क्लस्टर प्रणाली के खिलाफ उपमंडल बंगाणा पीटीएफ संघ , मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

Written by

in

जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा,विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा:वीरेंद्र ठाकुर

ऊना/ सुशील पंडित: शिक्षा विभाग द्वारा 23 सितंबर 2025 को लागू की गई नई क्लस्टर प्रणाली के विरोध में आज प्राथमिक शिक्षक संघ (पीटीएफ) बंगाणा ने जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षा खंड बंगाणा के सभी प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर की अगुवाई में मिनी सचिवालय बंगाणा में एकत्रित हुए और उपमंडल अधिकारी बंगाणा के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना में प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन प्रिंसिपलों को सौंपा गया है, जो कि प्राथमिक शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात है।

इससे पहले 3 नवंबर 2023 को भी इसी तरह की अधिसूचना जारी की गई थी, जिसका पीटीएफ ने पुरजोर विरोध किया था। उस समय वार्ता के बाद 13 फरवरी 2024 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें क्लस्टर प्रणाली को केवल रिसोर्स शेयरिंग तक सीमित रखने पर सहमति बनी थी। साथ ही यह तय हुआ था कि नर्सरी से पांचवीं तक की प्राथमिक शिक्षा का संचालन मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक व खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के अधीन रहेगा, जबकि छठी से बारहवीं तक का संचालन पहले की तरह प्रिंसिपल के नियंत्रण में होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि नई अधिसूचना में इन सहमतियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। इस निर्णय से प्राथमिक शिक्षा का अलग ढांचा, जो वर्ष 1984 से कार्यरत है, अस्तित्वहीन हो जाएगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले वर्षों में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने असर रिपोर्ट में प्रथम स्थान तथा राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में तीसरी कक्षा के परिणामों में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया था — जो कि प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत का नतीजा है, न कि प्रिंसिपलों के अधीन ढांचे का।

पीटीएफ ने चेताया कि यदि यह अधिसूचना वापस नहीं ली गई, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी और मुख्य शिक्षक, केंद्र मुख्य शिक्षक तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के पद निरर्थक हो जाएंगे। उन्होंने इसे दोहरी प्रशासनिक व्यवस्था बताकर विरोधाभास पूर्ण व प्राथमिक शिक्षा विरोधी कदम बताया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह अधिसूचना उस वादे के भी विपरीत है, जो शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक शिक्षकों के साथ निदेशालय गठन के समय किया था, कि प्राथमिक शिक्षा के ढांचे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। पीटीएफ ने सरकार से आग्रह किया कि वह प्राथमिक शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस अधिसूचना को तुरंत वापस ले। इस अवसर पर पीटीएफ हिमाचल प्रदेश के कोषाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा, पीटीएफ बंगाणा के अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर, महासचिव किशोरी लाल, कोषाध्यक्ष राजपाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश नरयाल, पवन कुमार, मनोहर लाल (सीएचटी), राज कुमार (सीएचटी), रेणुका शर्मा, नीलम कुमारी (एचटी), महाजनी (जेबीटी) सहित लगभग 70 अध्यापक उपस्थित रहे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *