कंपनी राज्य के चार अन्य जिलों में अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार करने के लिए तैयार।
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बहुराष्ट्रीय कंपनी ग्रांट थॉर्नटन को किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया। कंपनी के कंट्री हेड वी. पद्मानंद, जिन्होंने मुख्यमंत्री से उनकी सरकारी निवास पर मुलाकात की। साथ ही बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लुधियाना, मोगा, बटाला और रूपनगर जिलों में कंपनी के प्रशंसनीय कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इन चार जिलों में 17 किसान उत्पादक कंपनियां (एफ.पी.सी) पंजीकृत की हैं और 10,000 महिला लाभार्थियों, जो इन कंपनियों की सदस्य हैं, को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लाभ पहुंचाया है। मान ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई कि किसान उत्पादक कंपनियों की औसत आय 45 लाख रुपए है और कंपनी के हस्तक्षेप के बाद विभिन्न पहलों के माध्यम से महिलाओं और परिवारों की आय में औसतन 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी रियायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीजों और कीटनाशकों की आपूर्ति, उचित कीमतों पर खादों का समय पर वितरण और सहकारी किराए के आधार पर ट्रैक्टर और ड्रोन जैसी कृषि मशीनरी उपलब्ध कराकर महिला किसानों की आजीविका और आय बढ़ाने के प्रोजेक्ट के उद्देश्यों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी डेयरी फार्मिंग में सहायता के लिए पशुधन हेतु विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण फीड, सप्लीमेंट, कलेक्शन सेंटर और सहकारी दूध की कीमतों के माध्यम से फसल और पशुपालन सलाहकार सेवाएं भी प्रदान कर रही है। मान ने लगातार प्रशिक्षण के माध्यम से एफ.पी.सी. और बिजनेस प्लानिंग तथा प्रबंधन के बोर्ड सदस्यों की क्षमता निर्माण में कंपनी की भूमिका की सराहना की। कंपनी की कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने, डिजिटलीकरण और पारदर्शिता को बढ़ावा देने तथा लैपटॉप, टैब और प्रिंटर के माध्यम से कारोबार को सुगम बनाने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने किसान विकास समूह की लगभग 25 महिला सदस्यों को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता बढ़ाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना की। भगवंत सिंह मान ने इस बहुराष्ट्रीय कंपनी के कार्यक्षेत्र को राज्य के चार और जिलों में बढ़ाने के लिए सहमति दे दी है, जिनमें संगरूर, बठिंडा, मानसा और फाजिल्का शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसानों की भलाई सुनिश्चित करना, उनकी आय में वृद्धि करना और महिलाओं को अधिक सशक्त बनाना है।
सैनिकों को 25 लाख रुपए की एक्स-ग्रेसिया देने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब।
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सेना के उन 86 बहादुर जवानों के परिवारों के लिए 21.50 करोड़ रुपए की एक्स-ग्रेसिया राशि मंजूर की है, जिन्होंने सामान्य परिस्थितियों में अपनी जान गंवाई। इसका मतलब है कि प्रत्येक सैनिक के परिवार को 25 लाख रुपए की वित्तीय सहायता मिलेगी। यह कदम राज्य सरकार द्वारा अपने पहले प्रयास के रूप में लिया गया है, जिससे सैनिकों के योगदान और कुर्बानी को सम्मानित किया जा सके।
मुख्यमंत्री मान ने इस फैसले की घोषणा अपनी सरकारी आवास पर अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान की। उन्होंने निर्देश दिया कि यह राशि जल्द से जल्द जारी की जाए। उनका कहना था कि इस प्रकार की एक्स-ग्रेसिया राशि पहले कभी नहीं दी गई थी, लेकिन अब उनकी सरकार ने यह पहल की है। मान ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य है, जिसने सामान्य परिस्थितियों में जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों को 25 लाख रुपए का एक्स-ग्रेसिया दिया है। यह राशि देश के अधिकांश अन्य राज्यों द्वारा दी जाने वाली राशि से कहीं अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा छोटा सा प्रयास इन सैनिकों और उनके परिवारों के महान