Punjab News: किसानों को लेकर CM MANN का चैलेंज, दी खुली चुनौती

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बठिंडाः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसानों को खुला चैलेंज किया है। दरअसल, किसानों द्वारा रेल लाइन और सड़कों को जाम किए जाने से लोगों को आ रही परेशानियों को लेकर बठिंडा दौरे पर पहुंचे सीएम मान ने चैलेंज किया है। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं ने अवैध रूप से पैसा इकट्‌ठा किया है। सीएम मान पर किसान नेता भड़क गए। जिस पर सीएम मान ने किसानों को लाइव बहस करने की चुनौती दे दी। मान ने कहा कि कुछ यूनियन लीडरों ने छोटे किसानों से पैसा जुटाकर बड़ी प्रॉपर्टीज बना रखी हैं।

सीएम का कहना है कि किसान नेताओं ने अवैध रूप से पैसा इकट्‌ठा किया है। कुछ यूनियन लीडरों ने छोटे किसानों से पैसा जुटाकर बड़ी प्रॉपर्टीज बना रखी हैं। यूनियनें बेतुके मसलों पर सड़क तथा रेल रोककर सिर्फ अपनी दुकानें चला रही हैं। मान ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कई किसान नेताओं ने प्रदेश के होटलों व अस्पतालों में भी अपने हिस्सेदारी डाली है। वे चुनौती देते हैं कि किसान नेता खेती संकट से जुड़े मामलों पर उनके साथ लाइव बहस करें।

सीएम मान ने कहा कि किसान यूनियन और किसान दोनों अलग-अलग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान यूनियनें संघर्ष करने की आड़ में किसानों से फीस लेती हैं। अभी BBMB व हरियाणा के साथ पानी का विवाद हुआ है, लेकिन पंजाब के किसी किसान नेता ने एक शब्द नहीं कहा। किसान यूनियनें बेतुके मसलों पर सड़क तथा रेल रोककर सिर्फ अपनी दुकानें चला रहे हैं। दरअसल, सीएम मान बुधवार (30 मई) को बठिंडा के 2 दिन के दौरे पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक होटल में हलके के पंचों और सरपंचों की मीटिंग ली।

मान ने अकाली दल पर कहा कि इन दिनों ‎‎बादल-मजीठिया परिवार में बोलचाल बंद है। अब बेशक सुखबीर बादल और बिक्रम मजीठिया उनके कहने के बाद बोलने लगें, लेकिन सच्चाई यही है। दूसरी ओर किसानों ने सीएम मान के चैलेंज को स्वीकार किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जिन किसानों ने दुकानें खोल रखी है, वह खुली डिबेट में बैठकर इस बारे में बताए। पंधेर ने आरोप लगाए है कि दिल्ली से आदेश दिए गए है, जिसके चलते आज किसानों को खुला चैलेंज किया गया। दूसरी ओर आप नेता नील गर्ग ने कहा कि आप पार्टी किसानों के एमएमसपी मुद्दों को लेकर किसानों के साथ खड़ी रही है। लेकिन कुछ मुद्दे किसानों के ऐसे जिसमें पंजाब का कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में उन मामलों को लेकर पंजाब की सड़के रोकना कहां तक जायज है।

 

 

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