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  • विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को ग्राम पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभा बैठकें

    विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून को ग्राम पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभा बैठकें

    ऊना सुशील पंडित : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला ऊना की सभी ग्राम पंचायतों में 5 जून को विशेष ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने आवश्यक आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त ने बताया कि इन विशेष बैठकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन तथा जिम्मेदार सामाजिक व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

    बैठकों के दौरान ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन में परिवारों, स्थानीय संस्थाओं तथा समुदाय की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही कचरे के पृथक्करण (वेस्ट सेग्रीगेशन), एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर स्वच्छता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। ग्राम सभाओं में गांवों, सार्वजनिक स्थलों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), स्वच्छाग्रहियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, युवा एवं महिला मंडलों तथा अन्य स्थानीय हितधारकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर जनभागीदारी आधारित स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण अभियानों को गति देने पर भी विचार किया जाएगा।

    उपायुक्त जतिन लाल ने जिला के सभी ग्रामीण नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इन विशेष ग्राम सभा बैठकों में बढ़-चढ़कर भाग लें और पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा हरित एवं सतत विकास के सामूहिक प्रयासों को सफल बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल ग्रामों का निर्माण तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इस जन अभियान का हिस्सा बने।

     

  • पंजाब में इस बार बनेगी डबल इंजन की भाजपा सरकार: नायब सिंह सैनी   

    पंजाब में इस बार बनेगी डबल इंजन की भाजपा सरकार: नायब सिंह सैनी  

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों के कार्यभार ग्रहण समारोह में पहुंचकर दी शुभकामनाएं

     चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों के चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यभार ग्रहण समारोह में पहुंचकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरदार ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत होगी और पंजाब में भी हरियाणा की तरह डबल इंजन की सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने पंजाब भाजपा कार्यालय में पूजा और अरदास की तथा दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचार आधारित संगठन है, जहां व्यक्ति नहीं बल्कि विचार और राष्ट्रहित सर्वोपरि होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करता है, जिसके कारण आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनकर उभरी है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की सुरक्षा, कृषि, उद्योग और राष्ट्रभक्ति के क्षेत्र में सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश की जनता विकास, रोजगार, समृद्धि और सुशासन की आकांक्षा रखती है तथा भारतीय जनता पार्टी इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरदार केवल सिंह ढिल्लों की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी संगठन को पंजाब में नई ऊर्जा, नई दिशा और नई मजबूती मिलेगी तथा जनता के बीच पार्टी की पकड़ और सशक्त होगी। मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में हुए विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनने के बाद पंजाब भी विकास, निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

    उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे संगठन विस्तार को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाते हुए गांव-गांव, शहर-शहर और बूथ स्तर तक पार्टी की नीतियों एवं विकास कार्यों को पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आगामी समय पंजाब के लिए नए अवसर लेकर आएगा और जनता विकास, पारदर्शिता तथा सुशासन की राजनीति को और अधिक समर्थन देगी। उन्होंने पंजाब के लोगों से पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, सांसद सतनाम सिंह संधू, स. नरेंद्र सिंह, सरदार इकबाल सिंह लालपुरा तथा विजय सांपला सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

     चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को आदमपुर हिसार पहुंचकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के जन प्रेरणा स्थल(समाधि स्थल) पर पहुंचकर परिक्रमा की तथा उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाधि स्थल परिसर में पौधारोपण भी किया। इस अवसर पर  कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व विधायक दुड़ाराम, पूर्व विधायक रेनुका बिश्नोई, पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

  • एचसीएस अधिकारी मनीष कुमार को लगाया एडीआईपीआर

    एचसीएस अधिकारी मनीष कुमार को लगाया एडीआईपीआर

    चंडीगढ : हरियाणा सरकार ने नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष कुमार लोहान को तत्काल प्रभाव से सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग का अतिरिक्त निदेशक लगाया है | इसके अतिरिक्त, उन्हें खान एवं भू-विज्ञान विभाग के अतिरिक्त निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।

  • जलवायु संकट से मुकाबले को हरियाणा का बड़ा कदम, 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट फंड की स्थापना का प्रस्ताव

    जलवायु संकट से मुकाबले को हरियाणा का बड़ा कदम, 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट फंड की स्थापना का प्रस्ताव

