मुख्यमंत्री मान ने 11 करोड़ रुपये की लागत से बने सरकारी गर्ल्स स्कूल का उद्घाटन किया।
पंजाब सरकार ने शिक्षा में सुधार के लिए टीचर्स को सिंगापुर, फिनलैंड और आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिलाया।
सभी सरकारी स्कूलों में वाई-फाई कनेक्शन और छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म देने के लिए करोड़ों रुपये का बजट
बठिंडा, 25 अक्टूबर, 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए स्कूल स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने बठिंडा के मॉल रोड पर स्थित शहीद मेजर रवि इंदर सिंह संधू सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल की नई इमारत का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा में क्रांति लाकर पंजाब सरकार ने समाज के आर्थिक अंतर को खत्म करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग सरकारी स्कूलों की शिक्षा पर विश्वास नहीं करते थे, लेकिन अब ये स्कूल आधुनिक शिक्षा के केंद्र बन गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में छात्र निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आने लगे हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और बुनियादी ढांचा राज्य सरकार की पांच मुख्य प्राथमिकताएं हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की नई पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बठिंडा का यह अकेला और सबसे बड़ा सरकारी गर्ल्स स्कूल है, जिसमें 2200 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। 1958 में निर्मित इस स्कूल की बिल्डिंग अब पूरी तरह से नए रूप में 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है, जिसमें स्मार्ट क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पहले यह स्कूल दो शिफ्टों में संचालित होता था, लेकिन अब एक ही शिफ्ट में चलेगा।
पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई नई पहल की हैं, जिनमें से प्रमुख है 20 प्रिंसिपल्स और शिक्षा अधिकारियों को सिंगापुर में लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए भेजना। इसी प्रकार, 72 प्राइमरी टीचर्स को फिनलैंड भेजा गया और 152 हेडमास्टरों को आईआईएम अहमदाबाद में प्रशिक्षित किया गया है।
सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण और सुविधाएं
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 12316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है और 10,361 नए शिक्षकों की भर्ती की गई है। राज्य में 118 सरकारी स्कूलों को आधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस में तब्दील किया जा रहा है और 29.3 करोड़ रुपये का बजट हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई कनेक्शन के लिए आवंटित किया गया है। स्कूल के सभी छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म देने के लिए 35 करोड़ का बजट भी मंजूर किया गया है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने 118 स्कूलों और 17 गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए परिवहन सुविधा भी शुरू की है।
संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
चंडीगढ़, 25 अक्टूबर, 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के लोगों को दिवाली का बड़ा तोहफा दिया है। अब पंजाब में जमीन के पंजीकरण के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की आवश्यकता नहीं होगी। पंजाब सरकार ने पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) अधिनियम, 2024 पारित कर दिया है, जिससे प्रदेश के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भूमि पंजीकरण के लिए NOC की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) अधिनियम, 2024 के तहत छोटे भूखंड धारकों और अवैध कॉलोनियों में निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय पर खुशी जताई और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस बिल को मंजूरी दी। यह बिल 3 सितंबर को पंजाब विधानसभा द्वारा पारित किया गया था, जिसके बाद आज राज्यपाल ने इस पर अपनी सहमति दी। इस नए संशोधन का उद्देश्य छोटे भूखंड धारकों को राहत प्रदान करना और अवैध कॉलोनियों पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
मुख्य उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह संशोधन आम लोगों को भूखंड पंजीकरण में आने वाली दिक्कतों को हल करेगा और अवैध कॉलोनियों के विकास पर रोक लगाएगा। इसमें उल्लंघन करने वालों के लिए सजा और जुर्माने के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत अब 31 जुलाई, 2024 तक अवैध कॉलोनियों में 500 वर्ग गज तक के क्षेत्र में पावर ऑफ अटॉर्नी, स्टांप पेपर पर बिक्री समझौता, या अन्य दस्तावेज़ों के लिए NOC की जरूरत नहीं होगी।
अवैध कॉलोनियों और निवेशकों को राहत