योगदान और कुर्बानियों को सम्मानित करने का है। इस पहल से हमारी सरकार की यह प्रतिबद्धता भी जाहिर होती है कि हम सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई सुनिश्चित करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने भविष्य में शहीद सैनिकों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए की सहायता देने का फैसला लिया है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सैनिक स्कूल कपूरथला के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यह स्कूल 190 एकड़ क्षेत्र में स्थित एक ऐतिहासिक इमारत में है, और सरकार इसके सही रखरखाव और देख-रेख के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को पहले ही रक्षा मंत्रालय के सामने उठाया है, जो वर्तमान में स्कूल के प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार युद्ध नायकों के सम्मान में हर जिले में आधुनिक युद्ध स्मारक बनाने की योजना बना रही है। ये स्मारक 1 से 1.5 एकड़ के क्षेत्र में बनाए जाएंगे और इनका डिज़ाइन पूरे पंजाब में एक समान होगा। इन स्मारकों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने सिद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह कदम पंजाब सरकार की सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशीलता और समर्थन को दर्शाता है।
एनकाउंटर न्यूज़ (चंडीगढ़), 28 नवंबर 2024: पंजाब अब सिर्फ खेतों और अनाज की मंडियों का राज्य नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने फार्म टूरिज्म को बढ़ावा देने की नई नीति अपनाई है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना रही है।
आईआईटीएफ (इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर) 2024 के दौरान दिल्ली के भारत मंडपम में पंजाब दिवस समारोह में राज्य के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार का उद्देश्य राज्य को ‘रंगला पंजाब’ में बदलना है। हमारी फार्म टूरिज्म नीति के कारण पंजाब तेजी से देश में फार्म टूरिज्म का केंद्र बन रहा है।”
मंत्री ने बताया कि कैसे पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले का गांव हंसाली देश का ‘सर्वश्रेष्ठ गांव’ घोषित किया गया। यह सफलता राज्य की नई नीति और योजनाओं का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “फार्म टूरिज्म के जरिए न केवल किसानों की आय में इजाफा हुआ है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। यह कदम राज्य के ग्रामीण इलाकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रहा है।”
पंजाब पर्यटन से लेकर फिल्म सिटी तक
पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में न केवल फार्म टूरिज्म, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और फिल्म टूरिज्म को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
फिल्म सिटी: पंजाब सरकार ने राज्य में फिल्म सिटी बनाने की योजना बनाई है। इसके जरिए न केवल फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि राज्य को एक नई पहचान भी मिलेगी।
जल एवं एडवेंचर टूरिज्म: हाल ही में लॉन्च की गई ‘वाटर एंड एडवेंचर टूरिज्म पॉलिसी 2023’ राज्य में रिवर राफ्टिंग, बोटिंग और अन्य जल खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।
मंत्री सोंड ने कहा, “पंजाब में पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं हैं। धार्मिक स्थलों से लेकर ऐतिहासिक धरोहर, शहीदों के गांव, प्राकृतिक जलाशय और अछूते पर्यटन स्थलों तक—यहां सब कुछ है।”
आईआईटीएफ 2024 में पंजाब का भव्य प्रदर्शन
भारत मंडपम में आयोजित आईआईटीएफ 2024 के दौरान पंजाब पवेलियन में राज्य की सांस्कृतिक, औद्योगिक और कृषि धरोहर को भव्य तरीके से प्रदर्शित किया गया।
पवेलियन में लगे स्टॉल्स में पंजाब टूरिज्म, मार्कफेड, वेरका, पीयूडीए, पीईडीए, पीआईडीबी, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जैसे विभागों ने हिस्सा लिया। यहां न केवल राज्य की परंपरागत हस्तकलाएं और कृषि उत्पाद दिखाए गए, बल्कि देसी खाने के स्वाद का भी अनुभव कराया गया।