    चंडीगढ़ : हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरे विश्व के समक्ष एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा से लेकर विश्व के विभिन्न देश इस समस्या के वैज्ञानिक समाधान तलाशने के लिए निरंतर शोध एवं नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने प्रदेश को जलवायु-अनुकूल एवं पर्यावरणीय दृष्टि से अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये के सीड प्रावधान के साथ “हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड” स्थापित करने की घोषणा की है। राव नरबीर सिंह ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को गुरुग्राम में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा समारोह के दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राज्य सरकार की विभिन्न पहलों पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। राव नरबीर सिंह ने बताया कि इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस का थीम ‘प्राकृति से प्रेरित-जलवायु के लिए-हमारे भविष्य के लिए’ निर्धारित किया गया है। यह थीम जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण एवं पुनर्बहाली, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, सतत जीवनशैली अपनाने तथा सुरक्षित भविष्य के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल देता है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट फंड हरियाणा में शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि तथा प्रकृति-आधारित समाधानों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से वायु एवं जल प्रदूषण की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

    वन एवं पर्यावरण मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने प्रदेश से होकर गुजरने वाली 313 किलोमीटर लंबी यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए विशेष मिशन मोड में कार्य करने की पहल की है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में संचालित होने वाले इस मिशन के अंतर्गत मल-जल शोधन क्षमता में वृद्धि, अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह पर रोक, औद्योगिक इकाइयों की रियल टाइम निगरानी, नदी तटों का संरक्षण, हरित पट्टी विकास तथा भू-जल पुनर्भरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के दौरान यमुना में गिरने वाले सभी नालों के जल का वैज्ञानिक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नदी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों से हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेश सतत, समावेशी एवं हरित विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने की अपील की।

     
  • सरकारी सुविधा में सफाई-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पाइप लाइन पर लगाया जाएगा

    सरकारी सुविधा में सफाई-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पाइप लाइन पर लगाया जाएगा

    चंडीगढ़ : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य फ़ोकस राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर है।  आज चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रबंधन को बेहतर करने के लिए साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर सौंपा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में महिला मरीजों, नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की सुरक्षा को बेहद मजबूत करना है। स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने कुरुक्षेत्र के लोक नायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले का जिक्र करते हुए बताया कि आरोपी कंसलटेंट के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं।

    आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि चरखी दादरी जिले में निर्माणाधीन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम देश के महान स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर रखा जाएगा। इस नामकरण के लिए उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इस नामकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। स्वास्थ्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयासों से हमारी युवा पीढ़ी को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सर्वोच्च बलिदान और संघर्षों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह मेडिकल कॉलेज न केवल चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा, बल्कि युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत भी बनेगा, जिससे वे देश सेवा के प्रति प्रेरित होंगे। राज्य के नागरिकों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता सभी जिलों में गायनेकोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया और पीडियाट्रिशन (बाल रोग विशेषज्ञ) की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उनका मुख्य फोकस सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महिलाओं और बच्चों को उनके घर के नजदीक ही इलाज की सुविधाएं प्रदान करना है।

    उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने करीब 104.16 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए हैं। इसके साथ ही 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य में 766 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसमें ग्रामीण और कस्बा स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के लिए 597 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 111 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ सेंटर शामिल हैं। मरीजों को आधुनिक सुविधाएं और सस्ती दवाएं देने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हृदय रोगियों की सहूलियत के लिए राज्य के 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली-ईसीजी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा आम जनता को सस्ती एवं उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 जिला अस्पतालों में ‘अमृत फार्मेसी’ स्थापित की गई हैं। इन फार्मेसियों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वे स्वयं भी समय-समय पर औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक को स्वास्थ्य क्षेत्र से जोड़ते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में ग्रीन एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में अब सरकारी अस्पतालों में सोलर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, और हरियाणा सरकार भी इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है।

     
  • एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में बढ़ेगा हरियाणा

    एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में बढ़ेगा हरियाणा

    मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में एआई सेंडबॉक्स का किया लोकार्पण

    चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि एआई टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म शासन, विकास व नवाचार की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। एआई सैंडबॉक्स के माध्यम से अंत्योदय के कल्याण की दिशा में हरियाणा प्रदेश और तीव्र गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री  सैनी सोमवार को गुरुग्राम  में  आधुनिकतम तकनीक पर केंद्रित एआई सेंडबॉक्स के लोकार्पण उपरांत उपस्थित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई सुशासन व एआई अंत्योदय के साथ एआई हरियाणा की इस यात्रा में सहभागी बनते हुए सभी ने मिलकर आधुनिक स्वरूप के साथ विकसित भारत के सपने को साकार करना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा एआई सैंडबॉक्स का निर्माण भी इसी सोच और दृष्टिकोण के साथ किया गया है। इस मंच पर विभिन्न विभाग अपनी वास्तविक चुनौतियों और समस्याओं को लेकर आएंगे, जबकि नवाचार उद्यमी, शोधकर्ता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ तथा तकनीकी कंपनियां उनके समाधान प्रस्तुत करेंगी। इन समाधानों का सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में परीक्षण किया जाएगा, ताकि उनकी प्रभावशीलता और उपयोगिता का सही आकलन किया जा सके।

    विकसित भारत-2047‘ के संकल्प को साकार करने में हरियाणा निभाएगा विकास इंजन की भूमिका

     मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की यात्रा में हरियाणा एक सशक्त और अथक विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए कोई आवेदन केवल एक फाइल या प्रक्रिया नहीं होता, बल्कि उसके पीछे किसी परिवार की आशाएं, अपेक्षाएं और बेहतर भविष्य का सपना जुड़ा होता है। इसलिए राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि शासन व्यवस्था अधिक संवेदनशील, जनोन्मुखी, पारदर्शी और जवाबदेह बने। सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है जो लोगों की बात सुने, उनकी समस्याओं को समझे और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि जब तकनीक जनकल्याण के उद्देश्य से उपयोग की जाती है, तभी उसका वास्तविक महत्व सिद्ध होता है।

    अंत्योदय के लक्ष्य को गति देने का सशक्त माध्यम बनेगी कृत्रिम बुद्धिमत्ता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) चर्चा का प्रमुख विषय है, लेकिन हरियाणा के लिए यह केवल एक प्रचलित शब्द या आधुनिक तकनीकी अवधारणा नहीं है। राज्य सरकार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अर्थ ‘अंत्योदय के कल्याण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ है। इसका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने में सहायक बने। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासन को बेहतर और सटीक निर्णय लेने में मदद करेगी, जनसमस्याओं की पहचान को आसान बनाएगी तथा उनके समयबद्ध समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेगी।

    सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जलापूर्ति सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी एआई तकनीक मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई तकनीक का उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना है। उन्होंने कहा कि ‘म्हारी सड़क’ एप के माध्यम से यदि तस्वीर और स्थान की जानकारी के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान हो जाए, तो मरम्मत कार्य तेजी से किया जा सकेगा। शिक्षा क्षेत्र में एआई के माध्यम से शिक्षकों की आवश्यकता, कमी और बेहतर तैनाती की योजना बनाई जा सकेगी, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डॉक्टरों की सहायता करते हुए गंभीर मामलों की समय रहते पहचान करने में मददगार सिद्ध हो सकती है। वहीं जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों, रिसाव और बार-बार आने वाली समस्याओं का विश्लेषण कर समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल और जनशिकायतों जैसे रोजमर्रा के विषयों से जुड़ी यह पहल आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस पहल की शुरुआत पांच चुनौतियों से की जा रही है, लेकिन भविष्य में कृषि, राजस्व, शहरी विकास, परिवहन, समाज कल्याण, पर्यावरण, उद्योग सहित सभी विभाग अपनी वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए इस मंच का उपयोग करेंगे।

    हरियाणा सरकार के लिए एआई स्किल्स को करेंगे इम्प्रूव – पॉल

    कार्यक्रम में वर्ल्ड बैंक इंडिया के एक्टिंग कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि भारत में वर्ल्ड बैंक के माध्यम से हरियाणा सरकार के लिए एआई स्किल्स को इम्प्रूव करने में पूरी मदद करेगा। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली व सजगता की सराहना की। हरियाणा में एआई सेंडबॉक्स के लांच करने पर नई तकनीक के पहलू पर आगे बढ़ने की सराहना की। एआई सेंडबॉक्स के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गूगल के संजय धीमान, अमेजॉन वेब सर्विसेज के मयंक अरोड़ा तथा माइक्रोसॉफ्ट की सपना नाहरिया को सम्मानित किया। यह रहे मौजूद :इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आयुक्त एवं सचिव , हार्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक डॉ. जे. गणेशन, मुख्यमंत्री के ओएसडी राज नेहरू और विवेक कालिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

     

  • हरियाणा को नई औद्योगिक नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक के वास्तविक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

    हरियाणा को नई औद्योगिक नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद 1,00,000 करोड़ रुपये से अधिक के वास्तविक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए

    चंडीगढ़ : हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा को नई गति देते हुए हरियाणा सरकार ने आज गुरुग्राम में अपनी प्रमुख “मेक इन हरियाणा” नीति के साथ 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का लॉन्च किया। नई नीतियों के लॉन्च के तुरंत बाद राज्य को विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 1,10,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें लगभग 30,000 करोड़ रुपये के FDI प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यह कार्यक्रम हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी एवं उद्योग मंत्री श्री राव नरबीर सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में देशभर से उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, स्टार्टअप्स, विदेशी प्रतिनिधिमंडल, वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हरियाणा औद्योगिक विकास के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेज प्रशासनिक व्यवस्था, मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर निवेशक सुविधा, रोजगार सृजन और उद्योग साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है।

    उद्योग मंत्री जी ने कहा कि नई नीतियों का उद्देश्य विनिर्माण को मजबूत करना, क्षेत्र-विशेष विकास को बढ़ावा देना, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहयोग देना, वैश्विक निवेश आकर्षित करना और राज्य में एक मजबूत भविष्य-उन्मुख औद्योगिक तंत्र तैयार करना है। सरकार ने “मेक इन हरियाणा” नीति के साथ 9 नई क्षेत्रीय नीतियों का लॉन्च किया, जिनका उद्देश्य विनिर्माण, विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, डेटा सेंटर्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, टॉयज़ एंड स्पोर्ट्स गुड्स तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना है।

    • नई नीति के तहत राज्य के पुराने A/B/C/D ब्लॉक वर्गीकरण प्रणाली को बदलकर एक सरल और अधिक पारदर्शी क्षेत्र वर्गीकरण ढाँचा लागू किया गया है।
    • पहली बार पूरे राज्य में वित्तीय प्रोत्साहन लागू किए गए हैं ताकि संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
    • Policy के तहत industries को project viability बेहतर बनाने और investments को तेजी देने के लिए up to 30प्रतिशत तक capital support दिया जाएगा, साथ ही Net SGST reimbursement incentives का लाभ भी मिलेगा।
    • Innovation-led manufacturing को बढ़ावा देने के लिए policyमें R&D incentives का भी प्रावधान किया गया है, जिसके तहत industries को up to 50 करोड़ रुपये तक का support मिलेगा। साथ ही export-linked incentives भी दिए जाएंगे ताकि industries global value chains से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
    • Geopolitical disruptions से प्रभावित export-oriented units के लिए भी विशेष provisions किए गए हैं। ऐसी units को diversification केलिए one-time support दिया जाएगा ताकि वे नए sectors में आगे बढ़ सकें।
    • Policy green और sustainable manufacturing को भी बढ़ावा देती है। इसके तहत renewable energy adoption, carbon credit generation, Zero Liquid Discharge systems और green building certificationsसे जुड़े incentives दिए जाएंगे।
    • इसके अलावा industries, Government of India schemes जैसे PLI के तहत मिलने वाले incentives पर additional 50 प्रतिशतtop-up benefit भी ले सकेंगी।
    • साथ ही State में Mega Private Industrial Parks के developmentको भी बढ़ावा दिया जाएगा ताकि industrial expansion के अगले phase को गति मिल सके।

    कार्यक्रम के दौरान सरकार ने एआई-सक्षम “सिंगल विंडो 2.0” प्रणाली भी लॉन्च की, जिसका उद्देश्य हरियाणा में निवेशक अनुभव को पूरी तरह बदलना है। यह प्लेटफॉर्म एआई आधारित निवेश ब्लूप्रिंट, सिंगल क्लिक जीआईएस भूमि पहचान प्लेटफॉर्म, प्रोत्साहन मूल्यांकन और अनुमोदन मैपिंग जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। पोर्टल में स्मार्ट एआई एजेंट की सुविधा भी दी गई है, जिससे निवेशक प्रणालियों के साथ संवादात्मक तरीके से जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। निवेशक अब प्रोत्साहनों की गणना, अप्रूवल्स की जानकारी और उपयुक्त औद्योगिक भूमि की पहचान एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर सकेंगे। कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण “हैपनिंग हरियाणा” की घोषणा रही, जो राज्य का आगामी वैश्विक निवेशक सम्मेलन होगा। इसका उद्देश्य हरियाणा को विश्व निवेश मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाना है।

