SHO के खिलाफ कोर्ट का एक्शन, लॉकअप में किया गया बंद

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कैथल: हरियाणा के कैथल की विशेष अदालत ने स्टेट ऑफ हरियाणा बनाम गौरव केस की सुनवाई के दौरान सभी को हैरान कर दिया। अदालत ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार को बार-बार गैरहाजिर रहने पर एक घंटे तक कोर्ट परिसर में बने बक्शीखाना में रखने का आदेश दिया। दरअसल, साल 2021 के एक हत्या मामले में गवाही से बार-बार अनुपस्थित रहने पर सिरसा जिले के बड़ाबूढ़ा थाने के SHO इंस्पेक्टर राजेश कुमार को अदालत ने एक घंटे के लिए कोर्ट के लॉकअप में बंद करने का आदेश दिया गया।

एसएचओ राजेश कुमार सुबह जब अदालत में गवाही के लिए पहुंचे, तो कोर्ट ने उन्हें तुरंत लॉकअप में भेजने का निर्देश दिया। निर्देश के बाद पुलिसकर्मी भी कुछ समय तक हैरान रह गए कि एक वर्दीधारी एसएचओ को सलाखों के पीछे कैसे डाल दिया गया? लेकिन न्यायिक आदेश था, पालन करना पड़ा। करीब 10:30 बजे से 11:30 बजे तक उन्हें कोर्ट परिसर के बंदी कक्ष में रखा गया। बाद में लिखित आदेश मिलने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और गवाही के बाद रिहा कर दिया गया।

इस पूरे मामले में प्रिजनर एस्कॉर्ट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि, “नायब कोर्ट, रीडर और सरकारी वकील की ओर से मौखिक निर्देश मिले थे कि एसएचओ राजेश कुमार को कोर्ट परिसर में स्थित बंदी कक्ष (लॉकअप) में रखा जाए। हालांकि, उस समय तक कोई लिखित आदेश मौजूद नहीं था। एसएचओ को सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक लॉकअप में रखा गया। लगभग एक घंटे बाद जब लाइव कोर्ट से लिखित आदेश प्राप्त हुआ, तभी एसएचओ को कोर्ट में पेश किया गया।”

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