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  • जन-जन तक पहुंचीं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, विशेष जागरूकता अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न

    जन-जन तक पहुंचीं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, विशेष जागरूकता अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न

    बल्ह और मोमन्यार पंचायतों के ग्रामीण किए जागरूक ऊना, सुशील पंडित: प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याणार्थ चलाए जा रहे विशेष जन जागरूकता एवं प्रचार प्रसार अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अभियान के प्रथम चरण के अंतिम दिन आज शुक्रवार को विकास खंड बंगाणा की बल्ह पंचायत के सकोहन और मोमन्यार पंचायत के मोउखास गांवों के ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान आरके कलामंच चिंतपूर्णी के कलाकारों ने स्थानीय ग्रामीणों को गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों और जन कल्याणकारी योजनाओं बारे जागरूक किया। साथ ही उन्होंने लोगों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से भी अवगत करवाया। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग से संबद्ध नाटयों दल के कलाकारों ने जागरूकता कार्यक्रमों बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों पर जाति भेदभाव के कारण अत्याचार होने पर अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3 के अंतर्गत पुलिस में दर्ज मामले के तहत कम से 25 हजार रुपये और अधिकतम 8,25,000 रुपये पुनर्वास राहत राशि का प्रावधान है। हत्या के मामले में मृतक की विधवा को 5 हजार रुपये बेसिक पर वर्तमान मंहगाई भत्ता प्रतिशतता की गणना करके प्रतिमाह राशि पैंशन के रूप् में भी दी जाती है। मृतक के बच्चों की स्नातक तक की शिक्षा एवं रख-रखाव का पूरा खर्चे की व्यवस्था एवं तीन महीने तक परिवार के भरण-पोषण के लिए राशन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। इस घटना के तुरंत बाद प्रभावित व्यक्ति को अपने नजदीक के पुलिस थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवानी होगी तथा न्यायालय में चालान प्रस्तुत होने के उपरांत धारा के अनुसार राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, विधवाओं, एकल व परित्यक्ताओं और अल्पसंख्यकों के 18 से 35 वर्ष के पात्र उम्मीदवारों जिनकी आय 2 लाख रुपये से अधिक के युवाओं को पीजीडीसीए और डीसीए का एक वर्ष का निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। साथ ही, उन्होंने नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। दूसरे चरण के जागरूकता कार्यक्रमों का शेडयूल वहीं, अनुसूचिज जाति के कल्याणार्थ चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान का दूसरा चरण 14 से 18 जुलाई तक संचालित होगा। दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 14 जुलाई को हरोली के जोड़ियां और जननी, 15 को हरोली के जंगल पंजावर और भदसाली थोलियां, 16 को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुकड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी। इस मौके पर बल्ह पंचायत प्रधान गोरख राम, मोमन्यार पंचायत के प्रधान रमेश चंद, उप प्रधान बल्ह विजय कुमार, उप प्रधान मोमन्यार सुरेश कुमार, पंचायत सचिव मनोज कुमार और राकेश सहित संबंधित पंचायतों के वार्ड सदस्य व स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
       
  • पॉलीक्लीनिक पशु चिकित्सालय ललड़ी में 66 नुकीली धातु की तारें निकालकर गर्भवती भैंस को दिया नयाजीवन

    पॉलीक्लीनिक पशु चिकित्सालय ललड़ी में 66 नुकीली धातु की तारें निकालकर गर्भवती भैंस को दिया नयाजीवन

    ऊना, सुशील पंडित: जिला ऊना के पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक ललड़ी में पशु चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल एवं सफल शल्य चिकित्सा कर नौ माह की गर्भवती भैंस को नया जीवन प्रदान किया। ऑपरेशन के दौरान भैंस के पेट से 66 नुकीली धातु की वस्तुएं, जिनमें कीलें, तार तथा धातु के छोटे-छोटे टुकड़े शामिल थे, सुरक्षित रूप से निकाले गए। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. निशांत राणौत ने बताया कि हरोली उपमंडल के बारेवाल गांव के पशुपालक करनैल सिंह अपनी नौ माह की गर्भवती भैंस को पिछले लगभग दस दिनों से चारा न खाने, सुस्त रहने तथा लगातार अस्वस्थ दिखाई देने की शिकायत के साथ पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक ललड़ी लेकर आए थे। पशु की विस्तृत चिकित्सीय जांच, रक्त परीक्षण तथा अल्ट्रासाउंड के दौरान उसके पेट में बड़ी संख्या में धातु की विदेशी वस्तुएं (फॉरेन बॉडी) होने की पुष्टि हुई।