पंजाब दिवस समारोह में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध गायक लखविंदर वडाली ने अपनी सूफी गायकी से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके सुरों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंत्री सोंड ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए होटल और अन्य उद्योगों को खुला निमंत्रण देते हुए कहा, “पंजाब निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां की सरकार ने अनुकूल और उद्योग हितैषी माहौल बनाया है। फार्म, ग्रामीण, एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन में निवेश एक बेहतरीन पैकेज साबित होगा।”
पंजाब सरकार की इन नीतियों से राज्य न केवल आर्थिक दृष्टि से मजबूत हो रहा है बल्कि एक नई पहचान भी बना रहा है। पीएसआईईसी के चेयरमैन दलवीर सिंह और कार्यकारी निदेशक भाई सुखदीप सिंह सिद्धू जैसे गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भव्य बनाया।
पंजाब का यह कदम राज्य के लिए एक नई सुबह का संकेत है, जहां परंपरा और आधुनिकता का संगम पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
बीएसएफ ने 32वें दशमेश हॉक ऑल इंडिया हॉकी फेस्टिवल में सीआरपीएफ को हराया।
रूपनगर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और स्विमिंग पूल का निर्माण।
पंजाब के खेल संस्कृति को मजबूती देने वाले कार्यक्रम में ओलंपियन और सांस्कृतिक प्रतिभाओं की भागीदारी।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विजेता टीम को ₹1.25 लाख और उपविजेता टीम को ₹75 हज़ार का पुरस्कार प्रदान किया
एनकाउंटर न्यूज़, (चंडीगढ़), 24 नवंबर, 2024: दशमेश हॉक ऑल इंडिया हॉकी फेस्टिवल के 32वें संस्करण में बीएसएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब जीता। वहीं, सीआरपीएफ उपविजेता रही। इस आयोजन में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विजेता टीम को ₹1.25 लाख और उपविजेता टीम को ₹75 हज़ार का नकद पुरस्कार प्रदान किया।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि हॉक क्लब पिछले 50 वर्षों से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेलों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने क्लब के महासचिव एस.एस. सैनी के प्रयासों और MD Cheema Boiler Ltd के मालिक हरदीप सिंह चीमा द्वारा इस आयोजन को प्रायोजित करने के लिए सराहना की।
उन्होंने रूपनगर जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए चल रहे परियोजनाओं की जानकारी साझा की:
हॉकी एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड: आदर्श स्कूल, लोढ़ीपुर में ₹2.5 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहा है।
राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज: श्री आनंदपुर साहिब में।
फुटबॉल एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड: किरतपुर साहिब में।
फुल-लेंथ इनडोर स्विमिंग पूल: नंगल में।
आधुनिक स्विमिंग पूल: रूपनगर में।
मंत्री ने कहा कि हॉक क्लब को ₹10 लाख की अनुदान राशि जारी की गई है। भविष्य में जरूरत पड़ने पर क्लब को अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम में पंजाब पुलिस, फिल्लौर और हरियाणा होम गार्ड के बैंड ने अपने संगीत प्रदर्शन से उत्सव में चार चांद लगाए।
इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित खेल हस्तियां और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिनमें ओलंपियन राजपाल सिंह हुंदल, डीएसपी धरमवीर सिंह, आरटीओ गुरविंदर सिंह जोहल, और पंजाबी गायक जस मियापुरी प्रमुख थे।
आप ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले तीन सीटों—चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक, और गिद्दड़बाहा—पर शानदार जीत हासिल की।
मुख्यमंत्री का केंद्र सरकार पर निशाना, किसानों के मुद्दों को सुलझाने की मांग।
पंजाब भवन के नए डाइनिंग हॉल का उद्घाटन, जहां आम जनता को मिलेगा पंजाब के स्वाद का अनुभव।
एनकाउंटर न्यूज़, (नई दिल्ली), 25 नवंबर 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में हुए उपचुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत को राज्य सरकार की जन-हितैषी और विकासोन्मुख नीतियों की बड़ी स्वीकृति बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत जनता की उम्मीदों और विश्वास की जीत है।
