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  • जालंधरः धोखा धड़ी के मामले में एक गिरफ्तार

    जालंधर, ENS: थाना लाबडां की पुलिस ने धोखा धड़ी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान लव कुमार निवासी लाबडां के रूप में हुई है।

    थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलबीर सिंह ने बताया कि गांव रामपुर ललीयां के रहने वाले नीटा ने उनकी टीम के एएसआई निरंजन सिंह को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी लव ने उसके साथ 1, लाख 97 हजार की ठगी मार पैसे हड़प लिए जिसके बाद उनकी टीम ने जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखा धड़ी के 4 मामले दर्ज है और पुलिस उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि पैसे के बारे में पता चल सके।

  • जालंधरः NHS Hospital 2 दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की ऑर्थोप्लास्टी कॉन्फ्रेंस में 300 डेलीगेट्स ने लिया हिस्सा

    5 साल से की जा रही रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी

    जालंधर, ENS: दूर-दूर से आए जम्मू, कश्मीर, हैदराबाद, पुणे गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, कोल्हापुर, हिमाचल और पूरे पंजाब के विभिन्न शहरों से आए तकरीबन 300 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया, जिसमें डॉक्टर शुभांग अग्रवाल जालंधर, डॉ नरेंद्र वैधया पुणे, डॉ कृष्ण किरण हैदराबाद, और डॉक्टर वैभव मुंबई ने रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट की विभिन्न तकनीकों की लाइव सर्जरी करके कर घुटने के ऑपरेशन पूरा और आधा घुटने बदलने की ट्रेनिंग दी। इसके अलावा डॉक्टर राकेश राजपूत द्वारा रोबोटिक कुला बदलने की और डॉक्टर प्रथमेश जैन द्वारा कंधा बदलने का ऑपरेशन भी करके दिखाया गया।

    एन एच एस अस्पताल के डायरेक्टर और हेड ऑफ  ऑर्थोपेडिक्स डॉ शुभांग अग्रवाल ने बताया की एन एच एस अस्पताल जालंधर में 5 साल से रोबोटिक नी  रिप्लेसमेंट सर्जरी की जा रही है और अब रोबोटिक हिप रिप्लेसमेंट भी शुरू की जा चुकी है। भारत के कुछ ही अस्पतालों में कंधा बदलने  के ऑपरेशन किए जाते हैं जिसमें से एक एन एच एस हॉस्पिटल है। अब तक हजारों मरीज इन तकनीकों से अपने घुटने, कंधे के ऑपरेशन करवा के लाभ उठा चुके हैं।

    वर्कशॉप में भारत के जाने-माने डॉ रमेश सेन चंडीगढ़, डॉ मनुज  चंडीगढ़,  ऐच ओ डी  ऑर्थोपेडिक डी.एम.सी लुधियाना डॉ. रजनीश गर्ग, एच ओ डी ऑर्थोपेडिक अमृतसर मेडिकल कॉलेज डॉ राजेश कपिला, प्रेसिडेंट इंडियन ऑर्थोप्लास्टी ऐसोशियेशन डॉ अजीत कुमार मंगलौर ,  पंजाब ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन प्रेसिडेंट डॉक्टर हरि ओम अग्रवाल पटियाला ने इस वर्कशॉप में भाग लिया। 6 लाइव सर्जरी के अलावा पैनल डिस्कशन व 50 लेक्चर अलग-अलग डॉक्टर ने दिए और नई तकनीकियों पर चर्चा की गई।

  • एसपी राकेश सिंह ने संभाला चार्ज

    ऊना/सुशील पंडित:ऊना के नए पुलिस अधीक्षक एसपी राकेश सिंह ने सोमवार को अपना पदभार संभाल लिया। तीन हफ्ते पूर्व एसपी अर्जित सेन ठाकुर का तबादला हो गया था। नए एसपी राकेश सिंह उस समय राज्य से बाहर थे। सोमवार को उन्होंने ऊना पुलिस के अन्य अधिकारियों की हाजिरी में ऊना पुलिस अधिक्षक कार्यालय में चार्ज ले लिया। मौके पर एक बैठक में उन्होंने एएसपी संजीव कुमार, डीएसपी अजय ठाकुर, डीएसपी वसुधा सूद व अन्य अधिकारियों के साथ जिले की कानून व्यवस्था पर चर्चा की। 