    उन्होंने बताया कि भैंस की गंभीर स्थिति को देखते हुए पशु मालिक को तुरंत ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई। इसके उपरांत डॉ. निशांत राणौत, डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. शिल्पा राणौत तथा डॉ. स्टेफनी प्रधान की टीम ने सफल शल्य चिकित्सा कर भैंस के पेट से कुल 66 नुकीली धातु की वस्तुएं बाहर निकालीं। यदि समय रहते यह ऑपरेशन नहीं किया जाता तो ये धातु की वस्तुएं भैंस के पेट एवं अन्य अंदरूनी अंगों को गंभीर क्षति पहुंचाकर उसकी जान के लिए खतरा बन सकती थीं।

    डॉ. राणौत ने बताया कि ऑपरेशन के बाद भैंस की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उसे दर्द से काफी राहत मिली है तथा अगले सात से दस दिनों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखकर आवश्यक उपचार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सफल शल्य चिकित्सा में फार्मासिस्ट सौरव कुमार, सुनंदा, दीपक, करमवीर तथा विकास ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

    पशुपालकों से सावधानी बरतने की अपील
    डॉ. निशांत राणौत ने पशुपालकों से आग्रह किया कि पशुओं को चारा खिलाने से पहले विशेष रूप से गेहूं के भूसे एवं अन्य सूखे चारे को अच्छी तरह छान लें, ताकि उसमें मौजूद कील, तार अथवा अन्य धातु के टुकड़े पशुओं के पेट में न पहुंच सकें। थोड़ी-सी सावधानी पशुओं को गंभीर बीमारी और बड़े ऑपरेशन से बचा सकती है।

    आधुनिक सुविधाओं से लैस है पॉलीक्लीनिक ललड़ी 
    डॉ रनौत ने बताया कि पशु चिकित्सालय पॉलीक्लिनिक ललड़ी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है । यहाँ जटिल शल्य चिकित्साएं नियमित रूप से की जा रही हैं। अस्पताल में अब तक एक हजार से अधिक सफल सर्जरी की जा चुकी हैं। यहां अनुभवी पशु चिकित्सकों की टीम आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ विभिन्न प्रकार की सर्जरी, ऑर्थोपेडिक उपचार, फ्रैक्चर प्रबंधन तथा एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा रही है। इन सेवाओं के माध्यम से क्षेत्र के पशुपालकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

     

  • जिला ऊना के निजी विद्यालयों को स्कूल समय निर्धारण में छूट, आदेश जारी 

    जिला ऊना के निजी विद्यालयों को स्कूल समय निर्धारण में छूट, आदेश जारी 

    ऊना, सुशील पंडितः जिला ऊना के निजी विद्यालयों के लिए पूर्व में निर्धारित विद्यालय समय-सारिणी में आंशिक संशोधन किया गया है। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, ऊना जतिन लाल द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
    जिला दंडाधिकारी ने विद्यार्थियों के हित, सुविधा एवं उनके समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिले के सभी निजी विद्यालयों को विद्यालय संचालन समय निर्धारित करने में आवश्यक छूट प्रदान की है।
    जारी आदेशों के अनुसार कुछ निजी विद्यालयों द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए आवेदनों एवं अनुरोधों में दोपहर के लंबे समय तक विद्यालय संचालन को छोटे विद्यार्थियों के लिए असुविधाजनक बताया था। इन अनुरोधों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने के उपरांत उपायुक्त ने निजी विद्यालयों को यह अनुमति प्रदान की है कि वे अपने प्रबंधन स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों तथा विद्यार्थियों के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय का समय निर्धारित कर सकेंगे।
    आदेशों के मुताबिक निजी विद्यालयों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय संचालन के दौरान सरकार द्वारा निर्धारित सभी नियमों एवं विनियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। साथ ही, विद्यार्थियों के लिए निर्धारित शिक्षण अवधि, शैक्षणिक दिवसों एवं अनिवार्य शिक्षण घंटों में किसी प्रकार की कमी न आने पाए।
    यह निर्णय विद्यार्थियों की सुविधा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा विद्यालयों के सुचारु संचालन के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि बच्चों को अनुकूल एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
  • “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत ऊना पुलिस का जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

