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  • सरकार बकाया कृषि ऋणों पर 50 प्रतिशत ब्याज करेगी वहन, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

    सरकार बकाया कृषि ऋणों पर 50 प्रतिशत ब्याज करेगी वहन, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

    शिमला: वित्तीय बोझ के तले दबे किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार ने वन-टाइम सेटलमेंट नीति के तहत कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। यह योजना वर्तमान सरकार की बजट घोषणा को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के तहत उन किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी जिनकी कृषि भूमि की ऋण अदायगी न हो पाने के कारण नीलामी की कगार पर है।

    इस किसान हितैषी योजना के तहत राज्य सरकार प्रति किसान 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इस योजना से राज्य के लगभग 6,356 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। इसके लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना का क्रियान्वयन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक तथा कांगड़ा सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित बैंक शाखाएं पात्र किसानों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करेंगी ताकि उन्हें ब्याज अनुदान का लाभ दिया जा सके।

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अनेक किसान आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार ने पात्र किसानों को यह एकमुश्त राहत देने का निर्णय लिया है। यह योजना कृषि ऋण बकाया की स्थिति में कृषि भूमि की वित्तीय संस्थानों द्वारा नीलामी के खतरे से किसानों को राहत प्रदान करेगी। सरकार द्वारा बकाया ब्याज का आधा हिस्सा वहन करने से किसानों के लिए ऋण का नियमितीकरण आसान होगा जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां कम होंगी और वह कृषि गतिविधियां जारी रख पाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि योजना को शीघ्र लागू किया जाए ताकि पात्र किसानों को समय पर इसका लाभ मिल सके। किसान कल्याण की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक कठिनाइयों से बचाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है तथा प्राकृतिक रूप से उगाई गई फसलों के लिए ऐतिहासिक समर्थन मूल्य भी प्रदान किए जा रहे है। इससे उपभोक्ताओं को रसायन-मुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा करते हुए हिमाचल प्रदेश में कृषि से समृद्धि और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

     

     

     

     

     

  • Jalandhar News: NEET Paper Leak मामले को लेकर कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का किया आयोजन, देखें वीडियो

    Jalandhar News: NEET Paper Leak मामले को लेकर कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का किया आयोजन, देखें वीडियो

    नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने उठाई आवाज, शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

    जालंधरः महानगर में कांग्रेस लीडरशिप की ओर से 66 फुटी रोड स्थित वाइट ड्रमंड रिसोर्ट में ‘छात्रों की गूंज’  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कांग्रेस की कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा गया।

    इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री अनिल जोशी ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से कोटा में नीट पेपर लीक मामले के बाद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। यह अभियान 25 जून से 9 अगस्त तक चलेगा,  जिसके तहत छात्रों की समस्याओं को उठाया जाएगा।

    अनिल जोशी ने कहा कि अगर नीट का पेपर लीक होता है तो समझना चाहिए कि देश की शिक्षा प्रणाली लीक हो चुकी है। पिछले 10 सालों में कई बार पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पेपर देने के बाद जब छात्रों को पता चलता है कि परीक्षा रद्द हो गई है तो कई बच्चे मानसिक दबाव में आ जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीट परीक्षा में 23 लाख बच्चों ने हिस्सा लिया था और पेपर लीक की खबरों के बाद कई छात्र डिप्रेशन का शिकार हुए।

    देश की शिक्षा प्रणाली बच्चों पर दबाव डाल रही है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को हर जगह लेकर जाएगी ताकि देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाया जा सके।

     

     

  • बागवानी मंत्री ने चण्डीगढ़ से Cherry एवं Plum की पहली निर्यात खेप को ओमान के लिए हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    बागवानी मंत्री ने चण्डीगढ़ से Cherry एवं Plum की पहली निर्यात खेप को ओमान के लिए हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    शिमला: राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज चण्डीगढ़ से ओमान के लिए शिमला जिले के जड़ोल-टिक्कर एवं बागी क्षेत्र के छः प्रगतिशील किसानों द्वारा उत्पादित 400 किलोग्राम चेरी एवं 400 किलोग्राम प्लम की प्रथम निर्यात खेप को हरी झण्डी दिखाकर हवाई मार्ग से रवाना किया। यह प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण है।