    इसके बाद उन्होंने पुलिस कार्यालय के विभिन्न विभागों का दौरा किया। बता दें कि वे इससे पहले ऊना के एएसपी भी रह चुके हैं। ऊना के एसपी के तौर पर उनकी तैनाती से पहले वे पांचवी भारतीय आरक्षित वाहिनी (आईआरबीएन) बस्सी के समादेशक के रूप में सेवाएं दे रहे थे।

  • ऊनाः ट्रेन की चपेट में आया युवक 

    ऊना/सुशील पंडित:ऊना के डंगेड़ा गांव में एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार रैंसरी गांव का रहने वाला 22 वर्षीय मोहित डंगेड़ा रेलवे लाइन पर अंदौरा चंडीगढ़ ट्रेन से टकरा गया। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि नौजवान हादसे का शिकार कैसे हुआ। रैंसरी से वह डंगेड़ा क्या करने गया था और रेल लाइन के आस पास वह पहुंचा कैसे। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। 
  • जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय ऊना में पंचकर्म पद्धति से सैंकड़ो मरीजों का हो रहा इलाज –  डॉ ज्योति कंवर

    ऊना/सुशील पंडित :जिला आयुष अधिकारी ऊना डॉ ज्योति कंवर ने जानकारी देते हुये बताया कि जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय ऊना में समस्त सुविधा से सुसज्जित पंचकर्म की पद्धति से सैंकड़ो मरीजों का इलाज किया जा रहा है तथा रोगी अपने स्वास्थ्य का लाभ उठा रहें है । उन्होंने बताया की जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय ऊना में पंचकर्म, क्षारसूत्र, कपिंग और मर्म थैरपी, होम्योपैथी आदि से सैकड़ो मरीजों का सफल ईलाज किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि पंचकर्ममें शिरोधारा, स्नेहन, स्वेदन, अक्षितर्पण आदि प्रक्रियों (Procedure) से रोगियों का ईलाज किया रहा है ।

    डा० ज्योति कंवर ने बताया की पंचकर्म को रोगी व्यक्ति के साथ-साथ स्वस्थ व्यक्ति भी अपना सकता है। उन्होंनेंबताया की आयुष विभाग द्वारा समय-समय पर बहुउदेशीय निःशुल्क कैम्प ऊना के दूर-दराज के क्षेत्र में लगाये जा रहे है तथा हड्डीयों की जांच (BMD) कैम्प व योग कैम्प समय-समय पर आयोजित किये जा रहें है ।

    जिला आयुष अधिकारी, डा० ज्योति कंवर के बताया कि डा० विनय जसवाल डा० अमनदीप सोंखला, रोगियों का पंचकर्मा पद्वति से ईलाज कर रहें है तथा क्षारसूत्र पद्धति से भंगदर, बावसीर का सफल ईलाज डा० विनय जसवाल कर रहे है । उन्होंने बताया कि ऊना में अप्रैल, 2023 से फरवरी, 2024 तक कुल 24 निःशुल्क चिकित्सा कैम्प लगाये गये है जिसमें 10584 लाभार्थीयों ने अपना स्वास्थ्य लाभ उठाया है ।

    क्षारसूत्र पद्वति से अप्रैल, 2023 से अबतक 80 मरीजों का सफल ईलाजकिया जा चुका हैं पंचकर्म पद्वति से विभिन्न प्रकार के कुल 502 (Procedure) प्रक्रियाओं जिसके अर्न्तगत रक्तमोक्षन, मर्म चिकित्सा, जलोका, अग्निकर्म तथा Cupping के द्वारा रोगियों को स्वास्थ्य लाभ दिया गया ।

    जिला आयुष अधिकारी ऊना डा० ज्योति कंवर ने कहा है कि आयुष विभाग  को उन्नति के शिखर पर ले जाने के लिये हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है।जिला ऊना में दो पंचकर्म रिर्जोट खोलने का प्रस्ताव चल रहा है । जल्दी ही ऊना में दो पंचकर्मा रिर्जोट खोले जाने की सम्भावना है । 

  • आईपीएस अधिकारी राकेश सिंह ने संभाला एसपी ऊना का पदभार

    ऊना सुशील पंडित :वर्ष 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी राकेश सिंह ने 19 फरवरी को पुलिस अधीक्षक ऊना का पदभार ग्रहण कर लिया है। 50 वर्षीय राकेश सिंह मूलतः हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रहने वाले हैं तथा उन्हें हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग पदों पर विभागीय कार्य करने का लंबा अनुभव है।

