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  • इस जगह पर कहर बनकर टूटी बारिश

    इस जगह पर कहर बनकर टूटी बारिश

    इस्लामाबादः प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) का हवाला देते हुए एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बारिश से संबंधित घटनाओं में 25 लोग मारे गए। इसकी जानकारी प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के महानिदेशक ने दी। शहर के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कारण कई दुर्घटनाएं सामने आईं।

    बारिश में 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए, 2 हजार जानवर मारे गए

    बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में बच्चों सहित आठ लोगों की मौत के बाद प्रांतीय राजधानी क्वेटा को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया। महानिदेशक नसीर अहमद नासर ने कहा कि भारी बारिश में 200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और लगभग 2,000 जानवर मारे गए। नासर ने कहा कि भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ में कई निचले इलाकों में पानी भर गया, जिसमें 40 से अधिक लोग घायल हो गए। इनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

    दो बच्चे समेत कई लोग बाढ़ में बहे

    स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शहर में पांच कोयला खदान मजदूर, एक चरवाहा और दो बच्चे समेत कई लोग बाढ़ में बह गए। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर रहा है। पीडीएमए के अनुसार, शहर के विभिन्न जिलों में गुरुवार तक मानसूनी बारिश जारी रहने की संभावना है।

  • जेल में लगी भीषण आग, 51 कैदियों की मौत

    जेल में लगी भीषण आग, 51 कैदियों की मौत

    कोलंबियाः पश्चिमी कोलंबियाई शहर तोलुआ की एक जेल में मंगलवार को भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक आग लगने से 51 कैदियों की मौत हो गई है, जबकि 24 कैदी बुरी तरह से झुलस गए हैं। घायल कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह तड़के एक भीड़भाड़ वाली कोलंबियाई जेल के अंदर अचानक आग लग गई, जिसमें झुलसकर 51 कैदियों की मौत हो गई और 24 कैदी घायल हो गए। कोलंबिया के न्याय मंत्री विल्सन रुइज़ के अनुसार, लगभग 2 बजे (स्थानीय समयानुसार), कैदियों के बीच लड़ाई छिड़ गई।

    रुइज़ बोले, कैदी ने खुद आग पर काबू करने में जुटे

    सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रुइज़ ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक कैदी ने विवाद के दौरान एक गद्दे में आग लगा दी और आग की लपटें पूरे जेल विंग में फैल गईं। रुइज़ ने कहा, “कैदियों ने खुद इस आग को संभालने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें बहुत तेज थीं और हमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दमकलकर्मियों के आने का इंतजार करना पड़ा।”

    कोलंबिया की जेलों में बेहद भीड़ः रुइज़ 

    रुइज़ ने कहा कि कोलंबिया की जेलों में बेहद भीड़भाड़ है। वहां औसतन, अधिकांश क्षमता से 20 प्रतिशत अधिक कैदी हैं, उन्होंने कहा किजेल के जहां तोलुआ में आग लगी थी, वह 17 प्रतिशत अधिक क्षमता वाली थी, जिससे यह देश की सबसे कम आबादी वाली जेलों में से एक बन गई है।

    साल 2020 में एक दंगे में 24 कैदियों की हुई थी मौत 

    सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना देश के हाल के इतिहास में अपनी तरह की सबसे घातक घटनाओं में से एक है। कोलम्बिया और पड़ोसी देशों में जेलों में घातक लड़ाई और दंगे असामान्य नहीं हैं। बता दें कि मार्च 2020 में बोगोटा में पिकोटा प्रायद्वीप में एक दंगे में 24 कैदियों की मौत हो गई क्योंकि वे प्रायद्वीप प्रणाली के भीतर कोरोनोवायरस उपायों का विरोध कर रहे थे। वहीं, पिछले साल, ब्राजील की एक जेल में 50 से अधिक कैदी मारे गए थे – साल  2018 में वेनेजुएला की एक जेल में लगी आग में कई कैदी मारे गए थे।

