Jalandhar : Code of Conduct में 1000 से ज्यादा अवैध निर्माणों तथा कालोनियों की शिकायतें दर्ज

10 करोड़ रुपये से ज्यादा का टैक्स चोरी !
     
बड़ा सवाल-  Gautam Jain IAS की चुप्पी के पीछे कौन ? पढ़ें पूरी खबर

जालंधर, अनिल वर्माः  चुनावी दौर में नेताओं के करीबी तथा कथित टैक्स चोरों द्वारा निगम के खजाने को जम कर लूटा गया। पिछले 55 दिनों से शहर में कोड ऑफ कंडक्ट लागू है ऐसे में अवैध निर्माण तथा अवैध कालोनियों की एक हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई मगर निगम कमिशनर गौतम जैन द्वारा किसी भी अवैध निर्माण के खिलाफ कारवाई करने का आदेश जारी नहीं किया गया।

 शहर के वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी ने बताया कि अलग अलग लोगों द्वारा इस चुनावी सीजन दौरान नगर निगम जालन्धर का करीब 10 करोड़ रुपये का टैक्स चोरी किया गया जिसका बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों ने कोई भी रिकार्ड मेनटेन नहीं किया उल्टा स्टाफ द्वारा शोकोस नोटिस जारी करने के बाद लोगों से निजी दफ्तरों में हीयरिंग की जाती है।

 जिसके बाद करीब 90 प्रतिशत मामलों को दबा दिया जाता है। पूर्व निगम कमिशनर दविंदर सिंह द्वारा अपनी जांच दौरान बिल्डिंग विभाग के एक बड़े घोटाले को पकड़ा गया था जिसे बिल्डिंग इंस्पैक्टर चला रहे थे। इंस्पैक्टरों द्वारा अपनी चालान बुकों से अलग अलग सैक्टरों के करीब 10 हजार से ज्यादा नगर निगम एक्ट 1976 की धारा 269 (1) तथा 270 (1) के तहत चालान काटे मगर किसी भी चालान को प्रौसेस नहीं किया गया। बता दें कि चालान प्रौसेस करने के बाद या तो अवैध निर्माण को डिमोलिश कर दिया जाता है या फिर राजीनामा करने योग्य निर्माण को क्लीन चिट देकर सरकारी फीस जमा करवा ली जाती है।

मगर पूर्व कमिशनर दविंदर सिंह ने इस मामले में शिकंजा इतना ज्यादा कस दिया कि ज्यादातर बिल्डिंग इंस्पैकटरों ने अपने तबादले तक करवा लिए और रिकार्ड से चालान बुक तथा कई जरूरी फाईलें भी गुम करवा ली गई। हैरानीजनक है कि आज भी यह प्रक्रिया बदस्तूर जारी है। नए निगम कमिशनर गौतम जैन द्वारा 29 जनवरी 2024 को अपना पदभार संभाला था इस कार्यकाल दौरान शहर में रिकार्डतोड़ अवैध निर्माण हुए कुछेक के खिलाफ कारवाई करने वाले एक अधिकारी को भी बिल्डिंग विभाग से हटा दिया गया। 

ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि निगम कमिशनर के हाथ बांधने वाला आखिर ऐसा कौन पावरफुल नेता है जो अपनी जेब भरने के लिए निगम के खजाने को लूट रहा है ? क्यास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव बीतने के बाद कई पावरफुल नेताओं के हाथ खाली होने वाले हैं।

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