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  • Love Marriage करने पर मिली दर्दनाक सजा, पुलिस के सामने मारी गोलियां

    Love Marriage करने पर मिली दर्दनाक सजा, पुलिस के सामने मारी गोलियां

    कराची : पाकिस्तान से आए दिन हैरान करने वाली खबरें सामने आती हैं। ऐसा ही एक और घटना पकिस्तान के कराची से सामने आया है। यहां एक पिता ने अपनी झूठी शान के लिए कोर्ट में बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। शहर की अदालत के परिसर के अंदर कथित सम्मान के नाम पर महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पीड़ित हाजरा को उसके पिता ने इसलिए मार डाला क्योंकि उसने अपनो मर्जी से शादी की थी।

    जानकारी के अनुसार, पीड़िता को कोर्ट में पेश करने के लिए परिसर के अंदर ले जा रहे थे। इस बीच, उसके पिता 65 वर्षीय अमीर जमान महसूद उसका पीछा कर रहा था। जैसे ही महिला अदालत परिसर में पहुंची, उसने गोली चला दी और उसकी बेटी की मौत हो गई, जबकि इमरान और वाजिद घायल हो गए. एसएसपी के मुताबिक मृतक की उम्र 18 से 20 साल के बीच थी।

    यह था पूरा मामला

    रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने आपनी पसंद के लड़के से शादी की थी। इस घटना के बाद पाकिस्तान की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान में महिलाओं की आजादी को लेकर हमेशा से सवालिया निशान रहे हैं। ऐसे में कोर्ट परिसर के अंदर हत्या ने कराची की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के हथियार को जब्त कर लिया गया है और उसे हिरासत में ले लिया गया है। 

  • पड़ोसी देश में ब्लैकआउट, कई शहरों में बिजली गुल

    पड़ोसी देश में ब्लैकआउट, कई शहरों में बिजली गुल

    इस्लामाबाद : वित्‍तीय संकट से बदहाल पाकिस्‍तान की आवाम पर सोमवार को एक और बड़ी मुसीबत आन पड़ी। यहां नेशनल ग्रिड की सिस्‍टम फ्रीक्‍वेंसी लो चले जाने की वजह से पाकिस्‍तान के बड़े हिस्‍से में बिजली गुल हो गई। सुबह से क्वेटा, लाहौर, कराची समेत देश का ज्यादातर हिस्सा बिजली गुल होने से प्रभावित है।

    प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि नेशनल ग्रिड की सिस्टम फ्रीक्वेंसी आज सुबह 7:34 बजे नीचे चली गई, जिससे बिजली व्यवस्था में व्यापक खराबी आ गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्वेटा, लाहौर, कराची समेत देश का ज्यादातर हिस्सा बिजली गुल होने से प्रभावित है। इन शहरों में बिजली बहाल करने में 6 से 7 घंटे लग सकते हैं। अभी कराची का 90 फीसदी हिस्सा बिना बिजली के है। मंत्रालय के अनुसार, सिस्टम मेंटेनेंस का काम तेजी से चल रहा है। ग्रिड स्टेशनों की बहाली वारसाक से शुरू कर दी गई है और पिछले एक घंटे में इस्लामाबाद सप्लाई कंपनी और पेशावर सप्लाई कंपनी के ग्रिड की सीमित संख्या को बहाल कर दिया गया है।

    जियो न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में ऊर्जा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने सफाई देते हुए कहा कि ब्रेकडाउन ज्‍यादा बड़ा नहीं है। सर्दियों में, चूंकि देश भर में बिजली की मांग कम हो जाती है और एक आर्थिक उपाय के रूप में हम रात में अपनी बिजली उत्पादन प्रणालियों को अस्थायी रूप से बंद कर देते हैं। हालांकि, जब आज सुबह सिस्टम चालू किया गया, तो देश के दक्षिण में दादू और जमशोरो के बीच कहीं आवृत्ति भिन्नता और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव देखा गया। इसी वजह से यह दिक्‍कत आई है। दस्तगीर ने कहा कि पेशावर और इस्लामाबाद में ग्रिड स्टेशनों की बहाली शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, “मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि अगले 12 घंटों के भीतर पूरे देश में बिजली पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी।”

  • ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत, बच्चे सहित 10 की मौत, देखें वीडियो

