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  • अहमदी मस्जिद पर TLP समर्थकों की भीड़ ने की तोड़फोड़, देखें वीडियो

    अहमदी मस्जिद पर TLP समर्थकों की भीड़ ने की तोड़फोड़, देखें वीडियो

    कराचीः पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से घिरा हुआ है। इसके बावजूद हमारे पड़ोसी देश में धार्मिक कट्टरता अपने चरम पर है। बता दें कि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग पाकिस्तान के कराची शहर में एक मस्जिद की मीनारों को सरेआम तोड़ते नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तोड़फोड़ करने वाले लोग तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के सदस्य हैं और जिस मस्जिद की मीनारों को तोड़ा जा रहा है, वह एक अहमदी मस्जिद है।

    बता दें कि अहमदिया मुस्लिम, पाकिस्तान का एक अल्पसंख्यक समाज है और पाकिस्तान में उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक माना जाता है। बहुत से अहमदिया मुसलमानों को ईशनिंदा के झूठे आरोपों में मौत की सजा भी दी जा चुकी है। पाकिस्तान का धार्मिक संगठन तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान खास तौर पर अहमदिया मुसलमानों के खिलाफ मुखर रहता है।

    बीते साल अक्टूबर में तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के एक मौलवी के बयान ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। अपने बयान में मौलवी ने अहमदिया समुदाय की गर्भवती महिलाओं पर हमला करने का निर्देश दिया था। मौलवी ने ऐसा इसलिए कहा था ताकि कोई अहमदिया पैदा ही ना हो सके। टीएलपी के मौललवी मोहम्मद नईम चट्ठा का यह वीडियो खूब वायरल हुआ था। 

  • लाखों की तादाद में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग, देखें वीडियो

    लाखों की तादाद में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोग, देखें वीडियो

    ब्रिटेन: वेतन बढ़ाने और महंगाई को नियंत्रित करने की मांग को लेकर ब्रिटेन में पांच लाख से ज्यादा लोग लंदन की सड़कों पर हैं। प्रदर्शन करने वालों में टीचर्स, सरकारी कर्मचारी और अन्य लोग शामिल हैं। इसे ब्रिटेन का पिछले एक दशक में अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।

    पीएमओ ने ऐसा नहीं करने की अपील की

    जानकारी के अनुसार प्रदर्शन से पहले पीएमओ ने लोगों को ऐसा नहीं करने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में करीब तीन लाख टीचर्स शामिल हैं। जिससे बड़ी संख्या में स्कूलों पर असर पड़ रहा है। दरअसल, पूर्व में कोरोना और फिर अब यूक्रेन जंग से ब्रिटेन में महंगाई है। जिससे लोग परेशान हैं।

    12 सालों में लगातार टीचर्स के वेतन में कमी 

    गौरतलब है कि इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल स्टडीज के मुताबिक साल 2010 से 2022 के बीच में टीचर्स के वेतन में 9 से 10 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज की प्रोफेसर कैथरीन बर्नार्ड ने मीडिया में कहा, ब्रिटेन में हड़ताल करने के खिलाफ काफी सख्त कानून हैं। भारी संख्‍या में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना इतना आसान नहीं है। फिर भी अगर पांच लाख से ज्यादा लोग अपने घरों से निकले हैं तो मामला गंभीर है।

  • बर्फीली सड़क पर फिसलने से कई वाहनों से टकराई बस, वीडियो वायरल

    बर्फीली सड़क पर फिसलने से कई वाहनों से टकराई बस, वीडियो वायरल

    वैंकूवरः बर्फबारी के समय सड़कों पर बर्फ की परत जम जाती है जो आने-जाने वाले वाहनों के लिए मुश्किलें पैदा कर देती है। कभी-कभी बर्फीली सड़कों पर ड्राइविंग करना अत्यधिक खतरनाक हो सकता है। अक्सर ड्राइवर इन सड़कों पर अपने वाहनों से नियंत्रण खो देते हैं। हाल ही में कनाडा में हुई एक सड़क दुर्घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बस बर्फ पड़ी सड़क पर अचानक फिसल जाती है और आस-पास की कुछ कारों से टकरा जाती है।

    वायरल हो रहा घटना का ये सीसीटीवी एक फरवरी की सुबह का बताया जा रहा है। वैंकूवर सिटी न्यूज के अनुसार हुई इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ये घटना वहीं किसी घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसकी क्लिप सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही है। वीडियो में तेज धमाके की आवाज भी सुनी जा सकती है जब ये बेकाबू हुई बस बर्फ की वजह से साइड में मुड़ जाती है और दूसरी कारों से टकरा जाती है।

  • दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्राः सिर्फ 53 सेकेंड के लिए उड़ान भरता है विमान

