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  • नशा विरोधी अभियान में और तेजी, सड़क सुरक्षा उपायों को और व्यापक बनाने पर जोर

    नशा विरोधी अभियान में और तेजी, सड़क सुरक्षा उपायों को और व्यापक बनाने पर जोर

    ऊना सुशील पंडित :अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा उन्मूलन और सड़क सुरक्षा दोनों ही जनहित से जुड़े विषय हैं, जिनमें सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी और नियमित समीक्षा जरूरी है। अतिरिक्त उपायुक्त मंगलवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित एन-कॉर्ड (राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल) के तहत गठित जिला स्तरीय समिति और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    एन-कॉर्ड समिति की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिले के जिन विद्यालयों से नशा निवारण समितियों  की गतिविधियों संबंधी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, वे सभी रिपोर्ट 30 जुलाई तक उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विद्यालय स्तर पर  जागरूकता बढ़ाने और नशे के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर जोर देने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील पंचायतों में संबंधित पंचायत प्रधानों के साथ विशेष बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय स्तर पर नशे की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर, पुलिस तथा संबंधित विभागों को केमिस्ट दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड की निरंतर निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    सड़क सुरक्षा के लिए विभागों के समन्वय पर बल

    जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि ऊना बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य बनाई जा रही रेलिंग में यदि किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हो तो वह पूरी तरह तकनीकी सुरक्षा मानकों तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने बड़ूही चौक सहित अन्य यातायात प्रभावित क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव और सड़क जाम की स्थिति का अध्ययन कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय प्रस्तावित करने के निर्देश दिए।

    घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन

    अतिरिक्त उपायुक्त ने गुड समैरिटन (राह-वीर) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ सबसे महत्वपूर्ण होता है, जिसमें समय पर सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को योजना के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने भी रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने वाले गुड समैरिटन को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की पहल की है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।

    उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में घोषित नो-वेंडिंग और नो-पार्किंग जोन के क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।
    अतिरिक्त उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, पुलिस तथा लोक निर्माण विभाग को सड़क दुर्घटनाओं का विस्तृत विश्लेषणात्मक आंकड़ा तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसमें दुर्घटनाओं के स्थान, संख्या तथा कारणों का विवरण शामिल होगा। उन्होंने कहा कि सभी एसडीएम द्वारा सुझाए गए उपायों और विभिन्न विभागों के आंकड़ों को समाहित कर जिला सड़क सुरक्षा योजना को और सुदृढ़ बनाया जाएगा, ताकि दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र शर्मा, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम अम्ब पारस अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के.सी. ठाकुर सहित पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • ऊना जिले में पहली जुलाई से स्कूलों का सामान्य समय बहाल, सुबह 9 से दोपहर बाद 3 बजे तक लगेंगी कक्षाएं

    ऊना जिले में पहली जुलाई से स्कूलों का सामान्य समय बहाल, सुबह 9 से दोपहर बाद 3 बजे तक लगेंगी कक्षाएं

    ऊना सुशील पंडित : ऊना जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एक जुलाई से सामान्य समय के अनुसार पढ़ाई होगी। जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) जतिन लाल ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही भीषण गर्मी के मद्देनज़र पांच मई को स्कूलों के समय में किए गए बदलाव संबंधी आदेश भी वापस ले लिए गए हैं। जारी आदेशों के अनुसार जिले के सभी प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, मिडिल और सेकेंडरी स्कूल अब सुबह 9 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक संचालित होंगे। यह व्यवस्था एक जुलाई से प्रभावी होगी। जिला दंडाधिकारी ने एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को भी निर्देश दिए हैं कि स्कूलों के संशोधित समय के अनुरूप बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों और शिक्षकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • रोटरी क्लब ऊना की नई टीम घोषित, एक जुलाई से संभालेगी कार्यभार

    रोटरी क्लब ऊना की नई टीम घोषित, एक जुलाई से संभालेगी कार्यभार

    रंजीत सिंह जसवाल होंगे अध्यक्ष, मोहित शर्मा सचिव, विभिन्न समितियों का गठन
    ऊना सुशील पंडित : रोटरी क्लब ऊना (रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट-3070) ने वर्ष 2026-27 के लिए अपनी नई कार्यकारिणी एवं विभिन्न स्थायी समितियों की घोषणा कर दी है। नवगठित टीम 1 जुलाई 2026 से विधिवत कार्यभार संभालेगी। आगामी वर्ष में क्लब समाज सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सड़क सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण, रक्तदान, पोलियो उन्मूलन तथा सामुदायिक विकास से जुड़े अनेक सेवा प्रकल्पों को नई गति देगा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोटेरियन रंजीत सिंह जसवाल के नेतृत्व में नई टीम रोटरी के आदर्श “सर्विस अबव सेल्फ” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्य करेगी।
    घोषित कार्यकारिणी के अनुसार रोटेरियन रंजीत सिंह जसवाल अध्यक्ष, रोटेरियन मोहित शर्मा सचिव, रोटेरियन यशपाल ठाकुर इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट (आईपीपी), रोटेरियन सुरिंदर ठाकुर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रोटेरियन जतिंदर सैनी उपाध्यक्ष, रोटेरियन बलदेव चंद वित्त सचिव, रोटेरियन आर.के. शर्मा सार्जेंट एट आर्म्स, रोटेरियन अनुराग शर्मा संयुक्त सचिव, रोटेरियन एम.के. बस्सी मुख्य परामर्शदाता, रोटेरियन संजीव अग्निहोत्री मुख्य प्रशिक्षक, रोटेरियन एच.एन. चीटू मुख्य सलाहकार, रोटेरियन ओंकार नाथ कसाना निदेशक (वोकेशनल सर्विसेज), रोटेरियन नरिंदर कपिला निदेशक (क्लब सर्विसेज), रोटेरियन बलजिंदर जीत सिंह निदेशक (इंटरनेशनल सर्विसेज) तथा रोटेरियन डॉ. मोनिका सिंह निदेशक (यूथ सर्विसेज) नियुक्त किए गए हैं।
    क्लब की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए अलग-अलग समितियों का भी गठन किया गया है। जनसंपर्क समिति के अध्यक्ष एम.आर. शर्मा तथा सदस्य राजेश सांभर होंगे। सदस्यता विकास समिति के अध्यक्ष यशपाल ठाकुर तथा सदस्य जतिंदर कंवर बनाए गए हैं। उपस्थिति प्रोत्साहन समिति का दायित्व अनिल वशिष्ठ को अध्यक्ष तथा सुखविंदर सैनी को सदस्य के रूप में सौंपा गया है। फेलोशिप एवं डिस्ट्रिक्ट फंक्शंस समिति के अध्यक्ष जगदीश्वर कंवर तथा सदस्य नरिंदर कपिला होंगे। रोट्रैक्ट, इंटरैक्ट एवं आरसीसी समिति के अध्यक्ष अरुणपाल ठाकुर तथा सदस्य सुरिंदर ठाकुर बनाए गए हैं।
    इसी प्रकार मेडिकल कैंप एवं स्वास्थ्य सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. के.आर. आर्या तथा सदस्य डॉ. मोनिका सिंह, रक्तदान एवं पोलियो उन्मूलन समिति के अध्यक्ष अनुराग शर्मा तथा सदस्य डॉ. जगदीश्वर कंवर, रोटरी फाउंडेशन समिति के अध्यक्ष के.बी. शर्मा तथा सदस्य डॉ. रोहित शर्मा, इनर व्हील समिति के अध्यक्ष बलदेव चंद तथा सदस्य ओंकार नाथ, फंड रेजिंग समिति के अध्यक्ष रजनीश लूंबा तथा सदस्य राजेश सांभर, करियर गाइडेंस एवं उद्यमिता समिति के अध्यक्ष मंगत राम शर्मा तथा सदस्य आर.के. शर्मा, डेवलपमेंट एवं पर्सनैलिटी समिति के अध्यक्ष संजीव अग्निहोत्री तथा सदस्य नीलम अग्निहोत्री, रोड एंड ट्रैफिक सेफ्टी समिति के अध्यक्ष राजेश सांभर तथा सदस्य कृष्ण ठाकुर, आर.आई. कन्वेंशन समिति के अध्यक्ष संजीव अग्निहोत्री तथा सदस्य एम.के. बस्सी, वाटर मैनेजमेंट एवं पर्यावरण समिति के अध्यक्ष अनुराग शर्मा तथा सदस्य संजीव पुरी बनाए गए हैं।
    क्लब लीडरशिप प्लान समिति का अध्यक्ष डॉ. के.आर. आर्या को बनाया गया है। इस समिति में संजीव पुरी, आर.के. शर्मा, एम.आर. शर्मा तथा गिरीश भयाना सदस्य के रूप में कार्य करेंगे। इसके अलावा क्लब ने वर्षभर के सेवा प्रकल्पों के प्रभावी संचालन के लिए वरिष्ठ रोटेरियनों को विभिन्न जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं, ताकि प्रत्येक परियोजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
    नवनिर्वाचित अध्यक्ष रोटेरियन रंजीत सिंह जसवाल ने कहा कि नई टीम सेवा, सद्भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ कार्य करेगी। क्लब स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर, पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान, जल संरक्षण कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा जागरूकता, करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास, युवाओं के नेतृत्व विकास, शिक्षा सहायता तथा जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करेगा।
  • स्वदेशी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता ही भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार

    स्वदेशी, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता ही भारत के उज्ज्वल भविष्य का आधार

    ऊना सुशील पंडित : कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के त्रिप्रांतीय संगठक विनय शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्वदेशी विचार को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, स्वावलंबन और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा एक व्यापक आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से भारतीय उत्पादों, भारतीय उद्यमिता और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
     शर्मा ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लेगा। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्वदेशी की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
    इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक सत्यदेव शर्मा सहोड़ ने संगठन की गतिविधियों, अभियानों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि स्वदेशी जागरण मंच समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर राष्ट्रहित में जनजागरण का कार्य कर रहा है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों से स्वदेशी अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय पेखुबेला के प्राचार्य राज कुमार सिंह, ट्रिपल आईटी सलोह के प्राध्यापक अंकुश ठाकुर, जतिंद्र सैनी, अमृत लाल भारद्वाज, नरिंदर ठाकुर, यशपाल ठाकुर, तेज प्रकाश ठाकुर, रमन सहोड़, विजय कुमार, के.एल. पुरी सहित महिला मंडल बहडाला की महिलाओं ने भी भाग लिया।
    विचार वर्ग के दौरान स्वदेशी, उद्यमिता, सहकारिता, आत्मनिर्भर भारत, ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा भारतीय जीवन मूल्यों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित में स्वदेशी विचारधारा को और अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।इसे समाचार पत्रों में प्रकाशित होने योग्य शैली में तैयार किया गया है, जिसमें शीर्षक, लीड और समाचार भाषा का विशेष ध्यान रखा गया है।
     
  • राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, पात्र शिक्षक 10 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन नामांकन

    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, पात्र शिक्षक 10 जुलाई तक कर सकते हैं ऑनलाइन नामांकन

    ऊना सुशील पंडित : भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा देशभर के पात्र शिक्षकों से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए ऑनलाइन स्व-नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार का उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी लगन, नवाचार, समर्पण और निरंतर प्रयासों के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है तथा विद्यार्थियों के जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान की है।
    उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना सोमलाल धीमान ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से शिक्षक अपना ऑनलाइन स्व-नामांकन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 15 जून से शुरू हो चुकी है। पात्र शिक्षक अपने नामांकन 10 जुलाई तक ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं, जबकि स्व-नामांकन की अंतिम पुष्टि एवं  जमा करने की प्रक्रिया 13 जुलाई रहेगी। जिला ऊना के सभी पात्र सरकारी शिक्षक अपने उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए विशेष योगदान को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय अवधि के भीतर आवेदन करें।
    उप निदेशक सोमलाल धीमान ने सभी पात्र शिक्षकों से आग्रह किया गया है कि वे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने के उपरांत ही अपना आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
     
  • आईआईआईटी ऊना में एएनआरएफ प्रायोजित 6जी नेटवर्क संचार प्रणालियाँ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ

    आईआईआईटी ऊना में एएनआरएफ प्रायोजित 6जी नेटवर्क संचार प्रणालियाँ विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ

    ऊना सुशील पंडित : भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना, जो शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है, में “एआई-सक्षम सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विश्वसनीय 6जी नेटवर्क हेतु अभिसारी संचार प्रणालियाँ” विषय पर एएनआरएफ (ANRF) प्रायोजित पाँच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सुरक्षित 6जी संचार प्रणालियों के एकीकरण के माध्यम से अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों का उन्नत ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
    कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने भविष्य की संचार प्रणालियों के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजिटल अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुसंधान, नवाचार और अंतर्विषयक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के विशेषज्ञ व्याख्यानों, हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण और सहभागितापूर्ण अधिगम के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें सफल एवं ज्ञानवर्धक शिक्षण अनुभव के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा कार्यशाला के दौरान सभी तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्रों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।
    कार्यशाला में विशेषज्ञ व्याख्यान, MATLAB एवं Simulink आधारित हैंड्स-ऑन सत्र तथा एआई-सक्षम संचार प्रणालियों, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस एवं ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियों, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6जी प्रौद्योगिकी के नवीनतम रुझानों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा वे अगली पीढ़ी के संचार नेटवर्क के वास्तविक अनुप्रयोगों से भी परिचित होंगे। इस कार्यशाला का समन्वयन डॉ. गुरप्रीत कौर द्वारा किया जा रहा है, जिनके प्रयासों से कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित हुआ है। एएनआरएफ प्रायोजित इस कार्यशाला के माध्यम से आईआईआईटी ऊना अनुसंधान-आधारित शिक्षा, नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में क्षमता निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ कर रहा है तथा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे संचार एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में योगदान देने के लिए तैयार कर रहा है।
     
  • भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू

    भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू

    ऊना/सुशील पंडित : भारतीय जनता पार्टी का दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान शुरू हो चुका है। इसी के तहत हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय दीप कमल में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन तथा जिला प्रभारी एवं विधायक विपिन परमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम मिन्हास ने की, जबकि पूर्व मंत्री एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला भर से पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विपिन परमार ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन है, जो राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करता है। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहितकारी योजनाओं की गहन जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक जिले में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति अधिक समर्पित बनाना तथा उन्हें जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को मन, कर्म और वचन से राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी जा रही है, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। प्रशिक्षण शिविर के दौरान विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी की विचारधारा, संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण, जनसंपर्क, सोशल मीडिया की भूमिका तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
     
  • जमीनी विवाद में युवक पर डंडे से हमला, मामला दर्ज

    जमीनी विवाद में युवक पर डंडे से हमला, मामला दर्ज

    ऊना/ सुशील पंडित : उपमंडल अम्ब के राम नगर ठठल में जमीनी विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस थाना अम्ब में रोहित कुमार निवासी राम नगर, ठठल ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उसके ताया तीर्थ राम ने 28 जून 2026 को रास्ता रोककर डंडे से उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इससे एक दिन पहले, 27 जून की रात आरोपी ने शराब के नशे में उसके साथ गाली-गलौज भी की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
  • हिमाचल में जल संरक्षण का नया मॉडल बन रहे हरोली के तालाब

    हिमाचल में जल संरक्षण का नया मॉडल बन रहे हरोली के तालाब

    ऊना सुशील पंडित : हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में हरोली एक नई मिसाल बन रहा है। वर्षों से गाद जमने, बरसाती बहाव और बदलती परिस्थितियों के कारण अपनी उपयोगिता खो रहे तालाब अब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के सहारे नया जीवन पा रहे हैं। 11.75 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत जल शक्ति विभाग पुबोवाल, दुलैहड़, गोंदपुर जयचंद समेत विभिन्न तालाबों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवन कर रहा है। इसका उद्देश्य वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जल गुणवत्ता में सुधार और भविष्य की जल जरूरतों के लिए टिकाऊ जल प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के साथ ही तालाबों का सौंदर्यीकरण भी है।

    परियोजना के तहत तालाबों से गाद हटाने, तटबंध मजबूत करने तथा भूजल पुनर्भरण (जमीन के भीतर पानी का दोबारा संग्रह) की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही जलग्रहण क्षेत्रों (जहां से वर्षा का पानी तालाब तक पहुंचता है) में सुधार किया जा रहा है। जहां आवश्यकता है, वहां निर्मित आर्द्रभूमि (पौधों और प्राकृतिक प्रक्रियाओं से पानी साफ करने वाली व्यवस्था), इन-सीटू ट्रीटमेंट सिस्टम (तालाब के भीतर ही पानी को साफ करने की तकनीक) तथा एरेशन सिस्टम (पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने वाली व्यवस्था) का उपयोग कर जल गुणवत्ता सुधारी जा रही है। वहीं कैस्केड संरचनाओं (बरसाती पानी के साथ आने वाली गाद और ठोस अपशिष्ट को रोकने वाली चरणबद्ध संरचनाएं) के माध्यम से तालाबों की प्राकृतिक क्षमता को भी बढ़ाया जा रहा है।