    ताश के पत्तों की तरह ढही इमारत, बच्चे सहित 10 की मौत, देखें वीडियो

    अलेप्पो: सीरिया के उत्तरी शहर अलेप्पो में रविवार तड़के एक इमारत के ढह जाने से एक बच्चे सहित कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। सीरियाई राज्य मीडिया ने इस बात की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका समर्थित कुर्द के नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस के नियंत्रण में यह इमारत थी। इसमें लगभग 30 लोग रह रहे थे। यह एक पांच मंजिला इमारत थी। हादसे के बाद दर्जनों अग्निशामक मलबे में लोगों को ढ़ूंढ रहे हैं। उस इमारत में रह रहे लोगों के कुछ रिश्तेदार पास में ही घंटों से अपने परिजनों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ अपने रिश्तेदारों के साथ अस्पताल में हैं।

    समाचार एजेंसी ने अलेप्पो नगर परिषद के प्रमुख मुइद मदलाजी के हवाले से कहा कि इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी और इसकी नींव कमजोर थी। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान क्षेत्र को व्यापक नुकसान हुआ था। जिससे यह अचानक भरभराकर गिर गई। इस दौरान इसमें कई लोग मौजूद थे। बता दें कि सीरिया अभी एक लगातार जारी युद्ध स्थिति में है, और युद्ध अभी ठण्डा नहीं पड़ा है।

    बता दें कि सीरिया में गृह युद्ध के बाद से ही हालात खराब हैं। इन दिनों भी इजराइल और सीरिया के बीच तनाव लगातार बरकरार है। इजराइल सीरिया पर लगातार हमला कर रहा है। सीरिया में इजरायल, अमेरिका, रूस और तुर्की आपसी वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

    सीरियाई सेना पर इजराइल की ओर से लंबे वक्त से छिटपुट हमले होते रहे हैं। 2011 में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद से हिंसा में हजारों लोगों की जान गई है। वहीं, हजारों लोग बेघर भी हुए हैं। इजराइली सेना का दावा है कि हमले के लिए सीरियाई सरकार जिम्मेदार है। इजराइली सरकार का कहना है कि अगर वे हम पर हमला करते हैं, तो हम जवाबी फायर करते हैं।

  • अपार्टमेंट में भीषण आग लगने 4 की मौत

    अपार्टमेंट में भीषण आग लगने 4 की मौत

    टोक्यो: पश्चिमी जापान के कोबे में रविवार को एक अपार्टमेंट में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई और चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि अग्निशमन विभाग को लगभग 1:30 बजे एक इमरजेंसी कॉल से तीन मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना मिली। आग बुझाने के बाद चार शवों को बरामद किया गया।

    जापान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा कि घटनास्थल पर चार लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और अन्य चार लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से तीन की उम्र 60 और 70 के बीच की है और वे बेहोश हैं, जबकि 40 साल का एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। उन्होंने कहा कि सभी आठ व्यक्ति अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर पाए गए, जिसमें लगभग 30 कमरे हैं। जापानी मीडिया रिपोर्ट्स ने इमारत के अन्य निवासियों का हवाला देते हुए कहा कि बिल्डिंग में  रहने वाले अधिकांश बुजुर्ग पुरुष ही थे।

    यह अपार्टमेंट 1963 में बनाया गया था। निवासियों और अन्य स्रोतों के अनुसार, इमारत में रहने वालों में से अधिकांश पेंशनभोगी और दिहाड़ी मजदूर माने जाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि 3 मंजिला इमारत के लगभग 300 वर्ग मीटर में से पहली और दूसरी मंजिल का कुल 60 वर्ग मीटर जल गया है। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक बुझा लिया गया। आग कैसे लगी अभी इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है। सुमितानी ने कहा कि यह पुलिस द्वारा जांच में ही सामने आएगा कि इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ। 