    दुनिया की सबसे छोटी हवाई यात्राः सिर्फ 53 सेकेंड के लिए उड़ान भरता है विमान

    स्कॉटलैंडः आपने अब तक दुनिया की सबसे लंबी उड़ान वाली फ्लाइट के बारे में सुना होगा। भारत से अमेरिका या फिर यूरोप जाएं तो आपको कई घंटे तक फ्लाइट का सफर करना पड़ता है। यहां तक कि अगर आप दिल्ली से मुंबई भी फ्लाइट के जरिए जाएं तो भी आप को कम से कम डेढ़ से 2 घंटे का समय लगेगा। लेकिन अगर हम आपसे कहें कि दुनिया में एक हवाई उड़ान इतनी ज्यादा छोटी है कि उसे टेक ऑफ के बाद गंतव्य तक पहुंच कर लैंड करने में मात्र 53 सेकेंड का समय लगता है तो आप क्या कहेंगे। सबसे बड़ी बात कि ये एक कमर्शियल उड़ान होती है और हर रोज कई यात्री इस फ्लाइट का सहारा लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।

    कहां होती है इतनी छोटी उड़ान

    सीएनएन के अनुसार, करीब 53 सेकंड की यह उड़ान स्कॉटलैंड में होती है। दरअसल, स्कॉटलैंड के दो टापूओं के बीच ये हवाई जहाज उड़ान भरता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि इन दोनों के बीच कोई पुल नहीं है। इनके बीच का समुंदर इतना पथरीला है कि यहां नाव चलाना भी बहुत मुश्किल है। इस वजह से एक टापू से दूसरे टापू पर जाने के लिए यात्री इस हवाई जहाज का सहारा लेते हैं। इस फ्लाइट को लोगान एयर ऑपरेट करती है, जो पिछले 50 सालों से यहां सर्विस दे रही है।

    कितना लगता है किराया

    53 सेकंड की इस सबसे छोटी उड़ान के लिए हर रोज यात्रियों को लगभग 14 पाउंड खर्च करने पड़ते हैं। भारतीय रुपयों में अगर इसे कन्वर्ट किया जाए तो यह 1815 के आसपास आएगा। हालांकि, स्कॉटलैंड के हिसाब से यह किराया बेहद कम है। दरअसल, यहां की सरकार इन दोनों टापूओं पर रहने वाले लोगों को इस प्लेन किराए में सब्सिडी देती है, जिसकी वजह से इन लोगों को किराया कम देना पड़ता है। बता दें इन दोनों टापूओं पर लगभग 690 लोग रहते हैं।

    क्या है इन टापुओं का नाम

    इनमें से एक टापू का नाम है वेस्ट्रे और दूसरे टापू का नाम है पापा वेस्ट्रे। वेस्ट्रे में जहां 600 लोग रहते हैं। वही पापा वेस्ट्रे में करीब 90 लोग रहते हैं। जिस फ्लाइट से यह लोग यात्रा करते हैं, वह बहुत छोटी फ्लाइट है और इसमें एक बार में सिर्फ 8 लोग ही सवार हो सकते हैं। यहां रहने वाले लोगों का गुजारा ज्यादातर टूरिज्म से होता है। दुनियाभर से लोग इस छोटी उड़ान का हिस्सा भरने आते हैं। अगर आप भी इस छोटी उड़ान का हिस्सा बनना चाहते हैं तो आपको इसके लिए स्कॉटलैंड जाना पड़ेगा।

  • गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़, दीवारों पर लिखे भारत विरोधी नारे 

    गौरी शंकर मंदिर में तोड़फोड़, दीवारों पर लिखे भारत विरोधी नारे 

    ब्रैम्पटनः ऑस्‍ट्रेलिया के बाद अब कनाडा में हिन्दू मंदिर को निशाना बनाया गया है। इस बार कनाडा के ब्रैम्पटन प्रांत में एक हिंदू मंदिर को में तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई है। यहां के गौरी शंकर मंदिर में जमकर तोड़फोड़ की गई है। इतना ही नहीं, मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे भी लिखे गए हैं। घटना के बाद से भारतीय समुदाय के लोगों ने रोष प्रकट किया है। बता दें कि हाल ही में ऑस्‍ट्रेलिया में ऐसी घटना सामने आयी थीं। 

    घटना को लेकर भारत की तरफ से कड़ी निंदा की गई है। कनाडा में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने बयान जारी कर कहा है कि इस घृणित कार्य से कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। हमने कनाडा के अधिकारियों के साथ इस मामले पर अपनी चिंताओं को उठाया है। फिलहाल मामले की कनाडा के अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।

