आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें कौन सी राशियां होंगी प्रभावित

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धर्मः ब्लड मून चंद्र ग्रहण के बाद, एक और खगोलीय घटना आज घटित होने वाली है। दरअसल, आज रात साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण कन्या राशि में लगेगा। साथ ही, आज ग्रहण के साथ साथ सर्वपितृ अमावस्या का संयोग भी बन रहा है। वैदिक पंचांग और भारतीय तिथि अनुसार यह आंशिक ग्रहण होगा, जो भारत में नजर नहीं आएगा। इसलिए यहां धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल लागू नहीं होगा। ऐसे में सभी धार्मिक कार्य अपने समयानुसार होंगे। ग्रहण का आरंभ आज रात 11 बजे होगा और यह कल यानी 22 सितंबर की सुबह 3 बजकर 23 मिनट तक चलेगा। इस दिन पितृ विसर्जनी अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या या महालया अमावस्या भी कहा जाता है, का विशेष संयोग बन रहा है। खगोलिए वैज्ञानिकों अनुसार, पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा कहीं न कहीं जरूर आएगा। कई बार उसका एंगल महासागर से निकल जाता है। इसलिए वो कई बार नजर नहीं आता। चूंकी वहां मानव मौजूद नहीं होते हैं। इसलिए वो नजर नहीं आता। ग्रहण का खेल एंगल और शैडो का होता है। यदि उस एंगल पर कोई आता है तो चंद्रमा सूर्य के उतने भाग को ढक लेगा। जब तक चंद्रमा क्रॉस नहीं होता तब तक सूर्य उतने एंगल पर नजर नहीं आएगा। चंद्रमा के निकलते से ही सूर्य हमें दिखने लग जाएगा। यह सूर्य ग्रहण आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। सूर्य ग्रहण भारत में न दिखने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में सभी धार्मिक कार्य अपने समयानुसार होंगे। इस बार ग्रहण और सर्वपितृ अमावस्या का संयोग बन रहा है। हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसका असर प्रकृति और जीवन पर अवश्य पड़ सकता है।

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण

सितंबर का यह आंशिक सूर्य ग्रहण दक्षिणी प्रशांत महासागर, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, दक्षिण महासागर, पोलिनेशिया, मेलानेशिया, नॉरफॉक द्वीप, आइलैंड, क्राइस्टचर्च और वेलिंग्टन सहित कई देशों में नजर आएगा।

इस समय होगा प्रभाव

सर्वपितृ अमावस्या की तिथि 21 सितंबर की रात 12 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 22 सितंबर की रात 1 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार यह पर्व 21 सितंबर को ही मनाया जाएगा। इस बार पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के साथ चतुष्पद करण का विशेष योग भी बन रहा है।

इन राशियों पर पड़ सकता है असर

कन्या राशि: यह ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, इसलिए जातकों को सेहत और निर्णय लेने में सावधानी रखनी होगी। मीन राशि: इस राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों और रिश्तों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। मिथुन राशि: कामकाज में अड़चनें आ सकती हैं, तनाव बढ़ सकता है। धनु राशि: यात्रा और खर्चों में सतर्क रहना होगा। शुभ प्रभाव वाली राशियां वृषभ राशि: रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। सिंह राशि: करियर और मान-सम्मान में वृद्धि के योग बन रहे हैं। मकर राशि: पारिवारिक जीवन में सुधार और लाभ की स्थिति बनेगी।

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