  • समारोह के आयोजन दौरान चली ताबड़तोड़ गोलियां, कई लोगों की मौत, देखें वीडियो

    समारोह के आयोजन दौरान चली ताबड़तोड़ गोलियां, कई लोगों की मौत, देखें वीडियो

    अमेरिका: कैलिफोर्निया में एक समारोह में अंधाधुंध गोलीबारी की खबरें आ रही है। बताया जा रहा है कि चीनी नए साल के मद्देनजर आयोजित समारोह में हुई शूटिंग की इस घटना में करीब 16 लोगों को गोली लगी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना कैलिफोर्निया के मॉन्टेरी पार्क में हुई। शनिवार रात की घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, गोलीबारी स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे (0600 GMT) के आसपास हुई।  यहां मोंटेरी पार्क में एक चीनी चंद्र नववर्ष समारोह का आयोजन किया जा रहा था। इस दौरान एक शख्स ने समारोह के दौरान अंधाधुंध फायरिंग कर दी। आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान कई लोगों को गोलियां लगी हैं और कई की मौत भी हुई है। इससे पहले दिन में हजारों की संख्या में लोग महोत्सव में शामिल हुए थे। मोंटेरे पार्क लॉस एंजिल्स काउंटी का एक शहर है, जो लॉस एंजिल्स के डाउनटाउन से लगभग 7 मील (11 किमी) दूर है।

  • मुश्किल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन! 12 घंटे तक घर में चली तलाशी…

    मुश्किल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन! 12 घंटे तक घर में चली तलाशी…

    वाशिंगटन : FBI ने डेलावेयर में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आवास की तलाशी ली और गोपनीय दस्तावेज के तौर पर चिह्नित छह दस्तावेज बरामद किए। विभाग ने बाइडन के कुछ हस्तलिखित नोट भी अपने कब्जे में लिए। इस बात की पुष्टि बाइडन के निजी वकील बॉब बाउर ने की है। वकील बॉब बाउर ने बताया कि यह तलाशी करीब 12 घंटे तक चली।

    बाइडन के वकील के मुताबिक शुक्रवार को न्याय विभाग के अधिकारियों ने गोपनीय दस्तावेजों की तलाशी के लिए जो बाइडन के डेलवेयर स्थित घर और विलमिंगटन स्थित पूर्व ऑफिस में छापेमारी की थी। गोपनीय दस्तावेज उस वक्त के हैं जब जो बाइडन उप राष्ट्रपति थे। आरोप है कि वह पद छोड़ने से पहले गोपनीय दस्तावेज अपने साथ ले गए थे।

    वहीं जांच को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि नवंबर में उनके निजी कार्यालय में गोपनीय दस्तावेज पाए जाने से पहले उनका खुलासा नहीं करने पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और इसे जल्दी से हल करने के लिए उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि आप पाएंगे कि वहां कुछ भी नहीं है। मुझे कोई पछतावा नहीं है। वकीलों ने मुझे जो बताया है, मैं उसका पालन कर रहा हूं। घटनाक्रम के सामने आने के बाद करीब हफ्ते भर में उनकी पहली सार्वजनिक टिप्पणी आई है।

    ट्रंप के घर से कुछ गुप्त क्लासिफाइड फाइलें मिली हैं जिसके बाद से उनके ऊपर जांच का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि, इस मामले में अब डोनाल्ड ट्रंप का भी बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि इन फाइलों को कुछ नफरती संघीय अधिकारियों द्वारा प्लांट किया गया है ताकि वे मुझे फंसा सकें। लेकिन मैं इसे हल्के में ले रहा हूं क्योंकि मुझे पता है कि ये सब मुझे फंसाने के लिए किया गया है और इसमें कोई भी सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान कुछ भी गलत नहीं किया। यह सब मेरे खिलाफ साजिश रचने की योजना है।

  • बड़ा हादसाः बिल्डिंग से टकराकर क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर, गृह मंत्री सहित 16 की मौत, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः बिल्डिंग से टकराकर क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर, गृह मंत्री सहित 16 की मौत, देखें वीडियो

    कीवः यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक हेलिकॉप्टर बिल्डिंग से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में यूक्रेन के गृह मंत्री समेत 3 मंत्रियों की मौत हो गई है। मरने वालों की तादाद 16 बताई जा रही है, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। दरअसल, जहां हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है, वहां कई रिहायशी इमारतों के साथ एक स्कूल भी शामिल है। ये भयानक हादसा कीव के उत्तरपूर्व में स्थित शहर ब्रोवरी में हुआ है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और आपात सेवाओं से जुड़े लोग तुंरत वहां पहुंच गए। इस एयरक्राफ्ट हादसे का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में इस भयंकर हादसे होने के बाद स्कूल आग की लपटों से घिरा दिखाई दे रहा है। इसलिए अनुमान है कि मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में यूक्रेन के इंटीरियर मिनिस्टर (गृहमंत्री) डेनिस मोनास्टिर्स्की की भी मौत हो गई है। हादसा कीव के करीब स्थित ब्रोवेरी शहर में हुआ है। यूक्रेन की पुलिस के प्रमुख इहोर क्लेमेंको ने पॉलिटिको को बताया कि इस हादसे में यूक्रेन की सरकार से जुड़े 3 मंत्रियों की मौत हुई है। इनमें यूक्रेन के गृह मंत्री डेनिस मोनास्टिर्स्की, उनके पहले डिप्टी येवेन येनिन और स्टेट सेक्रेट्री यूरी लुबकोविच शामिल हैं।