    “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत ऊना पुलिस का जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

    ऊना, सुशील पंडित: नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत जिला पुलिस ऊना ने गुरुवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को चिट्टा (हेरोइन) समेत अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    जे.एस. विज़डम वर्ल्ड स्कूल ऊना सहित विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को NDPS Act के तहत मादक पदार्थों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।

    पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य उपस्थित लोगों को “एंटी चिट्टा शपथ” दिलाई गई तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी का संकल्प भी दिलाया गया।

    जिला पुलिस ऊना ने कहा कि नशे के खिलाफ यह जन-जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि युवाओं की जागरूकता और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

  • कैलाश नगर और गगरेट अप्पर में दी सरकारी योजनाओं की जानकारी

    कैलाश नगर और गगरेट अप्पर में दी सरकारी योजनाओं की जानकारी

    ऊना, सुशील पंडित:  सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रचार अभियान के पहले चरण के चौथे दिन आज(गुरुवार) को आर.के. कलामंच, चिंतपूर्णी ने गगरेट उपमंडल के गावं कैलाश नगर और गगरेट अप्पर में जन-जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान कलाकारों ने गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के कल्याणार्थ चलाई जा रही योजनाओं, जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा नशामुक्त अभियान से अवगत करवाया।

    कार्यक्रम में कलाकारों ने जानकारी दी कि हिमाचल सरकार द्वारा कम्पयूटर प्रशिक्षण योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, विधवा, एकल, परित्यक्ता व अल्पसंख्यकों को एक वर्ष के पीजीडीसीए और डीसीए कम्पयूटर कोर्स करवाने का प्रावधान है। इसके साथ ही प्रशिक्षण के दौरान अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विधवा व एकल नारियों को प्रशिक्षण के दौरान 1,000 रूपये मासिक भत्ता और 1500 रूपये प्लेसमेंट संबंधी स्टाइपेंढ़ प्रदान किया जाता है। इसके अलावा योजना के तहत दिव्यांग श्रेणी में बारह सौ रूपये मासिक भत्ता और 1,800 प्लेसमेंट संबंधी स्टाइपेंढ़ देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थी की आयु 18 से 35 वर्ष और परिवार की वार्षिक आमदनी 2 लाख से कम होनी चाहिए।

    नाटय दलों ने ग्रामीणों को स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना के साथ-साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इसके अलावा कलाकारों ने विशेष रूप से नशा निवारण पर बल देते हुए नशे को समाज की गंभीर बुराई बताया और लोगों से नशे से दूर रहने व समाज को इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

    उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सांस्कृतिक दलों के माध्यम से विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है।

    यहां होंगे आगामी जागरूकता कार्यक्रम
    आरके कलामंच चिंतपूर्णी द्वारा जन जागरूकता अभियान के पहले चरण के अंतिम दिन 10 जुलाई को बंगाणा के मोउखास और सकोहान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं, दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 14 से 18 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 14 जुलाई को हरोली के जोड़ियां और जननी, 15 को हरोली के जंगल पंजावर और भदसाली थोलियां, 16 को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुकड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी।

    इस मौके पर गगरेट की प्रधान उपासना देवी, गगरेट अप्पर की प्रधान नीलम रानी, उप प्रधान गगरेट अजय कुमार, उप प्रधान गगरेट अप्पर आशीष शर्मा, सचिव ममता कुमारी और अरूण ठाकुर सहित संबंधित पंचायतों के वार्ड सदस्य व स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

  • वायरल ‘बुलेट पटाखा’ वीडियो पर ऊना पुलिस का सख्त एक्शन, अवैध साइलेंसर हटवाकर 10 हजार का चालान

    वायरल ‘बुलेट पटाखा’ वीडियो पर ऊना पुलिस का सख्त एक्शन, अवैध साइलेंसर हटवाकर 10 हजार का चालान