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियों के बढ़ने का कारण पूर्ववर्ती सरकारों का लचर शासन और उनके द्वारा इन कॉलोनाइज़रों को दिया गया संरक्षण है। इस फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जिन्होंने अनजाने में अवैध कॉलोनियों में अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ये मासूम लोग अपना घर बनाने की कोशिश में अवैध कॉलोनियों में निवेश कर बैठे थे, जिससे उन्हें भविष्य में समस्याओं का सामना करना पड़ता।
निर्णय का असर
इस फैसले से पंजाब में भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनेगी। NOC की शर्त हटाने से उन छोटे भूखंड धारकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो भूमि पंजीकरण में NOC के जटिल नियमों के कारण परेशान थे। यह कदम पंजाब में अवैध कॉलोनियों के प्रसार पर भी लगाम लगाएगा और संपत्ति बाजार में नई उम्मीदें जगाएगा।
90% धान की खरीद पूरी, 34.5 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों से खरीदा गया।
सरकार ने किसानों के खातों में सीधे ₹5683 करोड़ स्थानांतरित किए।
धान उठान की प्रक्रिया तेज, एक दिन में 2 लाख मीट्रिक टन धान उठाया गया।
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर 2024: पंजाब में धान की खरीद और उठान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, जहां अब तक 90% धान की खरीद पूरी हो चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारुचक ने जानकारी दी कि प्रदेश की सभी मंडियों में धान का उठान सही तरीके से किया जा रहा है, और अब तक 10 लाख मीट्रिक टन (लगभग 266 लाख बैग) धान की उठान की जा चुकी है।
मंत्री ने बताया कि प्रारंभिक समस्याओं के बावजूद, कुछ चावल मिलर्स के आरंभिक अनिच्छा के कारण उठान प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई थी, लेकिन अब 2 लाख मीट्रिक टन धान केवल एक दिन में उठाया गया है। प्रदेश के कुल 5000 चावल मिलों में से 3120 मिलों ने आवंटन के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 2522 मिलों को आवंटन किया जा चुका है और शेष मिलों का आवंटन शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों को उनकी फसल की सुचारू खरीद की पूरी व्यवस्था की गई है। अब तक 38 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 34.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रति दिन 4.5 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में आ रहा है और इस धान का अधिकांश हिस्सा दिन के अंत तक खरीदा जा रहा है।
इस समय राज्य में बिना खरीदे धान की मात्रा एक दिन की आवक से भी कम है, जिससे किसानों को अपनी फसल को लेकर कोई चिंता नहीं करनी चाहिए। सरकार ने धान की उठान प्रक्रिया के लिए बोरियों, मजदूरों और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था की है, जिससे उठान तेजी से हो रही है।
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने जानकारी दी कि किसानों के खातों में अब तक ₹5683 करोड़ की राशि सीधी तौर पर स्थानांतरित की जा चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की मेहनत से उगाई गई हर एक फसल का उचित मूल्य उन्हें मिलेगा और धान की उठान शीघ्र ही 4 लाख मीट्रिक टन प्रति दिन तक पहुंच जाएगी।
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर, 2024: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 21 अक्टूबर से राज्यभर में मवेशियों को फुट एंड माउथ डिज़ीज़ (FMD) से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां ने जानकारी दी कि लगभग 65.47 लाख वैक्सीन डोज़ का इंतजाम किया गया है।
अभियान के प्रमुख बिंदु
816 टीमों का गठन: पूरे राज्य में अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल 816 टीमें बनाई गई हैं।
मुफ्त टीकाकरण: यह वैक्सीन पूरे राज्य के पशुधन को बिना किसी शुल्क दी जाएगी, और अभियान नवंबर अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों के लिए हेल्पलाइन: पशुपालन विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर 0172-5086064 जारी किया है ताकि किसान इस अभियान से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकें।
अभियान की तैयारियों पर जोर
पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने बताया कि हर जिले में टीकाकरण सामग्री पहले ही वितरित कर दी गई है। इसके अलावा, NRDDL, जालंधर के संयुक्त निदेशक को अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य स्तर पर एक कंट्रोल रूम और हर जिले में उप निदेशकों के कार्यालयों में डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, ताकि अभियान की निगरानी और समन्वय किया जा सके।
गुरमीत सिंह खुदियां ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोल्ड चेन का पालन सही ढंग से किया जाए, ताकि वैक्सीन की गुणवत्ता बरकरार रहे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को टीकाकरण के लाभों के बारे में जागरूक किया जाए, जिससे अधिक से अधिक मवेशी सुरक्षित हो सकें।
क्यों है यह अभियान महत्वपूर्ण?