    मेयर ने की घटना की निंदा 

    इस घटना को लेकर ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने प्रतिक्रिया दी हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि ऐसे घृणित कृत्य का हमारे शहर या देश में कोई स्थान नहीं है। हर कोई अपने पूजा स्थल में सुरक्षित महसूस करने का हकदार है। कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के पीछे तथाकथित सिख अलगाववादियों का समूह बताया जा रहा है। जो ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका में सक्रिय रहा है और इसे सिख्स फॉर जस्टिस की मदद मिल रही है। कनाडा से पहले आस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों को जनवरी में ही खालिस्तानी समूहों ने 3 हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया था और उसमें तोड़फोड़ की थी। खालिस्तानियों ने मंदिरों में भारत विरोधी भित्तिचित्र भी लगाए थे।

    पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

    बता दें कि पिछले साल जुलाई 2022 में कनाडा के एक विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की एक मूर्ति को तोड़ा गया था। जिसके बाद भारी बवाल देखने को मिला था। इसके बाद सितंबर 2022 में कनाडा के बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर को कथित खालिस्तानी तत्वों ने भारत विरोधी भित्तिचित्रों के साथ विकृत कर दिया था। तब भारत ने ऐसी घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कनाडा के अधिकारियों से जांच करने की अपील की थी। लेकिन एक बार फिर इस तरह की घटना शर्मनाक है।

  • जन्मदिन पार्टी दौरान चली ताबड़तोड़ गोलियां, 8 की मौत

    जन्मदिन पार्टी दौरान चली ताबड़तोड़ गोलियां, 8 की मौत

    जोहान्सबर्गः दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी केप के गेकेबेरा इलाके में हुई एक भीषण सामूहिक गोलीबारी में 8 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि उपनगरीय इलाके क्वाजाखेले में देर रात दो बंदूकधारियों ने एक घर में घुसकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस सामूहिक गोलीबारी में शुरू में 7 लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हो गए। घायलों में से एक ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया।

    न्यूज एजेंसी के मुताबिक पुलिस ने बताया कि ये घटना उस समय हुई जब एक शख्स अपना जन्मदिन मना रहा था। हमलावरों ने घर में घुसकर मेहमानों पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने कहा कि मरने वालों में घर का मालिक भी शामिल है। पुलिस के प्रवक्ता प्रिस्किला नायडू ने कहा कि इस स्तर पर शुरुआती जांच से पता चला है कि दो बंदूकधारियों ने घर में घुसने के बाद मेहमानों पर फायरिंग करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस हमले के आसपास की जगह पर उस समय हुई गतिविधियों की जांच चल रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले का मकसद अभी पता नहीं चल सका है।

    साउथ अफ्रीका की पुलिस ने इस भयंकर हमले के कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए उनकी तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका में गोलीबारी आम बात है। जहां सामूहिक हिंसा और शराब के कारण दुनिया में हत्या की दर सबसे अधिक है। दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल जोहान्सबर्ग और पूर्वी शहर पीटरमैरिट्जबर्ग में मजदूरों के उपनगरों में अलग-अलग बार हुई गोलीबारी की घटनाओं में लगभग दो दर्जन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

  • 6.3 तीव्रता के भूकंप से दहले लोग, जोरदार झटकों से कांप गई धरती

    6.3 तीव्रता के भूकंप से दहले लोग, जोरदार झटकों से कांप गई धरती

    नई दिल्ली। भूकंप की जानकारी मिलते ही लोगों ने घरों से बाहर निकलना शुरू कर दिया। भूकंप के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। भूकंप को लेकर जानकारी मिली है कि ये भूकंप तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 दर्ज हुई है। ये भी पता चला है कि तजाकिस्तान भूकंप का केंद्र है। भूकंप की गहराई 150 किलोमीटर मांपी गई है। ये काफी तेज तीव्रता वाला भूकंप था। इसका असर ईरान और अफगानिस्तान में भी देखने को मिला है। पाकिस्तान के पड़ोसी देशों में भी भूकंप के झटके महसूस हुए है। आमतौर पर 6.3 तीव्रता का भूकंप बेहद खतरनाक और विनाशकारी होता है।

    बता दें कि अब तक इस भूकंप से हुए जान माल के नुकसान की कोई जानकारी अब तक नहीं मिली है। बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब इस वर्ष भूकंप आया है। इससे पहले 5 जनवरी को इस्लामाबाद और लाहौर समेत पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा के कई शहरों में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले शनिवार रात को ईरान के खोय शहर में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें 7 की मौत और बड़ी 440 लोग घायल हुए थे।

    वहीं वर्ष 2022 में 22 जून को अफतानिस्तान और पाकिस्तान में भी 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के दक्षिणपूर्व में था। वहीं 7 जून को भी को भी पाकिस्तान में भूकंप आया था, जिसका असर इस्लामाबाद, पेशावर, रावलपिंडी और मुल्तान में देखने को मिला था।

  • फरवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 45 से 80 रुपये बढ़ने की आशंका!, पंपों पर उमड़ी भीड़

    फरवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 45 से 80 रुपये बढ़ने की आशंका!, पंपों पर उमड़ी भीड़

