हटली क्लब में धूमधाम से हुआ सीता स्वयंवर, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, ढोल की थाप पर नाचे बाराती, सीता विदाई पर रोया पंडाल

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सीता स्वयंवर में लंका पति रावण ने भी दी दस्तक, रावण की दहाड़ों पर सैकंडों दर्शकों ने बजाई तालिया

ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के श्री राम नाटक क्लब हटली में चल रही 67वीं शुद्ध रामायण मंचन श्रृंखला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर का भव्य आयोजन हुआ। नवरात्रों की पावन बेला में आयोजित इस पौराणिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति और मर्यादा के अद्भुत माहौल में बांध दिया। पंडाल में श्रद्धालुओं की इतनी भीड़ उमड़ी कि बैठने के लिए कुर्सियां तक कम पड़ गईं। चारों ओर जयकारों और शंखनाद से वातावरण गूंजायमान रहा। सीता स्वयंवर के मंचन में दर्जनों राजाओं ने शिरकत की। लंका पति रावण का प्रवेश होते ही पूरा पंडाल गर्जना से गूंज उठा। रावण के स्वरूप का मंचन करने वाले कलाकार की संवाद शैली और तेजस्वी अभिनय ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। दूसरी ओर, भगवान श्रीराम ने धनुष उठाकर माता सीता का स्वयंवर रचाया और वेद मंत्रों के बीच दोनों का पावन विवाह संपन्न हुआ।

इस पावन विवाह प्रसंग ने वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया।कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि माता सीता का अभिनय करने वाले पूर्व बाल कलाकार संजीव पटियाल उर्फ गोगी, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर वर्तमान में हिमाचल पुलिस में सेवाएं दे रहे हैं, भी मंचन में शिरकत करने पहुंचे। उनके आने से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में अलग ही उत्साह देखने को मिला। वहीं उनकी बहन बल्टीना देवी, जो पड़ियौला गांव से यहां पहुंचीं, ने भी रामलीला मंचन का आनंद लिया और आशीर्वाद स्वरूप सहयोग का संकल्प जताया।इस अवसर पर हटली क्लब के प्रधान मदन सोनी ने कहा कि जनता का अपार स्नेह और आशीर्वाद ही श्रीराम नाटक क्लब की सबसे बड़ी पूंजी है।

उन्होंने बताया कि पिछले 67 वर्षों से हटली क्लब मर्यादा और अनुशासन के साथ शुद्ध रामायण मंचन करता आ रहा है और यह श्रृंखला आने वाली पीढ़ियों तक भी ऐसे ही जारी रहेगी।मंच संचालन कर रहे विपिन साजन ने कहा कि हटली मंच के कलाकार केवल धार्मिक प्रसंग ही प्रस्तुत नहीं करते बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश भी देते हैं। उनके अनुसार रामायण केवल एक पौराणिक कथा नहीं बल्कि जीवन जीने की मर्यादा का अद्भुत उदाहरण है, जिसे हर पीढ़ी को आत्मसात करना चाहिए।पड़ियौला से भगवान श्रीराम की बारात बैंड-बाजों के साथ मंच पर पहुंची तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। श्रद्धालु विवाह समारोह में शामिल होकर अपने आपको भाग्यशाली मानते रहे।सीता स्वयंवर के इस भव्य आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया, बल्कि समाज में मर्यादा, आस्था और एकजुटता का संदेश भी दिया।

लगातार बढ़ती भीड़ इस बात का प्रतीक है कि हटली की रामलीला ने जनमानस के हृदय में गहरी जगह बनाई है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज और भी प्रखर रूप से सुनाई देगी।  कुल मिलाकर तीसरे नवरात्रे के उपलक्ष्य पर आयोजित सीता स्वयंवर का यह आयोजन श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का संगम बनकर लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक अंकित रहेगा। श्री राम जी की भूमिका में अवनीश सोनी लक्ष्मण की भूमिका में दिनेश खत्री,सीता की भूमिका में तरुण कौशल, जनक की भूमिका में मदन गोपाल,रावण की भूमिका में संजय सोनी, राजा की भूमिका में विवेक शील शर्मा अरमान,समर धीमान,राज कुमार धीमान,अजय धीमान,कमल देव शास्त्री, किशन देव शर्मा, ओम प्रकाश सोनी,पूर्ण सिंह राणा,सुरेन्द्र राणा,राहुल शर्मा अमन शर्मा,आदित्य सोनी,शुभम् शर्मा ने अपने अभिनय से सभी को भावुक भोर किया।

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