    इस अवसर पर बागवानी मंत्री ने कहा कि मध्य-पूर्व एवं खाड़ी के देश हिमाचल प्रदेश के फलों के लिए एक बड़े एवं संभावनाशील निर्यात बाजार के रूप में उभर रहे हैं। यह पहल प्रदेश के स्टोन फ्रूट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नए द्वार खोलेगी तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य दिलवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    जगत सिंह नेगी ने किसानों से आह्वान किया कि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों का उत्पादन करें, ताकि हिमाचल प्रदेश के फल वैश्विक बाजारों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है तथा भविष्य में सेब सहित अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का भी विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी बागवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्यात के नए अवसर विकसित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के बागवानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश को वैश्विक फल निर्यात मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने में महत्त्वपूर्ण सिद्ध होगी। यह पहल एचपीएमसी द्वारा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से की गई है। इस निर्यात से संबंधित ग्रेडिंग, पैकिंग, गुणवत्ता परीक्षण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का व्यय एचपीएमसी द्वारा एपीईडीए के सहयोग से वहन किया गया है, ताकि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हवाई परिवहन के माध्यम से फल अपनी ताजगी एवं उत्कृष्ट गुणवत्ता बनाए रखते हुए शीघ्र ही विदेशी बाजार तक पहुंचेंगे।

    उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 7 जून को ठियोग में एपीईडीए एवं एचपीएमसी द्वारा स्टोन फ्रूट उत्पादक किसानों के लिए एक संयुक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में मध्य पूर्व एवं खाड़ी देशों के बाजारों में हिमाचल प्रदेश के स्टोन फ्रूट्स के निर्यात को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई थी तथा प्रथम निर्यात खेप भेजने का निर्णय लिया गया था उसी निर्णय के अनुरूप आज यह पहली निर्यात खेप सफलतापूर्वक रवाना की गई। इस अवसर पर एचपीएमसी के प्रबंध निदेशक डी.सी. राणा, महाप्रबंधक सनी शर्मा तथा एपीईडीए के क्षेत्रीय अधिकारी हरप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।

     

     