  • मरीज को ले जा रही एंबुलेंस की ट्रक से भीषण टक्कर, 6 की मौत 

    मरीज को ले जा रही एंबुलेंस की ट्रक से भीषण टक्कर, 6 की मौत 

    ढाकाः बांग्लादेश की राजधानी ढाका से करीब 101 किमी दक्षिण में शरतपुर जिले में मंगलवार  तड़के हुई एक अजीबोगरीब घटना पूरे देश और दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। बताया जा रहा है कि एक एंबुलेंस चार मरीजों को लेकर राजधानी ढाका के एक अस्पताल जा रही थी। चालक और सहायक समेत एंबुलेंस में कुल 6 लोग सवार थे। मरीजों की स्थिति गंभीर होने के चलते एंबुलेंस का ड्राइवर उनकी जिंदगी बचाने के लिए तेजी से अस्पताल की ओर आगे बढ़ रहा था। मगर यमराज ने ट्रक लेकर एंबुलेंस का पीछा कर लिया था। मरीजों में जहां जिंदगी बचाने की जद्दोजहद थी तो वहीं यमराज में जिंदगी छीनने की। लिहाजा अस्पताल पहुंचने से 101 किलोमीटर पहले ही यमराज ट्रक लेकर आ गए। फिर जो हुआ उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

    हादसे में एंबुलेंस के उड़े परखच्चे

    अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कोहरे के कारण एंबुलेंस रास्ते में चकमा खा गया। इस दौरान यमराज रूपी ट्रक से आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। घटना सुबह हुई। इस दर्दनाक हादसे में छह लोगों को लेकर जा रही एक एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चालक सहित सभी 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बचावकर्मियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त एंबुलेंस से शवों को निकालने के लिए उन्हें घंटों तक राहत कार्य करना पड़ा। जिले की अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा के उप निदेशक मोहम्मद सेलिम मिया ने बताया कि घने कोहरे के कारण स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4:20 बजे ढाका जा रही एम्बुलेंस कंप्रेस्ड नेचुरल गैस से भरी ट्रक से जा टकराई।

    चालक और सहायक समेत सभी 6 लोगों की मौत

    इस हादसे में  एंबुलेंस चालक और एक सहायक समेत सभी 4 मरीजों की मौत हो गई। उनकी पहचान तत्काल नहीं हो सकी है। एंबुलेंस मरीज को ढाका के एक अस्पताल ले जा रही थी,तभी वह विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से टकरा गई। खराब राजमार्गों, खराब रखरखाव वाले वाहनों, अयोग्य चालकों द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन और यातायात विभाग द्वारा निगरानी की कमी के कारण दुनिया में सड़क दुर्घटनाओं के लिए बांग्लादेश की मृत्यु दर अधिक है। एक स्थानीय संगठन, बांग्लादेश पैसेंजर्स वेलफेयर एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार 2022 में देश भर में 7,617 सड़क, रेलवे और जलमार्ग दुर्घटनाओं में कुल 10,858 लोग मारे गए और 12,875 अन्य घायल हुए।

  • कनाडा जाने वाले भारतीय डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, नियमों में किया जा रहा बड़ा बदलाव

    कनाडा जाने वाले भारतीय डॉक्टरों के लिए खुशखबरी, नियमों में किया जा रहा बड़ा बदलाव

    टोरंटोः कनाडा जाने की सोच रहे भारतीय डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, कनाडा की सरकार अपने देश में विदेशी डॉक्टरों के लिए आने की राह को आसान बनाने जा रही है। कनाडा की सरकार ने विदेशी पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों को प्रैक्टिस और लाइसेंस देने के प्रोसेस में बदलाव करने का मन बना लिया है। इसके लिए मसौदा भी तैयार हो चुका है।