उपचुनावों में आप ने चार में से तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें चब्बेवाल, डेरा बाबा नानक और गिद्दड़बाहा शामिल हैं। इन सीटों को कांग्रेस से छीनकर पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पंजाब में आप की नीतियों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
किसानों के मुद्दों पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार की अनदेखी पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि किसानों को दिल्ली आने से रोकने की बजाय, केंद्र सरकार को उनके साथ संवाद करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से कहा:
“प्रधानमंत्री जहां रूस-यूक्रेन के मुद्दे सुलझाने का श्रेय लेते हैं, वहीं देश के किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करना समझ से बाहर है।”
मान ने भारत माला परियोजना के तहत पंजाब में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह कार्य सुचारू रूप से चल रहा है, लेकिन किसानों की चिंताओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर आत्मविश्वास जताया। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी फिर से दिल्ली में सरकार बनाएगी। मान ने कहा:
“दिल्ली की जनता ने पहले ही कांग्रेस और भाजपा को हाशिए पर डाल दिया है। अब इतिहास बनेगा जब आप पुनः दिल्ली की सत्ता में आएगी।”Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann
मुख्यमंत्री ने दिल्ली स्थित पंजाब भवन के ए ब्लॉक में नए डाइनिंग हॉल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह हॉल अब राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों और आगंतुकों को पंजाब के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर प्रदान करेगा।
यह भी घोषणा की गई कि बी ब्लॉक को भी जल्द ही अपग्रेड किया जाएगा और आम जनता के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा,
“पंजाब अपनी मेहमाननवाजी और लजीज व्यंजनों के लिए जाना जाता है, और अब दिल्ली के लोग भी इसका अनुभव ले सकेंगे।”
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में हालिया हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति देश के हित में नहीं है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शांति, सामुदायिक सौहार्द, और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 95.54 लाख रुपये जारी किए, शहीदी सभा के लिए लाखों श्रद्धालुओं के लिए सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का फैसला।
सीएम ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।
फतेहगढ़ साहिब की पवित्र भूमि को साहिबजादों की शहादत को समर्पित श्रद्धांजलि के रूप में देखा।
एनकाउंटर न्यूज़, (चंडीगढ़) 23 नवंबर 2024: शहीदी सभा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 95.54 लाख रुपये जारी किए हैं। यह राशि गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक जाने वाले मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह धनराशि बसी संगोल रोड, जोधपुर से महड्डीयां रोड, सिरहिंद-चुन्नी रोड से घुमंदगढ़, और अन्य प्रमुख मार्गों को सुधारने के लिए आवंटित की है। भगवंत मान ने कहा कि इन सड़कों को जल्दी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से दुरुस्त किया जाए ताकि श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के गुरुद्वारा साहिब तक पहुंच सकें।
Gurudwara Fatehgarh Sahib
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दशम गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार द्वारा किए गए महान बलिदान को समर्पित एक छोटी-सी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब की पवित्र भूमि न केवल सिखों बल्कि पूरी मानवता को प्रेरित करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र स्थान पर साहिबजादों और माता गुजरी जी की अद्वितीय शहादत को नमन करने आते हैं। उन्होंने साहिबजादों के महान बलिदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसा उदाहरण दुनिया के इतिहास में कहीं नहीं मिलता।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, “हमारा कर्तव्य है कि हम शहीदी सभा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करें।”
भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि वह व्यक्तिगत रूप से इस कार्य की निगरानी करेंगे और किसी भी कमी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पर्याप्त इंतजाम करें ताकि हर श्रद्धालु को पवित्र स्थल पर पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
इस योजना के तहत मुख्यमंत्री ने सड़कों को जल्दी से जल्दी गड्ढा मुक्त बनाने पर जोर दिया। प्रशासन ने बीकानेर रोड, बासी-पठाना रोड और अन्य मार्गों को प्राथमिकता पर गड्ढा मुक्त बनाने का आश्वासन दिया है।
फतेहगढ़ साहिब का ऐतिहासिक महत्व इस पहल को और भी खास बनाता है। साहिबजादों की शहादत की याद में हर साल आयोजित शहीदी सभा सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
34.92 लाख रुपये का बैंक घोटाला उजागर, बैंक मैनेजर ने 26 धोखाधड़ी ट्रांजेक्शन से रकम उड़ाई।
आरोपी प्रमोद कुमार ने कस्टमर अकाउंट्स से गबन कर 8.16 लाख रुपये वापस जमा कर घोटाला छिपाने की कोशिश की।
विजिलेंस ब्यूरो ने राजस्थान के बीकानेर से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू की।
एनकाउंटर न्यूज़, 23, नवंबर 2024 (चंडीगढ़): पंजाब में बैंकिंग घोटालों के मामलों में कार्रवाई करते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (Punjab Vigilance Bureau) ने पंजाब ग्रामीण बैंक के पूर्व मैनेजर प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। प्रमोद कुमार पर 34.92 लाख रुपये की गबन का आरोप है। यह गिरफ्तारी राजस्थान के बीकानेर जिले के कुंडल गांव से हुई, जहां वह लंबे समय से फरार था
प्रमोद कुमार, जो भानो लंगा शाखा, कपूरथला में बैंक मैनेजर था, ने अपनी जिम्मेदारी का गलत इस्तेमाल करते हुए 12 ग्राहकों के अकाउंट्स से धोखाधड़ी के जरिए रकम निकाल ली। उसने बैंक क्लर्क्स जगदीश सिंह और रजनी बाला के यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग कर कुल 26 फर्जी ट्रांजेक्शन किए।
अपनी करतूत छिपाने के लिए प्रमोद कुमार ने 8.16 लाख रुपये वापस 5 खातों में जमा कर दिए, लेकिन यह कदम उसे घोटाले से बचाने में नाकाम रहा। जब बैंक की जांच में इस गबन का पर्दाफाश हुआ, तो मामला 30 मई 2022 को दर्ज किया गया।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर प्रमोद कुमार को उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी विजिलेंस ब्यूरो की कपूरथला इकाई द्वारा की गई। मामला पहले ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत दर्ज हो चुका है।
पंजाब ग्रामीण बैंक के भानो लंगा शाखा में 34.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि।
आरोपी ने कुल 26 फर्जी लेनदेन किए।
विजिलेंस ब्यूरो ने सभी 12 खातों की गहन जांच की।
अब तक 8.16 लाख रुपये की आंशिक वसूली की गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस ब्यूरो यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस घोटाले में बैंक के अन्य कर्मचारियों या बाहरी लोगों की संलिप्तता थी।
पंजाब में बैंकिंग घोटालों की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर विजिलेंस ब्यूरो ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी से अन्य मामलों में भी जांच तेज हो सकती है।
150 पब्लिक और 100 कमर्शियल खनन साइट खोलने की योजना।
नकाउंटर न्यूज़, 22 नवंबर, 2024 (चंडीगढ़): पंजाब के खनन और भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने अवैध खनन पर सख्ती बरतते हुए राज्य में रेत और बजरी की उपलब्धता को सस्ती दरों पर सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। गुरुवार को उन्होंने कमर्शियल माइनिंग साइट्स के ठेकेदारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने सख्ती से कहा कि जनता को रेत और बजरी उचित दामों पर मिलनी चाहिए।
मंत्री ने जानकारी दी कि अब राज्य में पिट हेड प्राइस ₹5.50 प्रति क्यूबिक फीट निर्धारित की गई है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
