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  • शाहजादपुर के राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम अब होगा ‘महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय’- शिक्षा मंत्री

    शाहजादपुर के राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम अब होगा ‘महारानी पद्मावती राजकीय महिला महाविद्यालय’- शिक्षा मंत्री

    चंडीगढ़- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने बताया कि राज्य सरकार ने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और हमारे समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास को सहेजने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत शाहजादपुर स्थित सरकारी महिला महाविद्यालय का नाम बदलकर अब ‘महारानी पद्मावती सरकारी महिला महाविद्यालय, शाहजादपुर’ करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है।

    शिक्षा मंत्री ने कहा कि महारानी पद्मावती का जीवन त्याग, साहस और अद्वितीय आत्मसम्मान का प्रतीक है। महाविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखे जाने से न केवल क्षेत्र की छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि वे राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक संजीदगी से समझ सकेंगी। हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के बलिदानों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है।

    महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शाहजादपुर के इस महिला कॉलेज का नया नामकरण बेटियों में स्वाभिमान और उच्च आदर्शों की भावना का संचार करेगा। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया।

     

  • शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है प्रदेश सरकार- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है प्रदेश सरकार- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    चंडीगढ़- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सरकारी विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को निरंतर मजबूत कर रही है ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, संस्कृति और कौशल विकास के सशक्त केंद्र बन चुके हैं। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा शुक्रवार को रोहतक में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, काहनौर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कलानौर के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन करने के उपरांत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि काहनौर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नया भवन क्षेत्र की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य, महिला सशक्तिकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 1947 में स्थापित यह विद्यालय पिछले लगभग आठ दशकों से क्षेत्र की बेटियों को शिक्षा के साथ संस्कार एवं चरित्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। वर्ष 2013 में इसे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर का दर्जा तथा वर्ष 2019 में विज्ञान संकाय की सुविधा प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विज्ञान शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अनेक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए करोड़ों रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है तथा प्रत्येक सरकारी विद्यालय में पेयजल, शौचालय, पर्याप्त कक्षाएं, बिजली, पंखे और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिकांश विद्यालयों में यह कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरे कर लिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने अभिभावकों से सरकारी विद्यालयों पर विश्वास जताते हुए अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी स्कूलों में कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर नियुक्त होते हैं और उनकी योग्यता किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं है। आधुनिक भवन, विशाल परिसर, हरित वातावरण और प्रशिक्षित शिक्षक सरकारी विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत हैं। वर्ष 2014 के बाद शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा शिक्षकों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का परीक्षा परिणाम निरंतर बेहतर हुआ है और अब 90 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुका है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को दर्शाता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शुरू की गई सुपर-100 योजना के अत्यंत उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए इस योजना का विस्तार कर इसे 500 विद्यार्थियों तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने रोहतक जिले में जिला प्रशासन एवं समाज के सहयोग से संचालित सुपर-40 कार्यक्रम की भी सराहना करते हुए इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने में विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, परिश्रम और शिक्षकों के मार्गदर्शन में निरंतर अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि यही सफलता का सबसे मजबूत आधार है। शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण का आधार बताया तथा छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विद्यालयों की सभी वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

    सरकार ने बदली विद्यालयों की तस्वीर :- मनीष ग्रोवर

    पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प तथा हरियाणा सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों ने सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। शिक्षकों के स्थानांतरण की ऑनलाइन एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से वर्षों से चली आ रही अनियमितताओं पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के भवन, संसाधन और शिक्षा का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है, जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिल रहा है।  
  • मुख्यमंत्री ने 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50.20 लाख लाभार्थियों के खातों में जारी किए 1,582.14 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री ने 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50.20 लाख लाभार्थियों के खातों में जारी किए 1,582.14 करोड़ रुपये

    चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को विभिन्न 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 50 लाख 20 हजार 442 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1 हजार 582 करोड़ 14 लाख रुपये की राशि जारी की। जारी की गई राशि में महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है। मुख्यमंत्री द्वारा जारी की गई राशि में ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दयालु योजना, हर घर-हर गृहिणी योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार समाज के प्रत्येक पात्र नागरिक को आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

    ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त जारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की 9वीं किस्त जारी की गई है। इसके तहत 9 लाख 98 हजार लाभार्थी बहन-बेटियों के खातों में 209 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इसे मिलाकर अब तक 9 किस्तों में 1 हजार 832 करोड़ 69 लाख रुपये की राशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि गत 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 109वें जन्मदिवस के अवसर पर ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ ऐप का शुभारंभ किया गया था। चालू वित्त वर्ष के बजट में इस योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    34.83 लाख लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 34 लाख 83 हजार लाभार्थियों के खातों में सीधे 1 हजार 121 करोड़ 39 लाख रुपये की राशि भेजी गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांग भत्ता तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि सरकारी सहायता प्रत्येक जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

    दयालु योजना के तहत 3,295 परिवारों को आर्थिक सहायता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत 3 हजार 295 परिवारों को 125.11 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर से प्रदेश में कुत्ते के काटने, आवारा पशुओं जैसे गाय, सांड, बैल, गधे, कुत्ते, नीलगाय और भैंस आदि के हमले से हुई आकस्मिक मृत्यु, दिव्यांगता अथवा चोट लगने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दयालु योजना-2 लागू की गई है।

    हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत मई माह की सब्सिडी जारी

    मुख्यमंत्री ने बताया कि गैस सिलेंडर रिफिल करवाने वाली 5 लाख 16 हजार बहनों के बैंक खातों में मई माह की 18 करोड़ 97 लाख रुपये की सब्सिडी भी जारी की गई है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रत्येक माह 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।

    प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20,165 लाभार्थियों को सहायता

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 20 हजार 165 पात्र लाभार्थियों के खातों में मकान निर्माण के लिए 107 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना के तहत अब तक 827 करोड़ 22 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में 76 हजार 466 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 41 हजार 260 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 35 हजार 206 मकानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
  • Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    Tele-ECG सेवा दिल के मरीजों को दे रही जीवनदान, ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज से 131 गंभीर मरीजों की बचाई गई जान

    चंडीगढ़- हरियाणा में टेली-ईसीजी सेवा दिल के मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। यह योजना धरातल पर कितनी कारगर साबित हो रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआत के कुछ ही समय के भीतर अब तक राज्य भर में 2,688 मरीजों को यह सेवा प्रदान की जा चुकी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस त्वरित जांच प्रणाली के माध्यम से मात्र सवा महीने में 131 बेहद गंभीर (क्रिटिकल) मामलों की समय रहते पहचान की गई, जिससे उन्हें तुरंत उचित इलाज मिल सका और उनकी जान बचाई जा सकी। आपको बता दें कि इस दूरदर्शी स्वास्थ्य सेवा का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से 29 मई 2026 को किया था , इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी उपस्थित थी। इस योजना के तहत राज्य के कुल 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को कवर किया गया है। इनमें 71 जिला नागरिक अस्पताल एवं उप-मंडल नागरिक अस्पताल, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और 408 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शामिल हैं। इस सेवा के चालू होने से अब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को उनके घर के नजदीक ही विशेषज्ञ हृदय रोग निदान की सुविधा मिलने लगी है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और इलाज में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा। हरियाणा सरकार की इस पहल को राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

    ‘गोल्डन ऑवर’ में मिलेगी संजीवनी, मौतों में आएगी एक-तिहाई कमी

    चिकित्सा विज्ञान में दिल का दौरा पड़ने के बाद का पहला घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है, जिसमें तुरंत इलाज मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। यह टेली-ईसीजी सेवा इसी ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य हृदय रोगों (Cardiovascular Diseases) के कारण होने वाली अकाल मौतों में एक-तिहाई (1/3) तक की कमी लाना है। विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट की रिपोर्टिंग और परामर्श समय पर मिलने से मरीजों के स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

