Category: Health

  • दुनिया में बढ़ रही TB मरीजों की संख्या, रिपोर्ट में WHO ने किया बड़ा खुलासा

    दुनिया में बढ़ रही TB मरीजों की संख्या, रिपोर्ट में WHO ने किया बड़ा खुलासा

    सेहत: दुनिया में हर साल टीबी के नए मरीजों में से एक तिहाई मरीज सिर्फ दक्षिण-पूर्व एशिया में ही दिखते हैं। यह हिस्सा आबादी के लिहाज से दुनिया का सिर्फ चौथा हिस्सा है परंतु टीबी का बोझ यहां अनुपात से कहीं ज्यादा है। कुछ समय पहले जारी की गई रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। डब्ल्यूएचओ ने देशों से बीमारी को खत्म करने की दिशा में भी तेज कार्रवाई की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट 2025 के अनुसार, साल 2024 में करीबन 10.7 मिलियन लोग टीबी से इंफेक्टेड हुए हैं। वहीं 12.3 लाख लोगों की मौत हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा केस भारत में करीबन 2.71 मिलियन सामने आए हैं। इसके बाद बांग्लादेश में (3.84 लाख), म्यांमार (2.63 लाख), थाईलैंड (1.04 लाख) और नेपाल (67 हजार) का नंबर आता है।

    WHO ने किया अलर्ट

    विश्व स्वास्थ्य संगठन साउथ-ईस्ट एशिया की ऑफिसर ने कहा कि टीबी अब भी इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा और विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। सबसे ज्यादा असर इसका गरीब आबादी को हो रहा है। उनके अनुसार, बीमारी की रोकथाम, शुरुआती पहचान, तेज इलाज और मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचा ही सबसे असरदार उपाय रहेगा परंतु इन कदमों को बड़े पैमाने पर अब और तेजी से लागू करने की जरुरत है। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2024 में क्षेत्रीय तस्वीर काफी असमान थी। म्यामांर और तिमोर-लेस्ते में टीबी दर अभी भी काफी ज्यादा है। हर एक लाख की आबादी पर 480 से 500 मामले सामने आए हैं वहीं बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और थाइलैंड में यह दर 146 से 269 के बीच में रहा है। श्रीलंका और मालदीव अभी भी टीबी के मामले में इतने ज्यादा प्रभावित नहीं है।

    दक्षिण-पूर्व एशिया में ज्यादा हैं मामले

    दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे बड़ी चिंता ड्रग रेजिस्टेंट टीबी बना हुआ है। साल 2024 में यहां ऐसे 1.5 लाख नए मामले अनुमानित है वहीं 2015 के बाद से क्षेत्र में टीबी इंफेक्शन के दर में 16 प्रतिशत गिरावट भी आई है। यह वैश्विक औसत से 12 प्रतिशत बेहतर है परंतु मौतों की कमी की रफ्तार अभी भी धीमी है। क्षेत्र में टीबी इन्सीडेंस रेट 201 प्रति लाख है। वहीं वैश्विक औसत 131 से कहीं ऊपर है। कुछ देशों में अच्छी प्रगति भी नजर आई है। बांग्लादेश, भारत और थाईलैंड ने कुछ केसों की तुलना में ज्यादा मरीजों की पहचान की है। इससे डिटेक्शन गैप कम हुआ है। टीबी से होने वाली मौतों में भी 2015 के मुकाबले कमी आई है। कोविड के बाद अब टीबी के इलाज में बेहतर अनुभव मिल रहा है। एचआईवी मरीजों और घर के संपर्कों के लिए प्रिवेंटिव थेरेपी में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
  • रात को दूध पीने से सेहत में दिखेंगे चौंकाने वाले बदलाव, विशेषज्ञों ने बताए फायदे

