गरमाया ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप मामला, WHO ने मांगा स्पष्टीकरण

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नई दिल्लीः मध्य प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला लगातार गरमाता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल, ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप से 21 बच्चों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं जानलेवा कफ सिरप को पंजाब सहित कई राज्यों में बैन कर दिया। वहीं इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीसन मेडिकल्स के मालिक रंगनाथन को हिरासत में ले लिया है।

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Contaminated Cough Syrup Claims Two More Young Lives, Death Toll Reaches 22

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक बयान जारी कर कहा कि वह भारत में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत को लेकर बेहद चिंतित है और स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है तथा उन्होंने इसमें स्पष्टीकरण की मांग की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इन घटनाओं की गंभीरता को समझता है तथा दुखद घटनाओं की जांच और प्रतिक्रिया में राष्ट्रीय प्राधिकारियों को सहयोग देने के लिए तैयार है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने पुष्टि की है कि कोई भी उत्पाद अन्य देशों को निर्यात नहीं किया जाता है।

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत के अधिकारियों से जानना चाहा है कि क्या ये दवाईयां देश के बाहर भी गई थीं। दरअसल, समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य एजेंसी, अधिकारियों से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद, कफ सीरप, कोल्ड्रिफ, पर ‘वैश्विक चिकित्सा उत्पाद अलर्ट’ जारी करने पर फैसला करेगी।

बता दें कि कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से मध्य प्रदेश में पांच बच्चों की हालत गंभीर है। वहीं, डायथिलीनग्लाइकॉल (डीईजी) और एथिलीनग्लाइकॉल (ईजी) युक्त दूषित कफ सीरप के सेवन के बाद 20 बच्चों की मौत हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि इस सीरप के सेवन से बच्चों की किडनी में संक्रमण हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, राजस्थान के विभिन्न जिलों में भी कफ सीरप के सेवन से कम से कम 3 बच्चों की मौत हुई है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2023 में दवा कंपनियों को लेबल और पैकेजइंसर्ट पर यह चेतावनी देने का आदेश दिया था कि क्लोरफेनिरामाइनमैलिएटआईपी 2 मिलीग्राम और फिनाइलेफ्राइन एचसीएल आईपी 5 मिलीग्रामड्रॉप/एमएल का फिक्स्ड-डोजकॉम्बिनेशन (एफडीसी) चार साल से कम उम्र के बच्चों में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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