जानिए साइबर ठग कैसे Whatsapp APK के जरिए उड़ा रहे पैसे !

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नई दिल्लीः साइबर ठग भोले-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने का कोई नया तरीका बना ही लेते हैं। इस में कुछ मामले एसे भी सामने आने लगे है, जिनमें अब स्कैमर्स Whatsapp APK फाइल के जरिए लोगों के साथ ठगी करने के लिए नए तरीके अपना रहे है। एक ऐसा ही मामला बेंगलुरु में सामने आया है।

पीडित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। स्कैमर्स ने नकली ट्रैफिक चालान दिखाकर शख्स से 70,000 रुपए की ठगी की है। पीड़ित का नाम हरि कृष्णन (42) बताया जा रहा है जो दक्षिण-पूर्व बेंगलुरु के सिंगासंद्रा का निवासी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित हरि कृष्णन के पास 19 जनवरी को एक WhatsApp मैसेज आया। इस मैसेज में उसके द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन की बात लिखी गई थी। साथ ही मैसेज में रसीद भी शामिल थी। रसीद में वाहन का ट्रैफिक टिकट नंबर KA46894230933070073 लिखा था। साथ ही यातायात नियमों के उल्लंघन की बात का जिक्र किया गया था और लिंक के माध्यम से चालान के भुगतान की बात कही गई। स्कैमर ने ‘वाहन परिवहन’ App डाउनलोड करके जुर्माना भरने को कहा था।

इसके बाद पीड़ित ने App डाउनलोड करने के लिए APK फाइल लिंक पर क्लिक किया और उनके पास OTP को लेकर मैसेज रिसीव हुआ। बाद में पीड़ित को इस बात का पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर 70,000 की अनधिकृत लेन-देन की गई है।

इतना ही नहीं इसके बाद पीडित की पत्नी के पास भी उनके बैंक खाते से पैसे निकालने के प्रयास के बारे में मैसेज आया, क्योंकि कृष्णन के कुछ एप्लिकेशन उनकी पत्नी के मोबाइल नंबर से जुड़े हुए थे। हालांकि स्कैमर्स उनकी पत्नी के खाते को टारगेट करने में नाकामयाब हुए।

धोखाधड़ी का पता चलने पर कृष्णन ने तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर लेन-देन को ब्लॉक करने के लिए कहा। साथ ही साइबर हेल्पलाइन पर इस मामले की सूचना दी। 29 जनवरी को मामले को लेकर आधिकारिक तौर पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की माने तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बीएनएस की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने लोगों को अज्ञात लिंक के जरिए एपीके फाइलें डाउनलोड करने से बचने की भी सलाह दी है।

जानिए क्या है Whatsapp APK file?

Android डिवाइस पर WhatsApp लिंक के जरिए ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए इन फाइल्स का इस्तेमाल होता है। APK का फ़ुल फॉर्म Android Package Kit है। यह Windows में App इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल होने वाली .exe फाइल के समान होती है।

स्कैमर्स इसका इस्तेमाल कर लोगों के साथ ठगी कर सकते हैं। इसलिए Unknown नंबर से आने वाले मैसेज लिंक को डाउनलोड करने से बचना चाहिए। स्कैमर द्वारा भेजी गई फाइल में मालवेयर होता है जिससे स्मार्टफोन को हैक करने की संभावना बढ़ जाती है।

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