  • Fake CBI और Police Officer बनकर डिजिटल अरेस्ट करके ठगे 80 लाख, आरोपी गिरफ्तार

    Fake CBI और Police Officer बनकर डिजिटल अरेस्ट करके ठगे 80 लाख, आरोपी गिरफ्तार

    18 शिकायतें दर्ज, बैंक खाते में मिला 5.47 करोड़ का संदिग्ध साइबर फ्रॉड का लेनदेन

    पंचकूलाः सेक्टर 20 स्थित साइबर क्राइम थाना टीम ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए बुजुर्ग से ठगी करने वाले गिरोह के तीसरे आरोपी रंजारला रामूलू को तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। इस शातिर आरोपी के बैंक खाते से देश भर में करीब 5 करोड़ 47 लाख रुपये का संदिग्ध साइबर फ्रॉड का लेन-देन मिला है। आरोपी के खिलाफ देश भर में 18 शिकायतें दर्ज हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही 2 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पहला आरोपी सौरभ कुमार निवासी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश और दूसरा आरोपी पाथुकर मुरली कृष्ण निवासी हैदराबाद, तेलंगाना है। साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के अनुसार यह मामला पिंजौर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत के आधार पर 19 जनवरी 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 319(2) के तहत दर्ज हुआ था, जिसमें जालसाजों ने ट्राई और सीबीआई के फर्जी अधिकारी बनकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को डराया था। ठगों ने बुजुर्ग को झूठा झांसा दिया कि उनके नाम से जारी सिम का उपयोग किसी बड़े अपराध में हुआ है और उनके खाते में 2 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन हुआ है। महाराष्ट्र पुलिस का फर्जी लोगो लगा पत्र दिखाकर और बच्चों को नुकसान पहुंचाने व जेल भेजने का डर दिखाकर आरोपियों ने बुजुर्ग को कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इसके बाद बैंक खातों की चेकिंग और बाद में पैसे वापस करने का झांसा देकर आरोपियों ने पीड़ित बुजुर्ग से कुल 80,09,500 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए, जिसमें से 62 लाख रुपये अकेले वर्तमान आरोपी के खाते में गए थे। मामले की जांच एएसआई रविंद्र द्वारा की जा रही है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने कहा कि साइबर पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर पहले सौरभ और मुरली कृष्ण को पकड़ा था और फिर मुरली कृष्ण के खुलासे पर तीसरे आरोपी रंजारला रामूलू को तेलंगाना के निजामाबाद जिले से 22 जून को दबोच लिया। आरोपी रामूलू ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनी का खाता खुलवाया था ताकि ठगी की रकम उसमें मंगवाई जा सके। तेलंगाना कोर्ट से 4 दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पंचकूला पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की और रिमांड खत्म होने पर आज उसे अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी, पुलिस, सीबीआई, ईडी, ट्राई, आरबीआई या अदालत किसी व्यक्ति को फोन, व्हाट्सएप कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही किसी जांच के नाम पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश देती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सरकारी अधिकारी बताकर गिरफ्तारी, बैंक खाते सीज करने या जांच के नाम पर पैसे जमा करवाने का दबाव बनाए, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं, तुरंत कॉल काट दें और संबंधित नंबर की सूचना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा पर दें। साथ ही निकटतम साइबर पुलिस थाना या स्थानीय पुलिस से तुरंत संपर्क करें।
  • मुख्यमंत्री ने तय की विकास की नई दिशा- स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, शिक्षा, सुशासन और जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

    मुख्यमंत्री ने तय की विकास की नई दिशा- स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, शिक्षा, सुशासन और जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों (CMGGA) तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, एचआरडी, जल प्रबंधन, नई शिक्षा नीति तथा आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनसेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, मुख्यमंत्री के ओएसडी राजेश संधू, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी (CMGGA) तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव यशपाल यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं समीक्षा बैठक के एजेंडे से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, एचआरडी, जल प्रबंधन, नई शिक्षा नीति तथा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक हुई प्रगति, लंबित कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

    स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिन स्थानों पर लोगों का अधिक आवागमन रहता है, वहां विशेष रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक घर से नियमित रूप से कचरे का संग्रहण हो तथा कहीं भी गंदगी के ढेर न लगने दिए जाएं। सड़कों की नियमित सफाई के साथ-साथ उनके किनारों पर वन विभाग द्वारा फूलदार एवं आकर्षक पौधों का रोपण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण करने वाले सभी वाहनों को जीपीएस प्रणाली से जोड़ा जाए, ताकि उनकी नियमित निगरानी की जा सके। वाहनों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निकायों में वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक तीन माह में वार्ड समितियों के साथ बैठक आयोजित की जाए तथा समय-समय पर उनके साथ वर्चुअल संवाद भी किया जाए। उन्होंने वार्ड समितियों के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि समिति के सदस्य एवं नागरिक अपनी समस्याएं एवं सुझाव सीधे साझा कर सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निगम आयुक्त त्रैमासिक आधार पर शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की स्वच्छता एवं कार्यप्रणाली की रैंकिंग करें। प्रत्येक नगर निगम अपने वार्डों की भी रैंकिंग तैयार करे तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाए। उन्होंने नगर निगमों एवं नगरपालिकाओं को स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आवश्यकताओं एवं आधुनिक तकनीकों के अनुरूप ही स्वच्छता कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वच्छता पखवाड़े की तैयारियां अभी से शुरू करने तथा इसका विस्तृत कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को उत्कृष्ट कार्य करने वाले वार्डों को सम्मानित किया जाए। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को भी पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बरसात के मौसम को देखते हुए शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत आने वाले सभी बड़े नालों, नालियों एवं ड्रेनों की व्यापक सफाई 30 जून तक हर हाल में पूरी की जाए। गलियों की नालियों की नियमित सफाई कर उनमें आवश्यकतानुसार चूने का छिड़काव भी किया जाए, ताकि जलभराव एवं संक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो।

    ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश

    एचआरडी विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के मुख्यालयों एवं जिला स्तर के कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी प्रत्येक माह अपने कार्यों का विवरण अनिवार्य रूप से ऑनलाइन एचआरएमएस पोर्टल पर दर्ज करें। वरिष्ठ अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक माह सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर अपना विवरण पोर्टल पर दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने सीएफएमएस से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने, उनकी जिला एवं मुख्यालय स्तर पर नियमित समीक्षा करने तथा इंट्रा हरियाणा पोर्टल का सभी विभागों में प्रभावी एवं अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    आयुष्मान भारत योजना के दायरे का विस्तार करने पर जोर

    आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों को अधिक सक्षम बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड तथा निजी चिकित्सकों द्वारा दिए जाने वाले प्रिस्क्रिप्शन को भी डिजिटल पोर्टल से जोड़ा जाए। आयुष्मान कार्ड पर दर्ज उपचार संबंधी जानकारी स्वतः पोर्टल पर अपडेट हो, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड कहीं भी उपलब्ध हो सके। उन्होंने आयुष्मान मित्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा योजना से अभी तक नहीं जुड़े सभी पात्र लाभार्थियों को शीघ्र शामिल करने के निर्देश भी दिए।
  • Punjab News: The Code Fitness Premium Gym बंद होने पर भड़के मेंबर्स, हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    Punjab News: The Code Fitness Premium Gym बंद होने पर भड़के मेंबर्स, हुआ हंगामा, देखें वीडियो

    लुधियानाः शहर के पॉश इलाके मॉल रोड के नजदीक स्थित द कोड फिटनेस प्रीमियम’ जिम के बाहर भारी हंगामा देखने को मिला। दऱअसल, दर्जनों जिम मेंबर्स ने प्रबंधन और मालिक पर धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विवाद की मुख्य वजह बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के जिम को अचानक बंद करना बताई जा रही है। नाराज मेंबर्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनमें से कई लोगों ने महज एक या दो महीने पहले ही जिम की महंगी मेंबरशिप ली थी। उनका कहना है कि जिम मालिक बिना किसी प्राथमिक सूचना के रातों-रात जिम बंद कर रहे हैं।

    हालांकि, प्रबंधन की तरफ से मौके पर इसे मेंटेनेंस का काम बताया जा रहा है, लेकिन मेंबर्स को शक है कि जिम मालिक उनका पैसा लेकर फरार हो सकते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों के मुताबिक मेंबर्स के करीब 3 से 4 लाख रुपये जिम प्रबंधन के पास फंसे हुए हैं। मेंबर्स ने यह भी दावा किया कि सुबह के समय दबाव में आकर कुछ लोगों को उनके पैसे वापस कर दिए गए थे, लेकिन अब बाकी बचे मेंबर्स को रिफंड देने से आनाकानी की जा रही है, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया।

    दूसरी तरफ जब इस भारी हंगामे के बीच जिम के मालिक से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मेंबर्स द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मालिक ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, हम कोई जिम बंद करके भाग नहीं रहे हैं। हमने पहले ही अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस बदलाव के बारे में जानकारी दे दी थी, लेकिन कुछ मेंबर्स बात को गलत समझ रहे हैं। हम जिम खाली नहीं कर रहे हैं, बल्कि अंदर की सारी पुरानी मशीनें बदल रहे हैं और पूरे जिम का रेनोवेशन कर रहे हैं।

