पुलिसकर्मी के घर से नाबालिग लड़की का शव हुआ बरामद

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बीजापुरः छत्तीसगढ़ के बीजापुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां दारापारा इलाके में पुलिसकर्मी के घर में नाबालिग छात्रा का शव बरामद हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग आदिवासी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। मृतका की पहचान 14 वर्षीय चांदनी कुडियम निवासी भैरमगढ़ के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार चांदनी 6वीं कक्षा की छात्रा थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चांदनी की हत्या की गई है और मामले को आत्महत्या का रूप देकर दबाने की कोशिश की गई।

मृतका के भाई अजय कुडियम ने बताया कि जून महीने में पुलिसकर्मी की पत्नी नीरजा तिर्की अपने रिश्तेदार के साथ उनके घर आई थी और काम और पढ़ाई कराने के बहाने चांदनी को अपने साथ ले गई थी। जब भाई ने विरोध किया तो नीरजा ने कहा कि वह उसकी देखभाल और शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेगी, लेकिन कुछ ही महीनों में हालात बदल गए। घटना से एक दिन पहले चांदनी ने अपने भाई अजय को फोन कर बताया था कि वह बहुत परेशान है और घर लौटना चाहती है। उसने ये भी कहा था कि पुलिसकर्मी के घर के पीछे एक गड्ढा खोदकर कुछ छिपाया गया है और उसके पास कई राज हैं जो वह घर आकर बताएगी।

लेकिन अगली सुबह उसकी मौत की खबर आई। अजय ने बताया कि मौत के बाद सुभाष तिर्की और उसकी पत्नी नीरजा गांव पहुंचे और कहा कि मामले को पुलिस तक न जाने दिया जाए। उन्होंने डेढ़ लाख रुपये देकर समझौता करने का प्रस्ताव रखा। लेकिन गांव की एक युवती ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। दरअसल, पुलिसकर्मी सुभाष तिर्की के दारापारा स्थित मकान से चांदनी कुडियम का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मी और उसकी पत्नी नीरजा तिर्की ने शव को गोपनीय तरीके से बोलेरो वाहन में रखकर चांदनी के गृहग्राम दुगोली पहुंचाया, जहां परिजनों को डेढ़ लाख रुपये देकर मामले को रफा-दफा करने की पेशकश की गई।

युवती के भाई अजय कुडियम ने आरोप लगाया है अगर ये आत्महत्या थी, तो फिर पुलिसकर्मी और उसकी पत्नी ने डेढ़ लाख रुपये देकर मामला दबाने की कोशिश क्यों की? और दफनाने की बजाय उसे जबरन जलाने का दबाव क्यों बनाया गया?” पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी पुलिसकर्मी सुभाष तिर्की और उसकी पत्नी नीरजा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

वहीं दूसरी ओर बीजापुर कोतवाली प्रभारी दुर्गेश शर्मा के मुताबिक शव का पंचनामा किया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और जन संगठनों ने भी इसे आदिवासी बच्ची के साथ गंभीर अन्याय बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई है।

 

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