Category: Himachal>Una
-

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं कल्याण के लिए जागरूकता शिविर आयोजित
ऊना सुशील पंडित : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से आज सोमवार को शिव मंदिर अरनियाला में राज्य कार्य योजना 2026-27 के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी विभिन्न प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा। इस जागरूकता शिविर की अध्यक्षता जिला कल्याण अधिकारी ऊना आवास पंडित ने की।कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र के किशोर एवं किशोरियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर पीढ़ियों के बीच आपसी संवाद और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश दिया। इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी जतिंदर कुमार, राजेश रैणा तथा सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य नरेश सैनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके अनुभवों के महत्व तथा समाज में उनकी गरिमापूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने गीत, कविता एवं प्रेरणादायक वक्तव्य प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर किया। वहीं, किशोर-किशोरियों के लिए भी विभिन्न मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।शिविर के समापन अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सामाजिक सहभागिता और पीढ़ियों के बीच आपसी सहयोग का सकारात्मक संदेश दिया तथा सभी प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। -

रेलवे ब्रिज के पास 7.5 बोतल अवैध देसी शराब बरामद, आरोपी पर केस दर्ज
ऊना/सुशील पंडित : पुलिस थाना सदर ऊना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर रेलवे ब्रिज मलाहत के पास कार्रवाई करते हुए पंकज कुमार उर्फ हैप्पी निवासी मलाहत के कब्जे से 7.5 बोतल देसी शराब (मोटा संतरा) बिना लाइसेंस/परमिट के बरामद की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।2. विदेश भेजने के नाम पर 3 लाख की ठगी, मोहाली निवासी पर मामला दर्जऊना/सुशील पंडितविदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने के आरोप में पुलिस थाना सदर ऊना ने मोहाली निवासी अमनदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता मनोज कुमार निवासी बिलासपुर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में आरोपी ने 14 लाख रुपये में विदेश भेजने का आश्वासन दिया था। उसने 3 लाख रुपये का चेक और दस्तावेज सौंप दिए, लेकिन न विदेश भेजा गया और न ही शेष 1.55 लाख रुपये लौटाए गए। पुलिस ने बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।3. गगरेट में दंपती का रास्ता रोककर गाली-गलौज और धमकी, केस दर्जऊना/सुशील पंडितगगरेट थाना क्षेत्र में कार सवार दंपती का रास्ता रोककर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता मंजू ठाकुर ने बताया कि शनिवार रात वह अपने पति के साथ घर लौट रही थीं। ऊना रोड गगरेट पर थार चालक हर्षित तिवारी निवासी गौंदपुर बनेहड़ा और उसके साथियों ने उनकी गाड़ी रोककर अभद्र व्यवहार किया और धमकी दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।4. पड़ोसी विवाद में युवक का मोबाइल तोड़ा, दो लोगों पर मामला दर्जऊना/सुशील पंडितथाना अम्ब के तहत टकारला गांव में पड़ोसी विवाद के दौरान मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता अमनदीप ने बताया कि घर की मरम्मत के दौरान पड़ोसी आयुष और सुमन देवी उनके घर पहुंचे और विवाद के दौरान आयुष ने उनका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।5. तेज रफ्तार कार ने बैल को मारी टक्कर, हादसे में एक की मौतऊना/सुशील पंडितअम्ब के आदर्श नगर क्षेत्र में तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार चालक अवतार सिंह निवासी चंबा ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए सड़क पर खड़े एक लावारिस बैल को टक्कर मार दी। हादसे में कार चालक और उसके साथ सवार विपन कुमार घायल हो गए। दोनों को 108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने विपन कुमार को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी के बयान के आधार पर पुलिस ने चालक के खिलाफ बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -

ऊना पुलिस की कार्रवाई: सट्टा, अवैध शराब और मारपीट के मामलों में पांच एफआईआर दर्ज
ऊना : जिला ऊना में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सट्टा, अवैध शराब, मारपीट, धमकी और कुत्ते के हमले सहित विभिन्न मामलों में पांच एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
1.मैहतपुर में सट्टा लगाते आरोपी गिरफ्तार
पुलिस थाना मैहतपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर भटोली स्थित सरकारी स्कूल के पास छापेमारी कर पुनीत शर्मा निवासी भटोली के कब्जे से 1,030 रुपये की नकदी और सट्टा पर्चियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
2.अंब में सात बोतल देसी शराब बरामद
पुलिस थाना अंब की टीम ने टकारला मोड़ के पास गश्त के दौरान एक पैदल व्यक्ति वशीर मोहम्मद निवासी वैरिया के कब्जे से बिना लाइसेंस सात बोतल देसी शराब (वीआरवी संतरा) बरामद की। आरोपी के खिलाफ हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नलके पर पानी भर रही महिला से मारपीट का आरोप3.अंब थाना क्षेत्र के जंदोह रक्कड़ गांव की नीलम देवी ने शिकायत दर्ज करवाई है कि पानी भरने के दौरान 14 लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
4.कुत्ता छोड़कर हमला करवाने का आरोप
टाहलीवाल थाना क्षेत्र के बीटन गांव निवासी जगदेव चंद ने शिकायत में आरोप लगाया है कि सरकारी भूमि विवाद की रंजिश के चलते एक व्यक्ति ने अपने पालतू कुत्ते को उसकी ओर छोड़ दिया, जिससे कुत्ते ने उसकी टांग पर काट लिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
5.पेट्रोल पंप पर युवक से मारपीट
टाहलीवाल थाना क्षेत्र में नंगल खुर्द स्थित एचपी पेट्रोल पंप पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिव कुमार निवासी ऊना का रास्ता रोककर मारपीट करने का मामला सामने आया है। घायल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
-

सुख आश्रय ने बदली अविनाश की जिंदगी
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल से मिला सहारा, मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय से आत्मनिर्भर बना ऊना का युवा
ऊना : ऊना जिले के बहडाला गांव के 26 वर्षीय अविनाश की जिंदगी कभी गहरे संघर्षों से घिरी हुई थी। बचपन में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उनके सामने जीवनयापन और भविष्य दोनों बड़ी चुनौती बन गए थे। लेकिन हौंसले, कड़ी मेहनत और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से मिले सहयोग ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज अविनाश ऊना शहर की कपिला मार्केट में अपना मोबाइल रिपेयरिंग एवं एक्सेसरीज का सफल कारोबार संचालित कर सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं। अविनाश जब पांचवीं कक्षा में थे, तभी उनके पिता, जो दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे, का निधन हो गया। उसके बाद उनकी मां ने सीमित संसाधनों में दोनों बेटों का पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी निभाई। लेकिन कुछ वर्षों बाद, अविनाश की मां भी स्वर्ग सिधार गईं । कम उम्र में ही माता-पिता दोनों का साया उठ जाने से जीवन की सारी जिम्मेदारियां दोनों भाइयों के कंधों पर आ गईं।
विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अविनाश ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई जारी रखी। दसवीं की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नंगल में मोबाइल रिपेयरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के उपरांत उन्होंने विभिन्न मोबाइल रिपेयरिंग दुकानों में लगभग सात वर्षों तक कार्य कर व्यावहारिक अनुभव हासिल किया। अनुभव और आत्मविश्वास के बल पर दो वर्ष पहले उन्होंने ऊना की कपिला मार्केट में किराये पर एक छोटी-सी दुकान लेकर अपना मोबाइल रिपेयरिंग एवं एक्सेसरीज का कारोबार शुरू किया। शुरुआत में दुकान पर केवल मोबाइल रिपेयरिंग की सुविधा, कुछ सेकेंड हैंड मोबाइल फोन और सीमित मोबाइल एक्सेसरीज ही उपलब्ध थीं। मेहनत, ईमानदारी और बेहतर सेवा के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ता गया, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण कारोबार का विस्तार आसान नहीं था।
सुख आश्रय से मिला सहारा
इसी दौरान मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना उनके जीवन में नई उम्मीद बनकर आई। योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने लगी। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी मिली। इस सहयोग से उन्होंने दुकान का विस्तार किया, आधुनिक उपकरण खरीदे और मोबाइल रिपेयरिंग के साथ अन्य तकनीकी सेवाएं भी शुरू कीं। योजना के तहत उनके भाई को भी प्रतिमाह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। आज अविनाश की दुकान पर नए एवं सेकेंड हैंड मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज तथा मोबाइल रिपेयरिंग सहित विभिन्न तकनीकी सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रतिदिन करीब 50 से 60 ग्राहक उनकी दुकान पर पहुंचते हैं। इस व्यवसाय से वे प्रतिमाह लगभग 45 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। ग्राहकों के बढ़ते विश्वास और बेहतर सेवाओं के दम पर उनका कारोबार लगातार आगे बढ़ रहा है तथा अब वे अपने व्यवसाय का और विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।अविनाश कहते हैं कि माता-पिता के निधन के बाद कई बार लगा कि अब आगे बढ़ पाना मुश्किल होगा। लेकिन मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से मिले सहयोग ने मुझे अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए वे कहते हैं कि सरकार की सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ ही अपने भविष्य पर दोबारा भरोसा करना भी सिखाया। आज वे आत्मनिर्भर हैं और अपने मोबाइल रिपेयरिंग कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं।
सरकार ही परिवार, सीएम सुक्खू की संवेदनशील सोच का सुफल है मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर 28 फरवरी, 2023 को शुरू की गई मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना ऐसे बच्चों और युवाओं को सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास है, जिन्होंने कम उम्र में माता-पिता का संरक्षण खो दिया है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा दिया है। सरकार पात्र बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों की जिम्मेदारी निभा रही है। योजना के तहत पात्र युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई जा रही है।ऊना में 10 युवाओं को 20 लाख
जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) ऊना हरीश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 84 युवा इस सहायता से अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। ऊना जिले में भी माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए 10 युवाओं को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।डीसी बोले..हर पात्र बच्चे तक लाभ पहुंचाने को प्रतिबद्ध
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समय पर पहुंचे। इसके लिए पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद बच्चा इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।एक नजर में : मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में स्वरोजगार के लिए मदद
•28 फरवरी, 2023 को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर योजना शुरू की गई।
•हिमाचल प्रदेश अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा देने वाला देश का पहला राज्य है।
•प्रदेश के 6,000 निराश्रित बच्चों को योजना से जोड़ा गया है।
•सरकार पात्र बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, देखभाल और अन्य आवश्यक जरूरतों की जिम्मेदारी निभा रही है।
•पात्र युवाओं को स्वरोजगार के लिए दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
•प्रदेश में अब तक 84 युवा इस सहायता से अपना व्यवसाय शुरू कर चुके हैं।
•ऊना जिले में माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने के लिए 10 युवाओं को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। -

