जालंधर :DC ने 50 गांवों को खाली करने के दिए आदेश

जालंधर ENS:  खऱाब मौसम के मद्देनजऱ डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने उप मंडल मैजिस्ट्रेट शाहकोट को एहतियात के तौर पर 50 निचले और बाढ़ संभावित गाँवों को खाली करवाने के लिए कहा है, जिससे यदि बाढ़ की स्थिति पैदा होती है तो इन गाँवों में रहने वाले लोगों को बचाया जा सके।

डिप्टी कमिश्नर ने रविवार को संवेदनशील गाँवों का दौरा करते हुए लोगों के साथ बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को नदी के पानी के स्तर पर नजदीकी से नजऱ रखने के लिए ज़रूरी निर्देश भी जारी किये, जिससे ज़रुरी प्रबंध समय पर किये जा सकें। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पिछले समय के दौरान बाढ़ अधीन आने वाले गाँवों में रहने वाली आबादी की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए एहतियात के तौर पर यह हुक्म जारी किये गए हैं। 
उन्होंंने आगे बताया कि जालंधर जि़ला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को सब डिविजऩ में इंचार्जों के तौर पर तैनात किया गया है, जिससे स्थिति पर करीबी नजऱ रखी जा सके। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) को शाहकोट ब्लॉक का इंचार्ज, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) को लोहियाँ ब्लॉक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) को फिल्लौर और सचिव जि़ला परिषद को महतपुर ब्लॉक का इंचार्ज लगाया गया है।

इन अधिकारियों को समूची स्थिति की 24*7 निगरानी करने के लिए अपने-अपने ब्लॉकों में तैनात रहने के लिए कहा गया है। डिप्टी कमिश्नर द्वारा उप मंडल मैजिस्ट्रेट शाहकोट को इन गाँवों को जल्द से जल्द खाली करवाने के लिए कहा गया है। इन गाँवों में बूड़ेवाल, चक्क हाथीवाला, नरंगपुर, परजियां खुर्द, गेहलण, भदो, दानेवार, बाऊपुर, रामेताहरपुर, सांद, रामपुर, फखरूवाल, संडांवाल, फाजलवाल, साहलापुर, ऐदलपुर, बाजवा कलाँ, लंगेवाल शामिल हैं।
इसके साथ ही भोएपुर, थंमूवाल, बाहमणियां, चक्क बाहमणियां, ताहरपुर, रामे, चक्क रामे, समैलपुर, फतेहपुर भगवां, चक्क गदईपुर, गट्टी पीर बख्श, रायपुर, जक्कोपुर कलाँ, गट्टी रायपुर, जानिया चाहल, जानिया, कोठा, चक्क बुडाला, मराजवाला, मुंडी कासू, मुंडी चोहलियां, मुंडी शैहरियां, गट्टा मुंडी कासू, पड़ाना, नसीरपुर, मंडाला, मुंडी कालू, कुतबीवाल, गिद्दड़पिंडी, यूसफ़पुर आलेवाल, यूसफ़पुर दारेवाल और चक्क यूसफ़पुर आलेवाल शामिल हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन द्वारा हरेक गाँव के लिए प्रमुख भी तैनात किये गए हैं, जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि लोगों को गाँव खाली करने की प्रक्रिया के दौरान किसी किस्म की दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए वचनबद्ध और लोगों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए पहले ही ज़रुरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इन स्थानों पर तैनात अधिकारियों को अपने-अपने स्टेशन न छोडऩे और अपने मोबाइल 24 घंटे चालू रखने के लिए कहा गया है, जिससे कोई असुखद स्थिति पैदा होने पर तालमेल के साथ प्रयास किये जा सकें। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जि़ला प्रशासन द्वारा समूची स्थिति पर करीबी नजऱ रखी जा रही है और किसी भी असुखद स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी से तरह तैयार है।

उन्होंने फिल्लौर, नकोदर और शाहकोट के उप मंडल मैजिस्ट्रेट्स को हाई अलर्ट पर रहने के लिए कहा, जिससे किसी भी तरह के हालात से प्रभावशाली ढंग से निपटा जा सके। श्री सारंगल ने कहा कि एस.डी.ऐम्ज़ द्वारा इन गाँवों से निकाले जाने वाले लोगों को ठहरने के लिए पहले ही सुरक्षित स्थानों की पहचान कर ली गई है। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इन सुरक्षित स्थानों पर पहले ही सभी ज़रुरी प्रबंध किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ विभाग को अपनी स्वास्थ्य टीमें तैयार रखने के लिए कहा गया है और पावरकॉम को ज़रूरत पडऩे पर प्रस्तावित राहत केन्द्रों में बिजली सप्लाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी तरह गोताखोरों को अलर्ट पर रखा गया है, जिससे ज़रूरत पडऩे पर उनको शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के दौरान लोगों को मदद प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन द्वारा यदि बाढ़ की स्थिति पैदा होती है तो लोगों को इसके कहर से बचाने के लिए सभी तैयारियाँ और एहतियाती प्रबंध मुकम्मल किये जा चुके हैं।

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