    मात्र 89 रुपये में ईसीजी के साथ 10 मिनट में मिल रही विशेषज्ञ रिपोर्ट

    इस पूरी सेवा को बेहद किफायती और तीव्र बनाया गया है। आंकड़ों के अनुसार, प्रति ईसीजी की दर मात्र 89 रुपये निर्धारित की गई है। इस न्यूनतम राशि में न केवल ईसीजी का संचालन शामिल है, बल्कि टेली-रिपोर्टिंग तकनीक के माध्यम से मात्र 10 मिनट के भीतर विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) द्वारा ईसीजी की व्याख्या और रिपोर्ट प्रदान करना भी सुनिश्चित किया गया है। इस परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीडिंग्स (RoP) 2026-27 के तहत मंजूरी दी जा चुकी है।

    राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी होंगे

    प्रदेश में जिला नागरिक अस्पतालों , उप-मंडल अस्पतालों , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कुल संख्या 192 है जिनमें प्रति केंद्र औसतन 100 ईसीजी प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे सालाना 2,30,400 ईसीजी होंगे। इस पर 2.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 408 है जहां पर प्रति केंद्र औसतन 20 ईसीजी प्रति माह होने की उम्मीद है, जिससे सालाना 97,920 ईसीजी होंगे। इस पर करीब 87.14 लाख रुपये का खर्च आएगा। कुल मिलाकर राज्य भर में सालाना लगभग 3,28,320 ईसीजी किए जाने का अनुमान है।

    टेली-ईसीजी ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी : आरती सिंह राव

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस योजना की सफलता और भविष्य के रोडमैप पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि टेली-ईसीजी सेवा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है और आने वाले समय में यह तकनीक हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य क्रांति लाने का काम करेगी।

    स्वास्थ्य मंत्री की संवेदनशीलता से उपजी योजना: एक दुखद घटना ने बदली प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था

    इस क्रांतिकारी टेली-ईसीजी सेवा की शुरुआत के पीछे प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की गहरी मानवीय संवेदना और जनता के प्रति उनकी जवाबदेही जुड़ी है। दरअसल, कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में एक अत्यंत दुखद मामला आया था, जहाँ एक उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्र (SDH) में दिल के दौरे से पीड़ित एक मरीज समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ बैठा। उस केंद्र पर ईसीजी की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण मरीज के दिल की वास्तविक स्थिति और हार्ट अटैक के अंदेशे का समय रहते पता नहीं चल सका। यदि वहां ईसीजी की व्यवस्था होती, तो रिपोर्ट के आधार पर मरीज को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर ही तुरंत किसी बड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में रेफर कर उसकी जान बचाई जा सकती थी। एक आम नागरिक की इस तरह ईसीजी न होने के कारण हुई अकाल मृत्यु की खबर ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को अंदर तक झकझोर दिया और वे बेहद भावुक हो उठीं। उन्होंने इस त्रासदी को केवल एक घटना के रूप में नहीं देखा, बल्कि तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी उप-मंडल स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक हर स्तर पर ईसीजी की अनिवार्य सुविधा शुरू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री की इसी संवेदनशीलता, दूरदर्शी सोच और तत्परता का नतीजा है कि आज हरियाणा के 600 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवा धरातल पर उतर चुकी है, जो अब तक 131 से अधिक गंभीर मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित हो चुकी है।
  • आईटीआई में दाखिले का सुनहरा मौका, आवेदन की तारीख बढ़ाई गई

    आईटीआई में दाखिले का सुनहरा मौका, आवेदन की तारीख बढ़ाई गई

    चण्डीगढ़- कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग, हरियाणा द्वारा राज्य के सभी राजकीय व निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2026-27 के दाखिला हेतु ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दी गई हैं।

    विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑनलाइन दाखिला पंजीकरण हेतू व ट्रेड/संस्थान का चयन करने हेतु हेल्प डेस्क बनाया गया है। आवेदक दाखिले हेतु निशुल्क अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के पास पंजीकरण हेतु शैक्षणिक योग्यता, आरक्षण व स्थाई निवासी प्रमाण-पत्र, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी व आधार कार्ड इत्यादि दस्तावेज होने चाहिए। विभिन्न दाखिला चरणों में मेरिट एवं सीट अलॉटमेंट जारी करने के कार्यक्रम बारे सूचना दाखिला वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे दाखिला वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें। इसके अतिरिक्त, पंजीकृत अभ्यर्थियों को विभागीय वेबसाइटhttps://admissions.itiharyana.gov.in पर 15 जुलाई, 2026 तक ट्रैड व संस्थान का चयन कर सकते हैं।

     

  • हरियाणा में 10 दिनों में शुरू होगा पहला ऑनलाइन तबादला अभियान, विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

    हरियाणा में 10 दिनों में शुरू होगा पहला ऑनलाइन तबादला अभियान, विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए सभी विभागों को आगामी 10 दिनों के भीतर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी व्यापक निर्देशों में कहा है कि पहला ऑनलाइन तबादला अभियान निर्धारित समय के भीतर शुरू करने के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

    प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों एवं निगमों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को जारी निर्देशों में एचआरएमएस रिकॉर्ड के अपडेशन, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर मॉड्यूल तैयार करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, चिकित्सा एवं दिव्यांगता प्रमाण-पत्र तेजी से जारी करने, रद्द की जा चुकी वर्ष 2025 की तबादला नीति के अंतर्गत चल रही प्रक्रियाओं को समाप्त करने तथा बोर्डों एवं निगमों द्वारा नई तबादला नीति अपनाने सहित सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अधिसूचित होने के साथ ही मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 तत्काल प्रभाव से निरस्त हो गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी नियमित तबादले केवल नई नीति के प्रावधानों के अनुरूप ही किए जाएंगे। इस नीति का उद्देश्य सरकारी विभागों में पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ, प्रौद्योगिकी आधारित तथा मेरिट-आधारित तबादला व्यवस्था स्थापित करना है।

    मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं तैयारियों की निगरानी करें तथा एचआरएमएस में कर्मचारियों के कैडर, नियुक्ति तिथि, कार्यकाल, सेवा विवरण तथा मेरिट अंक निर्धारण से संबंधित सभी रिकॉर्ड का सत्यापन एवं अद्यतन तत्काल कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में केवल अर्हता तिथि तक एचआरएमएस में उपलब्ध जानकारी ही मान्य होगी। यदि कोई जानकारी अपूर्ण, गलत अथवा समय पर अद्यतन नहीं की जाती है तो संबंधित कर्मचारी की पात्रता एवं मेरिट अंकों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली के सभी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल का विकास, अनुकूलन, परीक्षण, सत्यापन एवं क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एनआईसी में कम से कम वरिष्ठ वैज्ञानिक स्तर के अधिकारी को छह माह के लिए परियोजना नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी विभागों में ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक समर्पित एचआरएमएस लॉगिन भी विकसित किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2025 के अंतर्गत प्रारंभ की गई सभी तबादला प्रक्रियाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त मानी जाएंगी। पूर्व नीति के तहत जो तबादला आदेश अभी तक जारी नहीं हुए हैं, वे जारी नहीं किए जाएंगे तथा आगे के सभी नियमित तबादले केवल मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 के अनुसार ही होंगे। पात्र कर्मचारियों को नई नीति के अंतर्गत मिलने वाले लाभ सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड तथा आवश्यक चिकित्सा प्रमाण-पत्र समयबद्ध ढंग से जारी करने के निर्देश दिए हैं। एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, पीजीआईएमएस रोहतक तथा अन्य अधिकृत मेडिकल बोर्डों से अनुरोध किया गया है कि वे पात्र आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए आवेदन प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर प्रमाण-पत्र जारी करें, ताकि कर्मचारी बिना किसी कठिनाई के ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में भाग ले सकें।

