Trump ने वायरल किया Obama की गिरफ्तारी का AI Video, पहले लगाया था धोखाधड़ी का आरोप

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नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की गिरफ्तारी का एआई से बना वीडियो पोस्ट किया है। इस वायरल वीडियो में यह देखा जा रहा है कि बराक ओबामा को एफबीआई एजेंट व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में गिरफ्तार कर रहे हैं। वीडियो में ओबामा के ट्रंप को पास में बैठे हुए भी दिखाया गया है। इसके बाद 3 एजेंट्स आते हैं। एजेंट्स ओबामा का कॉलर पकड़कर उन्हें अंदर की ओर धक्का देकर नीचे गिरा देते हैं और उनके हाथों में हथकड़ियां लगाते हैं। पास में बैठे हुए ट्रंप यह सब चीजें मुस्कुरा कर देख रहे हैं। वहीं वीडियो के अंत में ओबामा जेल की पोशाक में एक सेल के अंदर भी दिखते हैं। वीडियो की शुरुआत ओबामा के एक पुराने बयान से होती है जिसमें वो कहते हैं कोई भी खासतौर पर राष्ट्रपति भी कानून से ऊपर कोई भी नहीं है। इसके बाद ड्रेमोक्रेटिक नेताओं की क्लिप भी जोड़ी गई है जिनमें जो बाइडेन भी शामिल हैं और दोहराते हैं कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।

लोकतंत्र के लिए खतरनाक है

इस वीडियो को लेकर ट्रंप ने कोई भी सफाई नहीं दी है कि यह वीडियो फेक है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि यह सिर्फ एक काल्पनिक दृश्य है। इस वीडियो की वजह से ट्रंप की खूब आलोचना भी हो रही है। कई लोगों ने इस वीडियो को उकसाने वाला बताया है और कहा कि एक राष्ट्रपति को ऐसा फर्जी वीडियो शेयर करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह एपस्टीन केस से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

धोखाधड़ी का लगा आरोप

ट्रंप ने कुछ हफ्ते पहले ही ओबामा के प्रशासन पर 2016 के चुनाव में उनके खिलाफ चुनावी धोखाधड़ी की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इससे पहले अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने भी ट्रंप पर 2016 के चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया। गबार्ड ने कहा कि ओबामा और उनके प्रशासन के कई सीनियर अधिकारियों ने मिलकर एक देशद्रोही साजिश रची थी। इनका मकसद यह साबित करना था कि ट्रंप की 2016 की राष्ट्रपति चुनाव में जीत रुस की मदद से हुई थी।

अमेरिका के लोकतंत्र में खत्म हो जाएगा जनता का भरोसा

पहले यह कहा जा रहा था कि रुस चुनाव में हस्तक्षेप नहीं कर रहा लेकिन चुनाव के बाद उल्टे दावे भी किए जाने लगे हैं। इस साजिश में जो भी लोग शामिल थे चाहे वो कितने भी ताकतवर क्यों न हो उन पर जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार, कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो अमेरिका के लोकतंत्र में जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा वो देश के भविष्य के लिए खतरनाक होगा।    

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