Shivaji की मूर्ति गिरने पर मचा सियासी घमासान, इस दिन से शुरू होगा ‘जूते मारो आंदोलन’

महाराष्ट्रः महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के नेताओं ने सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने को लेकर सियासी घमासान मच गया है। मूर्ति गिरने के विरोध में एमवीए ने 1 सितंबर को विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। जिसके चलते शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले समेत नेता रविवार को सुबह 11 बजे मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास हुतात्मा चौक से छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति तक मार्च निकालेंगे।

एमवीए की ओर से इस आंदोलन को सरकार को जूता मारो आंदोलन का नाम दिया गया है। इस दौरान NCP (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले समेत सभी प्रमुख विपक्षी नेता हाजिर रहेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से महाविकास आघाडी की तरफ से शिव सैनिकों से शामिल होने की अपील की है। इस दिन एमवीए की ओर से हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च किया जाएगा। पिछले दिसंबर में नौसेना दिवस पर सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अनावरण की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची मूर्ति सोमवार दोपहर को गिर गई।

इससे पहले बुधवार को उद्धव ठाकरे, शरद पवार, नाना पटोले और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने उद्धव के आवास पर बैठक की। उद्धव ने प्रतिमा के निर्माण में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि इस घटना के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार और नौसेना दोनों जिम्मेदार हैं। शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों से इनकार नहीं कर सकती क्योंकि सभी अनुमतियां राज्य के अधिकारियों से ली गई थीं। भाजपा मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें “गिद्ध” कहा, जो किसी के मरने पर भोजन की तलाश करता है।

उन्होंने आगे कहा कि उद्धव “औरंगजेब फैन क्लब” के सदस्य हैं और वह “कुछ समुदायों” द्वारा किए गए अन्य अवैध अतिक्रमणों के बारे में नहीं बोलते हैं. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रतिमा गिरने की घटना की जांच चल रही है। वहीं, इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सीएम एकनाथ शिंदे ने माफी मांगी है और कहा कि जल्द ही शिवाजी की भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष को राजनीति रंग नहीं देना चाहिए, क्योंकि शिवाजी महाराज हम सभी के भगवान हैं और उनके दिखाये रास्ते पर ही वे लोग कामकाज कर रहे हैं।

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