    रात को दूध पीने से सेहत में दिखेंगे चौंकाने वाले बदलाव, विशेषज्ञों ने बताए फायदे

    हेल्थः लंबे समय से दूध को सेहत के लिए वरदान माना जाता रहा है। दादी-नानी की परंपरागत सलाह से लेकर पोषण विशेषज्ञों की सिफारिश तक, दूध बच्चों से लेकर बड़ों-सभी के लिए लाभकारी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि व्यक्ति रोजाना रात में दूध पीने की आदत डाल ले, तो कुछ ही दिनों में शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

    गट हेल्थ में होगा सुधार: विशेषज्ञ बताते हैं कि रात में गर्म दूध का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। गर्म दूध कब्ज से राहत दिला सकता है और पेट को शांत रखता है। इसमें मौजूद कैल्शियम, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।

    बेहतर नींद के लिए लाभकारी: रात में दूध पीना नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए भी उपयोगी माना जाता है। दूध में मौजूद ट्रिप्टोफैन शरीर में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हॉर्मोन के निर्माण को बढ़ावा देता है, जो बेहतर नींद के लिए जरूरी हैं। विशेषज्ञ रात में गर्म या हल्का गुनगुना दूध पीने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह तनाव कम करने में भी मदद करता है।

    सर्दी-खांसी में कारगर: सर्दियों के मौसम में गर्म दूध का सेवन सर्दी और खांसी से राहत दिलाने में असरदार माना जाता है। अगर दूध में हल्दी और काली मिर्च मिला दी जाए, तो इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। यह प्राकृतिक मिश्रण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और मौसमी बीमारियों से बचाव करता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि व्यक्ति नियमित रूप से रात में दूध पीना शुरू करे, तो यह उसकी समग्र सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

  • गर्दन और कंधे के दर्द से मिलेगा छुटकारा, अपनाएं बस ये घरेलू नुस्खा

    गर्दन और कंधे के दर्द से मिलेगा छुटकारा, अपनाएं बस ये घरेलू नुस्खा

    हेल्थः आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में कंधे और गर्दन में दर्द की समस्या काफी आम हो चुकी है और सर्दियों में यह दिक्कत ज्यादा परेशान करने लगती है। अधिकतर लोग इस दर्द से परेशान रहते हैं, जो लगातार मोबाइल देखना, लैपटॉप पर लंबे समय तक झुककर काम करना, गलत तरीके से सोना या फिर शरीर में कमजोरी की वजह से यह दर्द बढ़ जाता है।

    दर्द को कम करने के लिए लोग दवाइयों से लेकर पेन-किलर स्प्रे तक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह दर्द को कुछ समय के लिए दबा देते हैं। मगर यह लंबे समय के लिए कारगार नहीं होते हैं और अधिक दवाइयां लेने से दूसरी सेहत से जुड़ी समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कई आसान और घरेलू नुस्खे जो आपकों इस दर्द से निजात दिला सकते हैं।

    एक्सपर्ट के अनुसार अगर आप लंबे समय से गर्दन और कंधे के दर्द से परेशान हैं तो आप देसी नुस्खे को अपना सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ दो चीजों के जरूरत होगी, एक तो आपको अपनी रसोई में ही मिल जाएगी। गर्दन और कंधे के दर्द के लिए अरंडी का तेल और लहसुन दोनों बहुत कारगार है, इन दोनों चीजों में ही औषधीय गुण मौजूद है, जो शरीर के दर्द को नेचुरली तौर पर शांत करते हैं। इस तेल को घर पर बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है, यह तेल कई दिनों तक सुरक्षित रहता है और दर्द होने पर तुरंत काम आता है।

    अरंडी का तेल गर्म तासीर वाला होता है, यह मसल्स में जमी अकड़न को ढीला करता है, सूजन कम करता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है। लहसुन में मौजूद सल्फर कंपाउंड्स सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। जब इसे तेल में पकाया जाता है तो उसके औषधीय गुण और भी बढ़ जाते हैं। दोनों मिलकर मसल्स के दर्द, खिंचाव और भारीपन को फौरन आराम देते हैं।

  • Immunity, Skin और Eyes के लिए Healthy है Papaya, लेकिन इन लोगों को बनानी चाहिए दूरी

