Home Sports ICC Champions Trophy में हाइब्रिड मॉडल पर खेलने को तैयार हुआ Pakistan, रख दी ये 2 शर्तें !

ICC Champions Trophy में हाइब्रिड मॉडल पर खेलने को तैयार हुआ Pakistan, रख दी ये 2 शर्तें !

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ICC Champions Trophy में हाइब्रिड मॉडल पर खेलने को तैयार हुआ Pakistan, रख दी ये 2 शर्तें !
नई दिल्लीः आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। दरअसल, पाकिस्तान में खेली जाने वाली चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर भारतीय टीम ने पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था। जिसको लेकर अभी तक चैम्पियंस ट्रॉफी के वेन्यू और शेड्यूल पर सस्पेंस बरकरार है। दरअसल, भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों से भारतीय टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी थी, जिसके चलते इस टूर्नामेंट को ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत कराया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इसके लिए 29 नवंबर (शुक्रवार) को कार्यकारी बोर्ड की इमरजेंसी बैठक भी बुलाई थी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि उसके तेवर थोड़े नरम पड़ गए हैं। सूत्रों का कहना है कि पीसीबी ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर राजी हो गया है, लेकिन इसके लिए उसने आईसीसी के सामने 2 शर्तें रख दी हैं।
  • पीसीबी चाहता है कि लाहौर को खिताबी मुकाबले के लिए बैकअप के तौर पर रखा जाए और अगर भारत फाइनल में नहीं पहुंचता तो खिताबी मुकाबला लाहौर में कराया जाए।
  • पीसीबी ये चाहता है कि जब भारत किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करें, तो वो टूर्नामेंट भी ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर हो और पाकिस्तान अपने मुकाबले भारत के बाहर खेले। कहने का अर्थ यह है कि पाकिस्तान अब भारत आकर आईसीसी टूर्नामेंट में नहीं खेलना चाहता है।
आईसीसी ने 29 नवंबर को हुई मीटिंग के दौरान पीसीबी को फाइनल अल्टीमेटम दे दिया था। आईसीसी ने इस मीटिंग के दौरान पीसीबी से साफ-साफ कह दिया कि वह या तो ‘हाइब्रिड मॉडल’ अपनाए या फिर इस प्रतियोगिता से बाहर होने के लिए तैयार रहे। अब आईसीसी को पीसीबी के अंतिम जवाब का इंतजार है। अब आईसीसी की मीटिंग तभी बुलाई जाएगी जब पाकिस्तान अपने जवाब के साथ तैयार रहेगा। पाकिस्तान अगर ‘हाइब्रिड मॉडल’ को स्वीकार करता है तो भारत के मुकाबले यूएई में आयोजित होंगे। जबकि बाकी मुकाबले पाकिस्तान में होंगे और पाकिस्तान के पास मेजबानी के अधिकार होंगे। अगर टूर्नामेंट को स्थगित किया जाता है तो पीसीबी को 60 लाख डॉलर (50.73 करोड़ रुपये) के मेजबानी शुल्क से हाथ धोना पड़ेगा। इससे पीसीबी के वार्षिक राजस्व में भी भारी कटौती हो सकती है जो लगभग 350 लाख डॉलर (लगभग 296 करोड़ रुपये) है। यदि ‘हाइब्रिड मॉडल’ नहीं अपनाया जाता है तो आईसीसी को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्टार भी आईसीसी के साथ अपने अरबों डॉलर के करार पर फिर से बात कर सकता है। इस प्रतियोगिता का आयोजन 19 फरवरी से नौ मार्च के दौरान ही होने की संभावना है। भारत ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद से पाकिस्तान में क्रिकेट नहीं खेला है। चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 के बाद पहली बार ICC कैलेंडर में वापसी कर रही है। पाकिस्तान ने 2017 में इंग्लैंड में आयोजित चैम्पियंस ट्रॉफी के पिछले संस्करण को जीता था। ध्यान रहे एश‍िया कप 2023 जो पाकिस्तान में आयोज‍ित हुआ था, उसमें भारत ने अपने सभी मैच ‘हाइब्रिड मॉडल’ के तहत श्रीलंका में खेले थे।

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