Category: Chandigarh

  • Royal Estate Group पर ED की दबिश, 2 प्रमोटर गिरफ्तार, गमाडा से CLU रिकॉर्ड तलब

    Royal Estate Group पर ED की दबिश, 2 प्रमोटर गिरफ्तार, गमाडा से CLU रिकॉर्ड तलब

    चंडीगढ़ः रॉयल एस्टेट ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत ईडी ने रॉयल एस्टेट ग्रुप और चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (सीआरसीपीएल) से जुड़े 18 बैंक खातों की 286 संदिग्ध एंट्रीज की जांच तेज कर दी है। ईडी ने शुक्रवार को रॉयल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया। दोनों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चल रही जांच के तहत गिरफ्तार किया गया है। ED की इस कार्रवाई से रियल एस्टेट कारोबार जगत में हलचल मच गई।

    ईडी के अधिकारियों के मुताबिक कुछ दिन पहले मेसर्स चंडीगढ़ रियल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और रियल एस्टेट ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। एजेंसी इन लेनदेन के जरिये निवेशकों के पैसे को दूसरी जगह खपाने और मनी ट्रेल से जुड़े तथ्यों को खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान कई ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं जिनमें रकम को अलग-अलग खातों और संपत्तियों में निवेश किए जाने के संकेत मिले हैं। इसी क्रम में रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण कंसल उर्फ रॉकी के बैंक रिकॉर्ड भी ईडी ने जांच के दायरे में ले लिए हैं।

    चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की बकाया राशि जानबूझकर जमा नहीं करवाई और करीब 32.67 करोड़ रुपये के बाउंस चेक जारी किए। जांच अब केवल वित्तीय लेनदेन तक सीमित नहीं रही। ईडी ने गमाडा से पिछले पांच वर्षों में जारी किए गए सभी चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मामलों का रिकॉर्ड भी तलब कर लिया है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन परियोजनाओं को नियमों को दरकिनार कर मंजूरी दी गई और इससे सरकार को कितना वित्तीय नुकसान हुआ।

    सूत्रों का कहना है कि ईडी ने मौजूदा अधिकारियों के साथ-साथ उन पूर्व अधिकारियों की जानकारी भी मांगी है जिनके कार्यकाल में विवादित सीएलयू मंजूर किए गए थे। कई पूर्व अधिकारियों से पूछताछ की तैयारी भी चल रही है। जांच एजेंसी का फोकस उन बड़े बिल्डरों और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर है जिनके खिलाफ निवेशकों और जमीन मालिकों की शिकायतें पहले से सामने आती रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले पांच वर्षों में 50 से अधिक सीएलयू ऐसे जारी किए गए जिन पर अब सवाल उठ रहे हैं।

    एजेंसी यह भी जांच रही है कि क्या कुछ बिल्डरों को एक के बाद एक कई परियोजनाओं की मंजूरी दी गई जबकि अन्य मामलों में नियमों का कड़ाई से पालन किया गया। शिकायतों को नजरअंदाज कर परियोजनाओं को फायदा पहुंचाने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। ईडी की मौजूदा जांच रॉयल एस्टेट ग्रुप, सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। आरोप है कि कुछ परियोजनाओं में फर्जी दस्तावेजों और गलत सहमति पत्रों के आधार पर सीएलयू हासिल किए गए। हाल ही में जांच एजेंसी ने कई ठिकानों पर छापा मारकर नकदी और अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे।

  • Punjab News: अंतरराज्यीय चरस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 8 किलो चरस सहित आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: अंतरराज्यीय चरस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 8 किलो चरस सहित आरोपी गिरफ्तार

    चंडीगढ़ः नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने हिमाचल प्रदेश से देश के अलग-अलग हिस्सों में चरस की अवैध सप्लाई में शामिल एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है।

    खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए NCB चंडीगढ़ की एक टीम ने 25.05.2026 को मंडी, हिमाचल प्रदेश में हरियाणा के दो संदिग्धों को रोका और उनके कब्ज़े से 4.529 किलो चरस बरामद की। जांच के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर NCB टीम ने सप्लाई चेन का पता हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले से लगाया।

    इसके बाद 27.05.2026 को कुल्लू ज़िले के जारी में की गई एक और कार्रवाई में NCB टीम ने ज़ब्त की गई चरस की सप्लाई में शामिल ड्रग सिंडिकेट के दो और सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। ​​इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्ज़े से 3.543 किलो और चरस के साथ-साथ बिक्री से मिले 85,000 रुपये भी बरामद और ज़ब्त किए गए।