नंगलखुर्द स्कूल में पुलिस का नशा विरोधी अभियान, विद्यार्थियों को दिलाई ‘एंटी चिट्टा’ शपथ
ऊना, सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना द्वारा चलाए जा रहे “एंटी चिट्टा अभियान” के तहत शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नंगलखुर्द में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार भाटिया ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को चिट्टा (हेरोइन) सहित अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।अपने संबोधन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को NDPS Act के कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों को “एंटी चिट्टा शपथ” दिलाई गई तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी का संकल्प कराया गया। जिला पुलिस ऊना ने कहा कि “नशा मुक्त ऊना” के लक्ष्य को साकार करने के लिए एंटी चिट्टा अभियान के तहत जागरूकता और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि मादक पदार्थों या प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री एवं तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस को देकर इस जन-अभियान में सहयोग करें। -

ऊना में अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के प्रचार के लिए 6 जुलाई से विशेष जागरूकता अभियान
ऊना, सुशील पंडितः हिमाचल सरकार की अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं को लेकर प्रदेशव्यापी प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऊना जिले में यह विशेष अभियान 6 जुलाई से शुरू होगा। अभियान के तहत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से जुडे़ नाट्य दल गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और उनके लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी देंगे। इसका उद्देश्य योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाना और सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि ऊना जिले में यह अभियान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। जिले के 20 अनुसूचित जाति बहुल्य गांवों में कार्यक्रम होंगे, जिसमें प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 4-4 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान में नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रथम चरण में यहां होंगे कार्यक्रम
प्रथम चरण में आरके कलामंच चिंतपूर्णी द्वारा 6 से 10 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गीत संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से अनुसूचित जाति के कल्याण की सरकारी नीतियों, कार्यक्रमों और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। 6 जुलाई को अंब के घंघरेट और बामबनसेरा गांव, 7 को गुरेट और भरवां उर्फ कंगरूही, 8 को गगरेट के डंगोह खास और गोंदपुर बनेहड़ा अप्पर, 9 को कैलाश नगर और गगरेट अप्पर तथा 10 जुलाई को बंगाणा के मोउखास और सकोहान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।दूसरे फेज में यहां होंगे जागरूकता कार्यक्रम
वहीं, दूसरे चरण में पूर्वी कलामंच जलग्रां टब्बा द्वारा 14 से 18 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें 14 जुलाई को हरोली के जोड़ियां और जननी, 15 को हरोली के जंगल पंजावर और भदसाली थोलियां, 16 को ऊना के बटूही और लमलेहड़ी अप्परली, 17 को ऊना के जखेड़ा और बहडाला लोअर तथा 18 जुलाई को परोइयां कलां और पनसाई में गीत संगीत व नुकड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को मनोरंजन के साथ जनहित में संचालित योजनाओं बारे जानकारी दी जाएगी। -