    राकेश सिंह ने पुलिस  विभाग में वर्ष 2002 में हिमाचल पुलिस सेवा अधिकारी के रूप में प्रवेश किया। उन्होंने काजा, बैजनाथ, पालमपुर तथा जवाली नामक स्थानों पर उप पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दीं जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने हमीरपुर तथा ऊना में विभागीय सेवाएं दीं।  जिला ऊना में एसपी का पदभार ग्रहण करने से पूर्व राकेश कुमार ने जिला हमीरपुर के बस्सी में पांचवी आईआरबीएन में कमांडेंट के पद पर कार्यरत थे।

    जिला ऊना में एसपी का पदभार ग्रहण करने के अवसर पर अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए राकेश सिंह ने बताया कि  नशा मुक्त ऊना, यातायात व्यवस्था का सुचारू संचालन, अवैध खनन की रोकथाम तथा कानून के प्रति आम व्यक्ति का भरोसा कायम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि ऊना पुलिस बल को और अधिक सुदृढ करने के साथ साथ जिला के धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के भेष में आने वाले असामाजिक तत्वों की रोकथाम के लिए भी विशेष बल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि साइवर अपराध की रोकथाम के दृष्टिगत पुलिस बलों का आधुनिकरण करना भी आज के समय की परम आवश्यकता है तथा इस ओर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में पात्र बच्चों को जोड़ना सुनिश्चित करें 

    जिला में कुपोषण की रोकथाम के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाएगा – जतिन लाल

     
    उपायुक्त ने आईसीडीएस के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की
     

    ऊनासुशील पंडित :समेकित बाल विकास सेवाएं(आईसीडीएस) टास्क फोर्स कमेटी की बैठक उपायुक्त जतिन लाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में उपायुक्त ने जिला में आईसीडीएस के माध्यम से संचालित की जा रहे सभी योजनाओं की समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि जिला में कुपोषण की रोकथाम के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाएगा। गंभीर तीव्र कुपोषण(सैम) और कुपोषित(मैम) बच्चें तालाश किए जाएंगे और ऐसे बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने का प्रयास किया जाएगा ताकि जिला में कोई भी बच्चा कुपोषित न हो सके। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि जिला के सैम और मैम बच्चों का पूरा ब्यौरा भेजना सुनिश्चित करें, ताकि जिला को कुपोषण मुक्त बनाया जा सके।

    जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला के सभी पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिले इसके लिए विभाग मिशन मोड  में कार्य करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी व आंगनबाड़ी वर्कर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर पात्र बच्चों के स्वयं फाॅर्म भरवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को चार हज़ार रूपये प्रतिमहा पाॅकेट मनी, तीन बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए तीन लाख रूपये, कोचिंग के लिए एक लाख रूपये, लघु/सुक्ष्म उद्योग लगाने के लिए दो लाख रूपये अनुदान और विवाह के लिए भी दो लाख रूपये की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत अब तक 0 से 18 वर्ष के 105 तथा 18 से 27 वर्ष के 354 बच्चों को चिन्हित किया गया है।

    उन्होंने कहा कि स्कूलों में लड़कियों की शारीरिक स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सैनेटरी नेपकिन, इंसीनरेटर मशीन होना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला में कितने स्कूलों में इंसीनरेटर मशीन स्थापित की गई है डाटा एकत्रित कर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने कहा कि मनरेगा कंवजेंस के तहत 50 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए उन्होंने डीपीओ को निर्देश दिए कि वर्तमान में यह आंगनबाड़ी केंद्र किस जगह पर संचालित हो रहे है उनकी पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि जिला में 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महिलाओं व बच्चों को सेवाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के कुल 37 हज़ार 897 बच्चों और 6 हजार 543 गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत एक बच्ची गोद लेने वाले 23 दम्पतियों तथा मेरी गांव की बेटी मेरी शान के तहत 17 दम्पतियों को लाभान्वित किया गया है। 

    उपायुक्त ने बताया कि पीड़ित महिलाओं को आश्रय देने के लिए जिला में वन स्टोप सेंटर संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया चालू वित्त वर्ष में 40 मामलों में हैल्थ सुविधा, काूननी सुरक्षा, फिजीयो सोशियल काउंसलिंग व शेल्टर की सुविधा प्रदान की गई है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत चालू वित्त वर्ष में अब तक कुल 3319 पात्र को लाभान्वित किया गया है।