  • 8 साल के बच्चे ने 1 साल की मासूम को मारी गोली, मौत

    फ्लोरिडा: अमेरिका के फ्लोरिडा से बड़ी ख़बर सामने आई है। जहां एक मोटल में 8 साल के बच्चे ने 1 साल की बच्ची को गोली मार दी। इस दौरान 2 साल की एक अन्य बच्ची भी घायल हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे ने गलती से अपने पिता की गन से गोलियां चला दीं। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के पिता को अरेस्ट कर लिया है।

    केसी बास की हुई मौत

    एस्कैम्बिया काउंटी के शेरिफ चिप सिमंस ने कहा- घटना पिछले हफ्ते की है। लड़के के पिता रॉड्रिक ड्वेन रान्डेल ने गन पेनसाकोला मोटल के एक कमरे की अलमारी में छिपाकर रखी थी। जैसे ही वो कमरे से बाहर निकले, उनके बेटे ने बंदूक ढूंढ ली और गोलियां चला दीं। दोनों बच्चियां उसके पिता की प्रेमिका की थीं। घटना में मारी जाने वाली बच्ची का नाम केसी बास था।

    घटना के बाद पिता ने की सबूत छिपाने की कोशिश

    सिमंस ने कहा- घटना के बाद रॉड्रिक ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की। उसने कमरे पड़ी ड्रग्स और गन को दोबारा छिपाने की कोशिश की। एक हफ्ते की जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लड़के के पिता पर गन रखने, लापरवाही बरतने और सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि घायल बच्ची के जल्द ठीक होने की उम्मीद है।

  • रूस की बड़ी कार्रवाईः इस देश के राष्‍ट्रपति की पत्‍नी और बेटी सहित 25 लोगों पर प्रतिबंध

    रूस की बड़ी कार्रवाईः इस देश के राष्‍ट्रपति की पत्‍नी और बेटी सहित 25 लोगों पर प्रतिबंध

    मास्कोः अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी और बेटी को 23 अन्य अमेरिकियों के साथ रूस ने प्रतिबंधित कर दिया है। यह जानकारी रूसी विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को दी। रूसी विदेश मंत्रालय ने सूची जारी करने के साथ एक नोट में कहा कि रूसी राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों के खिलाफ लगातार बढ़ते अमेरिकी प्रतिबंधों की प्रतिक्रिया के रूप में, 25 अमेरिकी नागरिकों को ‘स्टॉप लिस्ट’ में जोड़ा गया है।

    जो बाइडेन की पत्नी, बेटी सहित कई अमेरिकी सीनेटर शामिल

    रूसी विदेश मंत्रालय की इस सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पत्नी और बेटी के साथ कई अमेरिकी सीनेटर भी शामिल हैं जिनमें मेन के सुसान कॉलिन्‍स, केंटकी के मिच मैककोनेल, आयोवा के चार्ल्‍स ग्रासली, न्‍यू यॉर्क के कर्स्‍टन गिलिब्रैंड शामिल हैं। एक न्‍यूज एजेंसी ने बताया कि इसमें कई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और शोधकर्ता और अमेरिकी सरकार के पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं।

    इससे पहले अमेरिका ने लगाए थे प्रतिबंध

    इससे पहले अमेरिका ने रूस के कई जाने-माने उद्योगपतियों, कारोबारियों, राजनेताओं के साथ रूस के राष्‍ट्रपति पुतिन की बेटियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद ब्रिटेन समेत अन्‍य देशों ने भी ऐसे प्रतिबंधों का ऐलान किया था। अमेरिका ने पुतिन की बेटियों मारिया पुतिन व कैटरीना तिखोनोवा और रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्टिन, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की पत्नी और बच्चों के अलावा रूस की सुरक्षा परिषद के सदस्यों और पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ने पुतिन परिवार के सभी करीबी सदस्यों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से दूर कर दिया था और इनकी अमेरिका स्थित सभी संपत्तियों को फ्रीज किया था।

  • अमेरिका: ट्रक में बंद मिली 46 लोगों की लाशें, टेक्सास में मचा हड़कंप

    अमेरिका: ट्रक में बंद मिली 46 लोगों की लाशें, टेक्सास में मचा हड़कंप

    अमेरिका: अमेरिका में एक ट्रक में 46 लोगों का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। ये सभी प्रवासी लोग बताये जा रहे हैं। घटना अमेरिका के टेक्सास शहर की है। मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रक के अंदर 46 लोगों के शव मिले, वहीं 16 अन्य बेहोश हालत में मिले, जिनको हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। यह ट्रैक्टर-ट्रेलर टेक्सास के दक्षिण-पश्चिम में स्थित सैन एंटोनियो की वीरान सड़क पर मिला।