खानपुर एवं टक्का ग्राम पंचायतों में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जागरूकता शिविर आयोजित
ऊना सुशील पंडित : वित्तीय साक्षरता एवं बैंकिंग जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज ग्राम पंचायत खानपुर एवं टक्का, जिला ऊना में एक माह के वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संतृप्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन पंजाब नेशनल बैंक, लीड बैंक कार्यालय, ऊना के तत्वावधान में जिला अग्रणी प्रबंधक विजय सिंह तथा वित्तीय साक्षरता केंद्र ऊना के समन्वयक राज कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर जिला अग्रणी प्रबंधक विजय सिंह ने पंचायत प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं तथा केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, अटल पेंशन योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से आम नागरिक कम प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं, वृद्धावस्था के लिए नियमित पेंशन सुनिश्चित कर सकते हैं तथा स्वरोजगार एवं कृषि गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी पात्र व्यक्तियों से इन योजनाओं से जुड़कर अधिकतम लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया। विजय सिंह ने केवाईसी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बैंक खातों की जानकारी समय-समय पर अद्यतन रखने पर बल दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड एवं संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी से बचने के उपाय बताए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक खाता विवरण अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
उन्होंने ग्रामीणों को वित्तीय समावेशन, नियमित बचत की आदत विकसित करने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वित्तीय रूप से सशक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक तक बैंकिंग सेवाओं एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वित्तीय जागरूकता ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाया जा सकता है। यह शिविर जिला ऊना में 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे एक माह के वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संतृप्ति अभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जागरूकता एवं नामांकन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने ऐसे जागरूकता शिविरों को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए इनके नियमित आयोजन की सराहना की।
-

रास्ता रोककर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज
ऊना : जिला मुख्यालय के समीप मलूकपुर गांव में महिला और उसकी सास के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पुलिस थाना सदर ऊना में दर्ज शिकायत के अनुसार, सीता देवी पत्नी पवन कुमार निवासी गांव मलूकपुर ने आरोप लगाया कि 2 जुलाई 2026 की शाम उसके जेठ नरेश कुमार ने गांव में उनका रास्ता रोक लिया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -

रायपुर सहोड़ा में सट्टा लगाते व्यक्ति को पुलिस ने दबोचा, नकदी व दड़ा पर्चियां बरामद
ऊना/सुशील पंडित : जिला पुलिस ऊना ने अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना मैहतपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिलने पर एचसी जसवंत कुमार के नेतृत्व में टीम ने रायपुर सहोड़ा स्थित रेलवे फाटक के समीप दबिश दी। इस दौरान रविन्द्र कुमार निवासी वसदेहड़ा, तहसील एवं जिला ऊना के कब्जे से 1,210 रुपये की नकदी और दड़ा सट्टा की पर्चियां बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है। -

खड्ड में 12 दिवसीय फास्ट फूड कुकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
ऊना, सुशील पंडित: विकासखंड हरोली की ग्राम पंचायत खड्ड में शुक्रवार को 12 दिवसीय फास्ट फूड कुकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं जिले के मुख्य अग्रणी जिला प्रबंधक विजय सिंह ने किया। विजय सिंह ने प्रतिभागियों को भविष्य में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर बैंक ऋण उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल देते हुए युवाओं से प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल को विकसित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर पंजाब नेशनल बैंक स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), ऊना के निदेशक सुधीर कुमार शर्मा ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड बनाने का प्रशिक्षण के साथ साथ प्रतिभागियों को स्वरोजगार स्थापित करने, उद्यमिता विकास, बैंकिंग प्रक्रियाओं तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।निदेशक सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निःशुल्क भोजन, अध्ययन सामग्री, प्रशिक्षण ड्रेस तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सरकारी मान्यता प्राप्त प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में अधिकतम 35 प्रतिभागियों को शामिल किया जा सकता है तथा अधिक से अधिक पात्र एवं इच्छुक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में वित्तीय सलाहकार राज डोगरा, जिला परिषद सदस्य इंदुबाला, ग्राम पंचायत प्रधान उर्मिला देवी, उपप्रधान अमित कुमार तथा संस्थान की संकाय सदस्य रजनी भी उपस्थित रहीं।