    इससे पहले अप्रैल 2026 में भी NCB चंडीगढ़ ने इसी तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दो और चंडीगढ़ का एक आरोपी शामिल था। जिनके पास से 1.559 किलो चरस बरामद की गई थी। अब तक की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले से देश के अलग-अलग हिस्सों, जिनमें चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और गोवा शामिल हैं।

    इस अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के अन्य साथियों की पहचान करने पैसों के लेन-देन का पता लगाने और बाकी बचे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच जारी है।

    नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और समाज को नशीले पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

     

  • मंहगाई की मार! अब खाद्य-तेल की कीमतों में हुई बढ़ौतरी

    मंहगाई की मार! अब खाद्य-तेल की कीमतों में हुई बढ़ौतरी

    चंडीगढ़ः वैश्विक तनाव का असर एलपीजी, डीजल-पेट्रोल के बाद अब खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ गया। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों की वजह से परिवहन लागत में बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से अब सरसों तेल समेत अन्य खाद्य तेलों के दाम भी बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों से आम आदमी की रसोई का बजट भी प्रभावित हो रहा है।बढ़ती कीमतों से गृहणियों की रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है तथा लोगों को खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। ‎बाजार में अभी तक 175 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला कंपनी पैक्ड सरसों तेल 185 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

    पिछले सप्ताह की तुलना में खाद्य तेलों की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है। तेल के दाम बढ़ने से आम परिवारों की मासिक रसोई लागत बढ़ गई है। ‎व्यापारियों के अनुसार परिवहन भाड़े में वृद्धि का असर खाद्य तेलों के दाम पर पड़ा है। व्यापारी संदेश गुप्ता ने बताया कि रिफाइंड तेल 130 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर तथा तिल का तेल 150 रुपये से बढ़कर 165 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण बाजार में कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

    ‎खाद्य तेल महंगे होने के बाद गृहणियां अब तेल के उपयोग में किफायत बरतने लगी हैं। लोगों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। मिडिल-ईस्ट में तनाव और बढ़ते गैस-तेल संकट की वजह से देश के घरेलू बाजार में कई वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि हुई है। परिवहन लागत बढ़ने की वजह से ड्राई फ्रूट्स, आटा, सरसों का तेल, रिफाइंड, डालडा, दाल, आटा, नमकीन, मसाले, खड़े मसाले सहित कई खाद्य-पदार्थों और खाना बनाने में जरूरी वस्तुओं का मूल्य बढ़ चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई बढ़ने से एक परिवार का लगभग दो से पांच हजार का अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है।

     

  • 328 गायब स्वरूपों के मामले में SGPC दफ्तर पहुंची SIT, देखें वीडियो

    328 गायब स्वरूपों के मामले में SGPC दफ्तर पहुंची SIT, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूप गायब होने के मामले गठित एसआईटी की टीम वीरवार को एसजीपीसी कार्यालय पहुंची। माना जा रहा है कि अधिकारी अब इस मामले से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ करेंगे। हालांकि, इस दौरान टीम ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। यह मामला जून 2020 में सामने आया था, जब 2015-16 के रिकॉर्ड की जांच के दौरान पता चला कि एसजीपीसी के पब्लिकेशन हाउस से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूप कम पाए गए। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब ने ईश्वर सिंह की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया था।

    रिपोर्ट में सामने आया कि विभाग के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से ये पावन स्वरूप संगत को दिए गए, लेकिन इसके बदले मिले भेंट और चढ़ावे का न तो कोई रिकॉर्ड दर्ज किया गया और न ही रसीद जारी की गई। इसे वित्तीय अनियमितता का मामला माना गया। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया, जो अमृतसर पुलिस कमिश्नर की निगरानी में जांच कर रहा है। इस केस में दर्ज एफआईआर में 16 लोगों को नामजद किया गया है। जांच के दौरान एसजीपीसी के पूर्व अकाउंटेंट सत्येंद्र सिंह कोहली को गिरफ्तार किया गया और कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई।

    अब तक 328 में से 169 स्वरूप बरामद किए जा चुके हैं। जांच के दौरान एसजीपीसी के करीब 40 अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया था। हाल ही में एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस की एसआईटी गैर-जरूरी जानकारी मांगकर एसजीपीसी के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रही है। इससे पहले इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर ‘गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार समिति’ और एसजीपीसी टास्क फोर्स के बीच अमृतसर में हिंसक झड़पें भी हो चुकी हैं।

  • Punjab News : 14,000 की रिश्वत लेते ASI विजिलेंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार

    Punjab News : 14,000 की रिश्वत लेते ASI विजिलेंस ब्यूरो ने किया गिरफ्तार

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस थाना डिवीजन संख्या-8, लुधियाना में तैनात एएसआई हरदीप सिंह को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गोपाल नगर, हैबोवाल कलां, लुधियाना निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी लगभग 22 वर्षीय पुत्री, जिसने सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) लुधियाना से सिलाई का पाठ्यक्रम उत्तीर्ण किया था, अपना परिणाम लेने के लिए सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान घुमार मंडी गई थी, लेकिन वह शाम तक घर वापस नहीं लौटी। शिकायतकर्ता ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन बेटी नहीं मिली।

    जिसके बाद शिकायतकर्ता ने बेटी के लापता होने संबंधी रिपोर्ट पुलिस थाना डिवीजन 8 में ड्यूटी अफसर हरदीप सिंह के पास दर्ज कराई। आरोपी ASI ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाया और कार्रवाई करने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। मौके पर 6,000 पेशगी और बाकि की रकम बाद में देने की सहमति बनी।

    रिश्वत देने के लिए तैयार न होने पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी ASI को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के लुधियाना पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया है।

  • New Zealand भेजने के बहाने 60 लाख की ठगी के मामले में 2 गिरफ्तार

    New Zealand भेजने के बहाने 60 लाख की ठगी के मामले में 2 गिरफ्तार

    चंडीगढ़ः सेक्टर 26 पुलिस को गैर-कानूनी इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ चल रही मुहिम में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इमिग्रेशन धोखाधड़ी और ठगी से जुड़े मामलों में शामिल 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी युवराज सोबती और हरनीत वालिया हैं, जो न्यूज़ीलैंड में नौकरियों और वर्क परमिट का वादा करके लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे।

    पुलिस के अनुसार, बबीता ने इस मामले में अपने भाई विवेक कुमार की तरफ से शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर, बीएनएस की विभिन्न धाराओं और इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत 23 मई, 2026 को सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 65 दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने माई सोहो वर्कस्पेस, टिंबर मार्केट, सेक्टर 26 में एम/एस ट्रूव कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक फर्म चलाई।

    उन्होंने लोगों से न्यूज़ीलैंड में नौकरियों, वर्क परमिट, वीजा फाइलिंग और दस्तावेजों का वादा कर बड़ी रकम ठगी की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शिकायतकर्ता और अन्य लोगों से लगभग ₹59,92,000 की ठगी की। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने अपना कार्यालय बंद कर वहां से भाग गए। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने एक छापे में कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि दोनों के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी और इमिग्रेशन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

  • Punjab News: इस तारीख से घर-घर पहुंचेगी चुनाव विभाग की टीम, शुरू होगा वोटर लिस्ट का Sir अभियान, देखें वीडियो

    Punjab News: इस तारीख से घर-घर पहुंचेगी चुनाव विभाग की टीम, शुरू होगा वोटर लिस्ट का Sir अभियान, देखें वीडियो

    चंडीगढ़। मतदाता सूची को अपडेट और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन की ओर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत चुनाव विभाग की टीमें 15 जून से घर-घर जाकर मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच करेंगी और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन करेंगी। जानकारी के अनुसार पूरी प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तीन बार घर-घर विजिट करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता वोटर लिस्ट से बाहर न रह जाए। वहीं, 21 जुलाई से 20 अगस्त तक नागरिक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे।

    चुनाव विभाग के मुताबिक, चंडीगढ़ में इससे पहले वर्ष 2002 में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान चलाया गया था। अब दोबारा इस विशेष अभियान के जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करने की तैयारी की जा रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान शहर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों और उनके प्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

    मतदाता सत्यापन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र, डोमिसाइल प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।

    चंडीगढ़ के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी Nishant Yadav ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज हो। उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान के जरिए वोटर लिस्ट को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जाएगा, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।

     

     

  • Punjab News: सोशल मीडिया पर शराब डिस्काउंट का किया प्रचार, तो होगा सख्त एक्शनः डीसी, देखें वीडियो

    Punjab News: सोशल मीडिया पर शराब डिस्काउंट का किया प्रचार, तो होगा सख्त एक्शनः डीसी, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः शहर के सेक्टर-9 स्थित हाईप्रोफाइल मार्केट में ठेके के बाहर स्टॉल लगाकर शराब की छबील लगाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। इसके बाद डीसी निशांत कुमार यादव ने ठेकेदारों की बैठक बुलाई। दो टूक में समझाया कि आबकारी नीति का उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस रद होगा और ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

