UNHRC में भारत की पाकिस्तान को फटकार, भारतीय राजनयिक ने उठाए पड़ोसी देश पर सवाल

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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को फटकार लगाई है। भारत के राजनयिक क्षितिज त्यागी ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद(UNHRC) के 60वें सेशन में पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर वाले मुद्दे पर जमकर लताड़ लगाई है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान सबसे पहले अवैध कब्जा वाले पीओके को खाली कर दे। यूएनएचआरसी को निष्पक्ष और गैर चयनशील होना चाहिए। यदि कुछ ही देशों पर ध्यान देंगे तो आने वाले समय की चुनौतियों से ध्यान ही भटक जाएगा। क्षितिज ने आगे यह भी कहा कि पाकिस्तान इस मंच को भारत के खिलाफ गलत इस्तेमाल कर रहा है। उसे हमारे क्षेत्र पर नजर रखने की जगह कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली करना चाहिए। उसे अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए ध्यान देना चाहिए। इसी अर्थव्यवस्था के सहारे उसका आगे का उसका जीवन टिका हुआ है। पाकिस्तान के भेजे हुए आतंकवादियों ने इसी साल अप्रैल में पहलगाम में हमला किया। क्या हम उरी को भूल जाएं या फिर मुंबई हमले को भूल जाएं। भारत और पूरी दुनिया पाकिस्तान की इन हरकतों को नहीं भूलेगी। पाकिस्तान की सेना ने खैबर पख्तूनख्वा में अपने असहाय और मासूम अवाम पर बमबारी की। इस घटना ने दुनिया का ध्यान खींचा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की इस करतूत की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि ये दुनिया का ऐसा मुल्क है जो अपने ही नागरिकों पर लड़ाकू विमान से बम गिराता है और उनकी हत्याएं करता है।

अपनी अर्थव्यवस्था सुधारनी चाहिए

जिनेवा में यूएनएचआरसी में भारत के स्थायी मिशन के काउंसलर क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने और दुष्प्रचार के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। त्यागी ने सिलसिलेवार तरीके से पाकिस्तान की इस करतूत को दुनिया के सामने रखा है। उनका कहना है कि हमारे क्षेत्र पर लालच करने की जगह उन्हें अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र को खाली कर देना चाहिए और यदि उन्हें आतंक का निर्यात करने, अपने लोगों पर बमबारी करने और यूएन के द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को पनाह देने से फुर्सल मिले तो उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। भारत ने पाकिस्तान पर भारत के प्रति असंवेदनशील होने और दुष्प्रचार फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और इस्लामिक सहयोग संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का नियमित तौर पर दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

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