    भारतीय डॉक्टरों को होगा ज्यादा फायदा 

    कनाडा अपने नए नियम में विदेशी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को प्रैक्टिस करने के लिए अनुभव को घटाकर दो साल करेगा, जबकि अभी ये 7 साल है। यही नहीं, लाइसेंस देने की प्रक्रिया को भी घटाकर 3 महीने तक किए जाने का प्रस्ताव है जबकि अभी ये 5 साल है। बता दें कि इस नए नियम से सबसे ज्यादा फायदा कनाडा में प्रैक्टिस के इच्छुक भारतीय डॉक्टरों को होगा। कनैडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन हेरिटेज के अनुसार, कनाडा नें अभी फिलहाल 8 हजार भारतीय डॉक्टर काम कर रहे हैं। इसे आसान भाषा में कहें तो हर 10 में से एक डॉक्टर इंडियन है। बता दें कि कनाडा में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी है।

    कनाडा में डॉक्टर्स की कमी

    कनाडा में इस बदलाव का कारण डॉक्टर्स की कमी को बताया जा रहा है। साथ ही यहां मेडिकल सीटें भी कम ही हैं। जानकारी के मुताबिक, कनाडा से हर साल लगभग 3,500 से ज्यादा स्टूडेंट्स मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए आयरलैंड, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देश चले जाते हैं। अमेरिका को छोड़कर कनाडा से बाहर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को प्रैक्टिस के लिए 7 साल के अनुभव की जरूरत होती है जिस कारण ज्यादातर स्टूडेंट लौटते ही नहीं। वो अपनी प्रैक्टिस वहीं शुरू कर देते हैं। साथ ही बता दें कि कनाडा में आसनी से परमानेंट रेसिडेंसी नहीं मिलती है। इसके लिए भी कनाडा में 4 साल इंतजार करना होता है। विदेशी डॉक्टरों के आने से कनाडा में डॉक्टरों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। साथ ही लोगों को सही समय पर उचित इलाज भी मिलेगा।

  • चर्च में प्रार्थना दौरान हुए धमाके में 17 की मौत

    चर्च में प्रार्थना दौरान हुए धमाके में 17 की मौत

    कांगोः डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के एक चर्च में 15 जनवरी को धमाका हुआ। इसमें अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ISIS ने इस धमाके की जिम्मेदारी ली है। सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने इस ब्लास्ट के पीछे ISIS के सहयोगी संगठन एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्स (ADF) का हाथ होने की आशंका जताई थी। 

    दरअसल, कासिंदी टाउन के एक चर्च में लोग प्रार्थना के लिए इकट्ठे हुए थे। इसी दौरान धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शी जूलियस कसाके ने बताया- मैं चर्च के बाहर से गुजर रहा था। तभी धमाका हुआ। मैं और आसपास के कई लोग मदद करने के लिए चर्च के अंदर भागे। वहां हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था। कई लोग बेसुध पड़े थे तो कई दर्द से चीख रहे थे। कई लोगों के हाथ-पैर टूटकर अलग हो गए थे। मसिका मकासी ने बताया, मैं चर्च के बाहर एक टेंट में बैठी हुई थीं। तभी मैंने धमाके की आवाज सुनी। पल भर में ही सब कुछ बदल गया। कुछ फीट की दूरी पर बैठी मेरी भाभी की मौत हो गई और मेरी टांग में भी चोट लग गई।

    डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स एंटोनी ने कहा है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को पकड़कर सजा दी जाएगी। फेलिक्स 2018 से कांगो के राष्ट्रपति हैं। यूएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में कांगो में 370 से ज्यादा लोगों ने एडीएफ के हमलों में जान गंवाई है। साथ ही सैकड़ों लोग किडनैप भी हुए हैं। अफ्रीका महाद्वीप के इस देश में कॉपर और कोबाल्ट जैसे खनिज बड़ी मात्रा में हैं। लेकिन इसका फायदा वहां के लोगों को नहीं मिल सका है। लंबे समय से चल रहे संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता की वजह से यह देश संकट में ही रहा है। बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ा है। कांगो दुनिया के पांच सबसे गरीब देशों में शामिल है। यहां के 64 फीसदी लोग 1 दिन में 200 रुपए भी नहीं कमा पाते हैं।