    सोशल मीडिया पर शराब का प्रचार करना अब पड़ेगा भारी। सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी शराब के ठेकेदारों द्वारा डिस्काउंट का प्रचार किया जाता है जिसको लेकर डीसी निशांत यादव ने ठेकेदारों के साथ बैठक की और उनको सख्त हिदायत दी है कि अगर इस तरह का कोई भी मामला उनके ध्यान में आता है तो इस पर सख्त कार्रवाइयों की तरफ से की जाएगी।

    दरअसल पिछले काफी समय से सोशल मीडिया पर शराब पर डिस्काउंट के ऑफर दिखाए जाते हैं इसको लेकर अब डीसी निशांत यादव ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में इन लाइसेंसियों पर कितनी कार्रवाई की जाती है।

     

  • Punjab News: Yuvraj Singh के पिता Yograj Singh को कोर्ट से लगा झटका

    Punjab News: Yuvraj Singh के पिता Yograj Singh को कोर्ट से लगा झटका

    चंडीगढ़ः वेब सीरीज ‘लुक्खे’ में महिलाओं के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी के मामले में पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता व अभिनेता योगराज सिंह को कोर्ट से बड़ा झटका लगा। दरअसल, चंडीगढ़ जिला अदालत ने योगराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। जिला न्यायालय ने आज मामले की सुनवाई करते हुए योगराज सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। योगराज सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख किया था।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਪੜੋ : ਯੋਗਰਾਜ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਤੋਂ ਨਹੀਂ ਮਿਲੀ ਰਾਹਤ, ਅਗਾਊਂ ਜ਼ਮਾਨਤ ਪਟੀਸ਼ਨ ਖਾਰਜ

    पिछली सुनवाई के दौरान, चंडीगढ़ पुलिस ने अदालत में जवाब दाखिल कर योगराज सिंह की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया था। चंडीगढ़ के 2 एडवोकेट उज्ज्वल भसीन और जतिन वर्मा ने इस मामले में एसएसपी को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया कि सोशल मीडिया पर 17 सेकेंड की एक वीडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें महिलाओं के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। वेब सीरीज लुक्खे के एक वायरल वीडियो क्लिप में योगराज सिंह के किरदार द्वारा महिलाओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।

    यह वीडियो अमेजन प्राइम वीडियो पर 8 मई 2026 को रिलीज हुई हिंदी वेब सीरीज लुक्खे के एक एपिसोड का हिस्सा बताया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि इस तरह की भाषा महिलाओं की गरिमा और सम्मान पर सीधा हमला है। मामले में दर्ज एफआईआर के दौरान पुलिस की लापरवाही भी सामने आई थी। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने योगराज सिंह के पते की जगह पंजाब महिला आयोग का पता दर्ज कर दिया था। बाद में पुलिस ने अपनी गलती सुधार ली।

  • अकाली दल नेता के करीबी रियल एस्टेट कारोबारी के ठिकानों पर ED की Raid  देखें वीडियो

    अकाली दल नेता के करीबी रियल एस्टेट कारोबारी के ठिकानों पर ED की Raid देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः सेक्टर-20 सहित पंजाब-चंडीगढ़ तथा उसके आसपास के इलाकों में प्रतिष्ठित बिल्डर समूह से जुड़े कई स्थानों पर सुबह 7 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। मिली जानकारी के अनुसार यहरेड रियल एस्टेट कारोबारी प्रवीण काउंसिल के घर पर की जा रही है। उन पर आरोप है कि उसने न्यू चंडीगढ़ में जमीन को लेकर फ्रॉड किया था। प्रवीण काउंसिल उर्फ रॉकी का जीरकपुर में चंडीगढ़ रॉयल सिटी के नाम से प्रोजेक्ट है।

    उन्हें अकाली दल से पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का खास माना जाता है। प्रवीण के पार्टनर ने ही इन पर मुकदमा करवाया था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से प्रवीण काउंसिल के खिलाफ पिछले साल मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा उसके पार्टनर प्यारेलाल गर्ग की शिकायत पर आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत दर्ज किया गया था।

    Read in English: https://encounternews.in/chandigarh/ed-raids-builder-linked-premises-across-punjab-in-new-chandigarh-land-fraud-probe/

    विजिलेंस ने अपनी जांच में पाया कि प्रवीण ने कुछ लोगों के साथ मिलकर न्यू चंडीगढ़ में एक प्राइम लैंड का मालिकाना हक धोखाधड़ी से बदला और अपने पार्टनर को धोखा दिया। जानकारी के अनुसार, प्रवीण काउंसिल पंजाब के पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के खास माने जाते हैं। उनके खिलाफ सबसे पहले वर्ष 2023 में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 2025 में शिकायत दोबारा खोली गई और जून 2025 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।