कुटलैहड़ सांसद खेल महाकुंभ: मंदली बनी कबड्डी चैंपियन, टक्का उपविजेता

Written by

in

इस खेल प्रतियोगिता में 22 टीमों ने लिया भाग, मंदली टीम ने टक्का को 60 अंकों से हराया,अभिषेक बने मैंन ऑफ दा मैच ऊना/ सुशील पंडित: कुटलैहड़ में आयोजित सांसद खेल महाकुंभ के तहत कबड्डी प्रतियोगिता का समापन शानदार तरीके से हुआ। इस रोमांचक टूर्नामेंट में मंदली की टीम ने चैंपियन का खिताब अपने नाम किया, जबकि टक्का की टीम उपविजेता रही। इस प्रतियोगिता में कुल 22 टीमों ने हिस्सा लिया, जो क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा का प्रमाण था। मंदली की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया और हर मैच में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मदली टीम के 87 अंक बही टक्का  के 27 अंक रहे। ओर मंदली ने टक्का को 60 अंकों से हराया। बही रेडर अभिषेक राणा अकेले फाइनल  मुकाबले में 67 अंक लेकर विजेता टीम के मैंन ऑफ दा मैच बने। ओर मुकाबले में टीम ने टक्का को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मैच बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण रहा, जिसमें दर्शकों ने खिलाड़ियों का जमकर उत्साहवर्धन किया। मंदली के खिलाड़ियों ने टीम वर्क और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए अपनी जीत सुनिश्चित की। हालांकि टक्का की टीम फाइनल में हार गई, लेकिन उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मंदली को कड़ी टक्कर नहीं दे पाए। सांसद खेल महाकुंभ के प्रभारी राजेन्द्र रिंकू ने बताया कि इस कबड्डी प्रतियोगिता में कुल 22 टीमों ने हिस्सा लिया, जो स्थानीय स्तर पर खेल के प्रति बढ़ते उत्साह और प्रतिभा का परिचायक है। खेल महाकुंभ के माध्यम से युवाओं को अपने कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। यह प्रतियोगिता क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवा खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करने का बेहतरीन प्रयास साबित हुई। इस आयोजन के मुख्य अतिथि पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष सुनील शारदा रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं में खेल भावना और अनुशासन को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को निखारने में मददगार साबित होते हैं। मुख्यतिथि के अलावा, स्थानीय दर्शकों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में भाग लिया और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। इस आयोजन ने क्षेत्रीय खेलों को नई दिशा देने और युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने का काम किया है।इस प्रतियोगिता से खिलाड़ियों में आत्म विश्वास बढ़ा है, और यह आयोजन आने वाले समय में और अधिक प्रतिभाओं को निखारने का माध्यम बनेगा। मंदली की जीत और टक्का के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि इस क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की जरूरत है। स्थानीय युवाओं का मानना है। कि कुल कुटलैहड़ सांसद खेल महाकुंभ का यह आयोजन क्षेत्रीय खेलों के विकास और युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में ऐसे और भी आयोजन होंगे, जो स्थानीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *