निदेशक विवेक चंदेल ने दियोली स्थित कार्प फिश फॉर्म का किया निरीक्षण

कार्प फिश फार्मिंग में ऊना जिला में सबसे अग्रणी जिला बनने की क्षमता – विवेक चंदेल

ऊना/सुशील पंडित: निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल ने जिला ऊना के दियोली स्थित कार्प फॉर्म का भ्रमण किया और फार्म पर की जाने वाली मत्स्य गतिविधियों का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान सहायक निदेशक मत्स्य ऊना विवेक शर्मा व वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी गगरेट राम सिंह उपस्थित रहे। सहायक निदेशक मत्स्य, ऊना विवेक शर्मा ने फार्म पर किए जाने वाले मत्स्य प्रजन्न की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्प फार्म पर छः प्रकार की मछलियों का प्रजन्न करवाया जा रहा है जिसमें इंडियन मेजर कार्प की तीन प्रजातियों में रोहू, कतला, मृगल तथा कॉमन कार्प व अमूर कार्प शामिल हैं। इसके अलावा सजावटी मछली में कोई कार्प मछली का प्रजन्न भी करवाया जा रहा हैं। इस अलावा निदेशक विवेक चंदेल ने फार्म पर स्थित चाइनींज हैचरी थी एफआरपी हैचरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विभागीय मत्स्य बीज फार्म, मत्स्य उत्पादन य मत्स्य कृषकों को मत्स्य पालन से जोड़ने के लिए अत्यंत जरूरी कड़ी हैं, तथा सभी मत्स्य कृषकों को उच्च किस्म का बीज उपलब्ध करवाना विभाग की जिम्मेदारी व कर्तव्य हैं। यदि मत्स्य पालकों का उच्च कोटि का बीज फार्म पर उपलब्ध होगा तभी उनका रूझान मत्स्य पालन की तरफ बढ़ेगा और इससे ज्यादा उत्पादन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा। विवेक चंदेल ने कहा कि आने वाले समय में फार्म पर मत्स्य प्रजन्न से संबन्धित सभी आधारभूत संरचनाओं की कमियों को समाप्त किया जाएगा। यह फार्म को पूर्ण सक्षमता के साथ चलाया जाएगा।


उन्होंने फार्म पर स्थापित फीड मिल का निरीक्षण किया तथा तैयार किए गए मत्स्य आहार का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य आहार को तैयार करने हेतू सभी स्थापित नियमों का पालन करने तथा सम्पूर्ण रूप से संतुलित व स्वच्छ आहार मछलियों के लिए बनाने और किसानों को भी निम्न दरों पर उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने कहा कि पूर्ण रूप से संतुलित, स्वच्छ व पौष्टिक मत्स्य आहार, मत्स्य प्रजन्न व मत्स्य उत्पादन हेतु अत्यंत जरूरी कड़ी हैं। निदेशक विवेक चंदेल ने कहा कि ऊना जिला कार्प मत्स्य पालन में सबसे अग्रणी जिला बनने की क्षमता रखता है। इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाए जाएं तथा ऊना जिला में कार्प मछली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। इसके पश्चात उन्होंने फार्म पर हो रही निर्माण संबन्धी गतिविधियों का जायजा लिया तथा फार्म पर स्थापित किए जाने वाले उत्कृष्टता केंद्र तथा फार्म पर स्थापित इंस्पेक्शन हट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस फार्म को एक मॉडल फार्म के रूप में विकसित करने के लिए भरसक प्रयास किए जाए। इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि आगामी समय में कोशिश की जाएगी कि फार्म पर स्टाफ की कमी को पूरा किया जा सके। इसके अलावा सहायक निदेशक मत्स्य ऊना ने निदेशक महोदय को जिला ऊना में की जा रही विकासात्मक गतिविधियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

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