    बेटी है अनमोल योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 30 लाख 22 हज़ार 250 रूपये व्यय करके 999 बच्चियों को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 99 लाख 45 हज़ार रूपये व्यय करके 195 पात्र लाभार्थियों, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत 63 लाख 86 हज़ार रूपये व्यय करके, मदर टैरेसा असहाय मातृ संबल योजना के तहत  61 लाख 50 हज़ार रूपये व्यय करके 1414 माताओं और 2143 बच्चों को लाभान्वित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए 25 महिलाओं को एक लाख 25 हज़ार रूपये की सहायता प्रदान की गई। विधवा पुर्नविवाह योजना के तहत 7 पात्र महिलाओं को 5 लाख 65 हज़ार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा एक्ट 2005 के तहत 107 मामले निपटाएं गए। उपायुक्त ने बताया कि फोस्टर केयर योजना के तहत जिला में 193 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है।

    इस अवसर पर डीपीओ नरेंद्र कुमार, सीएमओ डाॅ संजीव वर्मा, जिला कल्याण अधिकारी अनीता शर्मा, उप निदेशक कुलभूषण धीमान, उद्यान विभाग के उप निदेशक केके भारद्वाज, सीडीपीओ कुलदीप दयाल सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उपायुक्त ऊना ने किया जिला पुस्तकालय ऊना का निरीक्षण

    आनलाईन पढ़ाई हेतू जिला पुस्तकालय में उपलब्ध होगी वाई-फाई सुविधा  – उपायुक्त

     

    पुस्तकालय भवन के मुरम्मत कार्य को तुरंत पूरा करने के दिए निर्देश

     

    ऊनासुशील पंडित :उपायुक्त जतिन लाल ने जिला पुस्तकालय ऊना का निरीक्षण कर पुस्तकालय की हालत व सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने खंड विकास अधिकारी ऊना को निर्देश दिए कि पुस्तकालय भवन के मुरम्मत संबंधी कार्य को तुरंत पूरा किया जाए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की पुस्तकालय परिसर में पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था की जाए तथा इसके लिए एक आरओ प्यूरीफायर स्थापित किया जाए। उपायुक्त ऊना ने कहा कि अतिशीघ्र जिला पुस्तकालय में वाई-फाई इंटरनेट सुविधा भी प्रदान की जाएगी ताकि पुस्तकालय में आने वाले पाठकों को आनलाइन अध्ययन के दौरान कनेक्टिविटी की समस्या का सामना न करना पड़े।

    इस अवसर पर एसी टू डीसी ऊना वरिंदर कुमार, खंड विकास अधिकारी ऊना के एल वर्मा, अधिशाषी अभियंता राकेश कुमार कनिष्ठ अभियंता अरुण कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारियों भी उपस्थित थे।

  • महाविद्यालय बंगाणा में विशेष सेमिनार का आयोजन

    ऊना/ सुशील पंडित:अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सिकंदर नेगी की अध्यक्षता में विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। मंच का संचालन राजनीति विज्ञान की महासचिव परीक्षा ने किया। विशेष सेमिनार का विषय बजट 2024, बजट क्या है, भारतीय बजट के मुख्य दस्तावेज़, बजट कितने प्रकार के होते हैं, बजट का महत्व और प्रक्रिया, बजट बनाना कब शुरू होता है? पर था।

    सेमिनार के मुख्य वक्ता बीए प्रथम वर्ष के छात्र वासु शर्मा और निखिल बागोरिया थे। निखिल और वासु शर्मा ने बताया कि सरकार की आय एवं व्यय का एक विवरण जिस प्रपत्र में एकत्रित किया जाता है, उसे बजट कहते है | बजट में  विगत वर्ष के आय और व्यय के अनुमानों का वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट निर्माण के विषय में बताया गया है |

    भारत में बजट पांच प्रकार के प्रयोग किये जाते है ,आम बजट, निष्पादन बजट, जिरोबेस बजट, आउटकम बजट, और जेंडर बजट । भारत में बजट निर्माण प्रक्रिया अगस्त-सितंबर के महीने में शुरू कर दी जाती है | इसके लिए बजट सर्कुलर जारी किया जाता है | वित्त विभाग के अधीन बजट डिवीजन अगस्त के अंत में या सितंबर के प्रारम्भ में बजट सर्कुलर जारी करता है | बजट द्वारा सरकार के सभी कार्य निर्धारित किये जाते है| सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था बजट के माध्यम से ही किया जाता है | सरकार बिना बजट के एक रूपये का व्यय नहीं कर सकती है |

    बजट में प्रत्येक वर्ष नयी योजनाओं की घोषणा होती है और टैक्स में संसोधन किया जाता है, जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है, बजट में किये गए सभी प्रावधान तब तक लागू नहीं किये जा सकते है, जब तक संसद के द्वारा पास नहीं किया जाता है । इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के विभागअध्यक्ष प्रोफेसर सिकंदर नेगी, राजनीति विज्ञान के उपप्रधान इंदू, महासचिव परीक्षा, कैशियर तीक्ष्णऔर मीडिया प्रभारी रोहित  मौजूद रहे।

  • विपरीत समय में ऐसा बजट सुक्खू सरकार की बड़ी उपलब्धि- विजय डोगरा

    ऊना/सुशील पंडित:विकट परिस्थितियों और विपरीत समय में ऐसा बजट पेश करना सुक्खू सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। हर वर्ग इस बजट से उत्साहित है। हिमाचल के इतिहास में यह पहला बजट बन गया है जिसकी चर्चा गांव गांव घर घर में हो रही है। जिस दिन यह बजट पारित हुआ उस दिन चाय की दुकानों से लेकर स्कूल, पंचायत घर, अस्पताल और आंगनबाड़ियों में भी लोग सुक्खू सरकार को आशीष दे रहे थे कि किसी ने तो उनकी सुनी।

    कांग्रेस प्रवक्ता विजय डोगरा ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि मेरे राजनीतिक करियर में ऐसा सधा हुआ बजट पहले कभी नहीं आया। प्रदेश को झकझोर देने वाली आपदा के बाद जब सुक्खू सरकार ने बजट पेश किया तो उसने पंचायतों के पंचों, आशा वर्करों, वन और जल रक्षकों से लेकर विधवा माताओं के दिलों को छू लिया।

    उन्होंने न सिर्फ जनता के सेवकों का मान बढ़ाया है बल्कि आत्मनिर्भर हिमाचल की नींव भी रख दी है। भाजपा के जो नेता आज बजट को निराशाजनक बताने में लगे हैं वही कभी कहते थे कि पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं हो सकती। मगर सुखविंदर सुक्खू ने सत्ता में आते ही पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर दिया।

    जैसे ही सुक्खू सरकार ने ऐलान किया कि लाहौल स्पिति की महिलाओं को प्रति माह 1500 रूपए दिए जाने लगे हैं भाजपा के नेताओं के होश उड़ गए। वे सोचते थे कि यह एक असंभव स्कीम है। लेकिन एक जिले से शुरू हुई यह योजना जल्द सभी जिलों की महिलाओं तक पहुंचने लगेगी। विधवाओं के बच्चों के लिए कभी पिछली सरकारों ने नहीं सोचा लेकिन इस बजट ने स्पष्ट कर दिया है कि जिसके सिर पर पिता का साया नहीं है वे बच्चे भी आईआईटी से लेकर एम्स तक की पढ़ाई फ्री में कर पाएंगे।

    यदि हम बजट के मुख्यबिंदु भी उठाकर पढ़ लें तो आप पाएंगे कि हर वर्ग, हर विभाग, हर संस्थान के हित की बात हुई है। सबसे खास बात यह है कि मुख्यमंत्री ने बहुत सादगी से यह मानते हुए अपना भाषण पढ़ा था कि हमें आर्थिक रूप से कमजोर राज्य मिला है। पूरे बजट की आत्मा उस एक लक्ष्य पर आकर सिमटती है जहां वे कहते हैं कि हम हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएंगे, क्योंकि केंद्र सरकार पर निर्भरता ने हिमाचल को कमजोर कर दिया है।

    भाजपा के नेताओं का पूरा जोर रहता है कि केंद्र से मिलने वाले पैसे में अड़ंगा लगाया जाए। यदि हिमाचल आत्मनिर्भर हो जाता है तो हमें किसी भी विकट परिस्थिति में केंद्र या बाहरी एजेंसी से मदद की आवश्यक्ता नहीं पड़ेगी। सुखविंदर सुक्खू की आत्मनिर्भर प्रदेश की सोच हिमाचल के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।