फुट एंड माउथ डिज़ीज़ एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो मवेशियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और डेयरी उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इस बीमारी के कारण दुग्ध उत्पादन में कमी और मवेशियों की मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सरकार का यह कदम पशु कल्याण और किसानों की आय को सुरक्षित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
30 स्नातकों को BFSI कोर्स पूरा करने के बाद बैंकिंग और बीमा कंपनियों में नौकरी मिली।
सरकार का उद्देश्य है युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना।
BFSI क्षेत्र में कुशल कर्मचारियों की बढ़ती मांग से रोजगार के और अवसर उपलब्ध होंगे।
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर, 2024:BFSI Skill Program, राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी और रोजगार सृजन मंत्री अमन अरोड़ा ने 30 स्नातकों को BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) सेक्टर में सफल प्लेसमेंट के बाद नौकरी के पत्र सौंपे। यह कदम पंजाब सरकार के कौशल विकास और रोजगार सृजन के बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आर्थिक स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
किन संस्थानों में मिला प्लेसमेंट?
एक्सिस बैंक
यस बैंक
कोटक महिंद्रा बैंक
स्टार हेल्थ इंश्योरेंस
अमन अरोड़ा ने कहा, “यह BFSI कोर्स न केवल छात्रों को रोजगार के योग्य बनाता है बल्कि उन्हें नए युग के वित्तीय उपकरणों और तकनीकों से भी परिचित कराता है।” इस कोर्स के माध्यम से छात्र बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं, जिससे उनकी नियुक्ति की संभावना बढ़ जाती है।
पंजाब सरकार की योजना
राज्य सरकार ने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से BFSI कोर्स जैसे उद्योग-विशिष्ट प्रशिक्षण की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य है कि युवाओं को सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि व्यवहारिक कौशल भी प्रदान किया जाए। राज्य की यह पहल रोजगार सृजन के लिए मॉडल के रूप में उभर रही है, जिससे न केवल युवाओं को रोजगार मिल रहा है, बल्कि कंपनियों को भी कुशल कर्मचारी प्राप्त हो रहे हैं।
विक्रमजीत सिंह साहनी ने इस मौके पर कहा, “हमारा लक्ष्य केवल युवाओं को नौकरी देना नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक टिकाऊ करियर के लिए तैयार करना है। BFSI क्षेत्र में करियर संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें ग्लोबल फाइनेंशियल ट्रेंड्स से अपडेटेड रखते हैं।”
अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार BFSI जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी इसी तरह के रोजगार-केंद्रित कोर्स शुरू करेगी। इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक रोजगार सृजन में 50% की वृद्धि की जाए।
AI-आधारित निगरानी प्रणाली और उल्ट्रा-मॉडर्न टेक्नोलॉजी से पंजाब की जेलों को पूरी तरह मोबाइल और क्राइम-फ्री बनाने का लक्ष्य।
मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने नए जेल और बैरकों के निर्माण से ओवरक्राउडिंग की समस्या सुलझाने की घोषणा की।
कैदियों के पुनर्वास के लिए स्किल डेवलपमेंट और वोकशनल ट्रेनिंग पर जोर, जिससे जेलों को वित्तीय आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ाया जाएगा।
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर, 2024: पंजाब सरकार ने जेल प्रबंधन और सुरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए AI आधारित निगरानी प्रणाली और उल्ट्रा-मॉडर्न टेक्नोलॉजी अपनाने की योजना बनाई है। राज्य के जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने जेल अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में जेलों को पूरी तरह क्राइम-फ्री और मोबाइल-फ्री बनाने के निर्देश दिए।
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बैठक में भुल्लर ने कहा कि “आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग न केवल जेल सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि अवैध गतिविधियों और मोबाइल फोन के उपयोग पर भी लगाम लगाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम की स्थापना में तेजी लाएं।
ओवरक्राउडिंग और नई जेलों का निर्माण
जेलों में भीड़भाड़ की समस्या का समाधान करने के लिए मंत्री भुल्लर ने नई जेलों और बैरकों के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा, “नए बैरकों के निर्माण से कैदियों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने में मदद मिलेगी।”
बैठक में मंत्री भुल्लर ने जेलों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न उत्पाद निर्माण योजनाओं को लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जेलों में निर्मित उत्पादों से आर्थिक लाभ हासिल किया जा सकता है और कैदियों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कैदियों के लिए पुनर्वास और कल्याणकारी योजनाएं
भुल्लर ने पुनर्वास कार्यक्रमों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कैदियों को स्किल डेवलपमेंट और वोकशनल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी ताकि वे रिहाई के बाद समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल सजा देना है, बल्कि कैदियों को एक नई शुरुआत का मौका भी देना है।”
जेलों में स्वास्थ्य सुविधाओं और मानसिक कल्याण के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी। भुल्लर ने कहा कि जेलों में शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जाएगा ताकि कैदियों को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाया जा सके।
मंत्री भुल्लर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से फंडिंग को लेकर चर्चा करेंगे ताकि जेल सुधार योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
जेल अधिकारियों की चुनौतियों पर चर्चा
बैठक में जेल अधीक्षकों ने ओवरक्राउडिंग, स्टाफ की कमी और संसाधनों की अनुपलब्धता जैसे मुद्दे उठाए। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करेगी और दीर्घकालिक सुधार योजनाएं लागू करेगी।
लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल जेल प्रबंधन को सुधारना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले नागरिकों का निर्माण करना है।” उन्होंने भरोसा जताया कि जेल अधीक्षक और अधिकारी इस सुधार एजेंडे को सफलतापूर्वक लागू करेंगे।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (जेल) अलोक शेखर, एडीजीपी प्रिज़न अरुण पाल सिंह, आईजी प्रिज़न आर.के. अरोड़ा, डीआईजी प्रिज़न सुरिंदर सिंह और राज्य की सभी जेलों के अधीक्षक शामिल थे।
पंजाब के चार विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 13 नवंबर 2024 को, और मतगणना 23 नवंबर 2024 को होगी।
25 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि, और 30 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
मॉडल आचार संहिता 15 अक्टूबर से लागू, चुनावी क्षेत्र में सभी शासकीय गतिविधियों पर विशेष निगरानी।
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर 2024: पंजाब के डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (SC), गिद्दड़बाहा, और बरनाला विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि यह उपचुनाव प्रक्रिया 13 नवंबर 2024 को मतदान और 23 नवंबर 2024 को मतगणना के साथ पूरी होगी। जानें चुनावी कार्यक्रम, नामांकन की प्रक्रिया और आचार संहिता।
पंजाब उपचुनाव 2024 का चुनावी कार्यक्रम:
चुनाव आयोग ने पंजाब की चार महत्वपूर्ण सीटों—डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (SC), गिद्दड़बाहा, और बरनाला के लिए उपचुनाव का शेड्यूल जारी किया है। यह उपचुनाव कई राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेंगे, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले।
प्रमुख तारीखें
कार्यक्रम
18 अक्टूबर 2024
गजट अधिसूचना जारी
25 अक्टूबर 2024
नामांकन की अंतिम तिथि
28 अक्टूबर 2024
नामांकन पत्रों की जांच
30 अक्टूबर 2024
नामांकन वापसी की अंतिम तिथि
13 नवंबर 2024
मतदान दिवस (सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक)
23 नवंबर 2024
मतगणना
25 नवंबर 2024
चुनाव प्रक्रिया की समाप्ति
इन चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव का सीधा असर राजनीतिक संतुलन पर पड़ेगा, क्योंकि ये क्षेत्र राज्य की राजनीतिक धुरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खासकर गिद्दड़बाहा और चब्बेवाल (SC) जैसी सीटों पर दलित और ग्रामीण वोटरों की भूमिका अहम होगी।
अगले विधानसभा चुनावों से पहले ये उपचुनाव राजनीतिक दलों के लिए परीक्षा की तरह होंगे। परिणाम यह संकेत देंगे कि मौजूदा सरकार की नीतियों और योजनाओं को जनता ने कितना स्वीकार किया है।
नामांकन प्रक्रिया और नियमावली:
नामांकन भरने का समय:
उम्मीदवारों को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल करना होगा।
प्रारूप:
नामांकन FORM 2B में भरे जाने चाहिए। रिटर्निंग ऑफिसर से फॉर्म प्राप्त किया जा सकता है या टाइप किए हुए फॉर्म भी स्वीकार किए जाएंगे।
योग्यता:
उम्मीदवार किसी भी विधानसभा क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता होने चाहिए। इसके लिए इलेक्टोरल रोल की प्रमाणित प्रति पेश करनी होगी।
आचार संहिता और प्रशासनिक प्रबंधन:
चुनाव आयोग ने घोषणा के साथ ही मॉडल आचार संहिता लागू कर दी है। आचार संहिता के तहत:
सरकारी योजनाओं के नए उद्घाटन और घोषणाएं रोक दी गई हैं।
चुनावी क्षेत्रों में विधानसभा सदस्यों और सरकारी अधिकारियों पर विशेष निगरानी रहेगी।
प्रशासनिक अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग न हो।
प्रमुख चुनौतियां और संभावनाएं:
इन चुनावों में गिद्दड़बाहा और डेरा बाबा नानक जैसी सीटों पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। बरनाला में शहरी और ग्रामीण वोटों का समीकरण दिलचस्प रहेगा।
राजनीतिक दलों के लिए यह उपचुनाव मतदाताओं का मूड भांपने का मौका है।
पंजाब सरकार की योजनाओं जैसे किसान कर्ज माफी, स्वास्थ्य बीमा और रोजगार योजना पर जनता की राय इन परिणामों से झलकेगी।
विपक्षी दलों के लिए यह अवसर है कि वे सरकार के खिलाफ महंगाई, बेरोजगारी और विकास के मुद्दे उठाकर समर्थन हासिल करें।
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां:
पुलिस और प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की है।
मतदान केंद्रों पर मजबूत सुरक्षा के लिए पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी।
संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार निगरानी रखेंगे।
प्रशासन ने मतदाताओं से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की है।
पंजाब उपचुनाव 2024 न केवल इन चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। 13 नवंबर को होने वाला मतदान तय करेगा कि जनता का झुकाव मौजूदा सरकार की नीतियों की तरफ है या विपक्ष के प्रचार का असर अधिक है।
पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक ने दिवाली के अवसर पर सभी प्रमुख लोन पर प्रोसेसिंग फीस माफ करने का ऐलान किया।
यह छूट 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2024 तक सभी पर्सनल, कंज्यूमर और वाहन लोन पर लागू रहेगी।
सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह पहल न केवल ग्राहकों की मदद करेगी, बल्कि कोऑपरेटिव सेक्टर को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर, 2024: पंजाब सरकार ने दिवालीके अवसर पर राज्यवासियों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक ने सभी प्रमुख लोन पर प्रोसेसिंग फीस माफी की घोषणा की है। यह विशेष छूट 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2024 तक लागू रहेगी, जिससे ग्राहक आसानी से लोन लेकर अपने सपनों को साकार कर सकें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “दिवाली का समय बड़े खर्चों और निवेश का होता है। इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपने लिए पर्सनल, कंज्यूमर या वाहन लोन ले सकें। यह न केवल लोगों की आर्थिक जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि बाजार में खरीदारी को भी बढ़ावा देगा।”
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किन ग्राहकों को मिलेगा लाभ?