    मानव संसाधन विभाग ने पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के लिए नोशनल (काल्पनिक) कैटेगरी के संबंध में भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अंतर्गत अधिसूचित अवधि में प्रारंभिक नियुक्ति, पदोन्नति, निलंबन के बाद पुनर्बहाली, प्रतिनियुक्ति से वापसी, अध्ययन अवकाश से लौटने अथवा निर्धारित शर्तों के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को संबंधित कैडर की पहली ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया में नोशनल कैटेगरी के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्देश में सभी बोर्डों, निगमों एवं अन्य सरकारी संगठनों को मॉडल ऑनलाइन तबादला नीति, 2026 अपनाने अथवा जहां पृथक वैधानिक व्यवस्था आवश्यक हो, वहां अपनी वर्तमान तबादला नीति को इसके अनुरूप संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सभी सरकारी संस्थाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं मेरिट आधारित एक समान तबादला व्यवस्था स्थापित करना, मनमानेपन को समाप्त करना तथा अनावश्यक न्यायिक विवादों को कम करना है।

    संपूर्ण तबादला प्रक्रिया केवल एचआरएमएस से एकीकृत ऑनलाइन ट्रांसफर मॉड्यूल के माध्यम से संचालित की जाएगी। ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान किसी भी अधिसूचित कैडर के कर्मचारियों के नियमित तबादले अथवा पदस्थापन नहीं किए जाएंगे। विभागों को नीति के विपरीत कोई निर्देश जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि कोई गलत अथवा भ्रामक जानकारी देता है या किसी बाहरी प्रभाव के माध्यम से तबादला प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • 17 जुलाई को जींद बनेगा ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी

    17 जुलाई को जींद बनेगा ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी

    प्रधानमंत्री देंगे हरियाणा को विकास परियोजनाओं की सौगात

    चण्डीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसी कड़ी में 17 जुलाई, 2026 का दिन हरियाणा, विशेषकर जींद जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे तथा हाइड्रोजन गैस प्लांट का शुभारंभ करेंगे। यह न केवल पेट्रोल व डीजल रहित है, बल्कि एक पहल स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था की दिशा में भारत का एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान प्रदेश को अनेक विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे, पर्यटन तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं। इन योजनाओं से प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, रोजगार के नए अवसर तथा औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा भिवानी एवं नारनौल मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण, कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का शिलान्यास, अंबाला-कालाआंब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की आधारशिला, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे के हरियाणा हिस्से का उद्घाटन, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-352 डी) तथा हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग का लोकार्पण भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कुरुक्षेत्र के उप्पी गांव में ऐतिहासिक एवं भव्य सिख संग्रहालय की आधारशिला भी रखी जाएगी। इन परियोजनाओं से हरियाणा के विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश का आधारभूत ढांचा पहले से अधिक मजबूत होगा।

     
  • डिजिटल इकोसिस्टम में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

    डिजिटल इकोसिस्टम में डेटा सुरक्षा और गोपनीयता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

    शिक्षण तंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना है अनिवार्य- शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

    चंडीगढ़ : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि वर्तमान दौर में विद्यार्थियों का जीवन केवल किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका पूरा जीवन डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में हमारे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के सर्वर पर मौजूद लाखों विद्यार्थियों का अकादमिक डेटा, शोध पत्र और डिजिटल लाइब्रेरी को सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस विशाल तंत्र में एक छोटा सा लूपहोल भी पूरी संस्था की अखंडता को खतरे में डाल सकता है। इसलिए आज की चुनौती केवल व्यक्तिगत मोबाइल को सुरक्षित करने की नहीं, बल्कि हमारे पूरे शिक्षण तंत्र को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाने की है। शिक्षा मंत्री आज उच्चतर शिक्षा निदेशालय, हरियाणा और इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) द्वारा संयुक्त रूप से “डिजिटल इकोसिस्टम में व्यक्तियों की सुरक्षा” विषय पर पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने इस महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित कार्यशाला में 7500 से अधिक प्रतिभागियों के पंजीकरण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भागीदारी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज हमारा समाज साइबर सुरक्षा की गंभीरता को पूरी गहराई से समझ रहा है।

