Punjab : जीत के बाद भिडंरावाला के भतीजे का आया बयान, देखें वीडियो

फरीदकोट : पंजाब में 13 लोकसभा सीट में से 2 सीट आजाद उम्मीदवार अमृतपाल सिंह और सरबजीत सिंह खालसा जीते हैं। जिसे लेकर भिंडरा वाले की भतीजे जसबीर सिंह रोड़े ने प्रेस वार्ता की। देशभर में हुए लोकसभा चुनाव को विधानसभा चुनाव बोलते हुए कहा की पंजाब के 2 जिलों में चुनाव कैंपेन जोरदार तरीके से की थी, उसमें उनको सफलता हासिल हुई है। जसबीर सिंह रोड ने कहा कि फरीदकोट जिले से सरबजीत सिंह खालसा जो भाई बेअंत सिंह पुत्र हैं। जसबीर सिंह रोड़े ने कहा कि 1984 में इंदिरा गांधी की सरकार ने फौज भेज कर हमला कर दिया था, तो हमारे कई बहादुर लोगों ने फौज का सामना किया था।

उन्होंने कहा कि फरीदकोट जिले से आजाद उम्मीदवार सरबजीत सिंह खालसा को फरीदकोट में एक बड़े काफिले के साथ चुनाव प्रचार करते हुए बाबा फरीद जी के गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हुए थे। वही खडूर साहिब सीट से जीते आजाद उम्मीदवार अमृतपाल सिंह को लेकर कहा कि उनके लिए हमने तूफानी दौरे किए थे। हालांकि पहले जो स्थानिक पार्टियां थी और जिस पंथ ने नवाजा था उनकी बड़ी गलतियां बड़ी कमजोरी और गलत हरकतों के कारण पंजाब के लोगों और पंथ ने नकार दिया थे। वही कहां की सुखबीर सिंह बादल की तरफ से कहा गया कि यह एजेंसियों के लोग हैं, नकली अकाली दल है और यह आरएसएस के लोग हैं। लेकिन हमें आज थी और हमें काफी उत्साह मिल रहा था। क्योंकि लोगों के समर्थन के कारण हमें लग रहा था कि हम दो सीटों पर जीत दर्ज कर पाएंगे।

अमृतपाल सिंह से कोई अवैध हथियार नहीं पकड़ा गया, उसने कोई कत्ल नहीं किया। उसने कोई पार्लियामेंट पर हमला नहीं किया और कोई योजना नहीं थी, कोई लिटरेचर नहीं पकड़ा गया। लेकिन उसे एक छोटे से केस में पड़कर NSA के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। जसबीर सिंह रोड़े ने कहा कि यह एक धक्का था और धक्के शाही के खिलाफ पंजाब के लोग आवाज उठाते आए हैं। अगर अमृत पाल सिंह को जेल भेजना था तो अमृतसर जालंधर सहित पंजाब में कई और जेल हैं वहां भेज सकते थे। उन्होंने कहा कि यह धक्का किया गया है NSA भी गलत लगाई गई है और उसे दूर भेजा गया है। लेकिन अमृतपाल सिंह आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े हैं और लोगों ने उन्हें बड़ी वोटों के साथ जितवाया है।

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