73 पब्लिक और 40 कमर्शियल साइट्स चालू
मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने अब तक 73 पब्लिक खनन साइट्स और 40 कमर्शियल खनन साइट क्लस्टर्स को चालू किया है। इन साइट्स से अब तक कुल 18.38 लाख मीट्रिक टन (LMT) रेत निकाली जा चुकी है। जबकि 40 कमर्शियल साइट्स से 34.50 LMT रेत और बजरी का खनन किया गया है।
अभी भी पब्लिक और कमर्शियल माइनिंग साइट्स पर 132.99 LMT रेत और बजरी उपलब्ध है, जो आने वाले समय में जनता को सस्ती दरों पर मिलती रहेगी।
अवैध खनन पर शिकंजा
गोयल ने कहा कि पिछली सरकारों के समय में रेत माफिया को खुली छूट दी गई थी। अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए रेत माफिया को खत्म करने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2024 तक अवैध खनन के खिलाफ 1360 एफआईआर दर्ज की गई हैं। खनन कानून और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में 150 पब्लिक और 100 कमर्शियल खनन साइट्स खोली जाएं। पब्लिक माइनिंग साइट्स जनता को खुद रेत निकालने और बेचने की अनुमति देती हैं, जिससे आपूर्ति बढ़ती है और बाजार में कीमतें घटती हैं।
बैठक में मंत्री ने ठेकेदारों की समस्याओं को ध्यान से सुना और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को किसी भी प्रकार से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री ने यह भी कहा कि ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए परिवहन विभाग को निर्देश दिया जाएगा ताकि वाहनों की निगरानी सुनिश्चित हो सके और खनन से जुड़े ठेकेदार अपनी गतिविधियां सुचारू रूप से चला सकें।
गोयल ने जोर देकर कहा कि रेत माफिया को खत्म करने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। इन प्रयासों से न केवल जनता को सस्ती रेत मिल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।
इस बैठक में माइन्स एंड जियोलॉजी विभाग के सचिव गुरकीरत किर्पाल सिंह, डायरेक्टर माइंस अभिजीत कपलिश और चीफ इंजीनियर डॉ. हरिंदर पाल सिंह बेदी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पंजाब की पंचायती भूमि का 10% हिस्सा बागवानी के लिए।
अमेरिकी शोधकर्ता ने एवोकाडो और कोको की खेती का सुझाव दिया।
यूरोपीय बाजार की मांगों के आधार पर फसल उत्पादन।
एनकाउंटर न्यूज़, 22 नवंबर, 2024 (चंडीगढ़): पंजाब के बागवानी मंत्री मोहनदर भगत ने राज्य के फलों और सब्जियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि और बागवानी विशेषज्ञों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंजाब की अनुकूल भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थितियों को वैश्विक बाजार के लिए उपयुक्त बताया।
मंत्री ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) और अन्य संबंधित संगठनों के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श करते हुए कहा कि यूरोपीय बाजार की मांगों को ध्यान में रखते हुए उगाई जाने वाली फसलें न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेंगी बल्कि पर्यावरण को भी साफ रखने में मदद करेंगी।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की पंचायती भूमि का 10% हिस्सा बागवानी के लिए आरक्षित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इस भूमि पर पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो।
उन्होंने बताया कि बागवानी और पंचायती राज विभाग मिलकर इस कार्य की निगरानी करेंगे और MGNREGA के तहत बागवानी की संभावनाओं का पता लगाएंगे।
अमेरिकी शोधकर्ता ने दिए सुझाव
बैठक के दौरान, USDA ARS Subtropical Horticulture Research Centre के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. सुखविंदर सिंह ने पंजाब में एवोकाडो और कोको जैसे फसलों की खेती की संभावनाओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में उगाई जाने वाली गन्ने की किस्मों में 25% शुगर होती है, जबकि पंजाब में यह मात्रा केवल 9% है। उन्होंने उच्च सुक्रोज वाली गन्ने की किस्मों को भारत में लाने का सुझाव दिया, लेकिन इसके लिए सरकारी-स्तरीय प्रोटोकॉल की आवश्यकता होगी।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब के किसानों को यूरोपीय बाजार की मांगों के अनुसार खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे न केवल उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि राज्य के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने विशेषज्ञों से उच्च सुक्रोज वाली गन्ने की किस्में आयात करने की संभावना पर चर्चा की।