    Immunity, Skin और Eyes के लिए Healthy है Papaya, लेकिन इन लोगों को बनानी चाहिए दूरी

    हेल्थः पपीता जिसे बहुत ही हेल्दी फल माना जाता है। जिसमें विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम और पपेन नाम का एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को डाइजेस्ट करने में मदद करता है। पपीता खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है, सूजन कम होती है, स्किन और आंखों की हेल्थ भी अच्छी रहती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स भी पपीता खाने की सलाह देते हैं। लेकिन पपीता हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। कुछ लोगों को इसे कम या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।

    – प्रेग्नेंट महिलाएं: अधपका या कच्चा पपीता खाने से बचें। इसमें लेटेक्स और पपेन होता है, जो गर्भाशय को सिकोड़ सकता है और समय से पहले डिलिवरी का खतरा बढ़ा सकता है। सुरक्षित प्रेग्नेंसी के लिए पपीते का सेवन सीमित करें या डॉक्टर से सलाह लें।

    – इर्रेगुलर हार्ट बीट वाले लोग: पपीते में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो सेंसिटिव लोगों में हार्ट बीट को प्रभावित कर सकते हैं। अगर आपका दिल कभी एबनॉर्मल से धड़कता है, तो पपीता खाने में सावधानी बरतें।

    – लेटेक्स एलर्जी वाले लोग: अगर आपको लेटेक्स से एलर्जी है, तो पपीता खाने से बचें। इससे छींक, आंखों से पानी आना, स्किन पर चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

    – किडनी की पथरी वाले लोग: पपीते में विटामिन सी ज्यादा होता है, जो पथरी बढ़ा सकता है या मौजूदा पथरी को बड़ा कर सकता है। इसलिए पथरी वाले लोग पपीता सीमित मात्रा में ही खाएं।

    – पेट की समस्याओं वाले लोग: पपीते में फाइबर और पपेन ज्यादा होता है। इससे पेट में जलन, एसिड रिफ्लक्स, अल्सर या IBS जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सेंसिटिव पेट वाले लोग पपीता कम या बिल्कुल न खाएं।

  • क्या आपके मुंह में बार-बार हो रहे हैं छाले तो न करें Ignore, इन लक्षणों से करें पहचान

    क्या आपके मुंह में बार-बार हो रहे हैं छाले तो न करें Ignore, इन लक्षणों से करें पहचान

    सेहत: मुंह में छाला उस समय होता है जब अंदर की नाजुक परत यानम्यूकस मेम्ब्रेन किसी कारण से घिस जाती है या कट जाती है। इसके कई कारण हो सकते हैं परंतु आम वजह है चोट जैसे अचानक गाल के अंदर वाली सतह को काट लेना। इसके अलावा दवाईयों के असर कुछ तरह के चकत्ते, बैक्टीरियल, फंगल इंफेक्शन, केमिकल्स और कुछ मेडिकल कंडीशन्स भी छालों का कारण बन सकते हैं। अगर कोई छाला लंबे समय तक ठीक न हो पाए तो यह मुंह के कैंसर का संकेत भी हो सकता है क्योंकि ज्यादातर मामलों में छाले कोई नुकसान नहीं देते और बिना किसी इलाज के 10-14 दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं।

    इस वजह से बार-बार होते हैं छाले

    कुछ लोगों को मुंह में बार-बार छाले होते हैं। इनको एप्थस अल्सर कहते हैं। यह लगभग 20 प्रतिशत लोगों में देखे जाते हैं। ज्यादातर व्यक्तियों में इसका कोई साफ कारण नहीं मिलता परंतु कुछ मामलों में विटामिन-बी, फोलेट या फिर आयरन की कमी के कारण यह समस्या हो सकती है। ये छाले होंठों के अंदर, गाल की स्किन, जीभ के किनारे, मुंह के नीचे वाले हिस्से, ऊपर पीछे वाले हिस्से और टॉन्सिल के पास की नरम परत पर बनते हैं। कई बार एक से ज्यादा छाले एक साथ भी बन सकते हैं या फिर आपस में मिल जाते हैं। 10 से 14 दिनों में यह खुद ही ठीक हो जाते हैं परंतु बार-बार भी हो सकते हैं।

    इग्नोर न करें समस्या

    यदि मुंह में हो रहे छाले दो हफ्ते से ज्यादा समय तक ठीक न हो और बार-बार होने लगे तो दंत चिकित्सक या फिर डॉक्टर को जरुर दिखाएं। खासतौर पर यदि आप तंबाकू या फिर शराब पीते हैं तो ऐसे न भरने वाले छाले बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें क्योंकि दोनों चीजें मुंह के कैंसर का जोखिम बढ़ाएंगी।

    लक्षण

    जिस वजह से छाले हो रहे हैं उसके अनुसार, लक्षण बदल सकते हैं परंतु कुछ लक्षण आमतौर पर देखने को मिलते हैं जैसे कि . मुंह की त्वचा पर एक या ज्यादा दर्दनाक घाव . घावों के आस-पास लालपन या सूजन . खाना चबाने या ब्रश करते समय दर्द होना . नमकीन, तीखा या खट्टा खाने पर जलन होना . दांतों की गलत शेप, ब्रेसेस या फिर डेंचर से रगड़कर छाला बढ़ना . कुछ रेयर मामलों में छाले बिल्कुल दर्द नहीं करते। यह तब हो सकता है जब कारण गंभीर हो जैसे कि मुंह का कैंसर।

    कारण

    मुंह में छाले इन कारणों से हो सकते हैं जैसे कि . यदि गरम खाना खाते समय जलन होना . तेज केमिकल वाले माउथवॉश के असर से मुंह में छाले हो सकते हैं। .वायरल इंफेक्शन जैसे कि कोल्ड सोर वायरस . कुछ दवाईयों का साइड इफेक्ट . ब्रश करते समय चोट लगना . गलत आकार के दांतों से लगातार रगड़ . गलती से गाल काटने के कारण यदि छाले ज्यादा दिनों तक रहें तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।  
  • इन लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है आंवला, खाने से पहले बरतें सावधानी

    इन लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है आंवला, खाने से पहले बरतें सावधानी

    सेहत: आंवला कई सारे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण सूपरफूड की कैटेगरी में आता है। इसमें विटामिन-सी, कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो पाचन को मजबूत बनाने और इम्यूनिटी व स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद माने जाते हैं। कुछ लोग इसको जूस, अचार, पाउडर या फिर सप्लीमेंट के तौर पर लेते हैं परंतु एक बात जो काफी लोग नहीं जानते वो यह है कि आंवला खाना सभी लोगों के लिए फायदेमंद नहीं होता। भले ही यह हेल्दी हो पर कुछ लोगों के शरीर पर इसका गलत असर भी हो सकता है। रिसर्च के अनुसार, आंवले में कुछ ऐसे नैचुरल कंपाउंड्स पाए जाते हैं जो कुछ लोगों में एलर्जी, खुजली या सूजन जैसी दिक्कतें खड़ी कर सकता है। इसके अलावा कुछ मेडिकल कंडीशन्स में भी आंवला खाने से हालत और भी खराब हो सकती है। आंवला भले ही सूपरफूड होता है परंतु यह हर किसी के लिए सूपरफूड साबित नहीं हो सकता।

    एसिडिटी

    जिन लोगों का पेट सेंसिटिव हो उनके लिए आंवला कभी-कभी दिक्कत खड़ी कर सकता है क्योंकि यह काफी खट्टा और एसिडिक होता है। ऐस में एसिडिटी वाले लोगों के लिए यह जलन, गैस, सूजन और पेट दर्द जैसी दिक्कतें पैदा कर सकता है। यदि आपको पहले से ही अल्सर, गैस्ट्राइटिस या फिर एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत है तो कच्चा आंवला या फिर खाली पेट आंवला न खाएं।