    यह मामला चोरी-छिपकर अमेरिका में घुसने का लग रहा है। माना जा रहा है कि ये लोग मेक्सिको की तरफ से छिपकर अमेरिका में घुस रहे थे। क्रॉस बॉर्ड की ऐसी कोशिशों में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इस तरह का मामला पहले कभी सामने नहीं आया।

    पुलिस को किसी शख्स ने उस ट्रक की जानकारी दी थी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ट्रक का गेट थोड़ा सा खुला था। उनमें से एक शव ट्रेलर के बाहर ही पड़ा था।

    जिन 16 को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है उनमें 12 बड़े और चार बच्चे शामिल हैं। मरीजों के शरीर मानों गर्मी से तप रहे थे और उनके शरीर में पानी की कमी साफ देखी जा रही थी। फिलहाल तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। अभी यह साफ नहीं है कि मामला मानव तस्करी का है या नहीं।

    टेक्सास के सैन एंटोनियो में पहले भी मानव तस्करी के दौरान लोगों की जान गई है। 2017 में ऐसे ही ट्रक में 10 लोगों की लाश मिली थी। इससे पहले सैन एंटोनियो में ही 2003 में 19 लोगों की लाश एक ट्रक में मिली थी।

    मेक्सिको के विदेश मंत्री Marcelo Ebrard का भी इसपर बयान आया है। उन्होंने कहा है कि वह मौके पर पहुंच रहे हैं। Marcelo Ebrard ने कहा है कि फिलहाल मारे गये लोगों की नागरिकता क्या है, यह नहीं पता लगा है।

  • बाढ़ से मची तबाही, मकान व फसलें बर्बाद, 5 लाख से ज्यादा लोग भोजन-पानी को तरसे

    बाढ़ से मची तबाही, मकान व फसलें बर्बाद, 5 लाख से ज्यादा लोग भोजन-पानी को तरसे

    जियांग्शी: चीन में भारी बारिश और बाढ़ से मची तबाही के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जियांग्शी प्रांत में आई भीषण बाढ़ से 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रांत के कई शहरों में पानी भरा हुआ है और लोग अपने घरों में कैद हैं। 

    बाढ़ से फसलें बर्बाद 

    बाढ़ की वजह से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं और फैक्ट्रियों में काम-धंधा रुक गया है। प्रांतीय सरकार का आकलन है कि इस बारिश से राज्य में करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है और लोगों के काम-धंधे छूट गए हैं। बाढ़ के चलते प्रांत में भोजन और साफ पानी की भी किल्लत हो गई है। लोग बाढ़ के पानी को उबालकर पीने को मजबूर हैं। प्रांत में बारिश फिलहाल बंद हो गई है लेकिन चीनी मौसम विभाग का कहना है कि वहां पर फिर से बरसात के हालात बन रहे हैं।

    अधिकतर इमारतें पानी में डूबी 

    बारिश और बाढ़ की वजह से जियांग्शी प्रांत के कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा पैदा हो गया है। अधिकतर इमारतें पानी में डूबी हुई हैं, जिनमें कई काफी पुरानी भी हैं। ऐसे में बारिश के दौरान उन इमारतों के गिरने का खतरा बनता जा रहा है।

    जियांग्शी प्रांत में 28 मई से रुक-रुककर लगातार बारिश हो रही है। प्रशासन के अधिकारी पानी में डूबे लोगों को निकालने के लिए अभियान चला रहे हैं। अभी तक करीब 1 लाख लोगों को बाढ़ के पानी से बाहर निकाल लिया गया है।

    50 करोड़ डॉलर का नुकसान 

    जियांग्शी प्रांत के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में आई बाढ़ से करीब 45 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है, साथ ही 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो चुका है। बाढ़ की वजह से प्रांत में मौजूद मीठे पानी की पोयांग झील के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है। आशंका जताई जा रही है कि अगर यह झील टूटी तो राज्य में स्थिति और विकट हो सकती है और कई पुराने मकान ढह सकते हैं। हालात से निपटने के लिए प्रांत में चीनी सेना बुलाई गई है।

  • सीवेज में पाया गया पोलियो वायरस, अलर्ट जारी, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

    सीवेज में पाया गया पोलियो वायरस, अलर्ट जारी, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

    जेनेवाः लंदन में सीवेज के सैंपल से पोलियो वायरस का पता चला है। बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन और ब्रिटिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने ये जानकारी दी और बताया कि टीकों से प्राप्त एक प्रकार के पोलियो वायरस का पता चला है, साथ ही यह भी कहा कि इस मामले को लेकर अभी जांच चल रही है। 

    ब्रिटेन में अलर्ट जारी 

    वहीं ब्रिटेन में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बता दें कि करीब दो दशक पहले पोलियो की बीमारी को ब्रिटेन से खत्म कर दिया गया था। इसके बाद से इंसानों में पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया। WHO ने एक बयान में कहा कि ब्रिटिश राजधानी लंदन में सीवेज के सैंपल में ‘पोलियो वायरस टाइप-2 (VDPV2)’ पाया गया है।

    लकवा के किसी भी संबंधित मामले का नहीं चला पता 

    द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक WHO ने बयान जारी कर कहा, ‘यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वायरस को केवल पर्यावरणीय सैंपल से अलग किया गया है।’ साथ ही यह जोर देकर कहा कि ‘हाल में लकवा के किसी भी संबंधित मामले का पता नहीं चला है। कहीं भी पोलियो वायरस का कोई भी वैरिएंट हर जगह बच्चों के लिए खतरा साबित हो सकता है।’ 

    बता दें कि हाल के कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर पोलियो का सफाया करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। 1988 के बाद से मामलों में 99 प्रतिशत की कमी आई है, जब 125 देशों में पोलियो का प्रकोप था और दुनिया भर में 350,000 मामले दर्ज किए गए थे।

    साल 2003 में पोलियो मुक्त हुआ ब्रिटेन


    पोलियो वायरस का खतरनाक संस्करण अब केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान में मौजूद है। बता दें कि साल 2003 में ब्रिटेन को पोलियो मुक्त देश घोषित किया गया था। उसके बाद से अब तक यहां कोई नया मामला सामने नहीं आया है। हालांकि पोलियो सहित अन्य खतरनाक बीमारियों पर लंबे समय से नजर रखा जा रहा है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने इसी क्रम में फरवरी और मई महीने में सीवेज के गंदे पानी के सैंपल लिए थे। जांच के दौरान वायरस का पता चला है।

  • Earthquake: अफगानिस्तान में भूकंप के झटके, करीब 130 लोगों की मौत

    Earthquake: अफगानिस्तान में भूकंप के झटके, करीब 130 लोगों की मौत

    काबुलः अफगानिस्तान में बुधवार को आए भूकंप के तेज झटके के चलते करीब 130 लोगों की मौत की खबर है। रॉयटर्स के मुताबिक, आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि देश के पूर्वी हिस्सी में आए 6.1 मैग्निट्यूड के भूकंप के झटके से एक सौ तीस लोगों की जान चली गई है।

    वहीं पाकिस्‍तान में भी अफगानिस्‍तान से सटे कई इलाकों में बर्बादी हुई है। अमेरिकी जिओलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप का केंद्र दक्षिणी पूर्वी अफगानिस्‍तान के खोस्‍त शहर से 44 किमी दूर था।

    पाकिस्‍तान में भी सुबह 1:54 मिनट पर आया भूकंप

    अफगान मीडिया के मुताबिक खोस्‍त में भारी तबाही की तस्‍वीरें सामने आ रही हैं। पाकिस्‍तान में भी खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत में एक व्‍यक्ति के मारे जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि भूकंप से घर की छत गिर गई जिससे इस व्‍यक्ति की मौत हो गई। पाकिस्‍तानी समयानुसार सुबह 1:54 मिनट पर यह भूकंप आया था।

