महाकाल के दर्शन करने पहुंचे Sanjay Dutt, सालों बाद पूरी हुई ये इच्छा, देखें वीडियो

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उज्जैनः मशहूर बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त आज उज्जैन पहुंचे। संजय दत्त ने सुबह-सुबह बाबा महाकाल के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की। एक्टर सुबह की भस्म आरती में शामिल हुए। मंदिर के अंदर का वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने महाकाल लिखी चादर ओढ़ रखी है। संजय दत्त इस वीडियो में नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की पूजा-आराधना में लीन दिख रहे हैं। बताया जाता है कि संजय दत्त के दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। वीडियो में संजय दत्त भगवान के सामने हाथ जोड़े और गर्दन झुकाए हुए पूरी भक्ति में डूबे नजर आए।

महाकाल के दर्शन के बाद संजय दत्त ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि बाबा ने उन्हें बुलाया और इस अनुभूति को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आए संजय दत्त ने धोती-कुर्ता पहनकर मंदिर में प्रवेश किया। उन्होंने नंदी हाल में बैठकर करीब 1 घंटे तक शिव की आराधना की। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी के द्वार से बाबा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि बाबा महाकाल ने मुझे बुलाया।

भस्म आरती का एहसास बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं, लेकिन लगता है यहां कोई शक्ति है। यहां किसी को आने के लिए अपील की जरूरत नहीं है। बाबा जिसे बुलाएंगे वह खुद आ जाएगा। मैं कितने सालों से कोशिश कर रहा था और अब आ पाया हूं और अब उनकी इच्छा पूरी हो गई है। यह कहकर संजय दत्त ने ‘हर हर महादेव’ का जयकारा लगाया और वहां से रवाना हो गए। संजय दत्त हाल ही में फिल्म ‘बागी 4’ में नजर आए, जिसमें टाइगर श्रॉफ, हरनाज संधू और सोनम बाजवा भी अहम भूमिका में थे। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म है। उनकी अगली फिल्म ‘धुरंधर’ होगी, जिसमें रणवीर सिंह, आर. माधवन और अक्षय खन्ना जैसे सितारे हैं। यह एक जासूसी थ्रिलर फिल्म है, जो एक गुप्त एजेंट की कहानी पर आधारित है। इसके अलावा संजय ‘द राजा साब’ और ‘केडी – द डेविल’ में भी नजर आएंगे।

बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में है और यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि यहां का शिवलिंग स्वयंभू है, जो अपनी शक्ति से प्रकट हुआ है। मध्य प्रदेश में एक और ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, भी है, जो महाकालेश्वर से करीब 140 किमी दूर है। यह मंदिर, भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, शिप्रा नदी के तट पर स्थित है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। भस्म आरती, जो सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच होती है, मंदिर का एक प्रमुख अनुष्ठान है, जिसमें पंचामृत से भगवान का स्नान कराया जाता है।

 

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