    ऊना,सुशील पंडित: सोशल मीडिया पर वायरल हुए “बुलेट पटाखा” वीडियो पर जिला पुलिस ऊना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित मोटरसाइकिल चालक के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मॉडिफाइड बुलेट मोटरसाइकिल को ट्रेस किया और उस पर लगे अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर को मौके पर ही हटवा दिया। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन चालक के विरुद्ध 10,000 का चालान भी किया। बताया गया कि अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए साइलेंसर से अत्यधिक शोर उत्पन्न हो रहा था, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैल रहा था और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिला पुलिस ऊना ने स्पष्ट किया कि वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन कर ध्वनि प्रदूषण फैलाना कानून का उल्लंघन है। यातायात नियमों का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा, सुविधा और सार्वजनिक शांति बनाए रखना है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न करवाएं और यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।      
  • सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के समाधान का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

    सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के समाधान का सुनहरा अवसर, 31 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

    ऊना सुशील पंडित : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को आपसी सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल आम नागरिकों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय परिसर में समाधान समारोह-2026 का शुभारंभ 21 अप्रैल से हो चुका है। इस अभियान के अंतर्गत 21, 22 एवं 23 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा, जहां आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।

    शिखा लखनपाल ने बताया कि इच्छुक पक्षकारों की सुविधा के लिए एक सरल गूगल फॉर्म तैयार किया गया है, जो सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने पात्र पक्षकारों से आग्रह किया कि वे 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर अपने मामलों को विशेष लोक अदालत में शामिल करवाकर इस अवसर का लाभ उठाएं। मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों को मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानसिक विकार एवं मानसिक मंदता से प्रभावित व्यक्तियों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति अथवा उनके परिजन नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त संबंधित व्यक्ति उपमंडलीय विधिक सेवाएं समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अथवा हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर भी निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक आवेदकों के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। शिखा लखनपाल ने कहा कि मानसिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों के संरक्षण एवं उन्हें न्यायिक सहायता से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने पात्र व्यक्तियों एवं उनके परिजनों से इन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

  • जवाहर नवोदय विद्यालय पेखुबेला में कक्षा छठी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित

    जवाहर नवोदय विद्यालय पेखुबेला में कक्षा छठी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित

    31 जुलाई तक ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

    ऊना सुशील पंडित : जिला ऊना में स्थित आवासीय पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पेखुबेला में शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए कक्षा छठी में प्रवेश हेतु आयोजित होने वाली चयन परीक्षा के लिए पात्र विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 31 जुलाई तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विद्यालय के प्राचार्य राज कुमार ने बताया कि प्रवेश परीक्षा के लिए वही विद्यार्थी पात्र होंगे जिनका जन्म 1 मई, 2015 से पहले तथा 31 जुलाई, 2017 के बाद ना हुआ हो। साथ ही अभ्यर्थी वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जिला ऊना के किसी मान्यता प्राप्त सरकारी अथवा गैर-सरकारी विद्यालय में कक्षा पांचवीं का नियमित विद्यार्थी हो तथा जिला ऊना का वास्तविक निवासी (बोनाफाइड) हो।

    उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है। इच्छुक विद्यार्थी एवं अभिभावक निर्धारित 31 जुलाई अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन करना सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। प्रवेश परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन के लिए अभ्यर्थी नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट https://navodaya.gov.in ya तथा पंजीकरण पोर्टल https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/index/Registration पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन एवं अन्य जानकारी के लिए अभ्यर्थी
    79736215008, 9797622247 एवं 9816096188 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

     

  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

    प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

    डिजिटल प्रणाली को और सशक्त बनाने पर जोर

    ऊना सुशील पंडित : प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई-2.0) के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के उद्देश्य से संचालित विशेष पंजीकरण अभियान के तहत बुधवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, ऊना में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार ने की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल विकास परियोजना अधिकारियों, वृत्त पर्यवेक्षकों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवीन डिजिटल प्रणाली एवं तकनीकी प्रक्रियाओं से दक्ष बनाकर योजना के शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि जिले की प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक योजना का लाभ समयबद्ध एवं सुगमता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके सफल क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने बताया कि 15 जून से 15 जुलाई तक पूरे देश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत विशेष पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान पात्र गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण एवं आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। कार्यशाला में आईपीई ग्लोबल के तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को योजना के नवीन पोर्टल पीएमएमवीवाई सॉफ्ट, पेपरलेस ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, आधार प्रमाणीकरण, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली तथा आवेदन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 65 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

    तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. मनीषा भाटिया एवं सुमित राणा ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को नवीन सॉफ्टवेयर पर त्रुटिरहित आवेदन भरने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। साथ ही, फील्ड स्तर पर आने वाली तकनीकी समस्याओं, जैसे आधार प्रमाणीकरण में त्रुटि, बैंक खाते के विवरण में असंगति तथा अन्य ऑनलाइन चुनौतियों के व्यावहारिक एवं त्वरित समाधान भी साझा किए, जिससे कार्यकर्ताओं की तकनीकी दक्षता और अधिक सुदृढ़ हो सके।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कुमार ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता योजना की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली में दक्ष होकर वे यह सुनिश्चित कर सकती हैं कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला एवं स्तनपान कराने वाली माता तक योजना का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और बिना किसी बाधा के पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग करते हुए पात्र लाभार्थियों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

    उन्होंने बताया कि जिला ऊना में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत प्रथम प्रसव के लिए अब तक 7,472 लाभार्थियों को 1 करोड़ 87 लाख 31 हजार रुपये तथा दूसरे प्रसव पर बालिका के जन्म के लिए 1,139 लाभार्थियों को 68 लाख 34 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र लाभार्थी महिला को 5 हज़ार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जबकि दूसरे प्रसव पर बालिका के जन्म की स्थिति में 6 हज़ार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और गति मिलेगी तथा जिले की प्रत्येक पात्र महिला तक मातृत्व सहायता समय पर पहुंचाने के साथ-साथ स्वस्थ मातृत्व–सशक्त परिवार–समृद्ध समाज के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।

     

  • हरोली के 6 गांवों में समग्र विकास की नई पहल, उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

    हरोली के 6 गांवों में समग्र विकास की नई पहल, उपमुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

    ऊना सुशील पंडित :  उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को हरोली विधानसभा क्षेत्र के नंगल खुर्द में नेस्ले इंडिया एवं एस.एम. सहगल फाउंडेशन के सहयोग से एकीकृत ग्रामीण विकास परियोजना का शुभारंभ किया। हरोली विकास खंड के नंगल कलां, नंगल खुर्द, गोंदपुर जयचंद, हरोली, दुलैहड़ और बाथड़ी गांवों में संचालित होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, कृषि, पोषण, शिक्षा, स्कूल उन्नयन, कौशल विकास और सामुदायिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में कार्य किए जाएंगे। परियोजना से 6 गांवों के 9 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
    इस अवसर पर नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी, एस.एम. सहगल फाउंडेशन की ट्रस्टी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजलि मखीजा तथा नेस्ले इंडिया के  कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक कुंवर हिम्मत सिंह भी उपस्थित रहे। दुष्प्रचार से नहीं रुकेगी बल्क ड्रग पार्क की रफ्तार उपमुख्यमंत्री ने हरोली में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 2,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे बल्क ड्रग पार्क की पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी इसी वर्ष सितंबर में आयोजित करने की तैयारी है। उन्होंने संयुक्त निदेशक उद्योग को निर्देश दिए कि इसके लिए सभी प्रबंध समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि सितंबर में यह समारोह हर हाल में आयोजित हो सके। उन्होंने बताया कि सीवरेज, पेयजल तथा बॉयलर सहित आधारभूत ढांचे से जुड़े करीब 1,000 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं, लेकिन इससे बल्क ड्रग पार्क की रफ्तार नहीं रुकेगी। प्रदेश सरकार इस परियोजना को हर हाल में साकार करेगी और इसके निर्माण से पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलेगी तथा हिमाचल के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। नेस्ले से टाहलीवाल इकाई के विस्तार का आग्रह उपमुख्यमंत्री ने नेस्ले इंडिया प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नेस्ले विश्व की अग्रणी खाद्य एवं पेय कंपनियों में से एक है, जिसकी देश-दुनिया में मजबूत पहचान है। उन्होंने कहा कि जब वे हिमाचल प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष थे, तब इस भूमि का अधिग्रहण आवासीय कॉलोनी के लिए किया गया था। इसी दौरान टाहलीवाल में नेस्ले संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव आया, जिसके बाद यह भूमि उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 16 वर्षों में इस संयंत्र ने क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी से टाहलीवाल इकाई के विस्तार का आग्रह करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि देशभर में नेस्ले की जितनी भी इकाइयां हैं, उनमें सबसे अधिक उत्पादन टाहलीवाल इकाई से हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग देगी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनी अपनी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और मानकों को बनाए रखते हुए सीएसआर योजनाओं को स्थानीय जरूरतों और ग्रामीण परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करे, ताकि उनका लाभ गांवों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। सीएसआर का लाभ सबसे पहले स्थानीय क्षेत्र को मिले उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में स्थापित बड़े उद्योगों को अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत स्थानीय क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उद्योग यहां काम करें, प्रगति करें और सीएसआर का लाभ भी सबसे पहले इसी क्षेत्र के लोगों को मिले। उन्होंने उद्योग विभाग तथा हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से इस दिशा में मिलकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि सीएसआर के माध्यम से गांवों की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को और गति मिल सके। विकास ही हरोली की पहचान अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं पर लगभग 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं तथा 325 से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने टाहलीवाल में क्रियान्वित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि टाहलीवाल में सीवरेज परियोजना के लिए 24 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। यहां ड्रेनेज परियोजना की भी डीपीआर तैयार की जा रही है। अग्निशमन केंद्र का उन्नयन, नए थाना भवन का निर्माण के साथ ही अनेक विकास कार्यों को गति दी गई है । सीसीटीवी निगरानी से सुसज्जित हरोली उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे हरोली विधानसभा क्षेत्र को आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क से जोड़ा गया है। प्रमुख चौकों, चौराहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में करीब 200 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में सीसीटीवी की मदद से चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों को शीघ्र पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था असामाजिक तत्वों के लिए साफ संदेश है कि हरोली में उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अब यहां अपराध करने की कोशिश करने वालों के लिए बच निकलना संभव नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पोषण एवं स्वच्छता संबंधी जागरूकता के लिए तैयार ‘न्यूट्रिशन बुकलेट’ का विमोचन भी किया। नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी ने कहा कि गांवों का विकास उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का विषय है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत महिलाओं, किसानों, युवाओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ मिलकर कृषि, पोषण, जल संरक्षण, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास किया जाएगा। एस.एम. सहगल फाउंडेशन की ट्रस्टी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजलि मखीजा ने कहा कि नेस्ले इंडिया और एस.एम. सहगल फाउंडेशन वर्ष 2019 से देश के विभिन्न राज्यों में ग्रामीण विकास की परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से ग्राम विकास समितियों को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों को सरकारी योजनाओं और तकनीकी सहयोग से जोड़ा जाएगा। नेस्ले इंडिया के निदेशक (कॉर्पोरेट अफेयर्स, सस्टेनेबिलिटी एवं सीएसआर) कुँवर हिम्मत सिंह ने कहा कि मजबूत गांव ही मजबूत भारत की नींव हैं और नेस्ले इंडिया ग्रामीण समुदायों के सतत एवं समावेशी विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान नंगल खुर्द विद्यालय के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में एसएम सहगल फाउंडेशन की प्रतिनिधि देबिका गोस्वामी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस महासचिव रणजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस हरोली के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री,जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर,एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, डीएसपी मोहन रावत, संयुक्त निदेशक उद्योग अंशुल धीमान, उपनिदेशक उच्च शिक्षा अनिल तक्की, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंगल कलां की प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता, नेस्ले इंडिया टाहलीवाल इकाई के फैक्टरी मैनेजर अमित कुमार, हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल, जिला परिषद सदस्य सुलिंद्र कौर एवं ज्योति बाला, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद कुमार, प्रकाश ढांगू, संदीप भोला, अंजना कुमारी, सुमित शर्मा, छह पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।