अमृतसरः जिले के छेहर्टा इलाके में गोलियां चलने की घटना सामने आई है। जहां व्यक्ति का गोलियां मारकर कत्ल कर दिया गया। दरअसल, 2012 में एएसआई रविंदर पाल सिंह हत्या कांड में दोषी ठहराए गए और सजा काट रहे धर्मजीत सिंह उर्फ धर्मा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। मृतक 14 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था। देर रात बदमाशों ने घर के सामने उसका गोलियां मारकर बेरहमी से कत्ल कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार मोटरसाइकिल पर सवार लगभग 3 युवक रात लगभग 12 बजे धर्मा के घर के सामने पहुंचे और उन्होंने धर्मे पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
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इस घटना में गोलियां लगने के बावजूद धर्मे ने अपनी जान बचाने की कोशिश की, लेकिन 4 से 5 गोलियां लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धर्मा की पत्नी ने खुलासा किया है कि जेल के अंदर उसका जग्गू भगवनपुरिया गैंग के सदस्यों से झगड़ा हुआ था। उसने यह भी बताया कि धर्मा ने घर आकर कहा था कि उसे जग्गू भगवनपुरिया से खतरा है और वह अपनी जान को लेकर चिंतित है। घटना की सूचना मिलते ही छेहर्टा पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कहा है कि आसपास के घरों और दुकानों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर जल्दी गिरफ्तारी की जा सके।
एसीपी शिवदर्शन सिंह ने कहा कि यह हत्या गैंगवार से जुड़ी लगती है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी कोण को अनदेखा नहीं किया जाएगा। इस हत्या ने छेहर्टा और आसपास के इलाके में लोगों में डर और गुस्सा पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि बेगुनाह लोगों की जानों के साथ खिलवाड़ बंद कराने के लिए पुलिस को गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। धर्मजीत सिंह धर्मा पहले ही गंभीर मामले में सजा काट रहा था। अब उसकी मौत गैंगस्ट्री हिंसा और जेल के अंदर चल रहे टकराव का नया अध्याय मानी जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा।

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