने के लिए जरूरी था। इसका मतलब यह है कि अब अमेरिका में आने वाले चीनी सामानों पर प्रभावी रूप से कुल 54% टैरिफ लागू हो गया है।
शुक्रवार को जवाबी टैरिफ का ऐलान करने के साथ चीन ने 11 अमेरिकी कंपनियों को उन कंपनियों की लिस्ट में डाल दिया है जिन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इनमें ड्रोन बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा 16 अमेरिकी कंपनियों पर एक्सपोर्ट नियम लागू किए गए हैं, जिससे वे चीनी के दोहरे उपयोग वाले सामान का निर्यात न कर सकें।
बताया जा रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर दुनिया को आर्थिक मंदी में धकेल सकता है, लेकिन ट्रम्प के मनमाने टैरिफ से चीन का पलड़ा भारी रहने वाला है। कई देश अब ट्रेड के लिए चीन की ओर रुख कर सकते हैं। 34% टैरिफ से चीन के निर्यात, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और उपभोक्ता सामान, में बड़ी गिरावट आ सकती है। इससे चीनी अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। चीन को नए बाजार तलाशने होंगे।