    प्रेग्नेंट महिलाएं

    प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग करवाने वाले महिलाओं को भी थोड़ी मात्रा में ही आंवला खाना चाहिए ज्यादा मात्रा में इसको खाने से पेट की परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा ज्यादा आंवला खाने से पेट खराब, दस्त या फिर ऐंठन जैसी दिक्कतें भी हो सकती है। खासतौर पर सप्लीमेंट के तौर पर उच्च मात्रा में खाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

    शुगर कम होने पर

    आंवला ब्लड शुगर और भी कम कर सकता है। यदि आपका शुगर लेवल बहुत जल्दी कम हो जाता है या आपको चक्कर या फिर कमजोरी होती है तो बिना डॉक्टर की सलाह के आंवला न खाएं। इससे आपकी दिकक्त खराब हो सकती है।

    एलर्जी

    कुछ लोगों को आंवला खाने से एलर्जी या सेंसिटिविटी की दिक्कत हो सकती है। ऐसे में आपको खुजली, रैश, सूजन, मतली या पेट दर्द जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यदि कुछ भी इस तरह का महसूस हो तो आंवला खाना बंद कर दें।

    ऐसी दवाईयां खाने पर

    आंवला भी खून को पतला करने में मदद करता है। ऐसे में यदि आप वॉरफरिन, एस्पिरिन, क्लोपिडोग्रेल जैसी दवाईयां लेते हैं तो आंवला खाने से ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए इसका सेवन न करें।      
  • बड़े कमाल का है भिंडी और नींबू पानी का मिश्रण, Diabetes सहित कई बीमारियों को देगा मात

    बड़े कमाल का है भिंडी और नींबू पानी का मिश्रण, Diabetes सहित कई बीमारियों को देगा मात

    हेल्थः भिंडी को आप भी अक्सर सब्जी के रूप में ही देखते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे आप पानी में भिगोकर पी सकते हैं। दरअसल अगर भिंडी को पानी में भिगोकर पिया जाता है तो इसके पोड्स में मौजूद म्यूसिलेज कई ऐसे फायदे पहुंचाता है जिनके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं। दरअसल नींबू के साथ मिलकर यह मिश्रण एंटीऑक्सीडेंट सूजन-रोधी और शुगर कंट्रोल जैसे कई असर दिखाता है। वहीं लगातार 1 महीने तक नींबू और भिंडी का पानी पीने से शरीर में कई फायदे आपको महसूस हो सकते हैं।

    भिंडी के बीजों में मौजूद पॉलीफेनॉल्स और फ्लेवोनॉयड्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और ब्लड में लैक्टिक एसिड को कम करते हैं। एक रिसर्च के अनुसार इससे एंड्यूरेंस बेहतर होती है और थकान कम महसूस होती है। भिंडी के पोड एक्सट्रैक्ट्स किडनी टिश्यू को टॉक्सिन्स से बचाने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम किडनी सेल्स को सुरक्षा देते हैं और चोट के निशान को कम करती है।

    भिंडी में मौजूद फिनोलेक्स, फ्लेवोनॉयड्स और पेक्टिन्स शरीर में लो ग्रेड इन्फ्लेमेशन को कंट्रोल करते हैं। वहीं नींबू के विटामिन सी के साथ मिलकर यह हल्का लेकिन लगातार सूजन-रोधी असर दिखता है। एक सिस्टमैटिक रिव्यू में भी पाया गया है कि भिंडी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और अन्य लिपिड मार्कर को कम कर सकती है। वहीं भिंडी का म्यूसिलेज आंतों में कोलेस्ट्रॉल को बांध कर उसे ऑब्जर्व होने से रोकता है।

  • सुबह उठते ही गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीएं, मिलेंगे ये फायदें

    सुबह उठते ही गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीएं, मिलेंगे ये फायदें

    हेल्थः अगर आप भी चाहते हैं कि सुबह-सुबह उठते ही आपका पेट साफ होने लग जाए, तो आपको इस नेचुरल ड्रिंक को अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बनाना होगा। हर रोज इस ड्रिंक को पीने से न केवल आपकी गट हेल्थ इम्प्रूव होगी बल्कि आपकी ओवरऑल हेल्थ को भी ढेर सारे फायदे मिल पाएंगे।

    गुनगुने पानी में शहद मिलाएंः सबसे पहले पानी को हल्का गर्म कर लें और गिलास में भर ले। इस पानी में एक स्पून शहद को अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आपको सुबह-सुबह उठते ही इस ड्रिंक को पी लेना है। महज एक ही हफ्ते के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर दिखाई देने लगेगा।

    कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए गुनगुने पानी में शहद को मिलाकर पिया जा सकता है। औषधीय गुणों से भरपूर ये ड्रिंक गैस और अपच जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी कारगर साबित हो सकती है। इसके अलावा अगर आप अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो भी शहद से बनी इस ड्रिंक को अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बना सकते हैं।

    अगर आप एक्सरसाइज के साथ-साथ रोजाना इस ड्रिंक को पीना शुरू करे तो ये आपकी बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के साथ-साथ सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार साबित हो सकती है। गुनगुने पानी में शहद को मिक्स कर पीना दिल की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • क्या गर्म पानी पीने से सच में कम होगा वजन, जानें क्या कहती है Research?

    क्या गर्म पानी पीने से सच में कम होगा वजन, जानें क्या कहती है Research?

    सेहत: यह तो सभी जानते हैं कि पानी हमारे जीवन के लिए कितना महत्वपूर्ण है। सिर्फ प्यास बुझाने ही नहीं बल्कि यह शरीर को सही तरीके से काम करने और बीमारियों से बचने के लिए भी बेहद जरुरी है। शरीर का करीबन 70 प्रतिशत हिस्सा पानी के साथ बना हुआ है ऐसे में शरीर का सही तरीके से काम करने के लिए व्यक्ति को रोज 2 से 3 लीटर पानी जरुर पीना चाहिए। ठंडा और गर्म पानी दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। जहां ठंडा पानी वर्कआउट के बाद शरीर को ठंडक देता है वहीं गर्म पानी शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और पाचन को स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि गर्म पानी पीने से वजन कम होता है।

    रिसर्च में हुआ साबित

    इस पर कई शोध किए गए हैं। शोध के अनुसार, ज्यादा पानी पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। इसका एक कारण यह है कि पानी पीने से पेट भरा-भरा महसूस होता है। इससे आप कम खाते हैं। इशके अलावा पानी शरीर के पोषक तत्वों को अच्छे तरीके से सोखने और हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। 2003 में प्रकाशित हुई एक स्टडी के अनुसार, गर्म पानी पीने से आपका मेटाबॉल्जिम बढ़ेगा। 500 मिलीलीटर पानी खाने से पहले यदि आप पीते हैं तो मेटाबॉलिक रेट करीबन 30% तक बढ़ेगा।

    गर्म पानी पीने से ऐसे कम होगा वजन

    सुबह खाली पेट या दिनभर यदि आप हल्का गुनगुना पानी पीते हैं तो शरीर का वजन कई तरह से कम हो सकता है। गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है ऐसे में इसको संतुलित करने के लिए शरीर को एक्स्ट्रा एनर्जी की जरुरत पड़ती है। इससे आपका मेटाबॉल्जिम एक्टिव होगा। गर्म पानी आपके शरीर में मौजूद चर्बी को तोड़ने और उसको छोटे-छोटे मोलिक्यूल्स में बदलने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र उन्हें आसानी से जला पाएगा। खाने से आधे घंटे पहले यदि आप एक गिलास गर्म पानी पिएंगे तो आपको भूख कम लगेगी। इससे कैलोरी का सेवन भी कम होगा।