    कार्यक्रम के दौरान “मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, जीसीसी, डेटा सेंटर्स, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित विभिन्न क्षेत्रों में 1,10,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों आदान-प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि ये निवेश प्रस्ताव राज्य में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और औद्योगिक विकास को नई गति देंगे। सरकार ने दोहराया कि हरियाणा सक्रिय सहयोग, तेज अनुमोदन, सहज सुविधा व्यवस्था और साझेदारी आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से उद्योगों और निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्ट्रॉन्ग कनेक्टिविटी, स्ट्रैटेजिक एक्सेस टू एनसीआर, एक्सपैंडिंग इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ, हरियाणा इन्वेस्टमेंट्स के लिए भारत के सबसे प्रीफर्ड डेस्टिनेशंस में लगातार उभर रहा है।

  • 5 लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री ने किया मेक इन हरियाणा पॉलिसी को लॉन्च

    5 लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री ने किया मेक इन हरियाणा पॉलिसी को लॉन्च

    पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़  के हुए एमओयू चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को गुरुग्राम में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लॉन्च किया। प्रदेश में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य लेकर लॉन्च की गई इस पॉलिसी के पहले ही दिन 1 लाख 10 हजार करोड़  रुपये के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए। इसके साथ-साथ उन्होंने 9 नई सेक्टोरल पॉलिसी, एक स्मार्ट निवेश सुविधा पोर्टल को भी लॉन्च किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लोगों का भी अनावरण किया। इस दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस नई पॉलिसी से उद्योग और सशक्त होंगे। निवेश प्रक्रिया सरल होगी और विकास के अवसर और अधिक व्यापक होंगे। इससे प्रदेश को एक नई दशा और दिशा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज दुनिया के निवेश करने का तरीका बदल रहा है। आज उद्योग केवल इंसेंटिव ही नहीं देखते। वे इकोसिस्टम भी देखते हैं। वे पूछते हैं कि कौन सा राज्य तेजी से निर्णय ले सकता है? कौन सा राज्य भरोसा दे सकता है? कौन–सा राज्य लंबे समय तक ग्रोथ पार्टनर बन सकता है? यही वह क्षेत्र है, जहां हरियाणा नेतृत्व करने जा रहा है। मेक इन हरियाणा’ केवल एक इंडस्ट्रियल पॉलिसी नहीं है। यह हरियाणा के आर्थिक विकास के अगले चरण का रोडमैप है। ऐसा रोडमैप जो, कॉम्पिटिटिवनेस, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, एक्सपोर्टस, रोजगार और फ्यूचर–रेडी मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने निवेशकों से आह्वान किया कि हरियाणा में निवेश कीजिए। हरियाणा के साथ बढ़िए और अपने भविष्य का निर्माण कीजिए। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टिंग इन हरियाणा का मतलब इन्वेस्टिंग इन फ्यूचर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा।

     हरियाणा देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश की सबसे मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश के केवल 1.3 प्रतिशत भू–भाग के बावजूद हरियाणा भारत की जीडीपी में लगभग 3.6 प्रतिशत योगदान देता है। एक्सप्रेसवेज, फ्रेट कॉरिडोर्स, रेल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स हब्स और एनसीआर तक सीधी पहुंच ने हरियाणा को भारत के सबसे राजनीतिक इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन्स में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि आज ग्लोबल कंपनियां हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के साथ ग्रोथ डेस्टिनेशन के रूप में भी देख रही हैं।

     स्पीड और ट्रस्ट हमारा ध्येय

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज दुनिया भर की सरकारें एक बात समझ चुकी हैं कि सिर्फ ईज-आफ-डूईंग बिजनेस अब काफी नहीं है। अगला दौर इंटेलिजेंट गवर्नेंस का है। और इसलिए आज हरियाणा इंटेलिजेंट इन्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल लॉन्च किया है जो बेहद महत्वपूर्ण है। यह पोर्टल सरकार और उद्योगों के बीच काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। हमारा ध्येय स्पीड और ट्रस्ट है। अब इन्वेस्टर्स को अप्रूवर्स, लैंड, इंसेंटिव्स, कम्प्लायंसेज़ और क्लीयरेंस के लिए अलग–अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सब सुविधाएं एक जगह मिलेंगी। इस पोर्टल के माध्यम से इन्वेस्टर को जीआईएस आधारित लैंड आइडेंटिफिकेशन, ऑटोमेटेड इन्वेस्टमेंट ब्लूप्रिंट, एआई–इनेबल्ड असिस्टेंस, अप्रूवल्स पाथ–वे, इंफ्रास्ट्रक्चर इंफॉर्मेशन और पॉलिसी सपोर्ट, ये सब कुछ एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। यह केवल डिजिटाइजेशन नहीं है। यह गवर्नेंस ट्रांसफॉर्मेशन है।

    इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के जो इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स साइन हुए हैं, वे एक बहुत मजबूत संदेश देते हैं। इंडस्ट्री को हरियाणा पर भरोसा है। ये इन्वेस्टमेंट केवल एक आंकड़ा नहीं हैं। ये नए उद्योग हैं। नई सप्लाई चेन हैं। एमएसएमई के लिए नए अवसर हैं। युवाओं के लिए नए रोजगार हैं। और हरियाणा की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा हैं। उन्होंने उन सभी इन्वेस्टर्स और इंडस्ट्री लीडर्स का धन्यवाद किया जिन्होंने हरियाणा को अपना ग्रोथ पार्टनर चुना है।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम तैयार

     मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत हमेशा इसके लोग रहे हैं। हमारे किसान, उद्यमी, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्रियल वर्कर्स और इंडस्ट्री लीडर्स, इन सभी ने मिलकर हरियाणा की ग्रोथ स्टोरी लिखी है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसी स्पीड, ट्रस्ट और कमिटमेंट के साथ विकास के अगले चरण का निर्माण करें। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य उन्हीं राज्यों का होगा, जो तेजी से निर्णय लेंगे, जो स्मार्ट गवर्नेंस देंगे और जो इंडस्ट्री के साथ मजबूत पार्टनरशिप बनाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में हरियाणा इस भविष्य का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी इन्वेस्टर, इनोवेटर्स और ग्लोबल पार्टनर्स को हरियाणा की इस नई ग्रोथ स्टोरी का भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।

    इन कंपनियों ने किया एमओयू

    एनटीएफ ग्रुप, औमोवियो, प्रोटेरियल, नेशनल आस्ट्रेलियन बैंक ग्लोबल इनोवेशन सेंटर, सुमितोमो कॉर्पोरेशन इंडिया, रिलायंस एमईटीएल, स्टार वायर, सात्विक ग्रप, ईंडिया सेल एलायंस, गौतम सोलर, वीनस रेमेडिस, वरूण बेवरेजिस, होरिजोन इंडस्ट्रिएल, अनंत राज, वैलसपम वन, स्टार सीमेंट, जीएलएस ग्रुप, एसएमटीए, करनाल फॉर्मा पार्क, यूनिवर्सल सक्सेस एनटरप्राइजेस, रैकबैंक, अंबर ग्रुप।इस मौके पर गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार मौजूद रहे।

  • उप-निर्वाचन आयुक्त ने की एसआईआर की तैयारियों व प्रबंधों की समीक्षा

    उप-निर्वाचन आयुक्त ने की एसआईआर की तैयारियों व प्रबंधों की समीक्षा

    चंडीगढ़ : हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को चंडीगढ़ में उप निर्वाचन आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत किए जा रहे विभिन्न प्रबंधों, कार्य योजनाओं तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी  ए निवास ने बताया कि उप निर्वाचन आयुक्त ने मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल देते हुए सभी अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं तथा मृत, स्थानांतरित एवं अपात्र मतदाताओं के नाम नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता एवं सावधानी के साथ संपन्न की जाए।

    बैठक के दौरान बूथ स्तर पर चल रहे सत्यापन कार्यों की भी समीक्षा की गई। उप निर्वाचन आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को घर-घर जाकर सत्यापन अभियान को प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए ताकि मतदाता सूची का पुनरीक्षण अधिक सटीक और विश्वसनीय बन सके। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाती है।

    बैठक में मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों, दावों एवं आपत्तियों के समयबद्ध निपटान तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उप निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक नहीं हुई है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे मामलों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर भीड़ की संभावना को देखते हुए मतदाताओं को संबंधित बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से आवश्यक डेटा मैपिंग करवाने की सलाह दी गई है। उप निर्वाचन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला है और इसके लिए सभी स्तरों पर गंभीरता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए।