शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने यहां मंगलवार सायं ‘खेलो हिमाचल -चिट्टा मुक्त अभियान‘ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह महत्त्वपूर्ण राज्यव्यापी पहल खेलों और युवाओं की भागीदारी के माध्यम से नशे की समस्या से निपटने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। उन्होंने अभियान की रणनीति और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक और स्वस्थ गतिविधियों की ओर मोड़ना तथा ‘चिट्टा’ जैसे मादक पदार्थों के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक जन आंदोलन खड़ा करना है।
मुख्यमंत्री ने चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की आदत न केवल युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवारों और पूरे समाज को भी प्रभावित कर रही है। राज्य सरकार नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम, जागरूकता और पुनर्वास जैसे उपायों को अपनाकर बहुआयामी रणनीति के तहत इस समस्या के समाधान के लिए कार्य कर रही है। सुक्खू ने कहा कि खेल सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बन सकते हैं। इससे युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। ‘खेलो हिमाचलदृचिट्टा मुक्त अभियान’ के माध्यम से युवाओं को जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों से जोड़कर उन्हें नशे से दूर रहने का सकारात्मक विकल्प उपलब्ध करवाया जाएगा।
राज्य की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, 8 नगर निगमों, 29 नगर परिषदों तथा 39 नगर पंचायतों में युवाओं को चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। विशेष रूप से नशे से सर्वाधिक प्रभावित 235 ग्राम पंचायतों में गहन स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक संपर्क अभियान और युवा सहभागिता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। खेल प्रतियोगिताएं उप-मंडल, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन, निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए खेल संघों, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग तथा पुलिस विभाग के रेफरी एवं अधिकारियों की तकनीकी समिति गठित की जाएगी। इन प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए 11.56 करोड़ रुपये का प्रावधान कर विजेता और उप-विजेता टीमों को पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार एक स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो हिमाचल प्रदेश को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के चंगुल में फंसने से रोकने के लिए समय रहते हस्तक्षेप, व्यापक जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सुक्खू ने कहा कि नशा-मुक्त हिमाचल का सपना तभी साकार हो सकता है जब सरकार, शैक्षणिक संस्थान, खेल संगठन, स्थानीय निकाय, पंचायती राज संस्थाएं तथा समाज मिलकर सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अभियान को सफल बनाने और इसे जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। सचिव युवा सेवाएं एवं खेल प्रियंका बसु इंग्टी, निदेशक शिवम प्रताप सिंह, विशेष सचिव नवीन तन्वर तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 150 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठयक्रम लागू किया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके। इन स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति की जा रही है। इसके अलावा राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दूध के मूल्य में वृद्धि की है। गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठा रही है और प्राकृतिक खेती से तैयार कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सेब बागवानों का मण्डी मध्यस्थता योजना के तहत 30 बोरी तक खरीदे गए सेब का पूरा भुगतान कर दिया है। अब राज्य सरकार 100 बोरी तक सेब का भुगतान करने जा रही है और उसके बाद 100 से ज्यादा सेब बोरी का पैसा जारी कर दिया जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि विधवा महिलाओं और एकल नारियों के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार उठा रही है और पात्र विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर बीस लाख तक ऋण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि पच्छाद और चौपाल विधानसभा क्षेत्र में विकास के मामले में कमी नहीं आने दी जाएगी और वहां अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए समुचित धन उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और राज्य सरकार पूरे प्रदेश का एक समान विकास सुनिश्चित कर रही है।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि पच्छाद प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाई एस परमार की जन्मभूमि है और राज्य सरकार पच्छाद क्षेत्र का विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कांग्रेस हाईकमान ने पूरे सिरमौर जिला को सम्मान दिया है। प्रदेश में संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में सरकार और संगठन मिलकर काम कर रहे हैं और वर्तमान कांग्रेस सरकार 2027 में पुनः सत्ता में आकर इतिहास रचने को तैयार हैं।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव विनोद जिंटा, चौपाल से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी रजनीश किमटा, जिला शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष कृष्ण हिमराल, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, कांग्रेस नेता दयाल प्यारी सहित अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित थेे।