    गर्म पानी के अन्य फायदे

    . गर्म पानी आपके नर्वस सिस्टम को शांत करेगा। इससे शरीर में दर्द और तनाव दोनों में आराम मिलेगा। . गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान भी बढ़ेगा और पसीने के जरिए त्वचा के पोर्स से विषैले तत्व बाहर निकलेंगे। .पाचन तंत्र को गर्म पानी चिकनाई देगा ऐसे में जो खाद्य पदार्थ आपका शरीर पचा नहीं पाता उन्हें पचाने में आसानी होगी। . गुनगुना पानी आंतो की गति को बढ़ाएगा इससे मल त्यागने की प्रक्रिया में आसानी होगी। . गर्म पानी पीने से शरीर का तापमान बढ़ेगा और पसीने के जरिए त्वचा के पोर्स से विषैले तत्व बाहर निकलेंगे।  
  • बढ़ते प्रदूषण में स्किन हो सकती है खराब, इन टिप्स के साथ करें त्वचा की Extra देखभाल

    बढ़ते प्रदूषण में स्किन हो सकती है खराब, इन टिप्स के साथ करें त्वचा की Extra देखभाल

    सेहत: दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा में प्रदूषक कण घुलने लगते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर त्वचा पर होता है। धूल, धुआं, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और हवा में मौजूद दूसरे टॉक्सिन्स हमारी त्वचा के नैचुरल बैरियर को कमजोर कर देते हैं। इसके कारण त्वचा पर जलन, ड्राईनेस, समय से पहले झुर्रियां और चेहरे की चमक भी खो जाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो लगातार प्रदूषित हवा में रहने के कारण त्वचा पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी बढ़ता है जिससे एजिंग के लक्षण नजर आने लगते हैं। इसके अलावा रंग फीका पड़ना, पिंपल्स और रोसेशिया जैसी दिक्कतें भी बढ़ सकती है। कुछ तरीके अपनाकर आप अपनी स्किन का ध्यान रख सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में।

    एक्सफोलिएट करें

    हफ्ते में एक या फिर दो बार हल्के एक्सफोलिएटर से स्किन की ऊपरी परत साफ करें। इससे आपकी त्वचा के डेड सेल्स दूर होंगे और ओपन पोर्स खुलेंगे। इस बात का ध्यान रखें कि हार्श स्क्रब न इस्तेमाल करें। इससे आपकी त्वचा पर माइक्रो टियर बनेंगे जिससे प्रदूषक त्वचा के अंदर जा सकते हैं।

    सीरम लगाएं

    विटामिन-सी या ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट, रेस्वेरोट्रॉल या फेरुलिक एसिड वाला सीरम त्वचा पर इस्तेमाल करें। इससे न सिर्फ आपकी त्वचा पर प्रदूषण का असर कम होगा बल्कि यह ब्राइट और स्मूद भी दिखेगी।

    सनस्क्रीन लगाएं

    रोज चाहे आप घर के अंदर हो या फिर बार एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि सनस्क्रीन एंटीपॉल्यूशन वाला ही ले जिसमें जिंक ऑक्साइड, टाइटेनियम डाइऑक्साइड या एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद हो। इससे आपकी त्वचा को दोहरी सुरक्षा मिलेगी।

    त्वचा को करें डीप क्लीन

    रोज दिन में दो बार अपने चेहरे को हल्के, सल्फेट फ्री क्लींजर के साथ साफ करें। इससे धुल, धुआं और प्रदूषण के कण निकल जाएंगे। इसके साथ ही त्वचा पर नैचुरल नमी भी बरकरार रहेगी। ऑयल बेस्ड या फिर वॉटर बेस्ड दोनों ही तरह का क्लींजर आपकी त्वचा के लिए सही रहेगा। इससे आपकी स्किन डबल क्लीनअप हो पाएगी।

    लाइफस्टाइल पर भी दें ध्यान

    स्किन प्रोडक्ट्स के साथ-साथ अपने लाइफस्टाइल का भी ध्यान रखें। आपको खान-पान और हाइड्रेशन भी स्किन के लिए काफी जरुरी है। अच्छी मात्रा में पानी पिएं, फल और हरी सब्जियां खाएं। नींद पूरी लें ताकि आपकी स्किन के साथ-साथ सेहत भी अच्छी रहे।