    हर तालाब के लिए अलग वैज्ञानिक योजना

    जल शक्ति विभाग ऊना के अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान के अनुसार इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी तालाबों के लिए एक जैसी योजना नहीं बनाई गई। प्रत्येक तालाब की भौगोलिक स्थिति, जलग्रहण क्षेत्र, जल स्रोत, प्रदूषण की स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं का अलग-अलग अध्ययन कर उसके अनुरूप तकनीकी समाधान तैयार किए गए हैं। यही वैज्ञानिक दृष्टिकोण इस परियोजना को अन्य योजनाओं से अलग बनाता है।

    58 लाख घन मीटर बढ़ेगी भूजल पुनर्भरण क्षमता

    जल शक्ति विभाग हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा ने बताया कि पहले चरण में पुबोवाल, दुलैहड़ और गोंदपुर जयचंद सहित प्रमुख तालाबों में कार्य चल रहे हैं। पुबोवाल तालाब के पुनर्जीवन पर लगभग दो करोड़ रुपये तथा दुलैहड़ तालाब पर करीब 1.26 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। कई घटकों में 90 से 100 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। फरवरी 2025 में तैयार व्यवहार्यता रिपोर्ट के अनुसार परियोजना पूरी होने पर चयनित तालाबों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 58 लाख घन मीटर भूजल पुनर्भरण क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा क्षेत्र में लगभग 0.90 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार पुबोवाल तालाब की वार्षिक पुनर्भरण क्षमता लगभग 32 लाख घन मीटर तथा छह छोटे तालाबों की संयुक्त क्षमता करीब 26 लाख घन मीटर आंकी गई है।

    भविष्य की जल सुरक्षा की तैयारी

    अधिकारियों के अनुसार हरोली क्षेत्र में वर्षभर सीमित अवधि तक ही वर्षा होती है। ऐसे में वर्षा की प्रत्येक बूंद का संरक्षण इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र 62 प्रतिशत भूजल दोहन के साथ ‘सेफ’ श्रेणी में है, लेकिन बढ़ती आबादी, जल की बढ़ती मांग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए यह पहल भविष्य की जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक तैयारी मानी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने का यह मॉडल भविष्य में हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। जल संरक्षण के साथ-साथ इन तालाबों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संरक्षण, जलीय जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय स्तर पर ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
    जल शक्ति विभाग हमीरपुर ज़ोन के मुख्य अभियंता रोहित दूबे का कहना है कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण आज की आवश्यकता होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा का भी आधार है। इसी सोच के साथ हरोली में विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन साधते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया जा रहा है, जो वर्षा जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ मजबूती देगा। यह मॉडल भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी मार्गदर्शक बनेगा।

    एक नजर में

    •कुल परियोजना लागत : 11.75 करोड़ रुपये
    •अनुमानित वार्षिक भूजल पुनर्भरण क्षमता : 58 लाख घन मीटर
    •पुबोवाल तालाब की पुनर्भरण क्षमता : 32 लाख घन मीटर प्रतिवर्ष
    •छह छोटे तालाबों की संयुक्त क्षमता : 26 लाख घन मीटर प्रतिवर्ष
    •वर्तमान भूजल दोहन : 62 प्रतिशत (सेफ श्रेणी)

    क्या है खास

    •प्रत्येक तालाब के लिए अलग वैज्ञानिक एवं तकनीकी योजना
    •आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से जल गुणवत्ता में सुधार
    •ज़रूरत के अनुसार कंस्ट्रक्टेड वेटलैंड, एरेशन सिस्टम और इन- सीटू ट्रीटमेंट जैसी तकनीकों का उपयोग
    •भूजल पुनर्भरण और जलग्रहण क्षेत्रों का वैज्ञानिक उपचार
    •वर्षा जल संरक्षण और भविष्य की जल सुरक्षा पर फोकस
    •जलीय जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
    •स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक सौंदर्य और ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को बल

     

  • ऊना में सट्टा लगाते युवक से ₹15,500 और पर्चियां बरामद

    ऊना में सट्टा लगाते युवक से ₹15,500 और पर्चियां बरामद

    ऊना/सुशील पंडित : जिला पुलिस ऊना ने सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को नकदी और सट्टे की पर्चियों सहित पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, 26 जून 2026 को पुलिस चौकी शहर ऊना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पुराने होशियारपुर रोड स्थित विभू मेडिकल स्टोर के पास छापेमारी की। इस दौरान राहुल सांभर निवासी पौड़ियां बाला बाजार, ऊना के कब्जे से 15,500 रुपये नकद और दड़ा सट्टे की पर्चियां बरामद हुईं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।