बैठक में अन्य प्रमुख अधिकारियों में डॉ. सुखपाल सिंह, चेयरमैन, पंजाब राज्य किसान आयोग; अमंदीप सिंह मोही, चेयरमैन, मार्कफेड; मंगल सिंह बसी, चेयरमैन, पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन; और शालिंदर कौर, निदेशक, बागवानी शामिल थे।
‘फुलकारी’ पोर्टल लॉन्च, महिलाओं के उत्पादों के लिए वैश्विक बिक्री प्लेटफॉर्म।
शुगरफेड की उपलब्धि, 2024-25 में गन्ना उत्पादन क्षेत्र 56,391 हेक्टेयर तक बढ़ा।
मिल्कफेड ने रिकॉर्ड बनाया, 31 लाख लीटर दूध की दैनिक खरीद।
एनकाउंटर न्यूज़, 21 नवंबर, 2024: पंजाब सरकार के वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सहकारिता विभाग को राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ बताते हुए विभाग को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है। 71वें अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह के समापन पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और पूंजी विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
‘फुलकारी’ पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मंत्री चीमा ने ‘फुलकारी’ पोर्टल का शुभारंभ किया, जो राज्य की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए एक वैश्विक बिक्री मंच प्रदान करेगा। उन्होंने वेरका के नए उत्पादों और सहकारिता विभाग की कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया।
शुगरफेड और गन्ना उत्पादन में वृद्धि
मंत्री चीमा ने बताया कि शुगरफेड, जो 2022 में ₹400 करोड़ से अधिक की देनदारी के बोझ से दबा हुआ था, अब एक लाभदायक संस्था में बदल चुका है। 2024-25 में गन्ने का क्षेत्रफल बढ़कर 56,391 हेक्टेयर हो गया, जो 2022-23 में 50,429 हेक्टेयर था। भोगपुर सहकारी चीनी मिल में स्थापित 14 मेगावाट को-जेनरेशन प्लांट ने 2023-24 में ₹15.31 करोड़ की कमाई की।
मिल्कफेड ने वित्त वर्ष 2023-24 में 31 लाख लीटर दूध प्रतिदिन खरीदकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। वेरका कैटल फीड प्लांट में 50 MTPD बायपास प्रोटीन प्लांट और लुधियाना में 50,000 LPD क्षमता वाली दूध प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुआत भी की गई। इस अवसर पर चीमा ने वेरका के नए उत्पादों जैसे 1 लीटर प्लास्टिक जार में गाय का घी, शुगर-फ्री खीर, शुगर-फ्री मिल्क केक और शुगर-फ्री पियो प्रोटीन का भी अनावरण किया।
चीमा ने मार्कफेड द्वारा मूंग के लिए मूल्य समर्थन योजना के माध्यम से 4,515 किसानों को लाभ पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। मार्कफेड ने 7,584 मीट्रिक टन मूंग की खरीद की, जिससे किसानों को पड्डी-गेहूं चक्र से हटकर फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिला।
सहकारी बैंकों का डिजिटलीकरण
चीमा ने बताया कि सहकारी बैंकों के 50% डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। ये बैंक किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को ऋण वसूली में सुधार करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हो सके।
सहकारी विभाग ने 15,000 से अधिक कृषि उपकरणों को 3,000 प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया है, जिससे पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। इसके अलावा, पंजाब में 12 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की गई है, जिससे फसल विविधीकरण को और बल मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री चीमा ने 28 श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए। सम्मानित संस्थाओं में सहकारी समितियां, प्रगतिशील किसान, वेरका डेयरी और चीनी मिलें शामिल थीं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना भी की।