पिपलू मेले में बिखरी हिमाचली लोक-संस्कृति की अनुपम छटा

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मेले के समापन समारोह में  आर.एस. बाली ने की  शिरकत 

ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक पिपलू मेला 7 जून को अपार जनसमूह, श्रद्धा और उल्लास के साथ पारंपरिक भव्यता में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक मेला नहीं रहा, बल्कि जनआस्था, सामाजिक समरसता और   लोक-संस्कृति का जीवंत पर्व बनकर उभरा।

समापन समारोह में राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री रैंक) आर एस बाली आर.एस. बाली ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को एक विशेष ऊँचाई प्रदान की।

आर.एस. बाली ने कहा कि हिमाचल की संस्कृति इसकी आत्मा है। ऐसे आयोजन परंपरा को संजोते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी इन मेलों का अत्यंत महत्त्व है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश के ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को हरसंभव सहयोग और मंच मिले। कुटलैहड़ को एक पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में स्थानीय लोगों को व्यापक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

पिपलू मेला ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब जनश्रद्धा, संस्कृति और परंपरा एक साथ अभिव्यक्त होती हैं, तो वह आयोजन मात्र एक उत्सव नहीं रह जाता बल्कि एक     संस्कृति-स्नान बनकर हिमाचली आत्मा का उत्सव बन जाता है।

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि पिपलू मेला केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आत्मा की आवाज है। हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह मेला पीढ़ियों को एक डोर में बाँधता है और हमारी     सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़ाव का प्रतीक है।

उन्होंने आयोजन की सफलता हेतु स्थानीय प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आयोजन समिति का आभार जताते हुए कहा कि यह मेला सामाजिक समरसता और सौहार्द्र का सजीव उदाहरण है, जहाँ अनुशासन और जनउत्साह का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के प्रसिद्ध कलाकारों  मोहित गर्ग, राखी गौतम और अन्य लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, गायन और विविध लोककलाओं की प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों में हिमाचल की विविध सांस्कृतिक छवियाँ, लोक-राग और पारंपरिक जीवनशैली की झलक अत्यंत भावनात्मक रूप में प्रस्तुत हुई।

सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को विधायक विवेक शर्मा द्वारा स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, प्रदेश कांग्रेस सचिव देशराज मौदगिल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा, कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका, जिला परिषद सदस्य सत्या देवी, पंचायत प्रधान महेन्द्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधिगण और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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