गोरक्षक को पीटने के मामले में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, 2 सस्पेंड, SPO बर्खास्त और चौथे को ड्यूटी से हटाया

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पानीपतः हरियाणा के पानीपत जिले में गोरक्षक के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा सरेआम गुंडागर्दी की गई। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसमें पुलिस कर्मियों द्वारा गौरक्षक को चोटी से पकड़कर पीटा गया। वहीं घटना की वीडियो वायरल होने पर 10 घंटे के भीतर SP लोकेंद्र सिंह ने एक्शन लेते हुए 4 कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की गई। इस मामले में 2 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा एक SPO को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया और चौथे को ड्यूटी से हटा दिया गया है। इसी के साथ ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत लगे ड्राइवर पर भी कार्रवाई करने के लिए विभाग को पत्र लिख दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार SP ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए ERV 560 के इंचार्ज EHC सुशील और सनौली नाका इंचार्ज EASI शिवकुमार को सस्पेंड किया गया है। वहीं, SPO सकंद को बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा HKRN के तहत लगे ड्राइवर कुलदीप पर कार्रवाई की सिफारिश की है। फिलहाल कुलदीप को ड्यूटी से हटा दिया गया है। दरअसल, SP को दी शिकायत में करन ने बताया कि वह सनौली रोड का रहने वाला है। 16 अप्रैल को अवैध पशु तस्करी की गुप्त सूचना पर वह टीम के साथ सनौली थाने पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस को सूचित किया। सनौली थाना पुलिस यमुना नाका पर खड़ी हो गई। इसके बाद डायल 112 को सूचित किया।

पानीपत की ओर से एक बोलेरो गाड़ी आई। जिसको पुलिस की मदद से रूकवाया। उसमें 6 पशु थे। जिनमें चारे-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पशुओं को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। पुलिस द्वारा पशुओं की रसीद मांगने पर गाड़ी में सवार लोग कोई कागज पेश न कर पाए। ये कार्रवाई नाके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों की तरफ से की गई। करन का आरोप है कि कुछ देर बाद डायल 112 वापस आई और उसे रिश्वत देने का प्रयास करती है। उसने रिश्वत लेने से मना कर दिया। कुछ देर बाद एक बड़ा ट्रक पानीपत की ओर से आया। जिसके अंदर भी करीब 25-30 भैंसें ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं। ट्रक को यमुना नाके पर पुलिस की मदद से रोका गया। दोनों गाड़ियां यमुना पुल पर पुलिस नाके पर रोकी गई थीं। इसी दौरान गाड़ियां बहुत तेज गति से उत्तर प्रदेश की तरफ चली गईं।

जब उसने इस बारे में डायल 112 पुलिसकर्मियों से पूछा गया कि आप यह गाड़ी थाने में ले गए थे, तो यह यूपी की ओर कैसे चली गई। इसी बात पर पुलिसकर्मी तैश में आ गए और उसके साथ गाली-गलौज करनी शुरू कर दी। इसके बाद उससे मारपीट की और ट्रक जाने दिया। पुलिसकर्मी ने उसकी चोटी पकड़ कर उखाड़ने का प्रयास किया। उसने कहा कि इससे उसकी धार्मिक भावनाएं आहत की गईं। करण का कहना है कि सनौली रोड पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों के व्यवहार से एहसास होता है कि यह पुलिस कर्मचारी अवैध पशु तस्करों के साथ मिले हुए हैं, जो कि रात के समय पशु तस्करों से पैसों की वसूली करते हैं।

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