    डेटा की गोपनीयता और अखंडता से कोई समझौता नहीं

    मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि जब एक विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पोर्टल पर दाखिला फॉर्म भरता है, तो वह एक बड़े विश्वास के साथ अपने परिवार का पूरा विवरण साझा करता है। इस विश्वास को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हम प्रदेश में एक ऐसा डिजिटल वातावरण तैयार कर रहे हैं जो न केवल सुलभ हो, बल्कि जहां साइबर खतरों की रोकथाम के कड़े उपाय मौजूद हों। डेटा की गोपनीयता और अखंडता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के आधिकारिक मोबाइल ऐप का शुभारंभ

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन का विधिवत शुभारंभ किया। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की आईटी सेल द्वारा विशेष रूप से विकसित किया गया यह ऐप पूरी तरह से सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इस ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नवीनतम परिपत्र समाचार, त्वरित अकादमिक अपडेट्स और विद्यार्थी-केंद्रित महत्वपूर्ण जानकारियां कहीं भी और कभी भी सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह ऐप तकनीक के माध्यम से शिक्षा को स्मार्ट, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    युवा समाज में बनें ‘साइबर सुरक्षा दूत’

     कार्यशाला के समापन पर सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिए जाने की घोषणा करते हुए शिक्षा मंत्री ने आह्वान किया कि प्रतिभागी यहां से केवल एक प्रमाणपत्र लेकर न जाएँ, बल्कि समाज में ‘साइबर सुरक्षा दूत’ बनकर निकलें। यहाँ विशेषज्ञों और कानूनी दिग्गजों से सीखी गई बातों को अपने परिवार, मित्रों और संस्थानों में अवश्य साझा करें। इस अवसर पर उच्चर शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, उच्चतर शिक्षा के निदेशक एस नारायणन, संयुक्त निदेशक प्रशासक नीरज शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर,मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की प्रगति की समीक्षा

    ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर,मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की प्रगति की समीक्षा

    चंडीगढ़ : हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मंगलवार को पंचायत भवन चंडीगढ़ में विभाग की  उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के सभी जिला परिषद अध्यक्षों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) तथा विभाग के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विकास एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संचयी मोड प्रोजेक्ट्स (Saturated Mode Projects), आधारभूत विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।

    इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री ने ग्रामीण विकास और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में विकास एवं पंचायत विभाग के दो महत्वपूर्ण पोर्टलों का शुभारंभ किया। इनमें ‘समाधान’ पोर्टल के माध्यम से पंचायत (शामलात) भूमि पर वर्ष 2004 से पहले बने 500 वर्ग गज तक के मकानों को नियमित कर पात्र ग्रामीण परिवारों को कानूनी मालिकाना हक देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा। वहीं एचआरपीएमएस (Haryana Rural Project Management System) पोर्टल के जरिए ग्रामीण विकास कार्यों की चरणबद्ध प्रगति की डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि ये दोनों डिजिटल पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता, सुशासन और जनसुविधाओं को और मजबूत करेंगी।

    बैठक में अटल पुस्तकालयों की स्थापना, फिरनी निर्माण, योग एवं व्यायामशालाओं/इनडोर जिम का विकास, ग्राम सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण, शिवधाम, स्ट्रीट लाइट, सड़कों के नवीनीकरण एवं मरम्मत, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना, महिला चौपाल, हरियाणा ग्रामीण विकास योजना, महिला सांस्कृतिक केंद्र तथा अमृत सरोवर जैसे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही हरियाणा सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्य को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में गांवों की प्रगति, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयों की स्थापना एवं संचालन, तथा ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण और आजीविका से जुड़े कार्यों के अंतर्गत हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। इसमें लखपति दीदी योजना के लक्ष्यों, क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के गठन, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की गतिविधियों तथा विभिन्न स्थानों पर उनके माध्यम से संचालित आजीविका कार्यक्रमों की प्रगति पर विचार किया गया। साथ ही, सीएसआर साझेदारी के तहत महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने वाली पहलों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