यह स्कीम मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए है जो अपने घर के लिए उपभोक्ता सामान खरीदना चाहते हैं, सपनों की कार लेना चाहते हैं, या पर्सनल लोन लेकर परिवार की जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं। सरकारी संस्थानों के वेतनभोगी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
पर्सनल लोन: शादी, यात्रा, या मेडिकल जरूरतों के लिए।
कंज्यूमर लोन: घरेलू उपकरण और उपभोक्ता सामान की खरीदारी के लिए।
वाहन लोन: नई कार या दोपहिया वाहन की खरीद पर आकर्षक दरों पर लोन।
कैसे मिलेगा यह लाभ?
यह प्रोसेसिंग फीस माफी का ऑफर पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक की चंडीगढ़ स्थित 18 शाखाओं में उपलब्ध है। इच्छुक ग्राहक बैंक की किसी भी शाखा में जाकर आवेदन कर सकते हैं। यह प्रोसेसिंग फीस माफी स्कीम का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया भी सरल और तेजी से पूरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल ग्राहकों की मदद के लिए नहीं है, बल्कि कोऑपरेटिव सेक्टर को मजबूती देने के लिए भी उठाया गया एक अहम कदम है। “हमारा मकसद न केवल लोन प्रक्रिया को आसान बनाना है, बल्कि कोऑपरेटिव बैंकों को आर्थिक गतिविधियों में अधिक भागीदार बनाना है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
इस स्कीम से बाजार में धन प्रवाह बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा। त्योहारी सीजन में इस तरह की छूट से खरीदारी को प्रोत्साहन मिलता है, जिससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनता से अपील की कि वे इस स्कीम का अधिकतम लाभ उठाएं और त्योहारी सीजन का आनंद लें। उन्होंने कहा, “यह योजना ग्राहकों को बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार करने का मौका देती है।”
भगत, हरभजन ETO, डॉ. रवजोत और धालीवाल ने जालंधर में शोभा यात्रा में की शिरकत, कहा, भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं आज के समय में बेहद प्रासंगिक
जालंधर, 17 अक्टूबर, 2024: पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ETO और बागवानी एवं स्वतंत्रता सेनानी मंत्री मोहिंदर भगत ने मंगलवार को लोगों से भगवान वाल्मीकि जी के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी ने समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है।
दोनों मंत्री जालंधर में भगवान वाल्मीकि जी के प्रकाश उत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में शामिल हुए और जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी आदि कवि थे, जिन्होंने अपनी कालजयी रचना ‘रामायण’ के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
मंत्रियों ने कहा कि सदियों से रामायण लोगों को नैतिकता और अनुशासन का मार्ग दिखाती आई है और आधुनिक समाज में भी यह अत्यंत प्रासंगिक है। भगत और हरभजन सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए युवाओं को भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं का अनुसरण करना चाहिए।
Bhagwan Valmiki Celebration, Jalandhar, Punjab
उन्होंने विभिन्न संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल भगवान वाल्मीकि जी के दर्शन का प्रचार-प्रसार होता है, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए नैतिक मार्गदर्शन का जरिया भी बनते हैं। उन्होंने यात्रा के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी और विभिन्न मंचों का दौरा कर प्रतिभागियों से मुलाकात की।
एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप धालीवाल और स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने भी शोभा यात्रा में भाग लिया। दोनों मंत्रियों का कई संगठनों ने स्वागत किया, और उन्होंने जालंधर के विभिन्न मंचों पर पहुंचकर आयोजन की प्रशंसा की।