    जिम मालिक ने स्थिति को शांत करने का प्रयास करते हुए आश्वासन दिया है कि जिम का काम जल्द पूरा कर इसे नए स्वरूप में दोबारा खोला जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि जो मेंबर्स अब यहां आगे जिम कंटिन्यू नहीं करना चाहते हैं। उनके पैसे 15 जुलाई तक वापस कर दिए जाएंगे और उसके बाद जिम को विधिवत रूप से दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, जिम के बाहर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है और मेंबर्स अपने पैसों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वही मेंबर्स ने पुलिस को भी शिकायत दे दी है।

     

     

  • तेजी से बदलते हरियाणा में नरवाना क्षेत्र लिख रहा है विकास के नए अध्याय, भविष्य में इलाका बनेगा तरक्की का हब

    तेजी से बदलते हरियाणा में नरवाना क्षेत्र लिख रहा है विकास के नए अध्याय, भविष्य में इलाका बनेगा तरक्की का हब

    चंडीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा है कि ग्रामीण विकास हरियाणा सरकार की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहरों की तर्ज पर ग्रामीण अंचल का भी विकास किया जा रहा है और प्रगति का पहिया नरवाना क्षेत्र में भी तेजी से घूम रहा है। आने वाले समय में यह इलाका तरक्की का बड़ा हब बनेगा।

    कृष्ण कुमार बेदी शनिवार को नरवाना में गांव फरेण कलां में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गांवों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल विकास कार्य करवाना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और शहरों की तर्ज पर सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते हरियाणा में नरवाना क्षेत्र भी विकास के नए अध्याय लिख रहा है।

    इस दौरान कृष्ण कुमार बेदी ने पंचायती राज विभाग के तहत बनने वाले ग्राम सचिवालय का शिलान्यास किया। इस ग्राम सचिवालय पर लगभग 88 लाख 25 हजार रुपये की लागत आएगी और इसके बनने से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर पंचायत संबंधी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध होगीं। साथ ही पंचायती राज विभाग द्वारा लगभग 24 लाख रुपये की लागत से निर्मित दो नई गलियों का उद्घाटन भी किया। सहकारिता मंत्री द्वारा पशुपालन विभाग के अंतर्गत करीब 31 लाख रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय पशु औषधालय का शिलान्यास भी किया गया।

    ग्रामीणों को संबोधित करते हुए गांवों में बेहतर सड़कें, पक्की गलियां और मजबूत आधारभूत ढांचा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं तथा विकास की गति को तेज करते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और विश्वास हरियाणा सरकार की कार्यशैली के चार प्रमुख स्तंभ हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक गांव तक विकास की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। प्रदेश के चहूमूखी विकास को अमलीजामा पहनाने के लिए सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता की परिकल्पना को साकार किया जा सके।

    बेहतर सड़क संपर्क और आधुनिक आधारभूत ढांचे से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि गांवों के युवाओं को रोजगार और सुविधाओं के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध हों। ग्राम पंचायत द्वारा खेल स्टेडियम, पेयजल पाईप लाईन, स्कूल में सांईस लैब व चार दिवारी, शमशान घाटों में शैड, गली व खेतों के रास्तों को पक्का करने जैसी दर्जनभर मांगों पर भी कैबिनेट मंत्री ने पूरा करवाने का आश्वासन दिया।

     

  • 10 वर्षीय मासूम पर आधा दर्जन कुत्तों ने किया हमला, सिर से लेकर पांव तक लगे 50 टांके, देखें वीडियो

    10 वर्षीय मासूम पर आधा दर्जन कुत्तों ने किया हमला, सिर से लेकर पांव तक लगे 50 टांके, देखें वीडियो

    फरीदाबादः सेक्टर 70 स्थित मलबेरी काउंटी सोसाइटी में छठी कक्षा में पढ़ने वाले 10 साल के छात्र पर आधा दर्जन कुत्तों ने हमला कर दिया। इस घटना में कुत्तों ने बेहरमी से राकेश को घायल कर दिया। बच्चे को कुत्तों ने सिर और गर्दन तक को नोच दिया। घटना के बाद घायल बच्चे को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां पर बच्चे के शरीर पर लगभग 15 से ज्यादा जगह कुत्तों के काटने के निशान मिले।