    भूकंप से कई इलाके हुए बर्बाद

    पाकिस्‍तान में पेशावर, इस्‍लामाबाद, लाहौर और पंजाब तथा खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के अन्‍य हिस्‍सों और भारत तक इस जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। अफगान इलाकों से आ रही तस्‍वीरों में दिख रहा है कि भूकंप की वजह कई इलाके बर्बाद हो गए हैं। यूरोपीय भूकंप केंद्र का अनुमान है कि इसके झटके करीब 500 किलोमीटर के इलाके में महसूस किए गए। भूकंप के झटके बाद लोग दहशत में आ गए और सड़कों पर निकल आए। इससे पहले पिछले शुक्रवार को पाकिस्‍तान के कई शहरों में रिक्‍टर पैमाने पर 5 की तीव्रता वाला भूकंप आया था।

  • ईंधन बचाने के लिए इस देश की सरकार ने की स्कूल और दफ्तर बंद करने की घोषणा

    ईंधन बचाने के लिए इस देश की सरकार ने की स्कूल और दफ्तर बंद करने की घोषणा

    नई दिल्ली। श्रीलंका इन दिनों अपनी आजादी के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में ईंधन की समस्या के चलते सरकार ने अगले हफ्ते से दफ्तर और स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। सरकारी कर्मचारी सोमवार से कार्यालयों में नहीं आएंगे। सरकार ने यह फैसला ईंधन की गंभीर कमी के चलते लिया है।

    श्रीलंका के शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि कोलंबो शहर में सभी सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूल अगले सप्ताह से बंद रहेंगे और शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाएंगे। इनके अलावा खाद्य संकट कम करने के लिए कृषि क्षेत्र से संलग्न होसरकारी अधिकारियों को अगले तीन महीनों तक हर हफ्ते एक छुट्टी देने को भी मंजूरी दी है। 

    मौजूदा ईंधन स्टॉक तेजी से घटने के कारण श्रीलंका पर आयात के लिए विदेशी मुद्रा हासिल करने का गहरा दबाव है। इसका असर अर्थव्यस्था पर साफ नजर आ रहा है। नतीजतन, देशभर में फिलिंग स्टेशनों के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग ईंधन के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं।

    श्रीलंका पिछले कई महीनों से एक दिन में 13 घंटों तक बिजली कटौती का सामना कर रहा है। शुक्रवार को श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि देश की 2.20 करोड़ आबादी में से लगभग 50 लाख लोग भोजन की कमी से सीधे प्रभावित हो सकते हैं। श्रीलंका का कुल विदेशी कर्ज 51 अरब डॉलर है।

    नकदी संकट का सामना कर रही मौजूदा सरकार ने इस सप्ताह के शुरुआत में कई उपायों को मंजूरी दी, जिसमें कंपनियों पर उनके कारोबार के आधार पर 2.5 प्रतिशत सोशल कंट्रीब्यूशन टैक्स लगाना और अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए शुक्रवार को अवकाश घोषित करना आदि शामिल है।

  • पेट्रोल और डीजल के दामों में बंपर इजाफा, एक साथ 59 रुपये महंगा हुआ डीजल, जाने पेट्रोल के दाम…

    पेट्रोल और डीजल के दामों में बंपर इजाफा, एक साथ 59 रुपये महंगा हुआ डीजल, जाने पेट्रोल के दाम…

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है और अब तो इसका खामियाजा जनता को बुरी तरह भुगतना पड़ रहा है। पहले से ही महंगे चल रहे पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर से बंपर इजाफा हुआ है। एक ही झटके में डीजल के दाम 59.61 रुपये बढ़ गए हैं तो वहीं पेट्रोल की कीमत में भी 24.03 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 233.89 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

    पेट्रोल के साथ ही डीजल, किरोसीन तेल और लाइट डीजल आयल की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। डीजल की कीमत में 59.16 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद डीजल की कीमत 263.31 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

    पाकिस्तान के पेट्रोलियम राज्य मंत्री मुसद्दक मलिक ने डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के लिए पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार ने पाकिस्तान की इकॉनमी को तबाह कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि इमरान खान ने सब्सिडी देकर जानबूझकर पेट्रोल की कीमतें कम की थी और यही कारण है कि शहबाज सरकार उन फैसलों का खामियाजा भुगत रही है।