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री बलकार सिंह, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष चंदन ग्रेवाल, विधायक रमन अरोड़ा, जिला योजना समिति के अध्यक्ष अमृतपाल सिंह, मंडल आयुक्त प्रदीप कुमार सबरवाल, उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल, पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा, और अन्य प्रमुख हस्तियां जैसे दिनेश ढल, पवन कुमार टीन्नू और दीपक बाली शामिल थे।
पंजाब, (चंडीगढ़), 16 अक्टूबर, 2024: पंजाब सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 13,400 किलोमीटर लंबी लिंक रोड्स के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर 2436.49 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
गांवों में विकास को बढ़ावा देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि लिंक रोड्स ग्रामीण और शहरी बाजारों के बीच संपर्क को आसान बनाएंगी, जिससे कृषि उत्पादों का परिवहन सुचारू होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
“यह सड़क नेटवर्क केवल यातायात को सुगम नहीं बनाएगा बल्कि ग्रामीण जीवन में समृद्धि और प्रगति भी लाएगा,” उन्होंने कहा।
ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर करने से स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक सुविधाजनक पहुंच भी सुनिश्चित होगी। यह परियोजना सरकार के ग्राम विकास मॉडल का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत सड़कों के उन्नयन के साथ अन्य बुनियादी ढांचागत सुधार भी किए जा रहे हैं।
AI तकनीक से निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे सड़कों की स्थिति का सटीक आकलन किया जा सकेगा और संसाधनों का स्मार्ट प्रबंधन होगा।
AI के लाभ:
कुशल सर्वेक्षण: AI तकनीक के जरिए जरूरतमंद और जर्जर सड़कों की पहचान की जाएगी।
गुणवत्ता नियंत्रण: निर्माण कार्यों पर रियल-टाइम निगरानी होगी।
धन की बचत: अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाते हुए सार्वजनिक धन का सदुपयोग होगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सड़कों का निर्माण तीन श्रेणियों में किया जाएगा:
टॉप प्रायोरिटी रोड्स: जिन्हें तुरंत मरम्मत की आवश्यकता है।
प्रायोरिटी रोड्स: जिन्हें समयबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा।
जरूरतमंद रोड्स: जिनकी स्थिति मामूली खराब है लेकिन जल्द सुधार की जरूरत है।
इसके लिए PWD और मंडी बोर्ड को मिलकर एक जमीनी सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया है ताकि परियोजना का कार्यान्वयन सुचारू रूप से हो सके।
किसानों और ग्रामीणों के लिए राहत
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “यह पहल विशेष रूप से किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए मददगार साबित होगी, क्योंकि यह उनके उत्पादों को बाजारों तक आसानी से पहुंचाएगी और परिवहन की लागत कम करेगी।”
लिंक रोड्स का विस्तार मौसम के अनुकूल बनाया जाएगा, जिससे वे बरसात और अन्य प्रतिकूल स्थितियों में भी टिकाऊ रहें। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति को बाजार, अस्पताल या स्कूल पहुंचने में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल निर्माण ही नहीं, सड़कों की नियमित देखभाल और मरम्मत भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मंडी बोर्ड और PWD को निर्देश दिए कि सड़कों के रखरखाव के लिए वार्षिक योजना तैयार की जाए। सरकार ने एक समर्पित शिकायत निवारण प्रणाली की भी घोषणा की है, जहां ग्रामीण अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण के हर चरण की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी, ताकि लोग रियल-टाइम अपडेट प्राप्त कर सकें।