    बच्चे के शरीर पर आए जख्मो पर 50 टांके लगे हैं। दादा ईश्वर सिंह के मुताबिक बच्चा अन्य बच्चों के साथ साइकिल लेकर जा रहा था। इस दौरान बच्चे की साइकिल की चैन उतर गई। तभी सोसाइटी में ही लगभग आधा दर्जन आवारा कुत्तों ने उसे पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। पीड़ित बच्चों के दादा ने समिति के लोगों पर आरोप लगाए कि वह आवारा कुत्तों को न केवल खाना देते हैं बल्कि उनका संरक्षण भी करते हैं।

    इसके चलते कई बार कुत्ते लोगों को अपना निशाना बना चुके हैं, लेकिन शिकायत करने पर समिति के डॉग लवर्स झगड़ा करने पर उतर हो जाते हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर राम भगत ने बताया कि फरीदाबाद में यदि रोज एवरेज की बात करें तो 80 से 100 डॉग बाइट के केस ओपीडी में आते हैं। जिनमें से लगभग आधे पुराने और आधे नए होते हैं, लेकिन कुत्तों के काटे जाने के बाद लगने वाले इंजेक्शन अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि गंभीर कांटे जाने वाले मरीजों के लिए भी अब बादशाह खान सिविल अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध है उन्हें भी अब दिल्ली रेफर नहीं किया जाता।

     

  • कूड़ा फेंकने को लेकर हुआ विवाद, जमकर चले लात-घूंसे व डंडे, वकील की पत्नी घायल, देखें वीडियो

    कूड़ा फेंकने को लेकर हुआ विवाद, जमकर चले लात-घूंसे व डंडे, वकील की पत्नी घायल, देखें वीडियो

    गुरुग्रामः हरियाणा में गुरुग्राम के बसई एनक्लेव पार्ट-2 इलाके में पड़ोसियों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कूड़ा फेंकने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में मारपीट में बदल गया। दोनों पक्ष सड़क पर आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे व डंडे चले। इस दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। घायल महिला के भाई का आरोप है कि पड़ोसियों के साथ पहले कहासुनी हुई और फिर अचानक कई लोगों ने मिलकर उनकी बहन पर हमला कर दिया। मारपीट में महिला गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ी। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार का कहना है कि महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

    वही, घटना का सीसीटीवी वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और बीच सड़क पर जमकर मारपीट हुई। वीडियो में महिलाओं के साथ भी हाथापाई होती नजर आ रही है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कई घंटे बाद मामला दर्ज किया गया। परिवार का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई, जिससे लोगों में नाराजगी है। अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है तथा जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • Punjab News: 262 ग्राम अफीम बरामद, महिला सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 262 ग्राम अफीम बरामद, महिला सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    पठानकोटः नशे के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत पुलिस ने अफीम सहित 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार सुजानपुर पुलिस ने 262 ग्राम अफीम के साथ एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए थाना सुजानपुर के एसएचओ अरुण कुमार ने बताया कि एएसआई बोध राज ने टीम के साथ पठानकोट-सुजानपुर रोड पर चेक पोस्ट लगाया हुआ था। इसी दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार आई और पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगी, जब पुलिस पार्टी ने कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो उसके डैशबोर्ड पर एक लिफाफा मिला।

    जब उस लिफाफे की जांच की गई तो उसमें 6 छोटे लिफाफे थे। जिनमें से 262 ग्राम अफीम बरामद हुई। उन्होंने बताया कि कार में सवार एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान विवेक भारद्वाज पुत्र रविकांत भारद्वाज निवासी गांधी नगर जम्मू, फिलहाल निवासी फूल प्यारा जिला पठानकोट और अनीता कुमारी उर्फ ​​बेबी पत्नी तिलक राज निवासी गांव फूल प्यारा जिला पठानकोट के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ NDPC एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, और आगे की जांच जारी है।