     बैठक में कौशल विकास और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत दिए जा रहे प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की स्थिति पर चर्चा की गई। इसके अलावा आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण, प्रशिक्षित युवाओं के सेटलमेंट तथा बैंक क्रेडिट लिंकेज से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र, संतुलित और सतत विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को तय समयसीमा में प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को इनका पूरा लाभ मिल सके।

     विकास कार्यों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित कार्यों और जनसंवाद से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति और अधिक सुदृढ़ हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी या शिथिलता के लिए कोई स्थान नहीं है और सभी अधिकारी पूरी गंभीरता तथा जिम्मेदारी के साथ कार्यों को आगे बढ़ाएं।

    ग्रांट के सुचारु उपयोग के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा हों

    विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य एवं केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त अनुदानों का शत-प्रतिशत और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नई ग्रांट प्राप्त करने की प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने के लिए पूर्व में जारी राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा कराए जाएं। इससे विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रवाह लगातार बना रहेगा और कार्यों में गति आएगी।

    केंद्रीय राशि के योजनाबद्ध और प्रभावी उपयोग पर बल पवार ने बजट प्रबंधन पर विशेष बल देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्रीय फंड का उपयोग निर्धारित अवधि के भीतर योजनाबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग गांवों को आधुनिक, सुविधायुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किया जाना चाहिए।

    ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

     बैठक में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] योजना की जानकारी देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरपंचों एवं अन्य पंचायती राज प्रतिनिधियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के तहत प्रदेश में 318 कार्य किए जाएंगे। योजना के प्रभावी संचालन के लिए 60 दिन की अवधि निर्धारित की गई है तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 590.19 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 300 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि इस योजना के तहत स्वीकृत 318 कार्यों की सूची  पंचायत घरों में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए।

     ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा सरकार ग्रामीण अंचल के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने तथा विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे विकास कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाएं, ताकि प्रदेश के गांवों में विकास और समृद्धि का लाभ व्यापक रूप से पहुंच सके। बैठक में  विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनिश यादव,  ग्रामीण विकास विभाग की निदेशक  अमृता सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     
  • 198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि, मुख्यमंत्री बोले- हरियाणा में खेल संस्कृति को मिलेगा नया मुकाम

    198 खिलाड़ियों को 20.59 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि, मुख्यमंत्री बोले- हरियाणा में खेल संस्कृति को मिलेगा नया मुकाम

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि ऐसी मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण करना है, जहां हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अवसर, सम्मान और अपने सपनों को साकार करने का विश्वास मिले। सेक्टर-1 स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के ऑडिटोरियम में आयोजित नकद पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 198 खिलाड़ियों को कुल 20.59 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मानित खिलाड़ियों में विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं के 117 खिलाड़ियों को 13.75 करोड़ रुपये, पैरा एशियन खेल-2022 के तीन खिलाड़ियों को 2.32 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्तर के 78 खिलाड़ियों को 4.52 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में हरियाणा सरकार 16,984 खिलाड़ियों को करीब 730 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दे चुकी है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि पदक जीतने के पीछे वर्षों की कठिन तपस्या और समर्पण छिपा होता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स सहित हर बड़े मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल नर्सरियां, आवासीय खेल अकादमियां, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और बेहतर खेल अवसंरचना विकसित कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) प्रशिक्षण को अधिक वैज्ञानिक बना रही है, लेकिन खिलाड़ी का जुनून, देशभक्ति और जीत का जज्बा किसी तकनीक से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।