    इस्लामाबाद : आर्थिक संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान में इन दिनों हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। इस बीच देश में पेट्रोल की कीमतों में भारी इजाफे की अफवाह ने हालात और भी खराब कर दिए। पाकिस्तान के अधिकतम पेट्रोल पंपों पर स्थिति अराजक हो गई। यहां लंबी लाइनें नजर आईं। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान में एक फरवरी से पेट्रोल और डीजल की कीमतें 45 रुपये से 80 रुपये के बीच बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

    पेट्रोल पंपों पर अचानक उमड़ी भीड़ के कारण कई पंपों पर पेट्रोल की कमी की सूचना दर्ज की गई। पाकिस्तान के जियो न्यूज के मुताबिक, गुजरांवाला में केवल 20 प्रतिशत पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध था। वहीं, रहीम यार खान, बहावलपुर, सियालकोट और फैसलाबाद में भी पेट्रोल की भारी कमी देखी गई। हालांकि, एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा, सोशल मीडिया पर शेयर की जा रहीं खबरें गलत हैं। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

    आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर बातचीत करने के लिए रविवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रूस जाएंगे। मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि बिलावल अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के निमंत्रण पर मास्को की यात्रा करेंगे। वह अपने रूसी समकक्ष के साथ आधिकारिक वार्ता करेंगे, जहां दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों पर विचार-विमर्श करेंगे और पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। उधर, रूसी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि हासिल की गई तकनीकी विशिष्टताओं पर आम सहमति के बाद तेल एवं गैस व्यापार लेनदेन को इस तरह से संरचित किया जाएगा कि इससे दोनों देशों को परस्पर आर्थिक लाभ होगा। यह प्रक्रिया मार्च के भीतर पूरी की जानी है। माना जा रहा है कि बिलावल की यात्रा से पाकिस्तान को रूसी तेल की आपूर्ति में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

  • बड़ा हादसाः बस खाई में गिरी, 39 लोगों की मौत

    बड़ा हादसाः बस खाई में गिरी, 39 लोगों की मौत

    इस्लामाबाद : पाकिस्तान के बलूचिस्तान से इस समय एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है। दक्षिण पश्चिम पाकिस्तान के लासबेला जिले के बेला इलाके में रविवार तड़के एक तेज रफ्तार यात्री बस सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई। हादसे में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य जारी है।

    पाकिस्तानी मीडिया से लासबेला के सहायक आयुक्त हमजा अंजुम ने घटना की पुष्टि की और बताया कि करीब 48 यात्रियों को लेकर बस क्वेटा से कराची जा रही थी। तेज गति के कारण लासबेला के पास यू-टर्न लेते समय बस कोच पुल के खंभे से जा टकराई। बस बाद में खाई में गिर गई और फिर उसमें आग लग गई।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना तब हुई जब बस गति में थी और ड्राइवर के नियंत्रण से बाहर हो गई। बस के खाई में गिरने के बाद उसमें आग भी लग गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कम से कम 48 यात्री बस में सवार थे, बचाव अभियान जारी है और घायलों को बाहर निकाला जा रहा है। घायल लोगों को लासबेला के नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया है। दुर्घटनास्थल पर दमकल, बचावकर्मी और सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं।

  • दुबई और शारजाह में बसे भारतीयों के लिए अच्‍छी खबर

    दुबई और शारजाह में बसे भारतीयों के लिए अच्‍छी खबर

    नई दिल्ली : दुबई और शारजाह में बसे भारतीयो के लिए अच्‍छी खबर है। यहां पर भारतीय आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता, बीएलएस इंटरनेशनल सर्विस लिमिटेड की तरफ से अब पूरे हफ्ते पासपोर्ट के काम को पूरा किया जाएगा। सेंटर की तरफ से तय किया गया है कि रविवार सहित सप्ताह के सभी सातों दिन पासपोर्ट और वीजा संबंधी सेवाओं के लिए आवेदन जमा करने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

    26 जनवरी को भारत के 74वें गणतंत्र दिवस के मौके पर यह बड़ा फैसला किया गया है। भारत के कांसुलर जनरल डॉ. अमन पुरी ने इस बारे में और जानकारी दी। उन्‍होंने कहा, ‘ मैं आपकी भलाई और कल्याण के लिए काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता हूं। पिछले हफ्ते से ही इस दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत पासपोर्ट और वीजा सेवाओं के लिए आउटसोर्स सेवा प्रदाता सप्ताह में सभी दिन काम करने लगा है।’ यह 20 से अधिक देशों में काम करता है।  डॉ. पुरी ने बताया कि दूतावास की तरफ से ओपन डोर नीति को अपनाया जा रहा है। इसके तहत हर भारतीय नागरिक दूतावास आ सकता है और किसी भी मुद्दे पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।